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जल निकासी नाली के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान नाली निर्माण के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान मेजा प्रयागराज। विकास खानदुर्गा के ग्राम सभा गोसोरा कला में जिस तरह से सड़क की बदहाली का मार्ग ग्रामीण खेल रहे हैं कहीं न कहीं देखा जाए तो बरसात में विकास कार्यों की पोल खोल नजर आ रही है। गोसौरा ग्राम सभा में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांव की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ का साम्राज्य हो गया है। नाली निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर उसे तालाब में तब्दील कर देता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से होकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रोजाना गुजरते हैं, लेकिन जलभराव और कीचड़ के कारण आए दिन फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोगों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर आवागमन करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम सभा में विकास कार्यों के नाम पर धन खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ दोनों ओर नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बीमारी और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सैकड़ो की संख्या में अमित श्रीवास्तव अजय आदिवासी महेंद्र यादव संतोष यादव विवेक यादव आकाश यादव लवकुश यादव मानसिंह अजीर श्रीवास्तव राजेंद्र श्रीवास्तव कमला शंकर यादव छेदीलाल यादव सहीत कई लोग उपस्थित रहे।

12 hrs ago
user_Dhananjay Prajapati
Dhananjay Prajapati
Artist Meja, Prayagraj•
12 hrs ago
0700c251-e547-44bd-b79b-eb8f14c29aac

जल निकासी नाली के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान नाली निर्माण के अभाव में तालाब बनी सड़क, कीचड़ और गड्ढों से ग्रामीण परेशान मेजा प्रयागराज। विकास खानदुर्गा के ग्राम सभा गोसोरा कला में जिस तरह से सड़क की बदहाली का मार्ग ग्रामीण खेल रहे हैं कहीं न कहीं देखा जाए तो बरसात में विकास कार्यों की पोल खोल नजर आ रही है। गोसौरा ग्राम सभा में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांव की मुख्य सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ का साम्राज्य हो गया है। नाली निर्माण नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा होकर उसे तालाब में तब्दील कर देता

है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से होकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रोजाना गुजरते हैं, लेकिन जलभराव और कीचड़ के कारण आए दिन फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार लोगों को गंदे पानी और कीचड़ से होकर आवागमन करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्राम सभा में विकास कार्यों के नाम पर धन खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की

है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सड़क की तत्काल मरम्मत कराने के साथ दोनों ओर नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बीमारी और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सैकड़ो की संख्या में अमित श्रीवास्तव अजय आदिवासी महेंद्र यादव संतोष यादव विवेक यादव आकाश यादव लवकुश यादव मानसिंह अजीर श्रीवास्तव राजेंद्र श्रीवास्तव कमला शंकर यादव छेदीलाल यादव सहीत कई लोग उपस्थित रहे।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • डिप्टी सीएम माननीय केशव प्रसाद मौर्य ने मीटिंग आर्मी मीटिंग कर ग्रामीणों का किया जनसुनवाई। डिप्टी सीएम माननीय केशव प्रसाद मौर्य ने मीटिंग आर्मी मीटिंग कर ग्रामीणों का किया जनसुनवाई।
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    डिप्टी सीएम माननीय केशव प्रसाद मौर्य  ने मीटिंग आर्मी मीटिंग कर ग्रामीणों का किया जनसुनवाई।

डिप्टी सीएम माननीय केशव प्रसाद मौर्य  ने मीटिंग आर्मी मीटिंग कर ग्रामीणों का किया जनसुनवाई।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, डीएम से फोन पर हुई बात भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; जल्द ठेका हटाने का मिला आश्वासन मेजा। तहसील क्षेत्र के अखरी-शाहपुर गांव में देसी शराब के ठेके को लेकर सोमवार को महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने ठेके के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और इसे गांव से हटाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मेजा थाना प्रभारी नितेन्द्र शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शराब का ठेका आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि ठेके पर नाबालिगों को भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि 10 से 12 साल के बच्चों तक को शराब दिए जाने से गांव की नई पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद करीब शराब का ठेका होने के कारण शाम होते ही यहां शराबियों की भीड़ जमा हो जाती है। गाली-गलौज और हंगामे के चलते महिलाओं और बच्चियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव में घरेलू विवाद, मारपीट और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा से फोन पर बातचीत की। महिलाओं ने अपनी समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी और ठेका हटाने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द ठेका हटाने की कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। वहीं, महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति शांत रही। शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, डीएम से फोन पर हुई बात भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; जल्द ठेका हटाने का मिला आश्वासन मेजा। तहसील क्षेत्र के अखरी-शाहपुर गांव में देसी शराब के ठेके को लेकर सोमवार को महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने ठेके के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और इसे गांव से हटाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मेजा थाना प्रभारी नितेन्द्र शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शराब का ठेका आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि ठेके पर नाबालिगों को भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि 10 से 12 साल के बच्चों तक को शराब दिए जाने से गांव की नई पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद करीब शराब का ठेका होने के कारण शाम होते ही यहां शराबियों की भीड़ जमा हो जाती है। गाली-गलौज और हंगामे के चलते महिलाओं और बच्चियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव में घरेलू विवाद, मारपीट और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा से फोन पर बातचीत की। महिलाओं ने अपनी समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी और ठेका हटाने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द ठेका हटाने की कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। वहीं, महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति शांत रही।
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    शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, डीएम से फोन पर हुई बात

भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; जल्द ठेका हटाने का मिला आश्वासन

मेजा। तहसील क्षेत्र के अखरी-शाहपुर गांव में देसी शराब के ठेके को लेकर सोमवार को महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने ठेके के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और इसे गांव से हटाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मेजा थाना प्रभारी नितेन्द्र शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शराब का ठेका आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि ठेके पर नाबालिगों को भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि 10 से 12 साल के बच्चों तक को शराब दिए जाने से गांव की नई पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद करीब शराब का ठेका होने के कारण शाम होते ही यहां शराबियों की भीड़ जमा हो जाती है। गाली-गलौज और हंगामे के चलते महिलाओं और बच्चियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव में घरेलू विवाद, मारपीट और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा से फोन पर बातचीत की। महिलाओं ने अपनी समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी और ठेका हटाने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द ठेका हटाने की कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

वहीं, महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति शांत रही।
शराब ठेके के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन, डीएम से फोन पर हुई बात
भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थाना प्रभारी, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन; जल्द ठेका हटाने का मिला आश्वासन
मेजा। तहसील क्षेत्र के अखरी-शाहपुर गांव में देसी शराब के ठेके को लेकर सोमवार को महिलाओं का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने ठेके के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और इसे गांव से हटाने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मेजा थाना प्रभारी नितेन्द्र शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर शराब का ठेका आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि ठेके पर नाबालिगों को भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। उनका कहना है कि 10 से 12 साल के बच्चों तक को शराब दिए जाने से गांव की नई पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि आबादी के बेहद करीब शराब का ठेका होने के कारण शाम होते ही यहां शराबियों की भीड़ जमा हो जाती है। गाली-गलौज और हंगामे के चलते महिलाओं और बच्चियों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। महिलाओं का कहना है कि शराब के कारण गांव में घरेलू विवाद, मारपीट और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा से फोन पर बातचीत की। महिलाओं ने अपनी समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी और ठेका हटाने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द ठेका हटाने की कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
वहीं, महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी शराब का ठेका नहीं हटाया गया तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति शांत रही।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आईजी ऑफिस से पहले चौराहा पर हुआ एक्सीडेंट बच्चे का पैर टुटा,.... आईजी ऑफिस से पहले चौराहा पर हुआ एक्सीडेंट बच्चे का पैर टुटा,....
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    आईजी ऑफिस से पहले चौराहा पर हुआ एक्सीडेंट बच्चे का पैर टुटा,....
आईजी ऑफिस से पहले चौराहा पर हुआ एक्सीडेंट बच्चे का पैर टुटा,....
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • बारा पशुओं को बेहतर इलाज न मिलने पर भारती किसान यूनियन संगम का फूटा गुस्सा प्रदेश अध्यक्ष राकेश त्रिपाठी ने एसडीएम बारा को सौपा ज्ञापन बारा, प्रयागराज। क्षेत्र के पशुपालकों को पशु चिकित्सालयों में बेहतर इलाज और दवाएं न मिलने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन संगम ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी के नेतृत्व में आज SDM बारा को एक ज्ञापन सौंपा गया।अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि पशु चिकित्सालयों की जांच हो बारा तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं की तत्काल जांच कराई जाए। दवाओं की उपलब्धता पशुओं के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।कार्यप्रणाली पर निगरानी चिकित्सकों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और उपस्थिति की निगरानी की जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर इलाज मिल सके।राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पशुपालन गरीब किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही और दवा के अभाव में उनके पशु दम तोड़ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। आंदोलन की चेतावनी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पशु चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन संगम बारा तहसील में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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    बारा पशुओं को बेहतर इलाज न मिलने पर भारती किसान यूनियन संगम का फूटा गुस्सा प्रदेश अध्यक्ष राकेश त्रिपाठी ने एसडीएम बारा को सौपा ज्ञापन
बारा, प्रयागराज। क्षेत्र के पशुपालकों को पशु चिकित्सालयों में बेहतर इलाज और दवाएं न मिलने का आरोप लगाते हुए भारतीय किसान यूनियन संगम ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी के नेतृत्व में आज SDM बारा को एक ज्ञापन सौंपा गया।अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि पशु चिकित्सालयों की जांच हो बारा तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं की तत्काल जांच कराई जाए। दवाओं की उपलब्धता पशुओं के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।कार्यप्रणाली पर निगरानी चिकित्सकों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और उपस्थिति की निगरानी की जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर इलाज मिल सके।राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पशुपालन गरीब किसानों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही और दवा के अभाव में उनके पशु दम तोड़ रहे हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पशु चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो भारतीय किसान यूनियन संगम बारा तहसील में बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • परवेजाबाद गांव के पास तालाब में मिला 35 वर्षीय युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस प्रयागराज: बारा थाना क्षेत्र के परवेजाबाद गांव के पास सोमवार सुबह तालाब में एक युवक का शव उतराता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान गजापुर गांव निवासी नन्हे हरिजन (35) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक रविवार शाम पत्नी से विवाद के बाद नन्हे घर से निकल गया था। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। सोमवार सुबह तालाब में शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आसपास छानबीन की। प्रारंभिक जानकारी में पति-पत्नी के विवाद के बाद युवक के तालाब में जाने की बात सामने आई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
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    परवेजाबाद गांव के पास तालाब में मिला 35 वर्षीय युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस
प्रयागराज: बारा थाना क्षेत्र के परवेजाबाद गांव के पास सोमवार सुबह तालाब में एक युवक का शव उतराता मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक की पहचान गजापुर गांव निवासी नन्हे हरिजन (35) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक रविवार शाम पत्नी से विवाद के बाद नन्हे घर से निकल गया था। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
सोमवार सुबह तालाब में शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आसपास छानबीन की। प्रारंभिक जानकारी में पति-पत्नी के विवाद के बाद युवक के तालाब में जाने की बात सामने आई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by Raju Yadav
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    Post by Raju Yadav
    user_Raju Yadav
    Raju Yadav
    Artist Handia, Prayagraj•
    5 hrs ago
  • महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है। समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी। इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए। महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है। समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी। इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए।
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    महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज

प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।

हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग

इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है।

समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए।

शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है

हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन

हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी।

इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए।
महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग
पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज
प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।
समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग
इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है।
समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए।
शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है
हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन
हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी।
इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • 3 अक्टूबर को नैनी-अरैल रोड पर जुटेगी आवाज, सक्षम करवरिया ने किया जनसमर्थन का आह्वान नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के बैनर तले होगा आयोजन, राजनीति से दूर रखी गई सभा मेजा। आगामी 3 अक्टूबर को होने वाले ‘सही दिशा, सही वक्त’ कार्यक्रम को लेकर रविवार को लखनपुर स्थित आवास पर पूर्व विधायक मेजा स्वर्गीय नीलम उदयभान करवरिया के पुत्र सक्षम करवरिया ने सभा आयोजित की। सभा में क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। सक्षम करवरिया ने कहा कि नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सही दिशा, सही वक्त’ पूरी तरह जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि 3 अक्टूबर को पुरानी ब्रिज, नैनी-अरैल रोड के समीप पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता से ही जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा। सभा के दौरान कार्यक्रम को लेकर तैयारियों पर चर्चा हुई और उपस्थित लोगों से आयोजन को व्यापक रूप देने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 3 अक्टूबर को नैनी-अरैल रोड पर जुटेगी आवाज, सक्षम करवरिया ने किया जनसमर्थन का आह्वान नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के बैनर तले होगा आयोजन, राजनीति से दूर रखी गई सभा मेजा। आगामी 3 अक्टूबर को होने वाले ‘सही दिशा, सही वक्त’ कार्यक्रम को लेकर रविवार को लखनपुर स्थित आवास पर पूर्व विधायक मेजा स्वर्गीय नीलम उदयभान करवरिया के पुत्र सक्षम करवरिया ने सभा आयोजित की। सभा में क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई। सक्षम करवरिया ने कहा कि नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सही दिशा, सही वक्त’ पूरी तरह जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि 3 अक्टूबर को पुरानी ब्रिज, नैनी-अरैल रोड के समीप पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता से ही जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा। सभा के दौरान कार्यक्रम को लेकर तैयारियों पर चर्चा हुई और उपस्थित लोगों से आयोजन को व्यापक रूप देने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
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    3 अक्टूबर को नैनी-अरैल रोड पर जुटेगी आवाज, सक्षम करवरिया ने किया जनसमर्थन का आह्वान

नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के बैनर तले होगा आयोजन, राजनीति से दूर रखी गई सभा

मेजा। आगामी 3 अक्टूबर को होने वाले ‘सही दिशा, सही वक्त’ कार्यक्रम को लेकर रविवार को लखनपुर स्थित आवास पर पूर्व विधायक मेजा स्वर्गीय नीलम उदयभान करवरिया के पुत्र सक्षम करवरिया ने सभा आयोजित की। सभा में क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।

सक्षम करवरिया ने कहा कि नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सही दिशा, सही वक्त’ पूरी तरह जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि 3 अक्टूबर को पुरानी ब्रिज, नैनी-अरैल रोड के समीप पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता से ही जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा।

सभा के दौरान कार्यक्रम को लेकर तैयारियों पर चर्चा हुई और उपस्थित लोगों से आयोजन को व्यापक रूप देने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
3 अक्टूबर को नैनी-अरैल रोड पर जुटेगी आवाज, सक्षम करवरिया ने किया जनसमर्थन का आह्वान
नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के बैनर तले होगा आयोजन, राजनीति से दूर रखी गई सभा
मेजा। आगामी 3 अक्टूबर को होने वाले ‘सही दिशा, सही वक्त’ कार्यक्रम को लेकर रविवार को लखनपुर स्थित आवास पर पूर्व विधायक मेजा स्वर्गीय नीलम उदयभान करवरिया के पुत्र सक्षम करवरिया ने सभा आयोजित की। सभा में क्षेत्र के लोगों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
सक्षम करवरिया ने कहा कि नीलम करवरिया जन कल्याण समिति के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘सही दिशा, सही वक्त’ पूरी तरह जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि 3 अक्टूबर को पुरानी ब्रिज, नैनी-अरैल रोड के समीप पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।
उन्होंने कहा कि जनता की सहभागिता से ही जनकल्याण से जुड़े प्रयासों को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एकजुट होकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया जाएगा।
सभा के दौरान कार्यक्रम को लेकर तैयारियों पर चर्चा हुई और उपस्थित लोगों से आयोजन को व्यापक रूप देने का आह्वान किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • गंगा की बाढ़ ने तोड़ा वर्षों से जर्जर मार्ग का दम ,गंगा नदी का बढ़ा जलस्तर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ का दंश बीते कई वर्षों से झेल रहा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग आखिरकार पूरी तरह कट गया। इस वर्ष आई बाढ़ से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका मार्ग गंगा पुल के समीप सोमवार को पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मार्ग कटने से आसपास के ग्रामीणों के आवागमन पर संकट खड़ा हो गया है। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटान स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे कटे हुए मार्ग और उसके आसपास जाने से बचें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
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    गंगा की बाढ़ ने तोड़ा वर्षों से जर्जर मार्ग का दम
,गंगा नदी का बढ़ा जलस्तर 
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ का दंश बीते कई वर्षों से झेल रहा कालीमिट्टी-शिवराजपुर मार्ग आखिरकार पूरी तरह कट गया। इस वर्ष आई बाढ़ से पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुका मार्ग गंगा पुल के समीप सोमवार को पूरी तरह ध्वस्त हो गया। मार्ग कटने से आसपास के ग्रामीणों के आवागमन पर संकट खड़ा हो गया है।
सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कटान स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे कटे हुए मार्ग और उसके आसपास जाने से बचें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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