नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पवनतरा के मजदूर परिवारों ने योजना की आधिकारिक सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद सालों से पक्के मकान न मिलने पर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे आवेदकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्र के अत्यंत गरीब वर्ग से आते हैं और रोजी-मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं। सरकार द्वारा जारी योजना की पात्रता सूची में उनका नाम काफी समय पहले ही शामिल किया जा चुका है, लेकिन उन्हें अब तक न तो पक्के मकान की स्वीकृति मिली है और न ही किस्त की राशि। एक पीड़ित ग्रामीण ने कहा, "सूची में नाम आने के बाद हमें लगा था कि अब हमारी जिंदगी बदल जाएगी और हमें भी एक सुरक्षित छत नसीब होगी। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी हमें योजना का लाभ नहीं मिला। आज भी हम टूटे-फूटे और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जहां बारिश के दिनों में खतरा और बढ़ जाता है।" ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पवनतरा ग्राम पंचायत में आवास आवंटन की प्रक्रिया में हो रही देरी की उच्च स्तरीय जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द उनके हक का आवास प्रदान करने की मांग की है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि पवनतरा ग्राम पंचायत के इन लंबित मामलों की तत्काल समीक्षा की जाएगी और सभी तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर पात्र परिवारों को जल्द ही आवास का लाभ दिया जाएगा।
नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत पवनतरा के मजदूर परिवारों ने योजना की आधिकारिक सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद सालों से पक्के मकान न मिलने पर जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और न्याय की मांग की है। कलेक्टर कार्यालय पहुंचे आवेदकों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्र के अत्यंत गरीब वर्ग से आते हैं और रोजी-मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते हैं। सरकार द्वारा जारी योजना की पात्रता सूची में उनका नाम काफी समय पहले ही शामिल किया जा चुका है, लेकिन उन्हें अब तक न तो पक्के मकान की स्वीकृति मिली है और न ही किस्त की राशि। एक पीड़ित ग्रामीण ने कहा, "सूची में नाम आने के बाद हमें लगा था कि
अब हमारी जिंदगी बदल जाएगी और हमें भी एक सुरक्षित छत नसीब होगी। लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी हमें योजना का लाभ नहीं मिला। आज भी हम टूटे-फूटे और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जहां बारिश के दिनों में खतरा और बढ़ जाता है।" ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पवनतरा ग्राम पंचायत में आवास आवंटन की प्रक्रिया में हो रही देरी की उच्च स्तरीय जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द उनके हक का आवास प्रदान करने की मांग की है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि पवनतरा ग्राम पंचायत के इन लंबित मामलों की तत्काल समीक्षा की जाएगी और सभी तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर पात्र परिवारों को जल्द ही आवास का लाभ दिया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग पर बुलेट मोटरसाइकिलों की खरीद में ₹8 लाख के बड़े घोटाले का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, विभाग ने ₹3 लाख की वास्तविक कीमत वाली बुलेट को ₹11 लाख में खरीदा है, जिसके चलते प्रत्येक बुलेट की खरीद में ₹8 लाख का कथित घोटाला हुआ है। यह गंभीर आरोप फायरमैन जितेंद्र राठौर ने लगाए हैं। उन्होंने लखनऊ में एक अग्निकांड स्थल पर पहुँचकर इस घोटाले का पर्दाफाश किया, जो अग्निशमन विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।1
- मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने 25 जून 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसके उपरांत जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। समीक्षा के दौरान, बालाघाट जिले ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपना स्थान बनाया। स्वास्थ्य एवं पोषण विभाग की समीक्षा में बालाघाट गंभीर एनीमिया के प्रबंधन में 100 प्रतिशत उपलब्धि के साथ शीर्ष तीन जिलों में रहा। इसी प्रकार, टीबी रोगियों को पोषण किट वितरण में भी जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान साझा किया। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, कक्षा 01 से 08 तक के बच्चों के पंजीकरण और बच्चों की अपार आईडी बनाने में भी बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके अतिरिक्त, नवीन न्याय संहिता के क्रियान्वयन में ई-साक्ष्य कवरेज में भी बालाघाट जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। जबलपुर संभाग ने वन अधिकार अधिनियम के तहत निरस्त एवं नवीन दावों के निराकरण में प्रदेश में सर्वोच्च प्रदर्शन किया है, जिसमें जबलपुर संभाग का हिस्सा होने के नाते बालाघाट जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिले को आवंटित 54 चिकित्सा अधिकारियों में से 45 अधिकारियों ने मेडिकल बोर्ड में उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में शैक्षणिक संस्थानों और परिसरों के आसपास ड्रग फ्री जोन बनाने, नशीली चीजों की रोकथाम के लिए एनकॉर्ड की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने, साइबर धोखाधड़ी के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाने और आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। पॉक्सो एक्ट के मामलों में दो महीने के भीतर आरोप पत्र और जांच रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा गया। विस्फोटक अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए पटाखा निर्माण एवं विस्फोटक स्थलों का पर्यवेक्षण करने तथा मोहर्रम के दौरान सावधानी बरतने और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति निर्मित न होने देने के निर्देश भी दिए गए। खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर कड़ाई से रोक लगाने और बिना नंबर के वाहनों से खनिज का परिवहन सख्ती से रोकने के निर्देश भी इस बैठक में दिए गए। इसके साथ ही, गर्भवती माताओं का अनमोल पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण एवं एएनसी जांच कराने, उनके सुरक्षित प्रसव के लिए हर संभव उपाय करने, सेम एवं मैम श्रेणी के बच्चों का चिन्हांकन एवं उपचार करने, प्रसूति सहायता एवं जननी सुरक्षा योजना की सहायता राशि का तत्परता से वितरण करने और लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त प्रदेश बनाने के लक्ष्य के तहत टीबी मरीजों का चिन्हांकन कर उन्हें पोषण किट वितरित करने तथा सीएचएमओ, महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी, बीएमओ और बाल विकास परियोजना अधिकारी को सप्ताह के दिन निर्धारित कर साथ में भ्रमण करने को कहा गया। पेयजल प्रदाय व्यवस्था एवं नलजल योजनाओं की भी समीक्षा की गई, नगरीय क्षेत्रों में डॉग बाइट के प्रकरणों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने तथा ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत अधिक से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलाइजेशन करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव श्री जैन ने सभी कलेक्टरों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान करने, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति करने तथा जल जीवन मिशन एवं अन्य विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, डीपी बर्मन, वन मंडलाधिकारी श्री रेशम सिंह धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री राहुल नायक और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- कबीरधाम पुलिस ने बुलेट और अन्य वाहनों में इस्तेमाल हो रहे मॉडिफाइड साइलेंसरों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत 10 जब्त किए गए मॉडिफाइड साइलेंसरों को जेसीबी मशीन से कुचलकर नष्ट कर दिया गया, जिसका उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण स्थापित करना और आम नागरिकों को अनावश्यक शोर से होने वाली परेशानी से राहत दिलाना है। पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह और श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसी क्रम में, कवर्धा एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला, थाना प्रभारी कोतवाली श्री योगेश कश्यप और कोतवाली पुलिस टीम ने कवर्धा शहर में एक विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, 10 वाहनों में नियमों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए गए। पुलिस टीम द्वारा इन वाहनों को थाना कोतवाली लाया गया, जहां वाहन मालिकों की उपस्थिति में मॉडिफाइड साइलेंसरों को निकलवाया गया। संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें भविष्य में ऐसे साइलेंसरों का उपयोग न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को बताया कि मॉडिफाइड साइलेंसरों से निकलने वाली अत्यधिक तेज आवाज आमजन, बुजुर्गों, मरीजों एवं विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बनती है, और यह ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ यातायात नियमों का भी उल्लंघन है। कवर्धा एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कबीरधाम पुलिस जिले में लगातार ऐसे वाहनों की पहचान कर रही है और उनके विरुद्ध कोतवाली एवं यातायात पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे अपने वाहनों में केवल कंपनी द्वारा निर्धारित मानक उपकरणों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों का संचालन होता दिखाई दे तो इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- 25 जून 2026 को तिल्दा-नेवरा के ग्राम कुंदरु में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया महिला क्रांति सेना द्वारा एक "जबर सदस्यता अभियान" का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, किसानों, युवाओं एवं महिलाओं ने भाग लेकर इन संगठनों की सदस्यता ग्रहण की। बैठक के दौरान क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और लंबित आवेदनों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें प्रमुख रूप से किसानों को समय पर खाद और कृषि संसाधन उपलब्ध नहीं होने, औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत ठेका मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिलने, तथा श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने इन समस्याओं के समाधान हेतु संबंधित विभागों एवं प्रबंधन तक आवाज पहुंचाने का संकल्प लिया। साथ ही, किसानों, मजदूरों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आगामी दिनों में जनआंदोलन एवं संघर्ष की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा कर उसकी रूपरेखा तैयार की गई। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, छत्तीसगढ़ी अस्मिता एवं जनहित के मुद्दों पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने "जात-पात के करव बिदाई, छत्तीसगढ़िया भाई-भाई" का संदेश देते हुए सभी वर्गों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ के हित में कार्य करने की अपील की।3
- छत्तीसगढ़ के धरसींवा में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ (CPM) के बैनर तले पत्रकारों ने कथित फर्जी मुकदमों, झूठी एफआईआर और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में पैदल मार्च निकाला। इस विरोध मार्च के बाद, उन्होंने थाना प्रभारी के माध्यम से पुलिस महानिदेशक और प्रदेश के गृहमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर बस्तर और बिलासपुर संभाग में, उनके विरुद्ध लगातार झूठे प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस प्रकार की कार्रवाई से पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मार्च के दौरान, पत्रकारों ने माँग की कि उन्हें निष्पक्ष रूप से कार्य करने के लिए एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए और बिना किसी ठोस आधार के दर्ज किए जाने वाले मामलों पर तत्काल रोक लगाई जाए। CPM के सदस्यों ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से टेलीफोन पर चर्चा कर पत्रकार सुरक्षा विधेयक को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों के समर्थन में अपनी बात रखते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पत्रकार महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि पत्रकारों के उत्पीड़न की घटनाएँ नहीं रुकीं और पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन के सदस्यों ने यह भी बताया कि वे जल्द ही प्रदेश के गृहमंत्री से मुलाकात कर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की अपनी माँग रखेंगे।4
- हक्कू शाह बाबा का 222वां सालाना उर्स इस समय हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कल शाही संदल निकाला जाएगा। उर्स से जुड़े विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम 29 जून तक चलेंगे।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र स्थित ग्राम तुमाड़ी में गुरुवार शाम एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ तेज आंधी, तूफान और बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से एक 9 वर्षीय बालक रियांश की मौत हो गई। बिजली गिरने के कारण शौचालय की दीवार ढह गई थी, जिसके मलबे में दबकर बालक ने दम तोड़ दिया। मृतक बालक रियांश, तुमाड़ी गांव निवासी जितेंद्र नगपुरे का पुत्र था और गांव के शासकीय स्कूल में कक्षा तीसरी में पढ़ता था। गुरुवार शाम लगभग 4 बजे वह स्कूल से घर लौटा और शौच के लिए शौचालय में गया था। इसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली, तेज आंधी, तूफान और बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। आकाशीय बिजली सीधे शौचालय पर गिरी, जिससे उसकी दीवारें ढह गईं और बालक रियांश उसके नीचे दब गया। रियांश की माँ धनवंता नगपुरे ने दीवार को गिरते और अपने बेटे को उसमें दबते हुए देखकर तुरंत पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। पड़ोसियों की सहायता से बच्चे को मलबे से निकाला गया और उसे एक निजी वाहन से वारासिवनी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने रियांश को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वारासिवनी पुलिस भी अस्पताल पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर मुंगेली जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए आबकारी विभाग की लोरमी टीम ने ग्राम मनोहरपुर-खपरीडीह में छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने लेखराम साहू नामक आरोपी को 14.580 लीटर देशी मदिरा प्लेन के साथ पकड़ा। सहायक आबकारी अधिकारी रविन्द्र पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुई इस कार्रवाई के बाद, आरोपी लेखराम साहू के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के गोबरा नवापारा नगर में विद्युत विभाग द्वारा गंज रोड पर चलाए जा रहे मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। व्यस्त मुख्य मार्ग पर बिजली लाइन बंद करके किए जा रहे इस कार्य में कई फीट की ऊंचाई पर श्रमिक बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों, जैसे सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट, के काम करते देखे गए। इस दृश्य को देखकर राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता फैल गई और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसे श्रमिकों की जान जोखिम में डालने वाला कार्य बताया, यह सवाल उठाते हुए कि यदि कोई अप्रिय घटना घटती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती। लोगों ने विद्युत विभाग के इस कार्यप्रणाली को 'जोखिम वाला सर्कस' करार देते हुए विभाग पर सवाल खड़े किए। नागरिकों ने यह भी कहा कि विभाग आम उपभोक्ताओं की छोटी-मोटी गलतियों पर तुरंत कार्रवाई करता है, लेकिन अपने स्वयं के कार्यों में अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करता है। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में किसी भी संभावित हादसे से बचने के लिए बिना सुरक्षा उपकरणों के श्रमिकों से जोखिमपूर्ण कार्य न कराने की मांग की है।2