सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।
- सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- अमेठी के शिक्षा विभाग में कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही CBI ने बुधवार को अमेठी सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। CBI की आठ टीमों ने अमेठी के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी, जिसमें लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय और बंदोइया सहित कई गाँव शामिल थे। अधिकारियों ने घोटाले से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। CBI की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुँची और मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। अमेठी के अलावा, CBI की टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में भी एक साथ सक्रिय रहीं, जिससे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग की वित्त एवं लेखा शाखा में तैनात कर्मचारियों ने 7 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी धन गबन किया था। बताया जा रहा है कि यह रकम कुछ कृपापात्र शिक्षकों के खातों में भेजी गई थी, और सरकारी रकम को कई खातों में ट्रांसफर करके बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। यह मामला सामने आने के बाद गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में, उच्च न्यायालय के निर्देश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और अब प्रदेशभर में छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे और महत्वपूर्ण कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, CBI की जांच जारी है और सभी की नज़र इस पूरे मामले पर बनी हुई है।2
- राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्या ने बुधवार को अमेठी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया, तहसील सभागार में जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएँ सुनीं और जंगल रामनगर में चौपाल भी लगाई। अपने दौरे की शुरुआत में माँ कालिका के दर्शन करने के बाद, मौर्या ने अमेठी सीएचसी पहुँचकर दवा वितरण कक्ष, ओपीडी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और इमरजेंसी कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों से उनके इलाज के संबंध में जानकारी ली और प्रसव कक्ष में एक नवजात के लिए कपड़े भेंट किए। इस दौरान, उन्होंने धीमी गति से चल रहे पंखों को लेकर डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही, महिला डॉक्टर के रोज न आने की शिकायत पर अधीक्षक से जवाब तलब किया गया। तहसील सभागार में आयोजित जनसुनवाई में दर्जनों महिलाओं ने अपने ससुराल में मारपीट और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए। मौर्या ने एक वृद्धा की समस्या सुनने के बाद एसडीएम प्रीति तिवारी को आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जंगल रामनगर में डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई चौपाल में टीएचआर रेसिपी का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में पाँच महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। गर्मी और उमस के कारण चौपाल में मौजूद महिलाएँ और बच्चे परेशान रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सुपरवाइजर नीलम विश्वकर्मा मूर्छित हो गईं।3
- अमेठी के संग्रामपुर ब्लॉक मुख्यालय पर बुधवार को उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की ब्लॉक इकाई का चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें कुल 49 मत डाले गए। ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में हरिश्चंद्र गुप्ता ने अपने प्रतिद्वंद्वी विनोद कुमार पांडेय को हराया। हरिश्चंद्र गुप्ता को 27 मत मिले, जबकि विनोद कुमार पांडेय को 21 मत प्राप्त हुए, जिसके परिणामस्वरूप हरिश्चंद्र गुप्ता दूसरी बार ब्लॉक अध्यक्ष निर्वाचित हुए। ब्लॉक मंत्री पद के चुनाव में दूधनाथ ने अनिल कुमार को पराजित किया। दूधनाथ को 29 मत मिले, वहीं अनिल कुमार को 18 मत प्राप्त हुए, जिससे दूधनाथ को ब्लॉक मंत्री घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त, कोषाध्यक्ष पद पर राजेंद्र प्रसाद, संगठन मंत्री पद पर अनिल कुमार मिश्रा और संप्रेक्षक पद पर रमेश कुमार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद, साथी सफाई कर्मचारियों ने विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन अधिकारी रामशंकर यादव, सहायक निर्वाचन अधिकारी शेषरामजी और विधिचंद्र उपस्थित रहे।1
- शहीदों की शहादत अप्रत्याशित रूपों में सामने आती रहती है, इसी क्रम में यह बात सामने आई है कि बिहार के रहने वाले शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने भगत सिंह के साथियों को फांसी देने वाले शख्स को कुल्हाड़ी से तब तक मारा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में मातृशक्ति और महिला शक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान, जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 140 करोड़ देशवासियों की सेवा और विकसित भारत के संकल्प को और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह जानकारी आशीष पाण्डेय द्वारा जन समर्पण के तहत दी गई।1
- सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।1
- महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमेठी का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी ओपीडी भर्ती कक्ष, एक्स-रे कक्ष और प्रसव कक्ष का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, मौर्य ने अस्पताल में धीरे चल रहे पंखों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही, कुछ लोगों ने एक महिला डॉक्टर के प्रतिदिन अस्पताल न आने को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस मौके पर एसीएमओ डॉक्टर पी के उपाध्याय, अधीक्षक डॉक्टर सौरभ सिंह, डा आलोक तिवारी, फार्मासिस्ट मनोज पटेल, जितेन्द्र सिंह, कमलेश कुमार, सीओ मनोज मिश्रा, तहसील में उप जिलाधिकारी प्रीति तिवारी और नम्रता मिश्रा सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। महिला आयोग की सदस्य प्रियंका मौर्य ने निरीक्षण के उपरांत आवश्यक निर्देश भी दिए।4