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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।

3 hrs ago
user_पत्रकार पांडे
पत्रकार पांडे
Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।
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    सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक युवक अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग को लेकर एक टावर पर चढ़ गया। इस स्थिति में, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर युवक को समझाया-बुझाया। काफी प्रयासों के बाद, वे युवक को सुरक्षित टावर से नीचे उतारने में सफल रहे।
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    एक युवक अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग को लेकर एक टावर पर चढ़ गया। इस स्थिति में, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर युवक को समझाया-बुझाया। काफी प्रयासों के बाद, वे युवक को सुरक्षित टावर से नीचे उतारने में सफल रहे।
    user_PRIMEABN
    PRIMEABN
    News Anchor अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मंदिर में पैसे चोरी होने का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि इस घटना में सिक्योरिटी गार्ड और पुजारी दोनों आपस में मिले हुए थे। पोस्ट में एक वीडियो का उल्लेख किया गया है, जो दिखाता है कि मंदिर से कैसे पैसे चुराए जा रहे हैं और इसमें पुजारी के कारनामे भी स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
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    मंदिर में पैसे चोरी होने का एक मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि इस घटना में सिक्योरिटी गार्ड और पुजारी दोनों आपस में मिले हुए थे। पोस्ट में एक वीडियो का उल्लेख किया गया है, जो दिखाता है कि मंदिर से कैसे पैसे चुराए जा रहे हैं और इसमें पुजारी के कारनामे भी स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
    user_Ravi Kumar
    Ravi Kumar
    Newspaper publisher बीकापुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • अमेठी के शिक्षा विभाग में कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही CBI ने बुधवार को अमेठी सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। CBI की आठ टीमों ने अमेठी के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी, जिसमें लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय और बंदोइया सहित कई गाँव शामिल थे। अधिकारियों ने घोटाले से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। CBI की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुँची और मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। अमेठी के अलावा, CBI की टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में भी एक साथ सक्रिय रहीं, जिससे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग की वित्त एवं लेखा शाखा में तैनात कर्मचारियों ने 7 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी धन गबन किया था। बताया जा रहा है कि यह रकम कुछ कृपापात्र शिक्षकों के खातों में भेजी गई थी, और सरकारी रकम को कई खातों में ट्रांसफर करके बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। यह मामला सामने आने के बाद गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में, उच्च न्यायालय के निर्देश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और अब प्रदेशभर में छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे और महत्वपूर्ण कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, CBI की जांच जारी है और सभी की नज़र इस पूरे मामले पर बनी हुई है।
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    अमेठी के शिक्षा विभाग में कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही CBI ने बुधवार को अमेठी सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया।

CBI की आठ टीमों ने अमेठी के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी, जिसमें लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय और बंदोइया सहित कई गाँव शामिल थे। अधिकारियों ने घोटाले से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। CBI की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुँची और मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। अमेठी के अलावा, CBI की टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में भी एक साथ सक्रिय रहीं, जिससे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

यह आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग की वित्त एवं लेखा शाखा में तैनात कर्मचारियों ने 7 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी धन गबन किया था। बताया जा रहा है कि यह रकम कुछ कृपापात्र शिक्षकों के खातों में भेजी गई थी, और सरकारी रकम को कई खातों में ट्रांसफर करके बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। यह मामला सामने आने के बाद गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में, उच्च न्यायालय के निर्देश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और अब प्रदेशभर में छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे और महत्वपूर्ण कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, CBI की जांच जारी है और सभी की नज़र इस पूरे मामले पर बनी हुई है।
    user_Coresspondent NATION ONE NEWS
    Coresspondent NATION ONE NEWS
    Paint Shop अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    51 min ago
  • अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में स्थित ट्रामा सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में न तो दवाइयाँ उपलब्ध हैं और न ही किसी तरह की जाँच की सुविधा है। केवल ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा होने के कारण यह ट्रामा सेंटर सिर्फ नाम का रह गया है।
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    अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में स्थित ट्रामा सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में न तो दवाइयाँ उपलब्ध हैं और न ही किसी तरह की जाँच की सुविधा है। केवल ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा होने के कारण यह ट्रामा सेंटर सिर्फ नाम का रह गया है।
    user_ABN News Plus
    ABN News Plus
    पत्रकार Ambedkar Nagar, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी। युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा। यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
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    लखनऊ में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है जहाँ मात्र ₹40 के बन-मक्खन ने एक 'फर्जी आईपीएस अधिकारी' का पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस घटना का खुलासा करते हुए राज्य में बढ़ती ठगी की घटनाओं की याद दिलाई। मिली जानकारी के अनुसार, एक युवक, जो खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बता रहा था, एक स्थानीय दुकान पर बन-मक्खन खाने गया। खाना खाने के बाद उसने कथित तौर पर पैसे देने से इनकार कर दिया और दुकानदार के आपत्ति करने पर 'रोब' दिखाते हुए वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से सैल्यूट करने की मांग कर दी।

युवक के संदिग्ध व्यवहार और सैल्यूट की मांग ने मौके पर मौजूद पुलिसवालों के कान खड़े कर दिए। जब पुलिसकर्मियों ने उससे सख्ती से पूछताछ की और उसकी पहचान की पुष्टि करने की कोशिश की, तो उसकी कहानी की पोल खुल गई। जाँच में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और पुलिस के रुतबे का गलत फायदा उठा रहा था। पुलिकर्मियों ने युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है। यह मामला यूपी में पुलिस की सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है, जिसने एक कथित ठग को रंगे हाथ पकड़ा।

यह वाकया उत्तर प्रदेश में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी करने की समस्याओं को उजागर करता है, जैसा कि '1000899165.jpg' में दिए गए उदाहरणों से स्पष्ट है। हाल के दिनों में राज्य में फर्जी आईएएस, आईपीएस और यहाँ तक कि सेना के अधिकारी बनकर ठगी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस लगातार ऐसे मामलों को रोकने के लिए सक्रिय है और जनता को भी जागरूक रहने की सलाह देती है। उल्लेखनीय है कि यह पूरी जानकारी '1000899165.jpg' नामक छवि से मिली सूचना पर आधारित एक काल्पनिक उदाहरण है, और किसी वास्तविक समाचार एजेंसी से संबंधित नहीं है, बल्कि जागरूकता के लिए प्रस्तुत की गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Comedy club जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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    सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया।

तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है।

इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
    user_Amarjeet Panday
    Amarjeet Panday
    Security Guard सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में मातृशक्ति और महिला शक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान, जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 140 करोड़ देशवासियों की सेवा और विकसित भारत के संकल्प को और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह जानकारी आशीष पाण्डेय द्वारा जन समर्पण के तहत दी गई।
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    उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में मातृशक्ति और महिला शक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान, जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 140 करोड़ देशवासियों की सेवा और विकसित भारत के संकल्प को और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह जानकारी आशीष पाण्डेय द्वारा जन समर्पण के तहत दी गई।
    user_Sheetla Prasad
    Sheetla Prasad
    Patti, Pratapgarh•
    2 hrs ago
  • जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग 10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था। घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।
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    जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई।

जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग 10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था।

घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।
    user_PUBLIC TALK NEWS
    PUBLIC TALK NEWS
    Graphic designer बदलापुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
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