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अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में स्थित ट्रामा सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में न तो दवाइयाँ उपलब्ध हैं और न ही किसी तरह की जाँच की सुविधा है। केवल ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा होने के कारण यह ट्रामा सेंटर सिर्फ नाम का रह गया है।
ABN News Plus
अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में स्थित ट्रामा सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि ट्रामा सेंटर में न तो दवाइयाँ उपलब्ध हैं और न ही किसी तरह की जाँच की सुविधा है। केवल ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) की सुविधा होने के कारण यह ट्रामा सेंटर सिर्फ नाम का रह गया है।
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- बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद कलवारी पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती ने बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी विनोद कुमार नामक पत्रकार द्वारा दी गई।1
- सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- संत कबीर नगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशरफपुर उमरिया मार्ग पर एक गंभीर हादसा हो गया। ग्राम सभा छपरा पूर्वी के आगे उमरिया की दिशा से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक अनियंत्रित बाइक टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक चालक कथित तौर पर नशे में धुत था, जिसके चलते वह अपना संतुलन खो बैठा और सीधे ट्रैक्टर से जा टकराया। इस जोरदार टक्कर के बाद बाइक चालक की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। लोगों की सहायता से घायल चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।1
- सुल्तानपुर के अहिबरनपुर गाँव के निवासी श्री भगवान दिन यादव ने 111 वर्ष की आयु में, अपने नाती राधेश्याम यादव और सुरेंद्र यादव के साथ हुई एक बातचीत में बताया कि पहले कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते थे। उनकी इस चर्चा और अनुभवों को साझा करने से लोगों को बीते हुए कल की कल्पना आज के परिप्रेक्ष्य में करने का अवसर मिला।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, विशेषकर गौर थाना क्षेत्र में। आरोप है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए एक 'अघोषित सुरक्षित जोन' बन चुका है, जहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके विपरीत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया गया है, क्योंकि वह अपराध दर्ज करने के नाम पर पीड़ितों को थाने के चक्कर लगवा रही है, जबकि पुलिसिया फाइलों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाया जा रहा है। यह स्थिति महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के ठीक उलट है। हाल ही में एक महिला और उसके परिजनों पर घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि न्याय मांगने पर पुलिस ने कार्रवाई तो दूर, उसकी तहरीर ही बदल दी, जिससे गंभीर आरोपों को हल्का करने का प्रयास किया गया। सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, गौर थाना क्षेत्र में चोरी और मोटरसाइकिल गायब होने जैसी घटनाएं भी आम हैं, और इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस का एकमात्र लक्ष्य अपराध नियंत्रण के बजाय सिर्फ 'आंकड़ों' को चमकाना रह गया है, और क्या यह एक सुनियोजित साजिश है जिसके तहत गंभीर घटनाओं को कागजों से दूर रखकर जिले की अपराध रिपोर्ट को 'सफेद' बनाए रखा जा रहा है। थाने की इस नकारात्मक कार्यशैली के कारण पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी गई है कि यदि गौर पुलिस की कार्यप्रणाली में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह न केवल जनता का पुलिस पर से विश्वास उठा देगा, बल्कि क्षेत्र में अपराध के नए आयामों को जन्म देगा। अब लोगों की उम्मीदें उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या जिला प्रशासन पुलिस के दावों और वास्तविक धरातल के बीच के अंतर को देख पाएगा, या फिर आम आदमी इसी तरह फाइलों और थानों के बीच पिसता रहेगा।2
- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।1
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान चर्चा में आए चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव, जिन्हें 'टिन्नू' के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने ऊपर लग रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक वीडियो बयान जारी करते हुए, टिन्नू ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार और गलत बताया है। उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद जमीन और मकान पूरी तरह से वैध हैं, जिसे उन्होंने वर्ष 2008 में विधिवत बैनामा कराकर खरीदा था और उस पर भवन का निर्माण वर्ष 2015-16 के दौरान कराया था। रामशंकर यादव ने उन दावों को भी खारिज किया जिनमें उनकी संपत्ति को अवैध बताया जा रहा है। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि वर्ष 2020 में, जब एलएनटी (LNT) कंपनी को परियोजना कार्य के लिए आवास की आवश्यकता थी, तब उन्होंने अपना खाली पड़ा आवास उन्हें किराए पर दिया था। यह लेनदेन पूरी तरह से व्यावसायिक था और इसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है। अपनी आर्थिक स्थिति पर टिन्नू ने बताया कि उनके पास जो भी धन है, वह उनकी कड़ी मेहनत का फल है, क्योंकि वे लंबे समय तक स्वयं ऑटो चलाते रहे और संगठन के कार्य से उन्हें जो मानदेय प्राप्त होता था, उसी की बचत से उन्होंने यह आशियाना खड़ा किया है। रामशंकर यादव ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर उन पर लगाए जा रहे 50 करोड़ रुपये की संपत्ति के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बिना तथ्यों के आधार पर उन पर कीचड़ उछाल रहे हैं, भगवान ही उनका सही निर्णय करेंगे। इस बयान के बाद अयोध्या के स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में हरैया थाना क्षेत्र के मुरादीपुर चौराहे के पास नेशनल हाईवे पर एक तेज़ रफ़्तार अनियंत्रित कार ने स्कूटी सवार महिला और एक बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण स्कूटी सवार महिला व बच्चा सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल महिला को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने पर हरैया पुलिस मौके पर पहुंची और टक्कर मारने वाली कार के साथ-साथ स्कूटी को भी अपने कब्जे में ले लिया। गंभीर रूप से घायल हुई महिला की पहचान बरहपुर गाँव की निवासी के रूप में हुई है।1