विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।1
- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- जनपद गोरखपुर के हरपुर बुदहट क्षेत्र से जुड़े लोक गायक राहुल प्रेमी इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।1
- संत कबीर नगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशरफपुर उमरिया मार्ग पर एक गंभीर हादसा हो गया। ग्राम सभा छपरा पूर्वी के आगे उमरिया की दिशा से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक अनियंत्रित बाइक टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक चालक कथित तौर पर नशे में धुत था, जिसके चलते वह अपना संतुलन खो बैठा और सीधे ट्रैक्टर से जा टकराया। इस जोरदार टक्कर के बाद बाइक चालक की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। लोगों की सहायता से घायल चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।1
- राष्ट्रवादी पार्टी ने विनय कुमार गिरी को गोरखपुर जिले के लिए अपना मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। वह अब जिले में पार्टी के मीडिया संबंधी कार्यों का प्रभार संभालेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कब्रिस्तान की भूमि पर हो रही कार्रवाई, जिसे कथित तौर पर भू-माफियाओं द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नहीं रुक रही है। इस मामले में भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने पहले ही कार्रवाई रोकने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कब्रिस्तान की जमीन पर काम जारी है। यह स्थिति क्षेत्र में तनाव का कारण बन गई है और स्थानीय लोग इसे लेकर आक्रोशित हैं।1
- संत कबीर नगर जिले की खलीलाबाद कोतवाली में लगाया गया लाखों रुपये का वाटर कूलर अब सफेद हाथी का दांत साबित हो रहा है। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 10 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। कोतवाली परिसर में हैंडपंप की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे फरियादियों के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।1