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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कब्रिस्तान की भूमि पर हो रही कार्रवाई, जिसे कथित तौर पर भू-माफियाओं द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नहीं रुक रही है। इस मामले में भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने पहले ही कार्रवाई रोकने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कब्रिस्तान की जमीन पर काम जारी है। यह स्थिति क्षेत्र में तनाव का कारण बन गई है और स्थानीय लोग इसे लेकर आक्रोशित हैं।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक कब्रिस्तान की भूमि पर हो रही कार्रवाई, जिसे कथित तौर पर भू-माफियाओं द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नहीं रुक रही है। इस मामले में भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने पहले ही कार्रवाई रोकने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कब्रिस्तान की जमीन पर काम जारी है। यह स्थिति क्षेत्र में तनाव का कारण बन गई है और स्थानीय लोग इसे लेकर आक्रोशित हैं।
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- गोरखपुर में कबाड़ बीनने वाले एक 45 वर्षीय व्यक्ति ने मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसे पुलिस ने लगभग तीन घंटे तक नंगा करके बुरी तरह पीटा। यह घटना तब हुई जब व्यक्ति मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के वार्ड नंबर चार की तरफ डिस्पोज्ड बोतलें और कबाड़ उठाने गया था। वहां के गार्ड ने उसे पकड़कर स्थानीय पुलिस चौकी को सौंप दिया। पीड़ित के अनुसार, पुलिस ने उस पर मोबाइल चोरी और अन्य मामलों में दबाव डाला, और उसकी एक भी नहीं सुनी। उसने बताया कि वह निर्दोष है, फिर भी पुलिस ने मनमानी तरीके से उसके साथ मारपीट की, जिससे वह लहूलुहान हो गया। इस मामले को लेकर पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय गोरखपुर में लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।1
- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- विकासशील इंसान पार्टी (ViP) के नेता मुकेश सहनी ने घोषणा की है कि यदि 2027 तक निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिलता है, तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरुद्ध मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में निषाद समाज के लिए राजनैतिक भागीदारी की मांग की है। इस मांग को लेकर, 25 जुलाई से पूरे सुबह में 101 दिवसीय निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। सहनी ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई किसी विशेष दल के लिए नहीं, बल्कि निषाद समाज को संवैधानिक न्याय दिलाने के लिए है। इस यात्रा के दौरान, विकासशील इंसान पार्टी एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल देकर संकल्प दिलाएगी।1
- मोहर्रम 2026 की तैयारियों के संबंध में थाना कोतवाली में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, सीओ एलआईयू ने सभी संबंधित पक्षों को आवश्यक और अहम निर्देश जारी किए।1
- सरकार की कल्याणकारी योजनाएं तभी महत्वपूर्ण हो सकती हैं जब उन्हें वास्तविक रूप में आम जनता तक पहुँचाया जाए। इसी उद्देश्य के साथ, इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी ने लोगों को जागरूक करने, उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और रोगों से मुक्ति दिलाने के लक्ष्य से एक पहल की है। सोसाइटी ने गोरखपुर के छोटे काजीपुर मोहल्ले में एक शिविर का आयोजन किया, जहाँ सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड योजना के तहत प्रदान की जाने वाली ₹5 लाख की आर्थिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। इस शिविर के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीकृत भी किया गया। इंसानियत वेलफेयर सोसाइटी का यह प्रयास आयुष्मान कार्ड योजना को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए बेहद सराहनीय है।1
- संत कबीर नगर जिले की खलीलाबाद कोतवाली में लगाया गया लाखों रुपये का वाटर कूलर अब सफेद हाथी का दांत साबित हो रहा है। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 10 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। कोतवाली परिसर में हैंडपंप की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे फरियादियों के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश में एक जमीन विवाद के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया गया। इस घटना में यूपी पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जिसका वीडियो भी वायरल हो गया है।1