सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
- सुल्तानपुर के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव स्थित मिश्रौली बाजार में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल सोनी की ज्वेलरी दुकान में 15/16 जून 2026 की रात चोरी हुई, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। क्षेत्र में हुई इस चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय व्यापारियों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। इस संबंध में, क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार ने बताया कि मामले में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि विवेचना जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1
- सुल्तानपुर जनपद के सबसे व्यस्त पयागीपुर चौराहे पर फ्लाईओवर के नीचे पुलिस बूथ के पास स्थापित एक आरओ वाटर प्लांट यात्रियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए राहत का केंद्र बन गया है। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण चौराहे से प्रतिदिन हजारों यात्री, राहगीर और वाहन चालक गुजरते हैं, जिन्हें अब निःशुल्क शुद्ध और ठंडा पानी मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आरओ प्लांट और वाटर फ्रीजर के लगने से क्षेत्र में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो गई है, खासकर भीषण गर्मी के मौसम में यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। चौराहे पर तैनात यातायात पुलिसकर्मी, पीआरडी और होमगार्ड के जवान भी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। चौराहे के आसपास के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब शुद्ध और ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने इस जनहितकारी व्यवस्था के लिए संबंधित लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसी सुविधाएं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- एक युवक अपनी प्रेमिका को बुलाने की मांग को लेकर एक टावर पर चढ़ गया। इस स्थिति में, पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर युवक को समझाया-बुझाया। काफी प्रयासों के बाद, वे युवक को सुरक्षित टावर से नीचे उतारने में सफल रहे।1
- यह बात सच बताई गई है कि मस्जिदों में कभी चोरी नहीं होती और गुरुद्वारों में भी चोरी की कोई घटना नहीं सुनी गई है। इस पर सीधे तौर पर सवाल उठाया गया है कि आखिर हर बार मंदिरों में ही चोरियां क्यों होती हैं। इस स्थिति पर सरकार की भूमिका पर तीखा प्रश्नचिह्न लगाते हुए पूछा गया है कि आखिर सरकार इस मामले में क्या कर रही है। यह बार-बार ज़ोर देकर कहा गया है कि मस्जिदों या गुरुद्वारों में कभी चोरी की खबर नहीं सुनी गई है।1
- अमेठी में पत्रकारिता के नाम पर दलाल किस्म के पत्रकारों की दुकानें बंद होने से कुछ लोग फड़फड़ा रहे हैं। इसी क्रम में, पत्रकार महरूफ अहमद को अमीर हुसैन नामक व्यक्ति लगातार फोन कर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस मामले में अमेठी पुलिस, राजा मयंकेश्वर शरण सिंह, मुन्ना सिंह, सुनील चौरसिया, पत्रकार अमित मिश्रा, जर्नलिस्ट रमेश त्रिपाठी, पत्रकार अतुल तिवारी, रजनीश सिंह, विजय शुक्ला, भारद्वाज अमेठी समाचार, आनंद तिवारी अन्नू, जन संवाद डिजिटल पत्रकार, और खुर्शीद अहमद का भी उल्लेख किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर रहते हुए रील्स बनाना या सोशल मीडिया पर सरकारी गरिमा को ठेस पहुँचाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनता की सेवा के लिए मिला समय रील्स बनाने के लिए नहीं है, और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही जनता के प्रति है, न कि सोशल मीडिया के लाइक्स और व्यूज के प्रति। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें महिला और पुरुष पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों पर रील्स बनाते दिखे हैं, वहीं अस्पतालों में डॉक्टर और नर्सें मरीजों को छोड़कर वीडियो शूट करते पाए गए हैं। सीएम योगी के इस कड़े रुख के बाद, प्रशासन ने नई गाइडलाइंस तैयार की हैं, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वर्दी और ड्यूटी का रौब रील्स में नहीं, बल्कि काम में दिखना चाहिए।1
- सुलतानपुर की सदर तहसील में राजस्व विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ गए हैं, जहाँ कथित तौर पर 'जय-वीरू' की एक जोड़ी ने उच्च अधिकारियों और न्यायालय के आदेशों को बेअसर साबित कर दिया है। ग्राम चुनहा करोंदिया के निवासी इसरार हुसैन ने लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसरार हुसैन के अनुसार, इन दोनों ने सदर एसडीएम और नायब तहसीलदार द्वारा पहले ही खारिज की गई एक विरासत को न केवल फर्जी तरीके से दर्ज किया, बल्कि कोर्ट के स्टे के बावजूद उसका बैनामा भी करा दिया। तहसील में चर्चा है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल और कानूनगो रामपाल मिश्रा की 'कलम में ऐसा जादू' है कि एसडीएम का खारिज आदेश भी उनके सामने 'कागज का टुकड़ा' बन जाता है। पीड़ित इसरार हुसैन ने दावा किया है कि इस जोड़ी ने साबित कर दिया है कि तहसील के असली 'डीएम' वही हैं, क्योंकि 'डीएम का आदेश ही रद्दी है, एसडीएम का खारिज आदेश मजाक है और कोर्ट का स्टे जोक है'। पीड़ित के अनुसार, वह समाधान दिवस से लेकर डीएम दफ्तर तक न्याय के लिए रो चुका है, लेकिन इस 'जय-वीरू सरकार' के सामने सब बेबस हैं। यह भी बताया गया है कि लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद इसके तहसील में उनकी पकड़ बरकरार है। इस मामले से तहसील में भ्रष्टाचार और मिलीभगत की आशंका गहरी हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एसडीएम और नायब तहसीलदार ने विरासत खारिज कर दी थी और जमीन पर कोर्ट का स्टे भी था, तो लेखपाल-कानूनगो ने किसके आदेश पर इसे दर्ज कर बैनामा करा दिया? पीड़ित इसरार हुसैन ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यह खबर पीड़ित इसरार हुसैन पक्ष के आरोपों पर आधारित है, और लेखपाल सर्वेन्द्र पटेल, कानूनगो रामपाल मिश्रा, तथा राजस्व विभाग का पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।1
- अमेठी के शिक्षा विभाग में कथित तौर पर 7 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर जांच कर रही CBI ने बुधवार को अमेठी सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। CBI की आठ टीमों ने अमेठी के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी, जिसमें लोधवरिया, पूरे यदुराम पांडेय और बंदोइया सहित कई गाँव शामिल थे। अधिकारियों ने घोटाले से जुड़े संदिग्ध लोगों से पूछताछ की। CBI की एक टीम गौरीगंज कोतवाली भी पहुँची और मुकदमे से संबंधित रिकॉर्ड की जानकारी ली। अमेठी के अलावा, CBI की टीमें लखनऊ, प्रतापगढ़, अयोध्या और कुशीनगर में भी एक साथ सक्रिय रहीं, जिससे शिक्षा विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह आरोप है कि बेसिक शिक्षा विभाग की वित्त एवं लेखा शाखा में तैनात कर्मचारियों ने 7 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी धन गबन किया था। बताया जा रहा है कि यह रकम कुछ कृपापात्र शिक्षकों के खातों में भेजी गई थी, और सरकारी रकम को कई खातों में ट्रांसफर करके बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। यह मामला सामने आने के बाद गौरीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में, उच्च न्यायालय के निर्देश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और अब प्रदेशभर में छापेमारी कर जांच को तेज कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे और महत्वपूर्ण कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल, CBI की जांच जारी है और सभी की नज़र इस पूरे मामले पर बनी हुई है।2
- अमेठी के संग्रामपुर स्थित जरौटा गांव में बुधवार देर शाम एक विद्युत पोल में करंट उतरने से उसकी चपेट में आकर दो गायों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। गांव निवासी पशुपालक किसान सुनील कुमार मिश्र की एक गाय और एक निराश्रित गाय घूमते हुए विद्युत पोल के पास पहुंच गई थीं। इसी दौरान बारिश के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल होते ही यह हादसा हो गया। ग्रामीण हरिओम मिश्र ने बताया कि मंगलवार को विद्युत विभाग ने शिकायत के बाद उनके घर के सामने टूटे हुए पोल को बदलकर नया पोल लगाया था। ग्रामीणों का आरोप है कि नए पोल पर बिना इंसुलेटर के ही तार बांध दिया गया था। बारिश के कारण पोल के आसपास की जमीन में करंट उतर आया, जिसकी वजह से दोनों गायें पोल के पास पहुंचते ही उसकी चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन विद्युत आपूर्ति बंद होने से पहले ही दोनों गायों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्होंने बिना इंसुलेटर के तार बांधने को हादसे का मुख्य कारण बताते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग पोल के संपर्क में आ जाता तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलने पर पुलिस और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जांच-पड़ताल की। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि पशुपालक से तहरीर प्राप्त कर दोनों गायों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1