नोएडा प्राधिकरण के हाउसिंग विभाग में करोड़ों का 'TM' खेल: भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के शो-विंडो कहे जाने वाले नोएडा में भ्रष्टाचार की एक और बड़ी परत खुलती नजर आ रही है। नोएडा प्राधिकरण का हाउसिंग विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग में ट्रांसफर मेमो (TM) जारी करने के नाम पर करोड़ों रुपये का काला खेल चल रहा है। क्या है पूरा मामला? नोएडा प्राधिकरण के हाउसिंग विभाग पर आरोप लगे हैं कि यहाँ बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइलों का पहिया नहीं घूमता। किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री के लिए TM (Transfer Memo) सबसे जरूरी दस्तावेज होता है। इसी की आड़ में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कथित तौर पर आवंटी से लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर 'अवैध' को बनाया जा रहा 'वैध' जांच की आंच अब सिविल और हाउसिंग विभाग की मिलीभगत तक पहुँच रही है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी मकान में अवैध निर्माण है, तो उसका TM जारी नहीं किया जा सकता। लेकिन आरोप है कि: भारी भरकम रकम लेकर अवैध निर्माण वाले मकानों को भी क्लीन चिट दी जा रही है। नियमों को दरकिनार कर धड़ल्ले से TM सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। जो आवंटी पैसे देने में असमर्थ हैं, उनकी फाइलें हफ्तों तक जानबूझकर रोकी जा रही हैं। दिसंबर की सूची से होगा बड़ा खुलासा विभागीय गलियारों में चर्चा है कि दिसंबर माह में जारी की गई TM सूची में भारी अनियमितताएं छिपी हैं। जानकारों का दावा है कि यदि इस सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो प्राधिकरण के कई बड़े अधिकारी और बाबू भ्रष्टाचार के जाल में फंस सकते हैं। सोशल मीडिया पर गूंज, शासन से कार्रवाई की मांग यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी गरमा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावों के बीच नोएडा प्राधिकरण के भीतर चल रहा यह खेल सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। मुख्य बिंदु: वसूली: एक TM के बदले लाखों की डिमांड। गठजोड़: सिविल और हाउसिंग विभाग की संदिग्ध भूमिका। प्रभाव: आम जनता और ईमानदार आवंटी परेशान।
नोएडा प्राधिकरण के हाउसिंग विभाग में करोड़ों का 'TM' खेल: भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप उत्तर प्रदेश के शो-विंडो कहे जाने वाले नोएडा में भ्रष्टाचार की एक और बड़ी परत खुलती नजर आ रही है। नोएडा प्राधिकरण का हाउसिंग विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग में ट्रांसफर मेमो (TM) जारी करने के नाम पर करोड़ों रुपये का काला खेल चल रहा है। क्या है पूरा मामला? नोएडा प्राधिकरण के हाउसिंग विभाग पर आरोप लगे हैं कि यहाँ बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइलों का पहिया नहीं घूमता। किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री के लिए TM (Transfer Memo) सबसे जरूरी दस्तावेज होता है। इसी की आड़ में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कथित तौर पर आवंटी से लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर 'अवैध' को बनाया जा रहा 'वैध' जांच की आंच अब सिविल और हाउसिंग विभाग की मिलीभगत तक पहुँच रही है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी मकान में अवैध निर्माण है, तो उसका TM जारी नहीं किया जा सकता। लेकिन आरोप है कि: भारी भरकम रकम लेकर अवैध निर्माण वाले मकानों को भी क्लीन चिट दी जा रही है। नियमों को दरकिनार कर धड़ल्ले से TM सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। जो आवंटी पैसे देने में असमर्थ हैं, उनकी फाइलें हफ्तों तक जानबूझकर रोकी जा रही हैं। दिसंबर की सूची से होगा बड़ा खुलासा विभागीय गलियारों में चर्चा है कि दिसंबर माह में जारी की गई TM सूची में भारी अनियमितताएं छिपी हैं। जानकारों का दावा है कि यदि इस सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो प्राधिकरण के कई बड़े अधिकारी और बाबू भ्रष्टाचार के जाल में फंस सकते हैं। सोशल मीडिया पर गूंज, शासन से कार्रवाई की मांग यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी गरमा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावों के बीच नोएडा प्राधिकरण के भीतर चल रहा यह खेल सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। मुख्य बिंदु: वसूली: एक TM के बदले लाखों की डिमांड। गठजोड़: सिविल और हाउसिंग विभाग की संदिग्ध भूमिका। प्रभाव: आम जनता और ईमानदार आवंटी परेशान।
- उत्तर प्रदेश के शो-विंडो कहे जाने वाले नोएडा में भ्रष्टाचार की एक और बड़ी परत खुलती नजर आ रही है। नोएडा प्राधिकरण का हाउसिंग विभाग एक बार फिर विवादों के घेरे में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग में ट्रांसफर मेमो (TM) जारी करने के नाम पर करोड़ों रुपये का काला खेल चल रहा है। क्या है पूरा मामला? नोएडा प्राधिकरण के हाउसिंग विभाग पर आरोप लगे हैं कि यहाँ बिना 'सुविधा शुल्क' के फाइलों का पहिया नहीं घूमता। किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री के लिए TM (Transfer Memo) सबसे जरूरी दस्तावेज होता है। इसी की आड़ में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी कथित तौर पर आवंटी से लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। नियमों को ताक पर रखकर 'अवैध' को बनाया जा रहा 'वैध' जांच की आंच अब सिविल और हाउसिंग विभाग की मिलीभगत तक पहुँच रही है। नियमों के मुताबिक, यदि किसी मकान में अवैध निर्माण है, तो उसका TM जारी नहीं किया जा सकता। लेकिन आरोप है कि: भारी भरकम रकम लेकर अवैध निर्माण वाले मकानों को भी क्लीन चिट दी जा रही है। नियमों को दरकिनार कर धड़ल्ले से TM सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। जो आवंटी पैसे देने में असमर्थ हैं, उनकी फाइलें हफ्तों तक जानबूझकर रोकी जा रही हैं। दिसंबर की सूची से होगा बड़ा खुलासा विभागीय गलियारों में चर्चा है कि दिसंबर माह में जारी की गई TM सूची में भारी अनियमितताएं छिपी हैं। जानकारों का दावा है कि यदि इस सूची की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो प्राधिकरण के कई बड़े अधिकारी और बाबू भ्रष्टाचार के जाल में फंस सकते हैं। सोशल मीडिया पर गूंज, शासन से कार्रवाई की मांग यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी गरमा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश और नोएडा पुलिस को टैग करते हुए इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के दावों के बीच नोएडा प्राधिकरण के भीतर चल रहा यह खेल सरकार की छवि को धूमिल कर रहा है। मुख्य बिंदु: वसूली: एक TM के बदले लाखों की डिमांड। गठजोड़: सिविल और हाउसिंग विभाग की संदिग्ध भूमिका। प्रभाव: आम जनता और ईमानदार आवंटी परेशान।1
- Post by Subodh kumar1
- Post by Satya sansani1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस समझौते को भारत के हितों के खिलाफ बताते हुए सवाल उठाया कि "बजट का हलवा भारत के लिए बना था या अमेरिका के लिए" #AkhileshYadav #TradeDeal #Budget2026 #indianewssocial #IndiaNews BTN241
- Faridabad metro station1
- बुलंदशहर के गुलावटी क्षेत्र का मामला1
- अनूपशहर,जेपी विश्वविद्यालय में प्रिंसिपल्स कान्क्लेव 2026 का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक संवाद को सुदृढ़ करना, शिक्षा की गुणवत्ता और नवाचार पर विचार-विमर्श करना रहा।1
- ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के जारचा थाना क्षेत्र के उपरालसी गांव में मामूली विवाद के चलते एक दबंग व्यक्ति ने एक बुजुर्ग महिला पर फावड़े से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद गांव में 'खड़ंजा' (ईंटों का रास्ता) लगाने को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने अपना आपा खो दिया। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि आरोपी ने बुजुर्ग महिला पर एक के बाद एक फावड़े से कई वार किए। हमले के वक्त वहां कई लोग मौजूद थे, जो मूकदर्शक बने रहे या बीच-बचाव करने की कोशिश करते दिखे। पुलिस की कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद जारचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दबंग को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, वारदात में इस्तेमाल किया गया फावड़ा भी बरामद कर लिया गया है। घायल महिला की स्थिति इस जानलेवा हमले में बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हुई हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर गांव में छोटी-छोटी बातों पर होने वाली हिंसा और दबंगई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।1