निंबाहेड़ा स्थित Wonder Cement में श्रमिक बंशी लाल उर्फ़ विष्णु मेघवाल की मृत्यु के बाद चल रहा धरना आखिरकार प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया निंबाहेड़ा स्थित Wonder Cement में श्रमिक बंशी लाल उर्फ़ विष्णु मेघवाल की मृत्यु के बाद चल रहा धरना आखिरकार प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया है। देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने, पत्नी को योग्यतानुसार नौकरी देने तथा बेटी को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। धरनास्थल पर मेघवाल समाज के लोगों के साथ पूर्व जिला प्रमुख भूपेंद्र सिंह बड़ौली भी मौजूद रहे और पूरे मामले में पीड़ित परिवार के समर्थन में डटे रहे। समझौते के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। इस निर्णय को संघर्ष और एकजुटता की जीत माना जा रहा है।
निंबाहेड़ा स्थित Wonder Cement में श्रमिक बंशी लाल उर्फ़ विष्णु मेघवाल की मृत्यु के बाद चल रहा धरना आखिरकार प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया निंबाहेड़ा स्थित Wonder Cement में श्रमिक बंशी लाल उर्फ़ विष्णु मेघवाल की मृत्यु के बाद चल रहा धरना आखिरकार प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया है। देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने, पत्नी को योग्यतानुसार नौकरी देने तथा बेटी को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। धरनास्थल पर मेघवाल समाज के लोगों के साथ पूर्व जिला प्रमुख भूपेंद्र सिंह बड़ौली भी मौजूद रहे और पूरे मामले में पीड़ित परिवार के समर्थन में डटे रहे। समझौते के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। इस निर्णय को संघर्ष और एकजुटता की जीत माना जा रहा है।
- निंबाहेड़ा स्थित Wonder Cement में श्रमिक बंशी लाल उर्फ़ विष्णु मेघवाल की मृत्यु के बाद चल रहा धरना आखिरकार प्रशासन से सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया है। देर रात तक चली वार्ता के बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने मृतक के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने, पत्नी को योग्यतानुसार नौकरी देने तथा बेटी को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने पर सहमति जताई। धरनास्थल पर मेघवाल समाज के लोगों के साथ पूर्व जिला प्रमुख भूपेंद्र सिंह बड़ौली भी मौजूद रहे और पूरे मामले में पीड़ित परिवार के समर्थन में डटे रहे। समझौते के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। इस निर्णय को संघर्ष और एकजुटता की जीत माना जा रहा है।2
- उदयपुर जिले के भटेवर में कृष्णराज सभागार में रविवार को आवासीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर महाअभियान का आगाज हुआ। जिसमे वल्लभनगर, भींडर एवं कुराबड़ मंडलों के कार्यकर्ताओं को संयुक्त प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम व शिविर गीत के साथ हुआ। शिविर के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी रहे। अपने संबोधन में विधायक डांगी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।1
- भूपालसागर पुलिस ने अवैध डोडा चुरा परिवहन के तहत एक मोटर साईकिल समेत एक को धरा प्लास्टिक कट्टे मे 18.500 किलो ग्राम अवैध डोडा चुरा जब्त किया युवक राजसमंद जिले के पनोतीया ग्राम का बताया जा रहा है1
- Post by Dr CP Patel 8302083835 आयुष हॉ1
- Post by (ND NEWS CHITTORGARH)Laxman Si1
- चित्तौड़गढ़। जिले में नारकोटिक्स विभाग की कथित अवैध कार्रवाइयों और किसानों के उत्पीड़न के विरोध में अफीम किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 13 मार्च को हुए बड़े प्रदर्शन के बाद आज 21 मार्च 2026 शनिवार से जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर अफीम किसान संघर्ष समिति के आह्वान पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। हालांकि शाम को प्रशासन से वार्ता और कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना आगामी 01 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। CBI जांच की मांग पर अड़े किसान धरने से पहले किसानों की शिकायतों पर डूंगला थाने में नारकोटिक्स विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसके बावजूद किसान इस जांच से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान नेता बद्रीलाल जाट (जगपुरा) ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द CBI जांच के आदेश जारी नहीं करती, तो किसान हाईकोर्ट का रुख करेंगे। करोड़ों की वसूली के आरोप किसानों ने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। डूंगला क्षेत्र के देवास सहित आसपास के गांवों में किसानों से करीब 1 करोड़ से अधिक राशि वसूलने की बात सामने आई है। किसानों ने मांग की है कि यह पूरी राशि तत्काल वापस लौटाई जाए, क्योंकि कई किसान कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं। गिरफ्तारी और उत्पीड़न के आरोप किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा जबरन घरों में घुसकर कार्रवाई, मारपीट, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और झूठे मामलों में फंसाने जैसी घटनाएं हुई हैं। मांग-देवरिया प्रकरण में मुखिया और एक किसान की पत्नी को रिहा करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। “कच्चे तौल” और मुखिया प्रथा पर सवाल धरने में किसानों ने “कच्चे तौल” व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि लुआई-चिराई के दौरान अफीम में पानी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन उसी आधार पर कार्रवाई कर किसानों को परेशान किया जाता है। साथ ही, अफीम खेती में भ्रष्टाचार की जड़ मानी जा रही “मुखिया प्रथा” को समाप्त करने की मांग भी उठी। नेताओं और किसानों की भागीदारी धरने में बड़ी संख्या में किसान नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। प्रमुख रूप से पूर्व डेयरी चेयरमेन एवं किसान नेता बद्रीलाल जाट (जगपुरा), कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष भैरूलाल चौधरी, प्रकाश जाट मेवदा, पूर्व सभापति चित्तौड़गढ़ नगर परिषद् संदीप शर्मा, लोकेश जाट, भरत आंजना, दिलीप चौधरी, रामनारायण जाट झांझरिया, आजाद पालीवाल, विक्रम जाट, गोवर्धन (सांवलिया खेड़ा), रवीन्द्र सिंह, राहुल शर्मा, जसवंत आंजना, सुरेश जटिया, अशोक धाकड़, रामचंद्र डांगी (मंदसौर), मोहनलाल जाट (कपासन), भैरू लाल चिकसी, भोपाल सिंह चौहान (बालपुर), शम्भू जाट (निम्बाहेड़ा), बालूराम चित्तौड़िया, कमलेश अनोपपुरा, मांगीलाल मेघवाल (बिलोट), गोपाल धाकड़ “टाइगर”, लेहरूलाल जाट, रामेश्वर लाल जाट (सिंहपुर) सहित कई किसान मौजूद रहे। मांगीलाल मेघवाल (बिलोट) ने कहा कि नारकोटिक्स विभाग द्वारा वसूली गई राशि वापस दिलाई जाए और देवरिया मामले में पारदर्शिता बरती जाए। वहीं गोपाल “टाइगर” धाकड़ ने किसान हितैषी कानून बनाने की मांग उठाते हुए जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की बात कही। प्रशासन सतर्क, पुलिस बल तैनात धरने को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर पुलिस बल, क्यूआरटी टीम और वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। वार्ता के बाद धरना स्थगित शाम 5 बजे जिला पुलिस अधीक्षक से हुई वार्ता में किसानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद अफीम किसान संघर्ष समिति ने धरना 1 अप्रैल तक स्थगित करने का निर्णय लिया और धरने पर बैठे किसान वापस लौट गए। किसानों की प्रमुख मांगें CBI से निष्पक्ष जांच गिरफ्तार किसानों और महिलाओं की रिहाई दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई अवैध वसूली की राशि वापस दिलाना “कच्चे तौल” व्यवस्था में बदलाव या समाप्ति मुखिया प्रथा खत्म करना समिति के अनुसार एक अप्रैल बाद भी मांगे नहीं मानी गई तो पच्चास लोगों की कोर कमेटी बनाकर नारकोटिक्स की नीति के खिलाफ दिल्ली जंतर मंतर पर धरने की तैयारी की जाएगी। अब पूरे मामले में सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन फिर से तेज होने की संभावना जताई जा रही है।1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर उपखंड मुख्यालय पर शांति नगर क्षेत्र में रविवार को एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ देर बाद स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो गई। जिससे एक व्यक्ति को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार स्कूटी मालिक पंकज अग्रवाल ने बताया कि स्कूटी घर पर चार्जिंग में लगी हुई थी। इसी दौरान अचानक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ और आग भड़क उठी।1