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मैहर में जगन्नाथ भक्त मंडली की उपस्थिति देखी गई है। भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट आस्था रखते हुए श्रद्धालुओं की यह भक्त मंडली मैहर में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जुड़ी हुई है।
Satyanarayan tiwari
मैहर में जगन्नाथ भक्त मंडली की उपस्थिति देखी गई है। भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट आस्था रखते हुए श्रद्धालुओं की यह भक्त मंडली मैहर में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जुड़ी हुई है।
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- सतना में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.2' अभियान के तहत आज सिटी कोतवाली थाने से शहर के मुख्य मार्ग में एक पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च के दौरान आम नागरिकों को पैंपलेट बांटे गए और उनसे नशे से दूरी बनाए रखने की अपील की गई। इसी अभियान के सिलसिले में शहर के जवाहर नगर स्टेडियम में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बच्चों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान सीएसपी देवेंद्र सिंह चौहान, डीएसपी रावेंद्र द्विवेदी, आर आई देविका सिंह बघेल और ट्रैफिक प्रभारी पूनम रावत सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।1
- मैहर में जगन्नाथ भक्त मंडली की उपस्थिति देखी गई है। भगवान जगन्नाथ के प्रति अटूट आस्था रखते हुए श्रद्धालुओं की यह भक्त मंडली मैहर में पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ जुड़ी हुई है।1
- मैहर के अमरपाटन में मध्य प्रदेश शासन के 'नशे से है दूरी जरूरी 2.0' अभियान के तहत संदीपनी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अमरपाटन थाना पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई और उन्हें नशे से दूर रहने, नशे का त्याग करने तथा समाज को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संदेश दिया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य रूप से अमरपाटन तहसीलदार आर.डी. साकेत, थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह परस्ते, उप निरीक्षक बी.एल. रावत, प्रधान आरक्षक रीता सिंह और महिला कॉन्स्टेबल शिवानी उपस्थित रहीं। इनके साथ ही स्कूल का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इस दौरान मौजूद रहे।3
- नशे से दूरी को बेहद जरूरी बताते हुए मध्यप्रदेश में सूखे और मेडिकल नशे को खत्म करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। आज पूरा विश्व नशे की मार झेल रहा है और इसकी वजह से युवा व समाज दृगभ्रमित हो रहा है। चूंकि युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए इनकी रक्षा और सुरक्षा करना सभी का दायित्व है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 15 दिनों तक विशेष मुहिम चलाकर आम लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। इस संबंध में मैहर के पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी अपनी बात रखी है।1
- सतना में यातायात पुलिस ने पिछले कई महीनों से अभियान चलाकर जब्त करके रखे गए मॉडिफाइड साइलेंसरों पर बुलडोजर चला दिया है। पुलिस द्वारा अभियान के तहत इन साइलेंसरों को जब्त किया गया था, जिन पर अब बुलडोजर चलाने की यह कार्रवाई की गई है।1
- सतना जिले के जैतवारा थाना अंतर्गत ग्राम जैतवारा से 17 वर्षीय नाबालिग अरुण डोहर के अपहरण के मामले में पुलिस की उदासीनता और लचर कार्रवाई को लेकर डोहर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। अपनी विधवा माँ के इकलौते सहारे अरुण का 24 जून 2026 को अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने और पीड़ित परिवार पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाने के विरोध में डोहर समाज संघ सतना ने जन समूह के साथ पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा है। डोहर समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र डोहर ने बताया कि अरुण डोहर (पिता स्वर्गीय कमलेश डोहर) को जैतवारा निवासी आरोपी दिनेश गुप्ता द्वारा एक अज्ञात किराना व्यापारी की दुकान से अगवा किया गया था। घटना की सूचना तुरंत जैतवारा थाने में दी गई थी, लेकिन आज तक न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही नाबालिग को बरामद किया जा सका है। सबसे दुखद बात यह है कि जैतवारा थाने के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित विधवा माँ पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में गहरा रोष है। इस प्रदर्शन के दौरान जिला डोहर समाज संघ के मुख्य संरक्षक रामगोपाल डोहर, नीति निर्धारक जयपाल डोहर, कार्यक्रम संयोजक संतोष डोहर, मुख्य सलाहकार रामबहादुर डोहर, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल डोहर, जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र डोहर, कोषाध्यक्ष राजभान डोहर, सहसचिव सोहनलाल डोहर, महासचिव अभयराज डोहर, सहमीडिया प्रभारी धर्मराज डोहर, कार्यालय प्रभारी नेकमणी डोहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य रामबिश्वास डोहर, गेंदलाल डोहर सहित छोटेलाल डोहर, बिनय डोहर, राजेश डोहर, रमेश डोहर और हजारों सामाजिक शुभचिंतक उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें आरोपी दिनेश गुप्ता की तुरंत गिरफ्तारी, नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी, आरोपी के विरुद्ध आईपीसी और पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई, अपहरण के स्थान वाली दुकान की जांच, और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पूरे प्रकरण की आईजी या एडीजी स्तर पर मॉनिटरिंग की मांग की गई है। संघ ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि यदि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो डोहर समाज उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4