सतना जिले के जैतवारा थाना अंतर्गत ग्राम जैतवारा से 17 वर्षीय नाबालिग अरुण डोहर के अपहरण के मामले में पुलिस की उदासीनता और लचर कार्रवाई को लेकर डोहर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। अपनी विधवा माँ के इकलौते सहारे अरुण का 24 जून 2026 को अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने और पीड़ित परिवार पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाने के विरोध में डोहर समाज संघ सतना ने जन समूह के साथ पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा है। डोहर समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र डोहर ने बताया कि अरुण डोहर (पिता स्वर्गीय कमलेश डोहर) को जैतवारा निवासी आरोपी दिनेश गुप्ता द्वारा एक अज्ञात किराना व्यापारी की दुकान से अगवा किया गया था। घटना की सूचना तुरंत जैतवारा थाने में दी गई थी, लेकिन आज तक न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही नाबालिग को बरामद किया जा सका है। सबसे दुखद बात यह है कि जैतवारा थाने के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित विधवा माँ पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय लोगों में गहरा रोष है। इस प्रदर्शन के दौरान जिला डोहर समाज संघ के मुख्य संरक्षक रामगोपाल डोहर, नीति निर्धारक जयपाल डोहर, कार्यक्रम संयोजक संतोष डोहर, मुख्य सलाहकार रामबहादुर डोहर, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल डोहर, जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र डोहर, कोषाध्यक्ष राजभान डोहर, सहसचिव सोहनलाल डोहर, महासचिव अभयराज डोहर, सहमीडिया प्रभारी धर्मराज डोहर, कार्यालय प्रभारी नेकमणी डोहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य रामबिश्वास डोहर, गेंदलाल डोहर सहित छोटेलाल डोहर, बिनय डोहर, राजेश डोहर, रमेश डोहर और हजारों सामाजिक शुभचिंतक उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें आरोपी दिनेश गुप्ता की तुरंत गिरफ्तारी, नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी, आरोपी के विरुद्ध आईपीसी और पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई, अपहरण के स्थान वाली दुकान की जांच, और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पूरे प्रकरण की आईजी या एडीजी स्तर पर मॉनिटरिंग की मांग की गई है। संघ ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि यदि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो डोहर समाज उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
सतना जिले के जैतवारा थाना अंतर्गत ग्राम जैतवारा से 17 वर्षीय नाबालिग अरुण डोहर के अपहरण के मामले में पुलिस की उदासीनता और लचर कार्रवाई को लेकर डोहर समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। अपनी विधवा माँ के इकलौते सहारे अरुण का 24 जून 2026 को अपहरण कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने और पीड़ित परिवार पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाने के विरोध में डोहर समाज संघ सतना ने जन समूह के साथ पैदल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम
ज्ञापन सौंपा है। डोहर समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र डोहर ने बताया कि अरुण डोहर (पिता स्वर्गीय कमलेश डोहर) को जैतवारा निवासी आरोपी दिनेश गुप्ता द्वारा एक अज्ञात किराना व्यापारी की दुकान से अगवा किया गया था। घटना की सूचना तुरंत जैतवारा थाने में दी गई थी, लेकिन आज तक न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही नाबालिग को बरामद किया जा सका है। सबसे दुखद बात यह है कि जैतवारा थाने के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा पीड़ित विधवा माँ पर ही रिपोर्ट वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय लोगों
में गहरा रोष है। इस प्रदर्शन के दौरान जिला डोहर समाज संघ के मुख्य संरक्षक रामगोपाल डोहर, नीति निर्धारक जयपाल डोहर, कार्यक्रम संयोजक संतोष डोहर, मुख्य सलाहकार रामबहादुर डोहर, जिला उपाध्यक्ष मोहनलाल डोहर, जिला संगठन मंत्री पुष्पेंद्र डोहर, कोषाध्यक्ष राजभान डोहर, सहसचिव सोहनलाल डोहर, महासचिव अभयराज डोहर, सहमीडिया प्रभारी धर्मराज डोहर, कार्यालय प्रभारी नेकमणी डोहर, जिला कार्यकारिणी सदस्य रामबिश्वास डोहर, गेंदलाल डोहर सहित छोटेलाल डोहर, बिनय डोहर, राजेश डोहर, रमेश डोहर और हजारों सामाजिक शुभचिंतक उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें आरोपी दिनेश गुप्ता की तुरंत गिरफ्तारी, नाबालिग की सुरक्षित
बरामदगी, आरोपी के विरुद्ध आईपीसी और पोक्सो एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई, अपहरण के स्थान वाली दुकान की जांच, और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई शामिल है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा, आर्थिक सहायता और पूरे प्रकरण की आईजी या एडीजी स्तर पर मॉनिटरिंग की मांग की गई है। संघ ने शासन-प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि यदि तय समय के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो डोहर समाज उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- चित्रकूट में भू-माफियाओं ने एक बड़ी साजिश के तहत वन विभाग और मेला कंट्रोल रूम की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। यह पूरा मामला रजौला हल्का मौजा राजौरा के खसरा नंबर 14 की आराजी से जुड़ा हुआ है। साल 1958 में हुए भूमि हस्तांतरण यानी अदला-बदली के बाद से यह जमीन वन विभाग के पास थी। इस बेशकीमती जमीन पर पिछले 70 वर्षों से वन परिक्षेत्र कार्यालय, कर्मचारियों के निवास स्थान, वन विश्राम गृह और पुलिस-मेला कंट्रोल रूम का सुचारू रूप से संचालन किया जा रहा है। इस सरकारी जमीन को हड़पने के लिए भू-माफियाओं ने दस्तावेजों में गलत चौहद्दी दर्शाकर रजिस्ट्रार को धोखे में रखा और रजिस्ट्री के नियमों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए रजिस्ट्री करा ली। यहां सरकारी निर्माण और सार्वजनिक उपयोग की जमीन होने के बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। इसके साथ ही, यह जमीन पुण्य मंदाकिनी नदी से महज 100 मीटर के दायरे में आती है, जिसकी वजह से यह रजिस्ट्री नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और हाईकोर्ट के आदेशों की भी सीधे तौर पर अवहेलना करती है। करोड़ों की इस मूल्यवान सरकारी जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने और इसे बचाने के लिए अब कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेजी से उठने लगी है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर में जगन्नाथ यात्रा का आयोजन किया गया है। मैहर में आयोजित हुई इस जगन्नाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में बेहद उत्साह और भक्ति का माहौल है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में यातायात पुलिस ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसरों पर बुलडोजर चला दिया है। विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई की, जिनमें तेज आवाज पैदा करने वाले अवैध साइलेंसर लगे थे। इस अभियान के दौरान जब्त किए गए सभी अवैध साइलेंसरों को बुलडोजर से कुचलकर नष्ट कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, ये मॉडिफाइड साइलेंसर अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं और आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बनते हैं, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर धाम में स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में गुरुवार को दोपहर की आरती संपन्न हुई। मंदिर के प्रधान पुजारी द्वारा इस दोपहर की आरती को पूरा कराया गया। मां शारदा शक्तिपीठ मैहर धाम में गुरुवार के इस पावन अवसर पर प्रधान पुजारी की गरिमामयी उपस्थिति में आरती का यह आयोजन किया गया।2
- "जगन्नाथ के भात को जगत पसारे हाथ" के पावन संदेश के साथ मध्य प्रदेश के मैहर में आज जगन्नाथ स्वामी की विशाल रथ शोभा यात्रा निकाली जा रही है। 16 जुलाई, गुरुवार को दोपहर ठीक 1:00 बजे यह भव्य यात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा का शुभारंभ बड़ा अखाड़ा मैहर से होगा, जो किला चौक, पुरानी बस्ती, चौरसिया टॉकीज, घंटाघर, कटरा बाजार और ओवर ब्रिज होते हुए हरनामपुर स्थित प्राचीन ऐतिहासिक जगन्नाथ स्वामी मंदिर पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। इस पावन अवसर पर समस्त धर्मावलंबियों, समाजसेवियों और धर्म प्रेमियों से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस रथ शोभा यात्रा में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।1
- सतना जिले के चित्रकूट थाना प्रभारी के तबादले के बाद अब थाने की कमान अस्थायी रूप से व्ही. बी. टांडिया को सौंप दी गई है। नए थाना प्रभारी की नियुक्ति होने तक व्ही. बी. टांडिया ही चित्रकूट थाना का कार्यभार संभालेंगे और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद से ही स्थानीय नागरिकों की नजरें पुलिस की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं। लोगों को उम्मीद है कि नए नेतृत्व के आने से थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को पहले से अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही, नए स्थायी थाना प्रभारी की होने वाली नियुक्ति को लेकर भी लगातार चर्चाएं चल रही हैं।1
- मध्य प्रदेश के उचेहरा में भगवान जगन्नाथ स्वामी की नगर में निकलने वाली रथ यात्रा का शुभारंभ हो गया है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस पावन रथ यात्रा का विश्राम श्री संकट मोचन मन्दिर में होगा। रथ यात्रा के तहत मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा नरहिंग भगवान को निमंत्रण देने के लिए नरसिंह अखाड़े तक एक विशेष श्रंगार यात्रा भी निकाली गई।1
- जय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinchजय जगन्नाथ मैहर 📍#sntnewspinch1
- सतना जिले के उचेहरा में बरुआ नदी के पुराने पुल से गुजर रही एक एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर सीधे पानी में जा गिरी। 16 जुलाई, 2026 को दोपहर में हुए इस हादसे में एम्बुलेंस पुराने पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे गहरे पानी में समा गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन एम्बुलेंस में सवार दो लोग घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। इस हादसे की खबर फैलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और क्रेन की मदद से एम्बुलेंस को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह पुराना पुल बेहद जर्जर स्थिति में है और पहले भी यहाँ कई छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक इसकी मरम्मत कराने या सुध लेने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।1