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चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा मंदिर , 400 वर्षों की आस्था ,अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा। चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा मंदिर , 400 वर्षों की आस्था , अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा। झारखंड के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत केरा गांव स्थित मां केरा मंदिर आस्था , परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम है। करीब 400 वर्षों से अधिक पुराना यह सिद्ध पीठ हर साल अप्रैल माह में आयोजित होने वाले भव्य मेले और अनोखी धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है । चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। जिसमें झारखंड ही नहीं बल्कि उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति में माहौल से सराबोर रहता है। इतिहास और मान्यता :-केरा राज परिवार के अनुसार सदियों पहले कामाख्या मंदिर (कामरूप) से एक सिद्ध साधु मां भगवती की दिव्या प्रतिमा लेकर केरा पहुंचे थे। उन्होंने नदी किनारे एक वृक्ष के नीचे तपस्या की उनके ब्रह्मलीन होने के बाद केरा रियासत के राजा को स्वप्न में देवी ने दर्शन देकर मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद इस पवित्र स्थल पर मां केरा मंदिर का निर्माण कराया गया। जहां आज भी पूजा अर्चना जारी है। अग्निपथ और कठोर भक्ति की परंपरा :- मां केरा मंदिर की सबसे खास पहचान है। श्रद्धालुओं द्वारा नंगे पांव जलते अंगारों पर चलना और कांटों पर लेटकर अपनी आस्था प्रकट करना। मान्यता है की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त इस कठिन तपस्या के माध्यम से देवी के प्रति कृतज्ञता जताते हैं। छऊ नृत्य और सांस्कृतिक विरासत :- मंदिर परिसर में हर वर्ष भव्य छऊ नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। जो इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति पहचान को दर्शाता है। लोक मान्यता है कि स्वयं देवी एक बार छऊ देखने आई थी,जिसके बाद यह परंपरा और भी मजबूत हो गई। मेले का कार्यक्रम अप्रैल 2026 : -1 अप्रैल शुभ घट स्थापना 10 अप्रैल यात्रा घट ,11 अप्रैल वृंदावन यात्रा , 12 अप्रैल गरियाभार यात्रा व छऊ राज परिवार , 13 अप्रैल जलाभिषेक , 14 अप्रैल कालिका घाट एवं हठ भक्ति , मां तेरा मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है , बल्कि यह आस्था , इतिहास और लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, यहां हर साल लाखों लोग अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ पहुंचते हैं।

9 hrs ago
user_NUNU RAM MAHATO
NUNU RAM MAHATO
Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
9 hrs ago

चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा मंदिर , 400 वर्षों की आस्था ,अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा। चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा मंदिर , 400 वर्षों की आस्था , अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा। झारखंड के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत केरा गांव स्थित मां केरा मंदिर आस्था , परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम है। करीब 400 वर्षों से अधिक पुराना यह सिद्ध पीठ हर साल अप्रैल माह में आयोजित होने वाले भव्य मेले और अनोखी धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है । चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। जिसमें झारखंड ही नहीं बल्कि उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति में माहौल से सराबोर रहता है। इतिहास और मान्यता :-केरा राज परिवार के अनुसार सदियों पहले कामाख्या मंदिर (कामरूप) से एक सिद्ध साधु मां भगवती की दिव्या प्रतिमा लेकर केरा पहुंचे थे। उन्होंने नदी किनारे एक वृक्ष के नीचे तपस्या की उनके ब्रह्मलीन होने के बाद केरा रियासत के राजा को स्वप्न में देवी ने दर्शन देकर मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद इस पवित्र स्थल पर मां केरा मंदिर का निर्माण कराया गया। जहां आज भी पूजा अर्चना जारी है। अग्निपथ और कठोर भक्ति की परंपरा :- मां केरा मंदिर की सबसे खास पहचान है। श्रद्धालुओं द्वारा नंगे पांव जलते अंगारों पर चलना और कांटों पर लेटकर अपनी आस्था प्रकट करना। मान्यता है की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त इस कठिन तपस्या के माध्यम से देवी के प्रति कृतज्ञता जताते हैं। छऊ नृत्य और सांस्कृतिक विरासत :- मंदिर परिसर में हर वर्ष भव्य छऊ नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। जो इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति पहचान को दर्शाता है। लोक मान्यता है कि स्वयं देवी एक बार छऊ देखने आई थी,जिसके बाद यह परंपरा और भी मजबूत हो गई। मेले का कार्यक्रम अप्रैल 2026 : -1 अप्रैल शुभ घट स्थापना 10 अप्रैल यात्रा घट ,11 अप्रैल वृंदावन यात्रा , 12 अप्रैल गरियाभार यात्रा व छऊ राज परिवार , 13 अप्रैल जलाभिषेक , 14 अप्रैल कालिका घाट एवं हठ भक्ति , मां तेरा मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है , बल्कि यह आस्था , इतिहास और लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, यहां हर साल लाखों लोग अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ पहुंचते हैं।

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  • चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा मंदिर , 400 वर्षों की आस्था , अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा। झारखंड के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत केरा गांव स्थित मां केरा मंदिर आस्था , परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम है। करीब 400 वर्षों से अधिक पुराना यह सिद्ध पीठ हर साल अप्रैल माह में आयोजित होने वाले भव्य मेले और अनोखी धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है । चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। जिसमें झारखंड ही नहीं बल्कि उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति में माहौल से सराबोर रहता है। इतिहास और मान्यता :-केरा राज परिवार के अनुसार सदियों पहले कामाख्या मंदिर (कामरूप) से एक सिद्ध साधु मां भगवती की दिव्या प्रतिमा लेकर केरा पहुंचे थे। उन्होंने नदी किनारे एक वृक्ष के नीचे तपस्या की उनके ब्रह्मलीन होने के बाद केरा रियासत के राजा को स्वप्न में देवी ने दर्शन देकर मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद इस पवित्र स्थल पर मां केरा मंदिर का निर्माण कराया गया। जहां आज भी पूजा अर्चना जारी है। अग्निपथ और कठोर भक्ति की परंपरा :- मां केरा मंदिर की सबसे खास पहचान है। श्रद्धालुओं द्वारा नंगे पांव जलते अंगारों पर चलना और कांटों पर लेटकर अपनी आस्था प्रकट करना। मान्यता है की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त इस कठिन तपस्या के माध्यम से देवी के प्रति कृतज्ञता जताते हैं। छऊ नृत्य और सांस्कृतिक विरासत :- मंदिर परिसर में हर वर्ष भव्य छऊ नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। जो इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति पहचान को दर्शाता है। लोक मान्यता है कि स्वयं देवी एक बार छऊ देखने आई थी,जिसके बाद यह परंपरा और भी मजबूत हो गई। मेले का कार्यक्रम अप्रैल 2026 : -1 अप्रैल शुभ घट स्थापना 10 अप्रैल यात्रा घट ,11 अप्रैल वृंदावन यात्रा , 12 अप्रैल गरियाभार यात्रा व छऊ राज परिवार , 13 अप्रैल जलाभिषेक , 14 अप्रैल कालिका घाट एवं हठ भक्ति , मां तेरा मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है , बल्कि यह आस्था , इतिहास और लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, यहां हर साल लाखों लोग अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ पहुंचते हैं।
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    चक्रधरपुर का ऐतिहासिक मां केरा  मंदिर , 400 वर्षों की आस्था , अग्निपथ पर चलकर निभाते हैं श्रद्धा।
झारखंड के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत केरा गांव स्थित मां केरा मंदिर आस्था , परंपरा और इतिहास का अद्भुत संगम है। करीब 400 वर्षों से अधिक पुराना यह सिद्ध पीठ हर साल अप्रैल माह में आयोजित होने वाले भव्य मेले और अनोखी धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है ।
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर यहां नौ दिनों तक विशेष अनुष्ठान होते हैं। जिसमें झारखंड ही नहीं बल्कि उड़ीसा और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति में माहौल से सराबोर रहता है।
इतिहास और मान्यता :-केरा राज परिवार के अनुसार सदियों पहले कामाख्या मंदिर (कामरूप) से एक सिद्ध साधु मां भगवती की दिव्या प्रतिमा लेकर केरा पहुंचे थे। उन्होंने नदी किनारे एक वृक्ष के नीचे तपस्या की उनके ब्रह्मलीन होने के बाद केरा रियासत के राजा को स्वप्न में देवी ने दर्शन देकर मंदिर निर्माण का आदेश दिया। इसके बाद इस पवित्र स्थल पर मां केरा मंदिर का निर्माण कराया गया। जहां आज भी पूजा अर्चना जारी है।
अग्निपथ और कठोर भक्ति की परंपरा :- मां केरा मंदिर की सबसे खास पहचान है। श्रद्धालुओं द्वारा नंगे पांव जलते अंगारों पर चलना और कांटों पर लेटकर अपनी आस्था प्रकट करना। मान्यता है की मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त इस कठिन तपस्या के माध्यम से देवी के प्रति कृतज्ञता जताते हैं।
छऊ नृत्य और सांस्कृतिक विरासत :- मंदिर परिसर में हर वर्ष भव्य छऊ नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। जो इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति पहचान को दर्शाता है। लोक मान्यता है कि स्वयं देवी एक बार छऊ देखने आई थी,जिसके बाद यह परंपरा और भी मजबूत हो गई।
मेले का कार्यक्रम अप्रैल 2026 : -1 अप्रैल शुभ घट स्थापना  10 अप्रैल यात्रा घट ,11 अप्रैल वृंदावन यात्रा , 12 अप्रैल गरियाभार यात्रा व छऊ राज परिवार , 13 अप्रैल जलाभिषेक , 14 अप्रैल कालिका घाट एवं हठ भक्ति ,
मां तेरा मंदिर न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है , बल्कि यह आस्था , इतिहास और लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है, यहां हर साल लाखों लोग अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ पहुंचते हैं।
    user_NUNU RAM MAHATO
    NUNU RAM MAHATO
    Local News Reporter गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    9 hrs ago
  • राजनगर के रेनबो स्मार्ट स्कूल बड़ा कूनाबेड़ा में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कुल 110 में से 107 छात्रों ने 80% से अधिक अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। प्री-नर्सरी की वेदंशी महतो 98.56% के साथ टॉपर रहीं, जबकि एलकेजी की इशिता महतो 98.25% के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। इस अवसर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी मेडल व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। प्रधानाचार्य साधन ज्योतिषी ने छात्रों को मेहनत, नैतिकता और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद भी व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाता है। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं व अभिभावकों का सराहनीय सहयोग रहा। विद्यालय द्वारा निःशुल्क नामांकन व “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत विशेष सुविधा भी दी जा रही है।
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    राजनगर के रेनबो स्मार्ट स्कूल बड़ा कूनाबेड़ा में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। कुल 110 में से 107 छात्रों ने 80% से अधिक अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। प्री-नर्सरी की वेदंशी महतो 98.56% के साथ टॉपर रहीं, जबकि एलकेजी की इशिता महतो 98.25% के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी मेडल व प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
प्रधानाचार्य साधन ज्योतिषी ने छात्रों को मेहनत, नैतिकता और आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ खेलकूद भी व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं व अभिभावकों का सराहनीय सहयोग रहा। विद्यालय द्वारा निःशुल्क नामांकन व “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत विशेष सुविधा भी दी जा रही है।
    user_Ravi repoter Rajnagar
    Ravi repoter Rajnagar
    Reporting गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    21 hrs ago
  • * सरायकेला - 2 अप्रैल गुरुवार को सरायकेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी आज एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ सरायकेला पोस्ट ऑफिस रोड स्थित मछली और मुर्गा दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री चौधरी ने दुकानों के अव्यवस्थित संचालन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुकानदारों से बातचीत करते हुए अपील की कि वे 'स्वच्छ और सुंदर सरायकेला' बनाने के अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। दूसरी ओर, दुकानदारों ने नगर पंचायत द्वारा बुनियादी सुविधाएं न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर अध्यक्ष ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए दुकानदारों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाने और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। दुकानदारों के आग्रह पर त्वरित निर्णय लेते हुए मनोज चौधरी ने 10 अप्रैल को अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होगा: मछली मार्केट को व्यवस्थित (Organized) करने पर विचार-विमर्श। दुकानदारों की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजना। बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई के मानकों को तय करना। अध्यक्ष द्वारा मौके पर ही निर्णय लेने की इस कार्यशैली की दुकानदारों ने जमकर सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया। "स्वच्छ और सुंदर सरायकेला का सपना तभी साकार होगा जब सभी का सहयोग मिलेगा। दुकानदार अपनी दुकानों को व्यवस्थित रखें और गंदगी न फैलाएं।" — मनोज कुमार चौधरी, अध्यक्ष, नगर पंचायत मौके पर मौजूद गणमान्य इस निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सुमित सुमन, सफाई सुपरवाइजर पवन सिंह और विशाल सिंह देव समेत कई अन्य कर्मी उपस्थित थे।
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    *
सरायकेला - 2 अप्रैल गुरुवार को सरायकेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी आज एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ सरायकेला पोस्ट ऑफिस रोड स्थित मछली और मुर्गा दुकानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान श्री चौधरी ने दुकानों के अव्यवस्थित संचालन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुकानदारों से बातचीत करते हुए अपील की कि वे 'स्वच्छ और सुंदर सरायकेला' बनाने के अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। दूसरी ओर, दुकानदारों ने नगर पंचायत द्वारा बुनियादी सुविधाएं न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर अध्यक्ष ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए दुकानदारों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवाने और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
दुकानदारों के आग्रह पर त्वरित निर्णय लेते हुए मनोज चौधरी ने 10 अप्रैल को अपने कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य होगा:
मछली मार्केट को व्यवस्थित (Organized) करने पर विचार-विमर्श।
दुकानदारों की समस्याओं का स्थायी समाधान खोजना।
बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई के मानकों को तय करना।
अध्यक्ष द्वारा मौके पर ही निर्णय लेने की इस कार्यशैली की दुकानदारों ने जमकर सराहना की और उन्हें धन्यवाद दिया।
"स्वच्छ और सुंदर सरायकेला का सपना तभी साकार होगा जब सभी का सहयोग मिलेगा। दुकानदार अपनी दुकानों को व्यवस्थित रखें और गंदगी न फैलाएं।" — मनोज कुमार चौधरी, अध्यक्ष, नगर पंचायत
मौके पर मौजूद गणमान्य
इस निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत के सिटी मैनेजर सुमित सुमन, सफाई सुपरवाइजर पवन सिंह और विशाल सिंह देव समेत कई अन्य कर्मी उपस्थित थे।
    user_JAGDISH SAO
    JAGDISH SAO
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    1 hr ago
  • Post by Ravi Gupta
    2
    Post by Ravi Gupta
    user_Ravi Gupta
    Ravi Gupta
    सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    7 hrs ago
  • चांडिल कंदर्वेद से सटे बॉर्डर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कपाली ओपी अंतर्गत डोबो रोड स्थित पुटीसिल्ली इलाके में ट्रक और हाइवा के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि हाइवा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर में हाइवा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सुबह करीब 5:30 बजे के आसपास हुई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। प्राथमिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार मानी जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपील: प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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    चांडिल कंदर्वेद से सटे बॉर्डर क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। कपाली ओपी अंतर्गत डोबो रोड स्थित पुटीसिल्ली इलाके में ट्रक और हाइवा के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि हाइवा का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर में हाइवा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना सुबह करीब 5:30 बजे के आसपास हुई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया।
प्राथमिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार मानी जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अपील:
प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और ओवरस्पीडिंग से बचने की अपील की है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    2 hrs ago
  • टोंटो में पड़ोसी ने कुल्हाड़ी से हमला कर किया जख्मी, इलाज के अभाव में हुई मौत टोंटो थाना के सेरेंगसिया गांव के पदमपुर टोला निवासी 50 वर्षीय दामु सिंकू को पड़ोसी के साथ हुए विवाद में सर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दिया  है। बुधवार की शाम शरेंगसिया गांव में बागवानी विवाद में पड़ोस में रहने वाले परगना सिंकू ने उस पर कुल्हाड़ी से सर पर हमला कर जख्मी कर दिया था ।  रात 6 बजे उसे मूर्छित अवस्था में टोंटो स्वास्थ केंद्र ले जाया गया जहां कोई सहयोग नहीं मिलने पर परिवार वाले किराए की छोटा हाथी वाहन में लेकर कर जख्मी रटी 10 बजे सदर अस्पताल पहुंचे। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच कर सर पर लगी गंभीर चोट के कारण परिवार वालों को उसे रांची रिम्स ले जाने की सलाह दी है। यहां सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण जख्मी व्यक्ति के साथ आई पत्नी और दो छोटे बच्चे असहाय महसूस कर रहे थे। परिवार वालों के अनुसार उनके पास प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करने के लिए इतने पैसे नहीं है कि वे ईलाज करवाने उसे रांची ले जा सके। उसके साथ आए गांव के मुंडा आदि सदर अस्पताल पहुंचा कर गांव लौट गये। जख्मी व्यक्ति के पुत्र ने बताया शाम चार बजे बागवानी के विवाद में पड़ोस में रहने वाले परगना सिंकू ने उसके पिता पर कुल्हाड़ी से सर पर हमला कर दिया। घटना स्थल पर दामु सिंकू लहूलुहान हो कर गिर गया । परिवार वालों और गांव के मुंडा को जानकारी मिलने पर जख्मी व्यक्ति को सदर अस्पताल लाया गया लेकिन रांची ले जाने की बात पर सभी असमंजस में पड़ गए और रात भर में उसकी मौत हो गई । इस मामले में परिवार वाले डोबरो सिंकू, किशनू सिंकू , पेलंग सिंकू पर आरोप लगाया गया है। #चाईबासासमाचार #कोल्हानखबर #पसिंहभूमसमाचार  #chaibasacrime  #पसिंहभूमअपराध #JharkhandNews  #BreakingNews   #SadarHospital  #kolhannews  #chaibasanews #Tontoझींकपानी #AxAttack #HospitalNegligence
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    टोंटो में पड़ोसी ने कुल्हाड़ी से हमला कर किया जख्मी, इलाज के अभाव में हुई मौत
टोंटो थाना के सेरेंगसिया गांव के पदमपुर टोला निवासी 50 वर्षीय दामु सिंकू को पड़ोसी के साथ हुए विवाद में सर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दिया  है।
बुधवार की शाम शरेंगसिया गांव में बागवानी विवाद में पड़ोस में रहने वाले परगना सिंकू ने उस पर कुल्हाड़ी से सर पर हमला कर जख्मी कर दिया था ।  रात 6 बजे उसे मूर्छित अवस्था में टोंटो स्वास्थ केंद्र ले जाया गया जहां कोई सहयोग नहीं मिलने पर परिवार वाले किराए की छोटा हाथी वाहन में लेकर कर जख्मी रटी 10 बजे सदर अस्पताल पहुंचे। सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच कर सर पर लगी गंभीर चोट के कारण परिवार वालों को उसे रांची रिम्स ले जाने की सलाह दी है। यहां सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण जख्मी व्यक्ति के साथ आई पत्नी और दो छोटे बच्चे असहाय महसूस कर रहे थे। परिवार वालों के अनुसार उनके पास प्राइवेट वाहन की व्यवस्था करने के लिए इतने पैसे नहीं है कि वे ईलाज करवाने उसे रांची ले जा सके। उसके साथ आए गांव के मुंडा आदि सदर अस्पताल पहुंचा कर गांव लौट गये। जख्मी व्यक्ति के पुत्र ने बताया शाम चार बजे बागवानी के विवाद में पड़ोस में रहने वाले परगना सिंकू ने उसके पिता पर कुल्हाड़ी से सर पर हमला कर दिया। घटना स्थल पर दामु सिंकू लहूलुहान हो कर गिर गया । परिवार वालों और गांव के मुंडा को जानकारी मिलने पर जख्मी व्यक्ति को सदर अस्पताल लाया गया लेकिन रांची ले जाने की बात पर सभी असमंजस में पड़ गए और रात भर में उसकी मौत हो गई । इस मामले में परिवार वाले डोबरो सिंकू, किशनू सिंकू , पेलंग सिंकू पर आरोप लगाया गया है।
#चाईबासासमाचार
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    user_कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    Local News Reporter चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    3 hrs ago
  • Post by Gautam Raftaar media
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    Post by Gautam Raftaar media
    user_Gautam Raftaar media
    Gautam Raftaar media
    बुंडू, रांची, झारखंड•
    36 min ago
  • हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) पर राजनगर थाना क्षेत्र के नेकराकोचा के खतरनाक तीखे मोड़ पर बुधवार अहले सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लौह अयस्क से लदा एक हायवा अनियंत्रित होकर आगे चल रही गाड़ी से पीछे से जा टकराया, जिससे हायवा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हायवा संख्या JH 05 DS 8211 हाता की ओर जा रहा था। नेकराकोचा के तीखे मोड़ पर सामने चल रही गाड़ी को चालक सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर सका और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चालक श्रवण चतोम्बर, निवासी जयपुर हाट, गम्हारिया (पश्चिम सिंहभूम), गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेकराकोचा का यह मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है, जहां आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन से इस खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग लगातार उठती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। फिलहाल घायल चालक का इलाज जमशेदपुर में चल रहा है
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    हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) पर राजनगर थाना क्षेत्र के नेकराकोचा के खतरनाक तीखे मोड़ पर बुधवार अहले सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लौह अयस्क से लदा एक हायवा अनियंत्रित होकर आगे चल रही गाड़ी से पीछे से जा टकराया, जिससे हायवा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनगर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हायवा संख्या JH 05 DS 8211 हाता की ओर जा रहा था। नेकराकोचा के तीखे मोड़ पर सामने चल रही गाड़ी को चालक सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर सका और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चालक श्रवण चतोम्बर, निवासी जयपुर हाट, गम्हारिया (पश्चिम सिंहभूम), गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नेकराकोचा का यह मोड़ पहले से ही दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात रहा है, जहां आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन से इस खतरनाक मोड़ पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग लगातार उठती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
फिलहाल घायल चालक का इलाज जमशेदपुर में चल रहा है
    user_Ravi repoter Rajnagar
    Ravi repoter Rajnagar
    Reporting गोविंदपुर (राजनगर), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    21 hrs ago
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