डिंडौरी जिले में नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा, जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू के नेतृत्व में जैविक खेती को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रही है। श्री साहू पिछले 10 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से जैविक खेती के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की उर्वरता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। हाल ही में, दिनांक 11 जून 2026 को आत्मा परियोजना उपसंचालक श्री आर पी एस नायक और ए एस डी ओ गुमान सिंह चौहान ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली और साझा की। उन्होंने जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियों और फसलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। आत्मा परियोजना संचालक श्री नायक ने किसानों को प्राकृतिक/जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित और जागरूक करने की बात कही, साथ ही उन्हें कम से कम आधा एकड़ भूमि पर अपने परिवार की आवश्यकतानुसार सब्जी या अनाज की प्राकृतिक/गौवंश आधारित जैविक खेती करने का आह्वान किया। अधिकारियों ने गोबर गैस या बायोगैस संयंत्र का भी अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने स्वयं गैस जलाकर देखा। इस संयंत्र में पशुओं के गोबर को घोलकर डाला जाता है, जिससे जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर गैस बनती है। यह प्लास्टिक का टांका 6 फीट चौड़ा और 10 फीट लंबा है, जिसमें एक 4 इंच का पाइप गोबर घोलने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी एक उत्कृष्ट जैविक खाद का काम करती है। एक अन्य पाइप गैस को चूल्हे तक ले जाता है, जहाँ वह जलती है। इस बायोगैस में 55-65% मीथेन (CH4) और 30-40% कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होती है और यह एक बार स्थापित होने के बाद कई वर्षों तक चलती रहती है। आत्मा परियोजना के तहत डिंडौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को यह सुविधा प्रदान की गई है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार के तत्वावधान में, जैव आदान संसाधन केंद्र प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस अवसर पर, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने जोर देकर कहा कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। इस कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू के साथ आयुष साहू और सुनैना साहू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डिंडौरी जिले में नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा, जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू के नेतृत्व में जैविक खेती को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रही है। श्री साहू पिछले 10 वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हैं, न केवल स्वयं जैविक खेती कर रहे हैं बल्कि जिले और आसपास के क्षेत्रों के किसानों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, शासकीय संस्थानों और एनजीओ के माध्यम से जैविक खेती के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं। उनके फार्म हाउस में जैविक खेती का लाइव डेमो भी प्रदर्शित किया जाता है, जिसमें जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य और मिट्टी की उर्वरता के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। हाल ही में, दिनांक 11 जून 2026 को आत्मा परियोजना उपसंचालक श्री आर पी एस नायक और ए एस डी ओ गुमान सिंह चौहान ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति, बी आर सी ढोंढ़ा में संचालित जैविक फार्म हाउस का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली और साझा की। उन्होंने जैविक फार्म में उगाई जा रही सब्जियों और फसलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। आत्मा परियोजना संचालक श्री नायक ने किसानों को प्राकृतिक/जैविक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित और जागरूक करने की बात कही, साथ ही उन्हें कम से कम आधा एकड़ भूमि पर अपने परिवार की आवश्यकतानुसार सब्जी या अनाज की प्राकृतिक/गौवंश आधारित जैविक खेती करने का आह्वान किया। अधिकारियों ने गोबर गैस या बायोगैस संयंत्र का भी अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने स्वयं गैस जलाकर देखा। इस संयंत्र में पशुओं के गोबर को घोलकर डाला जाता है, जिससे जैव-अपघटनीय पदार्थों को बिना ऑक्सीजन के सड़ाकर गैस बनती है। यह प्लास्टिक का टांका 6 फीट चौड़ा और 10 फीट लंबा है, जिसमें एक 4 इंच का पाइप गोबर घोलने के लिए और दूसरा 4 इंच का पाइप ओवरफ्लो के लिए है, जहाँ से गैस बनने के बाद निकलने वाली वेस्ट स्लरी एक उत्कृष्ट जैविक खाद का काम करती है। एक अन्य पाइप गैस को चूल्हे तक ले जाता है, जहाँ वह जलती है। इस बायोगैस में 55-65% मीथेन (CH4) और 30-40% कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) होती है और यह एक बार स्थापित होने के बाद कई वर्षों तक चलती रहती है। आत्मा परियोजना के तहत डिंडौरी जिले में 33 बीआरसी किसानों को यह सुविधा प्रदान की गई है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, भारत सरकार के तत्वावधान में, जैव आदान संसाधन केंद्र प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक जैविक उत्पाद, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस अवसर पर, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने जोर देकर कहा कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और रासायनिक मुक्त खेती मिट्टी की उर्वरता व पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। जैविक खेती से किसानों की लागत कम होती है और उपज की गुणवत्ता बेहतर होती है। इस कार्यक्रम में श्री बिहारी लाल साहू के साथ आयुष साहू और सुनैना साहू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को छलपूर्वक हड़प लिया गया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजे का झांसा देकर विश्वास में लिया गया। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए गए, और बाद में उन्हें ही उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें 32 लाख रुपये का चेक दिखाकर बाद में वापस ले लिया गया, जिसके कारण वे न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी तलब की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, आदिवासी या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी केवल फाइलों में दब कर रह जाएगा। यह प्रकरण आदिवासी हितों की रक्षा के दावों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके। एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।1
- मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।1
- मंडला जिले की ककैया पंचायत में कथित घटिया निर्माण कार्यों, रेत के अवैध खनन और शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इन्हीं आरोपों की शिकायत लेकर ग्रामीण सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में करवाए गए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने पंचायत के उपसरपंच पर रेत के अवैध खनन में शामिल होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च की गई सरकारी राशि का कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं दिया जा रहा है, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, ग्रामीणों की इस शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला का इलाज जारी है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार के दौरान एक नवविवाहिता की मौत हो गई। शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव निवासी 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी को सोमवार रात घर के पीछे बाड़ी में किसी अज्ञात जहरीले सांप ने जांघ के पास डस लिया था। सांप के नहीं मिलने और सरिता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी वाहन से देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पुलिस के प्रधान आरक्षक कमलेश प्रसाद ने मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालक दण्डाधिकारी/तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया। परिवार की महिलाओं द्वारा महिला के शव का अंदरुनी परीक्षण कराकर, ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संबंधित थाना को घटना की जानकारी देते हुए अग्रिम जांच करने की बात कही गई है। इसी क्रम में, भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता स्व. मनोहर चौधरी की दो दिन पूर्व घर में सोते समय एक अत्यंत जहरीले करैत सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी। गंभीर स्थिति में उन्हें कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के एकत्रित होने तथा रात में रुकने के दौरान, रविशंकर की 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति स्व. मनोहर चौधरी को भी देर रात करैत सर्प ने दाएं हाथ की बीच की उंगली में काट लिया। परिजनों ने हो-हल्ला सुनकर सांप को मारकर इंद्रवती को उपचार के लिए फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है और वर्तमान में उनका उपचार जारी है।1
- शहडोल जिले के थाना अमलाई पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के कई मामलों का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों अमन तिवारी और दीपक उर्फ दीपू सिंह के कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर कुल 7 वाहन बरामद किए हैं। बरामद किए गए वाहनों में 3 चोरी के और 4 अन्य वाहन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.70 लाख बताई गई है। इस मामले में नमन केवट और मंगेश सिंह नामक दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी भूपेंद्रमाणि पांडेय के नेतृत्व में थाना अमलाई पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मिलकर की।1
- मंडला जिले की ककैया पंचायत में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर के पास शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पंचायत में घटिया निर्माण कार्यों और शासकीय राशि के हिसाब-किताब में कमी को लेकर अपनी आपत्तियाँ उठाई हैं। ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि पंचायत में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने पंचायत के उपसरपंच पर रेत के अवैध खनन में शामिल होने का गंभीर आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि का कोई उचित हिसाब-किताब उपलब्ध नहीं है, जिससे पारदर्शिता की कमी सामने आती है। इन सभी शिकायतों को लेकर ग्रामीण कलेक्टर के पास पहुँचे हैं ताकि इन मुद्दों पर उचित कार्रवाई की जा सके।1
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट तुलेश्वर मरकाम ने मंडला प्रवास के दौरान पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे न देने पर एक बड़ा बयान जारी किया है। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।1