झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान 'मत गोपनीय है' वाले जयराम महतो के बयान पर भानु प्रताप शाही ने करारा पलटवार किया है। शाही ने सवाल उठाया कि अगर मतदान गुप्त है, तो कांग्रेस यह दावा कैसे कर रही है कि उसे राजद के चार और माले के दो वोट नहीं मिले। हालांकि, अपने पलटवार में भानु प्रताप शाही ने जयराम महतो का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। भानु प्रताप शाही ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि उन्होंने कभी 'नाखून कटा कर शहीद में अपना नाम लिखवाने' का नाटक नहीं किया है। उन्होंने बताया कि वह आज भले ही विधानसभा के सदस्य न हों, लेकिन तीन बार रह चुके हैं और उन्हें इस बात का अनुभव और समझ है। शाही ने आगे कहा कि मनमोहन सिंह जी के एटमी डील से लेकर आज के राज्यसभा चुनाव तक, कई राज उनके सीने में दफन हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 'अगर मुंह खोला तो जलजला आने से कोई नहीं रोक सकता', और उनकी गंभीरता को उनके राजनीतिक मित्र और शत्रु दोनों ही भली-भांति जानते हैं।
झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान 'मत गोपनीय है' वाले जयराम महतो के बयान पर भानु प्रताप शाही ने करारा पलटवार किया है। शाही ने सवाल उठाया कि अगर मतदान गुप्त है, तो कांग्रेस यह दावा कैसे कर रही है कि उसे राजद के चार और माले के दो वोट नहीं मिले। हालांकि, अपने पलटवार में भानु प्रताप शाही ने जयराम महतो का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया। भानु प्रताप शाही ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए लिखा कि उन्होंने कभी 'नाखून कटा कर शहीद में अपना नाम लिखवाने' का नाटक नहीं किया है। उन्होंने बताया कि वह आज भले ही विधानसभा के सदस्य न हों, लेकिन तीन बार रह चुके हैं और उन्हें इस बात का अनुभव और समझ है। शाही ने आगे कहा कि मनमोहन सिंह जी के एटमी डील से लेकर आज के राज्यसभा चुनाव तक, कई राज उनके सीने में दफन हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 'अगर मुंह खोला तो जलजला आने से कोई नहीं रोक सकता', और उनकी गंभीरता को उनके राजनीतिक मित्र और शत्रु दोनों ही भली-भांति जानते हैं।
- अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर.... अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर1
- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- हजारीबाग पुलिस का नशा मुक्त और अपराध मुक्त समाज बनाने का अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार के नेतृत्व में वुमेन्स कॉलेज के पास एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसने युवाओं और आम लोगों में नई ऊर्जा का संचार किया। नशे के सौदागरों और ठग गिरोहों के खिलाफ पुलिस की इस सक्रियता की हर जगह सराहना हो रही है। अभियान के दौरान, सदर थाना प्रभारी ने छात्रों और नागरिकों को झारखंड सरकार के एक नए प्रावधान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके तहत, गांजा, अफीम, चरस और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थों की अवैध तस्करी की गुप्त सूचना देने वाले व्यक्तियों को सरकारी नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। विशेष बात यह है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, जिससे आम नागरिक बिना किसी डर के पुलिस का सहयोग कर सकें।1
- वार्ड नंबर-2 में स्थानीय निवासियों ने पानी की समस्या, नाली की बदहाली और साफ-सफाई व्यवस्था में कमी को लेकर शिकायत की। जनता की इन परेशानियों को संज्ञान में लेते हुए, संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन पर इस पूरे मामले से अवगत कराया गया। उनसे आग्रह किया गया है कि इन समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।1
- हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 2 में स्थानीय लोग सड़क और साफ-सफाई व्यवस्था की बदहाली से काफी परेशान हैं। वार्ड के भीतर जगह-जगह फैली गंदगी और खराब सड़कें निवासियों की परेशानियों को लगातार बढ़ा रही हैं। इसी के चलते अब जनता उन जिम्मेदारों से सीधे सवाल कर रही है कि आखिर उनके वार्ड की स्थिति में सुधार कब आएगा और उन्हें मूलभूत बेहतर सुविधाएँ कब मिलेंगी।1
- रांची में आयोजित नेशनल स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप में हजारीबाग के नूर आलम और राजवीर ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इन दोनों खिलाड़ियों ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हजारीबाग का परचम लहराते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।1
- बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।1
- नशे के खिलाफ चलाए जा रहे एक अभियान के तहत पुलिस एक स्कूल में पहुंची। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्कूल में मौजूद छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को नशे के बुरे प्रभावों और उससे बचने के तरीकों के बारे में जागरूक किया, साथ ही उन्हें सुरक्षा और जागरूकता का मंत्र भी दिया।1