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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पन्ना जिले के हजारों विस्थापित परिवारों को वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार ऐतिहासिक न्याय मिला है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित इन परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को ₹12.50 लाख तक का विशेष पुनर्वास अनुदान मिलेगा। इस फैसले को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रभावित परिवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन्हें भ्रमित किया और झूठे आश्वासन देकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने दिया। अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। श्री सिंह ने विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। इस अभियान में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया और मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा की। सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 70 से 80 प्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिया। बैठक में मझगांय एवं रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के विस्थापितों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान ₹12.50 लाख प्रति परिवार का विशेष पुनर्वास पैकेज देने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने उचित मानते हुए सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए। वहीं, केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों ने वर्ष 2024 के आधार पर पुनः सर्वे कराने की मांग की, क्योंकि 2022 के सर्वे में अनेक पात्र परिवार छूट गए थे, जबकि छतरपुर जिले में 2024 के सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया गया है; मुख्यमंत्री ने इस मांग पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, जो पात्र परिवार शासकीय भूखंड नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें ₹12.50 लाख प्रति परिवार का एकमुश्त पुनर्वास अनुदान मिलेगा। शहरी क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹6.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹7 लाख का पुनर्वास अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह विशेष पैकेज उन पात्र परिवारों को मिलेगा जो लिखित सहमति देंगे, जबकि जो परिवार इस पैकेज का लाभ नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे। सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आपसी सहमति से होने वाली रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है, जिसका वहन जल संसाधन विभाग करेगा। विवाहित हितग्राहियों को पुनर्वास राशि पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में दी जाएगी और पूर्व में दी गई राशि का समायोजन कर शेष भुगतान किया जाएगा। इस विशेष पैकेज के लागू होने से मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के 1,450 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹181 करोड़, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के 730 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹91.25 करोड़ और केन-बेतवा लिंक परियोजना के 313 प्रभावित परिवारों को ₹39.125 करोड़ का लाभ मिलेगा। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने इस निर्णय को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की जीत बताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद मझगांय, रूंझ एवं केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, और विस्थापित परिवारों ने मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके लंबे संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत बताया है।

18 hrs ago
user_Media panna atul Raikwar
Media panna atul Raikwar
पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
18 hrs ago

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पन्ना जिले के हजारों विस्थापित परिवारों को वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार ऐतिहासिक न्याय मिला है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित इन परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को ₹12.50 लाख तक का विशेष पुनर्वास अनुदान मिलेगा। इस फैसले को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रभावित परिवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन्हें भ्रमित किया और झूठे आश्वासन देकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने दिया। अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। श्री सिंह ने विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को

सुना और शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। इस अभियान में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया और मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा की। सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 70 से 80 प्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिया। बैठक में मझगांय एवं रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के विस्थापितों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान ₹12.50 लाख प्रति परिवार का विशेष पुनर्वास पैकेज देने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने उचित मानते हुए सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए। वहीं, केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों ने वर्ष 2024 के आधार पर पुनः सर्वे कराने की मांग की, क्योंकि 2022 के सर्वे में अनेक पात्र परिवार छूट गए थे,

जबकि छतरपुर जिले में 2024 के सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया गया है; मुख्यमंत्री ने इस मांग पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, जो पात्र परिवार शासकीय भूखंड नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें ₹12.50 लाख प्रति परिवार का एकमुश्त पुनर्वास अनुदान मिलेगा। शहरी क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹6.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹7 लाख का पुनर्वास अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह विशेष पैकेज उन पात्र परिवारों को मिलेगा जो लिखित सहमति देंगे, जबकि जो परिवार इस पैकेज का लाभ नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे। सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आपसी सहमति से होने वाली रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है, जिसका वहन जल संसाधन विभाग करेगा। विवाहित हितग्राहियों को पुनर्वास राशि पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में दी

जाएगी और पूर्व में दी गई राशि का समायोजन कर शेष भुगतान किया जाएगा। इस विशेष पैकेज के लागू होने से मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के 1,450 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹181 करोड़, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के 730 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹91.25 करोड़ और केन-बेतवा लिंक परियोजना के 313 प्रभावित परिवारों को ₹39.125 करोड़ का लाभ मिलेगा। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने इस निर्णय को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की जीत बताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद मझगांय, रूंझ एवं केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, और विस्थापित परिवारों ने मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके लंबे संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत बताया है।

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  • केन-बेतवा और रुंझ-मझगाये परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में लागू नई पुनर्वास नीति के तहत अब पात्र परिवारों को 12.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से विस्थापन का सामना कर रहे प्रभावित परिवारों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।
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    केन-बेतवा और रुंझ-मझगाये परियोजना से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में लागू नई पुनर्वास नीति के तहत अब पात्र परिवारों को 12.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इस निर्णय पर कैबिनेट ने अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस कदम से विस्थापन का सामना कर रहे प्रभावित परिवारों को बड़ी वित्तीय सहायता मिलेगी।
    user_Rafi siddiqui
    Rafi siddiqui
    Awadhi Restaurant पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    49 min ago
  • पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ जामुन खाने गए एक 35 वर्षीय युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में युवक के साथ गया उसका साथी सुरक्षित बच गया। यह रिपोर्ट अभिषेक मिश्रा द्वारा पन्ना से दी गई है।
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    पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ जामुन खाने गए एक 35 वर्षीय युवक की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में युवक के साथ गया उसका साथी सुरक्षित बच गया। यह रिपोर्ट अभिषेक मिश्रा द्वारा पन्ना से दी गई है।
    user_पत्रकार अभिषेक मिश्रा
    पत्रकार अभिषेक मिश्रा
    Home Decoration Panna, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • पन्ना को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन नगरी बनाने का संकल्प, 15 जुलाई से शुरू होगा भव्य धार्मिक महोत्सव ---बृजेंद्र प्रताप सिंह -------------------------------------- श्री जुगल किशोर सरकार धाम की महिमा कथा के माध्यम से पहुंचेगी देश-विदेश तक ------------------------------------- पन्ना भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया की इस महाआयोजन का उद्देश्य केवल श्रीमद्भागवत कथा, श्रीभक्तमाल कथा और गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन करना नहीं, बल्कि पन्ना को सनातन आस्था के एक प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। आज पन्ना की पहचान हीरों की नगरी और पन्ना टाइगर रिजर्व के कारण है, जबकि बहुत कम लोग जानते हैं कि श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार धाम भगवान श्रीकृष्ण की स्वयं प्रकट हुई सप्त निधियों में से एक दिव्य धाम है। इस दिव्य परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार अभी तक नहीं हो पाया, इसलिए देश के पूज्य संतों, आचार्यों और कथावाचकों के माध्यम से इसकी महिमा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री जुगल किशोर सरकार मंदिर में ही संत समाज की सामूहिक इच्छा और आस्था के अनुरूप किया जा रहा है। प्रारंभ में बड़े मैदान में आयोजन का विचार रखा गया था, किंतु संतों ने स्पष्ट कहा कि जब स्वयं भगवान श्री जुगल किशोर सरकार इस धाम में विराजमान हैं, तो कथा भी उनके श्रीचरणों में ही होनी चाहिए। उनका विश्वास था कि यह भगवान का कार्य है और उनकी कृपा से सभी व्यवस्थाएँ स्वतः पूर्ण होंगी। उन्होंने कहा कि आज वृंदावन के श्री राधारमण जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा जयपुर के श्री गोविंद देव जी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं क्योंकि उनकी महिमा सदियों से संतों और धर्माचार्यों के माध्यम से विश्वभर में पहुँची है। पन्ना के श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ ऐसा व्यापक प्रचार अभी तक नहीं हो सका। हमारा उद्देश्य इसी कमी को दूर करना है, ताकि श्रद्धालु इस दिव्य धाम के वास्तविक महत्व से परिचित हों। श्री सिंह ने कहा कि हमें विश्वास है कि जब देशभर के संत-महात्मा और कथावाचक श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा का वर्णन करेंगे, तब लाखों श्रद्धालु पन्ना आने का संकल्प करेंगे। इससे धार्मिक चेतना का विस्तार होगा, धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यापार और सेवा के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे। श्री सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सनातन वैष्णव परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण की "सप्तनिधि" का अत्यंत विशेष महत्व है। मान्यता है कि कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों पर कृपा करने के लिए सात दिव्य स्वरूपों में स्वयं प्रकट होकर ब्रजभूमि को धन्य किया। इनमें श्री गोविंद देव जी, श्री मदनमोहन जी, श्री राधा गोपीनाथ जी, श्री राधारमण जी, श्री राधावल्लभ जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार प्रमुख हैं। समय-समय पर भगवान ने अपने परम भक्तों और रसिक संतों को दिव्य प्रेरणा देकर इन विग्रहों का प्राकट्य कराया। इन्हीं सप्तनिधियों में श्री हरिराम व्यास जी महाराज की प्रेरणा से प्रकट हुए श्री जुगल किशोर सरकार आज पन्ना की पुण्यभूमि में विराजमान हैं, जो इस धाम का परम सौभाग्य है। वैष्णव आचार्यों का मत है कि इन दिव्य विग्रहों के दर्शन से भक्ति दृढ़ होती है और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है। 15 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित यह महोत्सव केवल श्रीमद्भागवत कथा नहीं, बल्कि संत परंपरा, वैष्णव संस्कृति, भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का विराट संगम है। 15 जुलाई को भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। 16 से 22 जुलाई तक परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा होगी। 23 से 27 जुलाई तक श्री श्री 108 महंत स्वामी किशोरदास जी महाराज द्वारा श्रीभक्तमाल कथा तथा प्रतिदिन रासाचार्य पं. श्री कुंजविहारी शर्मा (भैयाजी) द्वारा भव्य रासलीला प्रस्तुत की जाएगी। भक्ति संगीत में साध्वी पूर्णिमा दीदी, बाबाजी चित्रविचित्र जी महाराज, अमित धुवे, यश गोपाल श्रीवास्तव तथा गुरु पूर्णिमा पर संजो बघेल अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। महोत्सव में श्री राम प्रवेश दास जी महाराज, स्वामी सुतीक्ष्ण दास देवाचार्य जी महाराज, वल्लभाचार्य जी महाराज, श्री सनत कुमार दास जी महाराज, रावतपुरा सरकार, श्री अनुग्रह दास जी महाराज, मुखिया श्री अलबेली शरण जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त होगा। साथ ही पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एवं पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज का आगमन भी प्रस्तावित है। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, गुरुपूजन और महाभंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा। श्री सिंह ने कहा कि पन्ना को धार्मिक पर्यटन की नई पहचान दिलाने का आधार इसकी आध्यात्मिक विरासत है। यहाँ श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ प्राणनाथ जी मंदिर, बलदेव जी मंदिर और भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े पावन स्थल हैं, वहीं दूसरी ओर पन्ना टाइगर रिजर्व, राणेह जलप्रपात, पाण्डव फॉल्स, बृहस्पति कुंड और हीरों की नगरी जैसी प्राकृतिक धरोहरें भी हैं। जब संत समाज, कथावाचक, मीडिया और डिजिटल माध्यमों से श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचेगी, तब लाखों श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ होटल, धर्मशाला, परिवहन, प्रसाद, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित हो। पूर्व मंत्री विधायक पन्ना ने कहा कि यह महोत्सव किसी भी प्रकार से राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। इसका लक्ष्य पूर्णतः धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक है। भगवान के दरबार में न सत्ता पक्ष होता है, न विपक्ष—वहाँ केवल भक्त और भगवान का संबंध होता है। इसलिए इस आयोजन में सभी राजनीतिक दलों, सभी समाजों और प्रत्येक सनातन श्रद्धालु का समान भाव से स्वागत है। अभी किसी भी चुनाव में लंबा समय शेष है, इसलिए इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचे, पन्ना की आध्यात्मिक पहचान स्थापित हो और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय व्यापार, रोजगार, होटल, परिवहन तथा छोटे व्यवसायों को नई गति मिले। यह आयोजन पन्ना के भविष्य के विकास का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभियान है। भक्तिमाल कथा का आयोजन पन्ना में एक नया अनुभव एवं समाज में परिवर्तन की दिशा में एक अनोखा कदम साबित होगा ------------------------------------- श्री सिंह ने कहा कि भक्तमाल कथा सनातन धर्म की अमर भक्ति परंपरा का जीवंत इतिहास है। इसमें उन महान संतों और भक्तों के जीवन का वर्णन है, जिन्होंने निष्काम प्रेम, तप, त्याग और समर्पण से भगवान को प्रसन्न किया। यह कथा केवल भगवान और भक्त के दिव्य संबंध का परिचय नहीं कराती, बल्कि समाज को सेवा, विनम्रता, करुणा और सदाचार का संदेश भी देती है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें केवल ब्रज के संतों का ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड और पन्ना की गौरवशाली संत परंपरा का भी वर्णन होगा। विशेष रूप से पन्ना के पूज्य संत श्री हिम्मत दास जी महाराज सहित अनेक संतों के तप, त्याग और लोककल्याणकारी जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराया जाएगा। आज का युवा अपने आध्यात्मिक आदर्शों से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में भक्तमाल कथा उसे अपनी संस्कृति, संत परंपरा और सनातन मूल्यों से पुनः जोड़ने का माध्यम बनेगी। पन्ना के मंदिरों के विकास को लेकर हमारा विजन किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण पन्ना को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करने का है। इसी उद्देश्य से "श्री जुगल किशोर लोक" की परिकल्पना की गई, जिसका प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। साथ ही श्री बलदेव जी मंदिर, श्री राम-जानकी मंदिर, श्री प्राणनाथ मंदिर,श्री जगन्नाथ मंदिर,श्री गोविन्द मंदिर,श्री सारंग धाम सहित राम पथ गमन मार्ग तथा अन्य प्रमुख देवालयों को एक धार्मिक परिपथ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दिव्य दर्शन के साथ आधुनिक सुविधाएँ—धर्मशाला, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना केंद्र और सुगम दर्शन—भी उपलब्ध हों। पन्ना की आध्यात्मिक विरासत को यदि संत समाज, शासन और जनसहभागिता के सहयोग से व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया, तो आने वाले समय में पन्ना मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपना विशिष्ट स्थान बनाएगा। हमारा संकल्प है कि पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन धर्म, भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की नई राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रतिष्ठित हो।
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    पन्ना को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन नगरी बनाने का संकल्प, 15 जुलाई से शुरू होगा भव्य धार्मिक महोत्सव ---बृजेंद्र प्रताप सिंह 
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श्री जुगल किशोर सरकार धाम की महिमा कथा के माध्यम से पहुंचेगी देश-विदेश तक
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पन्ना भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया की इस महाआयोजन का उद्देश्य केवल श्रीमद्भागवत कथा, श्रीभक्तमाल कथा और गुरुपूर्णिमा महोत्सव का आयोजन करना नहीं, बल्कि पन्ना को सनातन आस्था के एक प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तीर्थ क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। आज पन्ना की पहचान हीरों की नगरी और पन्ना टाइगर रिजर्व के कारण है, जबकि बहुत कम लोग जानते हैं कि श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार धाम भगवान श्रीकृष्ण की स्वयं प्रकट हुई सप्त निधियों में से एक दिव्य धाम है। इस दिव्य परंपरा का व्यापक प्रचार-प्रसार अभी तक नहीं हो पाया, इसलिए देश के पूज्य संतों, आचार्यों और कथावाचकों के माध्यम से इसकी महिमा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया है।
श्री सिंह ने बताया कि
श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री जुगल किशोर सरकार मंदिर में ही संत समाज की सामूहिक इच्छा और आस्था के अनुरूप किया जा रहा है। प्रारंभ में बड़े मैदान में आयोजन का विचार रखा गया था, किंतु संतों ने स्पष्ट कहा कि जब स्वयं भगवान श्री जुगल किशोर सरकार इस धाम में विराजमान हैं, तो कथा भी उनके श्रीचरणों में ही होनी चाहिए। उनका विश्वास था कि यह भगवान का कार्य है और उनकी कृपा से सभी व्यवस्थाएँ स्वतः पूर्ण होंगी।
उन्होंने कहा कि
आज वृंदावन के श्री राधारमण जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा जयपुर के श्री गोविंद देव जी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुँचते हैं क्योंकि उनकी महिमा सदियों से संतों और धर्माचार्यों के माध्यम से विश्वभर में पहुँची है। पन्ना के श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ ऐसा व्यापक प्रचार अभी तक नहीं हो सका। हमारा उद्देश्य इसी कमी को दूर करना है, ताकि श्रद्धालु इस दिव्य धाम के वास्तविक महत्व से परिचित हों।
श्री सिंह ने कहा कि
हमें विश्वास है कि जब देशभर के संत-महात्मा और कथावाचक श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा का वर्णन करेंगे, तब लाखों श्रद्धालु पन्ना आने का संकल्प करेंगे। इससे धार्मिक चेतना का विस्तार होगा, धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यापार और सेवा के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले वर्षों में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करे।
श्री सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि
सनातन वैष्णव परंपरा में भगवान श्रीकृष्ण की "सप्तनिधि" का अत्यंत विशेष महत्व है। मान्यता है कि कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों पर कृपा करने के लिए सात दिव्य स्वरूपों में स्वयं प्रकट होकर ब्रजभूमि को धन्य किया। इनमें श्री गोविंद देव जी, श्री मदनमोहन जी, श्री राधा गोपीनाथ जी, श्री राधारमण जी, श्री राधावल्लभ जी, श्री बाँके बिहारी जी तथा श्री श्री 1008 श्री जुगल किशोर सरकार प्रमुख हैं। समय-समय पर भगवान ने अपने परम भक्तों और रसिक संतों को दिव्य प्रेरणा देकर इन विग्रहों का प्राकट्य कराया। इन्हीं सप्तनिधियों में श्री हरिराम व्यास जी महाराज की प्रेरणा से प्रकट हुए श्री जुगल किशोर सरकार आज पन्ना की पुण्यभूमि में विराजमान हैं, जो इस धाम का परम सौभाग्य है। वैष्णव आचार्यों का मत है कि इन दिव्य विग्रहों के दर्शन से भक्ति दृढ़ होती है और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
15 से 29 जुलाई 2026 तक आयोजित यह महोत्सव केवल श्रीमद्भागवत कथा नहीं, बल्कि संत परंपरा, वैष्णव संस्कृति, भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का विराट संगम है। 15 जुलाई को भव्य शोभायात्रा एवं कलश यात्रा के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। 16 से 22 जुलाई तक परम पूज्य स्वामी श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन) के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा होगी। 23 से 27 जुलाई तक श्री श्री 108 महंत स्वामी किशोरदास जी महाराज द्वारा श्रीभक्तमाल कथा तथा प्रतिदिन रासाचार्य पं. श्री कुंजविहारी शर्मा (भैयाजी) द्वारा भव्य रासलीला प्रस्तुत की जाएगी। भक्ति संगीत में साध्वी पूर्णिमा दीदी, बाबाजी चित्रविचित्र जी महाराज, अमित धुवे, यश गोपाल श्रीवास्तव तथा गुरु पूर्णिमा पर संजो बघेल अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। महोत्सव में श्री राम प्रवेश दास जी महाराज, स्वामी सुतीक्ष्ण दास देवाचार्य जी महाराज, वल्लभाचार्य जी महाराज, श्री सनत कुमार दास जी महाराज, रावतपुरा सरकार, श्री अनुग्रह दास जी महाराज, मुखिया श्री अलबेली शरण जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं का सान्निध्य प्राप्त होगा। साथ ही पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एवं पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज का आगमन भी प्रस्तावित है। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव, गुरुपूजन और महाभंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा।
श्री सिंह ने कहा कि
पन्ना को धार्मिक पर्यटन की नई पहचान दिलाने का आधार इसकी आध्यात्मिक विरासत है। यहाँ श्री जुगल किशोर सरकार धाम के साथ प्राणनाथ जी मंदिर, बलदेव जी मंदिर और भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े पावन स्थल हैं, वहीं दूसरी ओर पन्ना टाइगर रिजर्व, राणेह जलप्रपात, पाण्डव फॉल्स, बृहस्पति कुंड और हीरों की नगरी जैसी प्राकृतिक धरोहरें भी हैं। जब संत समाज, कथावाचक, मीडिया और डिजिटल माध्यमों से श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचेगी, तब लाखों श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ होटल, धर्मशाला, परिवहन, प्रसाद, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन आस्था, भक्ति और धार्मिक पर्यटन के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित हो।
पूर्व मंत्री विधायक पन्ना ने कहा कि
यह महोत्सव किसी भी प्रकार से राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। इसका लक्ष्य पूर्णतः धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक है। भगवान के दरबार में न सत्ता पक्ष होता है, न विपक्ष—वहाँ केवल भक्त और भगवान का संबंध होता है। इसलिए इस आयोजन में सभी राजनीतिक दलों, सभी समाजों और प्रत्येक सनातन श्रद्धालु का समान भाव से स्वागत है। अभी किसी भी चुनाव में लंबा समय शेष है, इसलिए इसे राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि श्री जुगल किशोर सरकार की महिमा देश-विदेश तक पहुँचे, पन्ना की आध्यात्मिक पहचान स्थापित हो और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय व्यापार, रोजगार, होटल, परिवहन तथा छोटे व्यवसायों को नई गति मिले। यह आयोजन पन्ना के भविष्य के विकास का एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभियान है।
भक्तिमाल कथा का आयोजन पन्ना में एक नया अनुभव एवं समाज में परिवर्तन की दिशा में एक अनोखा कदम साबित होगा
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श्री सिंह ने कहा कि 
भक्तमाल कथा सनातन धर्म की अमर भक्ति परंपरा का जीवंत इतिहास है। इसमें उन महान संतों और भक्तों के जीवन का वर्णन है, जिन्होंने निष्काम प्रेम, तप, त्याग और समर्पण से भगवान को प्रसन्न किया। यह कथा केवल भगवान और भक्त के दिव्य संबंध का परिचय नहीं कराती, बल्कि समाज को सेवा, विनम्रता, करुणा और सदाचार का संदेश भी देती है। इसकी विशेषता यह है कि इसमें केवल ब्रज के संतों का ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड और पन्ना की गौरवशाली संत परंपरा का भी वर्णन होगा। विशेष रूप से पन्ना के पूज्य संत श्री हिम्मत दास जी महाराज सहित अनेक संतों के तप, त्याग और लोककल्याणकारी जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराया जाएगा। आज का युवा अपने आध्यात्मिक आदर्शों से दूर होता जा रहा है, ऐसे समय में भक्तमाल कथा उसे अपनी संस्कृति, संत परंपरा और सनातन मूल्यों से पुनः जोड़ने का माध्यम बनेगी।
पन्ना के मंदिरों के विकास को लेकर हमारा विजन किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं, बल्कि सम्पूर्ण पन्ना को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन नगरी के रूप में स्थापित करने का है। इसी उद्देश्य से "श्री जुगल किशोर लोक" की परिकल्पना की गई, जिसका प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। साथ ही श्री बलदेव जी मंदिर, श्री राम-जानकी मंदिर, श्री प्राणनाथ मंदिर,श्री जगन्नाथ मंदिर,श्री गोविन्द मंदिर,श्री सारंग धाम सहित राम पथ गमन मार्ग तथा अन्य प्रमुख देवालयों को एक धार्मिक परिपथ के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। हमारा प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दिव्य दर्शन के साथ आधुनिक सुविधाएँ—धर्मशाला, पार्किंग, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना केंद्र और सुगम दर्शन—भी उपलब्ध हों। पन्ना की आध्यात्मिक विरासत को यदि संत समाज, शासन और जनसहभागिता के सहयोग से व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया, तो आने वाले समय में पन्ना मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपना विशिष्ट स्थान बनाएगा। हमारा संकल्प है कि पन्ना केवल हीरों की नगरी नहीं, बल्कि श्री जुगल किशोर सरकार की कृपा से सनातन धर्म, भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की नई राजधानी के रूप में विश्वभर में प्रतिष्ठित हो।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने से 35 वर्षीय एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक वहां जामुन खाने के लिए गया था। इस दुखद घटना के दौरान युवक के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जो बाल-बाल बच गया और सुरक्षित है। अभिषेक मिश्रा द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गिरने से युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
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    पन्ना जिले के गुनौर थाना क्षेत्र के ग्राम टेढ़ा हार में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहाँ आकाशीय बिजली गिरने से 35 वर्षीय एक युवक की जान चली गई। मृतक युवक वहां जामुन खाने के लिए गया था।

इस दुखद घटना के दौरान युवक के साथ उसका एक साथी भी मौजूद था, जो बाल-बाल बच गया और सुरक्षित है। अभिषेक मिश्रा द्वारा दी गई इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली गिरने से युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
    user_Sitaram rai
    Sitaram rai
    Video Creator सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बनहारी कलां में जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की नालियां पिछले दो वर्षों से पूरी तरह जाम पड़ी हैं और इनकी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है। इस अव्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। जाम नालियों में जमा गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
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    पन्ना जिले के अजयगढ़ अंतर्गत बनहारी कलां में जल निकासी की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके की नालियां पिछले दो वर्षों से पूरी तरह जाम पड़ी हैं और इनकी सफाई का कोई काम नहीं हुआ है।

इस अव्यवस्था के कारण नालियों का गंदा पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। जाम नालियों में जमा गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
    user_Dileep Gupta
    Dileep Gupta
    अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पवित्र गुरुवार के अवसर पर, मिनी वृंदावन धाम पन्ना में स्थित भगवान जुगल किशोर महाराज के दिव्य दर्शन करने का आह्वान किया गया है। यह भक्तिपूर्ण संदेश 'जय श्री कृष्णा' के उद्घोष के साथ सभी को शुभकामनाएं देता है।
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    पवित्र गुरुवार के अवसर पर, मिनी वृंदावन धाम पन्ना में स्थित भगवान जुगल किशोर महाराज के दिव्य दर्शन करने का आह्वान किया गया है। यह भक्तिपूर्ण संदेश 'जय श्री कृष्णा' के उद्घोष के साथ सभी को शुभकामनाएं देता है।
    user_Sandeep shukla
    Sandeep shukla
    पत्रकारिता Devendranagar, Panna•
    17 hrs ago
  • सतना जिले के नागोद में उपयंत्री सतीश समेले ने प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'यहाँ हर डाल पर उल्लू बैठा है'। सतीश समेले ने दावा किया कि स्वयं उनके द्वारा भी कमीशन लिया जाता है। सतीश समेले ने जिला पंचायत से लेकर जनपद और ग्राम पंचायतों तक कमीशनखोरी के खेल को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। उनके इस बयान ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों में होने वाले वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    सतना जिले के नागोद में उपयंत्री सतीश समेले ने प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'यहाँ हर डाल पर उल्लू बैठा है'। सतीश समेले ने दावा किया कि स्वयं उनके द्वारा भी कमीशन लिया जाता है।

सतीश समेले ने जिला पंचायत से लेकर जनपद और ग्राम पंचायतों तक कमीशनखोरी के खेल को स्पष्ट रूप से उजागर किया है। उनके इस बयान ने स्थानीय स्तर पर पंचायतों में होने वाले वित्तीय लेन-देन और भ्रष्टाचार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
    Internet shop नागौद, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पन्ना जिले के हजारों विस्थापित परिवारों को वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार ऐतिहासिक न्याय मिला है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित इन परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को ₹12.50 लाख तक का विशेष पुनर्वास अनुदान मिलेगा। इस फैसले को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रभावित परिवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन्हें भ्रमित किया और झूठे आश्वासन देकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने दिया। अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। श्री सिंह ने विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। इस अभियान में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया और मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा की। सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 70 से 80 प्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिया। बैठक में मझगांय एवं रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के विस्थापितों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान ₹12.50 लाख प्रति परिवार का विशेष पुनर्वास पैकेज देने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने उचित मानते हुए सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए। वहीं, केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों ने वर्ष 2024 के आधार पर पुनः सर्वे कराने की मांग की, क्योंकि 2022 के सर्वे में अनेक पात्र परिवार छूट गए थे, जबकि छतरपुर जिले में 2024 के सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया गया है; मुख्यमंत्री ने इस मांग पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, जो पात्र परिवार शासकीय भूखंड नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें ₹12.50 लाख प्रति परिवार का एकमुश्त पुनर्वास अनुदान मिलेगा। शहरी क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹6.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹7 लाख का पुनर्वास अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह विशेष पैकेज उन पात्र परिवारों को मिलेगा जो लिखित सहमति देंगे, जबकि जो परिवार इस पैकेज का लाभ नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे। सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आपसी सहमति से होने वाली रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है, जिसका वहन जल संसाधन विभाग करेगा। विवाहित हितग्राहियों को पुनर्वास राशि पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में दी जाएगी और पूर्व में दी गई राशि का समायोजन कर शेष भुगतान किया जाएगा। इस विशेष पैकेज के लागू होने से मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के 1,450 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹181 करोड़, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के 730 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹91.25 करोड़ और केन-बेतवा लिंक परियोजना के 313 प्रभावित परिवारों को ₹39.125 करोड़ का लाभ मिलेगा। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने इस निर्णय को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की जीत बताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद मझगांय, रूंझ एवं केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, और विस्थापित परिवारों ने मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके लंबे संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत बताया है।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पन्ना जिले के हजारों विस्थापित परिवारों को वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार ऐतिहासिक न्याय मिला है। मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित इन परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को ₹12.50 लाख तक का विशेष पुनर्वास अनुदान मिलेगा। इस फैसले को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लंबे समय से प्रभावित परिवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने कथित तौर पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन्हें भ्रमित किया और झूठे आश्वासन देकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होने दिया। अब, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी थी। श्री सिंह ने विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और शासन स्तर पर लगातार प्रयास किए। इस अभियान में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की मांगों को शासन स्तर पर प्रमुखता से उठाया और मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा की।

सांसद वी.डी. शर्मा और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में लगभग 70 से 80 प्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पहुंचा, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिया। बैठक में मझगांय एवं रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के विस्थापितों ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान ₹12.50 लाख प्रति परिवार का विशेष पुनर्वास पैकेज देने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने उचित मानते हुए सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए। वहीं, केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों ने वर्ष 2024 के आधार पर पुनः सर्वे कराने की मांग की, क्योंकि 2022 के सर्वे में अनेक पात्र परिवार छूट गए थे, जबकि छतरपुर जिले में 2024 के सर्वे के आधार पर मुआवजा दिया गया है; मुख्यमंत्री ने इस मांग पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, जो पात्र परिवार शासकीय भूखंड नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें ₹12.50 लाख प्रति परिवार का एकमुश्त पुनर्वास अनुदान मिलेगा। शहरी क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹6.50 लाख और ग्रामीण क्षेत्र में भूखंड लेने पर ₹7 लाख का पुनर्वास अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह विशेष पैकेज उन पात्र परिवारों को मिलेगा जो लिखित सहमति देंगे, जबकि जो परिवार इस पैकेज का लाभ नहीं लेना चाहेंगे, उन्हें भू-अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर तथा पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ पूर्ववत मिलते रहेंगे। सरकार ने पुनर्वास प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आपसी सहमति से होने वाली रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है, जिसका वहन जल संसाधन विभाग करेगा। विवाहित हितग्राहियों को पुनर्वास राशि पति-पत्नी के संयुक्त बैंक खाते में दी जाएगी और पूर्व में दी गई राशि का समायोजन कर शेष भुगतान किया जाएगा। इस विशेष पैकेज के लागू होने से मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के 1,450 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹181 करोड़, रूंझ मध्यम सिंचाई परियोजना के 730 प्रभावित परिवारों को लगभग ₹91.25 करोड़ और केन-बेतवा लिंक परियोजना के 313 प्रभावित परिवारों को ₹39.125 करोड़ का लाभ मिलेगा।

पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने इस निर्णय को हजारों परिवारों के सम्मान, अधिकार और आत्मसम्मान की जीत बताया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा एवं खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा ने भी मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की संवेदनशील कार्यशैली का प्रमाण है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद मझगांय, रूंझ एवं केन-बेतवा लिंक परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में खुशी का माहौल है, और विस्थापित परिवारों ने मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके लंबे संघर्ष, धैर्य और विश्वास की जीत बताया है।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
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