बांदा के सड़कों पर बढ़ता हादसों का भय !जीवन के अनमोल कीमत बांदा मटौंध थाना क्षेत्र में देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने हुई टक्कर ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अनदेखी का भयानक परिणाम दिखाया। कबरई से गिट्टी लाता एक ट्रक सामने से आ रहे खाली ट्रक से टकराया। इस भीषण टक्कर और आग में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक खलासी गंभीर रूप से घायल हुआ।यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि तेज रफ्तार, सड़क नियमों की अवहेलना और आवश्यक सतर्कता की कमी कैसे अनमोल जीवन को क्षणों में लील सकती है। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई ने और अधिक तबाही को रोका।घटनास्थल से मिली जानकारी से यह भी स्पष्ट होता है कि सड़क हादसों में न केवल जीवन, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। प्रशासनिक तंत्र को चाहिए कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए, और आम लोगों को जागरूक करने के निरंतर अभियान चलाए जाएँ।घायल अभिषेक ने बताया, "टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ समझ में नहीं आया।"मेविस टाक, सहायक पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हमने तत्काल रेस्क्यू किया और आग पर काबू पाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की अन्य विधिक कार्रवाई जारी है।"सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों की बात नहीं, यह जीवन की रक्षा का मसला है। बांदा जैसी संवेदनशील जगहों पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही पर नियंत्रण के उपाय अनिवार्य हैं।
बांदा के सड़कों पर बढ़ता हादसों का भय !जीवन के अनमोल कीमत बांदा मटौंध थाना क्षेत्र में देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने हुई टक्कर ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अनदेखी का भयानक परिणाम दिखाया। कबरई से गिट्टी लाता एक ट्रक सामने से आ रहे खाली ट्रक से टकराया। इस भीषण टक्कर और आग में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक खलासी गंभीर रूप से घायल हुआ।यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि तेज रफ्तार, सड़क नियमों की अवहेलना और आवश्यक सतर्कता की कमी कैसे अनमोल जीवन को क्षणों में लील सकती है। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई ने और अधिक तबाही को रोका।घटनास्थल से मिली जानकारी से यह भी स्पष्ट होता है कि सड़क हादसों में न केवल जीवन, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। प्रशासनिक तंत्र को चाहिए कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए, और आम लोगों को जागरूक करने के निरंतर अभियान चलाए जाएँ।घायल अभिषेक ने बताया, "टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ समझ में नहीं आया।"मेविस टाक, सहायक पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हमने तत्काल रेस्क्यू किया और आग पर काबू पाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की अन्य विधिक कार्रवाई जारी है।"सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों की बात नहीं, यह जीवन की रक्षा का मसला है। बांदा जैसी संवेदनशील जगहों पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही पर नियंत्रण के उपाय अनिवार्य हैं।
- बांदा मटौंध थाना क्षेत्र में देर रात दो ट्रकों की आमने-सामने हुई टक्कर ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अनदेखी का भयानक परिणाम दिखाया। कबरई से गिट्टी लाता एक ट्रक सामने से आ रहे खाली ट्रक से टकराया। इस भीषण टक्कर और आग में तीन लोगों की जान चली गई, जबकि एक खलासी गंभीर रूप से घायल हुआ।यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि तेज रफ्तार, सड़क नियमों की अवहेलना और आवश्यक सतर्कता की कमी कैसे अनमोल जीवन को क्षणों में लील सकती है। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की समय पर कार्रवाई ने और अधिक तबाही को रोका।घटनास्थल से मिली जानकारी से यह भी स्पष्ट होता है कि सड़क हादसों में न केवल जीवन, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। प्रशासनिक तंत्र को चाहिए कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए, और आम लोगों को जागरूक करने के निरंतर अभियान चलाए जाएँ।घायल अभिषेक ने बताया, "टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ समझ में नहीं आया।"मेविस टाक, सहायक पुलिस अधीक्षक ने कहा, "हमने तत्काल रेस्क्यू किया और आग पर काबू पाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की अन्य विधिक कार्रवाई जारी है।"सड़क सुरक्षा सिर्फ नियमों की बात नहीं, यह जीवन की रक्षा का मसला है। बांदा जैसी संवेदनशील जगहों पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही पर नियंत्रण के उपाय अनिवार्य हैं।1
- खबर बांदा से है, जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दंपति को ओवरलोड अज्ञात ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा आज सुबह करीब 5 बजे कमासिन थाना क्षेत्र के कल्लूपुर मोड़ के पास हुआ। जानकारी के अनुसार पछौंहा गांव निवासी विद्यानंद अपनी पत्नी सविता (उम्र करीब 37 वर्ष) को इलाज के लिए फतेहपुर ले जा रहे थे। तभी तेज रफ्तार ओवरलोड अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे बैठी सविता ट्रक की चपेट में आ गईं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पति विद्यानंद को हल्की चोटें आई हैं और वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात ट्रक की तलाश में जुट गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बांदा से छोटेलाल साहू की रिपोर्ट।1
- Post by Padhori news1
- हमीरपुर। नवरात्रि मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए विवाद में घायल युवक की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार मामले में चिकित्सीय परीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि पीड़ित को साधारण चोटें आई हैं और शरीर पर किसी भी धारदार हथियार से चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 28 मार्च को शाम करीब 5:30 बजे वादी अजीत निषाद पुत्र शिवशंकर, निवासी भोला का डेरा, थाना कोतवाली नगर, हमीरपुर, मूर्ति विसर्जन के लिए चूरामन डेरा के पास गए थे। इसी दौरान आरोप है कि उमेश निषाद पुत्र दीपक, अनुज निषाद पुत्र रमाकांत, आशीष निषाद पुत्र हरपाल और मनीष निषाद पुत्र हरपाल, निवासी केसरिया का डेरा, शराब के नशे में वहां पहुंचे और अजीत के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि इसके बाद विपक्षियों ने अजीत के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली नगर पुलिस ने मु0अ0सं0 56/2026 के तहत धारा 115(2), 351(2), 352 भारतीय न्याय संहिता में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने घायल का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उपचार कराया। चिकित्सकों ने रिपोर्ट में चोटों को साधारण बताया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि शरीर पर किसी भी प्रकार के धारदार हथियार के निशान नहीं मिले हैं। फिलहाल पुलिस नामजद आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।1
- ओरन में सिंहपुर रोड राजा वर्मा के घर में लगी आग पड़ोसियों की मदद से आग बुझाई गई जान मॉल के नुकसान से बचा घर1
- बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा ,जहाँ मुख्य चौराहा के सुंदरी करण के रोड सेफ्टी का कार्य पांचो मार्गो मे चल रहा है. वही चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रहे कांजी हॉउस की दुकानों को जिलाधिकारी के द्वारा आदेश पत्र जारी किया है। वही पीडब्लूड़ी विभाग के एई व राजस्व विभाग के लेखपाल के द्वारा कांजी हॉउस के दुकानदारों को आदेश पत्र रिसीब कराया गया है, जिसमे तीन दिन मे दुकानों को खाली करने का आदेश दिया गया है। इतना सुनते ही एक बार कांजी हॉउस के दुकानदारों एक बार फिर से हड़कंप मच गया. जिससे वही आदेश पत्र मे लिखा है की अवैध अतिक्रमण निर्मित काजी हॉउस की दुकानों को हटाने का आदेश दिया जाता है. यह आदेश का अनुपालन दुकानदार तीन दिवसीय के अंदर हटा ले,अन्यथा की स्थिति मे लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व विभाग के द्वारा हटवाया गया तो तो दुकानदारों से धनराशि वसूली जाएगा वही नगर पंचायत बबेरू से कथित अनुबंध के अनुसार प्राप्त करने को स्वतंत्र है, ई आदेश की प्रतिलिपि अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बाँदा उपजिलाधिकारी बबेरू अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बबेरू एवं सभी दुकानदारों को रिसीब कराई गयी है. वही मुख्य चौराहा के औगासी रोड कमासिन रोड अतर्रा रोड बाँदा रोड तिंदवारी रोड के लोगो का कहना है की मकानों के आगे का हिस्सा नालिया ध्वस्त कर दी गयी है, अब जल निकासी की समस्या ख़डी हो गयी है। वही मुख्य चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रही कांजी हॉउस की दुकाने खाली करने के आदेश मिलने पर फिर से चर्चाये गर्म होने लगी है।1
- "अटल पेंशन योजना के तहत लोगों को बुढ़ापे में मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है।"ATAL PENSION YOJANA "अटल पेंशन योजना के तहत लोगों को बुढ़ापे में मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है।"1
- बांदा: केन नदी पर अवैध खनन की काली छाया—प्रशासन की कार्रवाई भी नहीं रोक पा रही तांडव केन नदी, जो प्राकृतिक सौंदर्य और जीवनदायिनी संसाधनों की खान है, आज अवैध खनन के चलते विकृत रूप ले चुकी है। जिलाधिकारी बांदा के निर्देशन में प्रशासन ने इस गंभीर मामले में कदम उठाए, फिर भी नदी पर ट्रैक्टरों की फर्राटे रुकने का नाम नहीं ले रही।27 मार्च को खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मटौंध थाना क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय अवैध खनन में संलग्न ट्रैक्टर चालक बालू और मोरम लदे ट्रैक्टर नदी में ही छोड़कर भाग निकले। नदी तल में बने 5 गड्ढों (पिट्स) की माप के दौरान कुल 1988 घन मीटर अवैध उत्खनन और परिवहन का खुलासा हुआ।प्रशासन ने इस कृत्य को गंभीर अपराध मानते हुए थाना मटौंध में 27 व्यक्तियों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए सतत निगरानी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।यह घटना केवल कानून की अनदेखी ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के प्रति समाज की उदासीनता का भी आईना है। जब तक अवैध खनन के खिलाफ निरंतर जागरूकता और कठोर कार्रवाई नहीं होगी, केन नदी का यह तांडव चलता रहेगा।1