बबेरू मुख्य चौराहा के सुंदरीकरण की फिर रफ़्तार पकड़ी, कांजी हॉउस की दुकानों को तीन दिन मे खाली करने के लिये आदेश पत्र सौंपा बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा ,जहाँ मुख्य चौराहा के सुंदरी करण के रोड सेफ्टी का कार्य पांचो मार्गो मे चल रहा है. वही चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रहे कांजी हॉउस की दुकानों को जिलाधिकारी के द्वारा आदेश पत्र जारी किया है। वही पीडब्लूड़ी विभाग के एई व राजस्व विभाग के लेखपाल के द्वारा कांजी हॉउस के दुकानदारों को आदेश पत्र रिसीब कराया गया है, जिसमे तीन दिन मे दुकानों को खाली करने का आदेश दिया गया है। इतना सुनते ही एक बार कांजी हॉउस के दुकानदारों एक बार फिर से हड़कंप मच गया. जिससे वही आदेश पत्र मे लिखा है की अवैध अतिक्रमण निर्मित काजी हॉउस की दुकानों को हटाने का आदेश दिया जाता है. यह आदेश का अनुपालन दुकानदार तीन दिवसीय के अंदर हटा ले,अन्यथा की स्थिति मे लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व विभाग के द्वारा हटवाया गया तो तो दुकानदारों से धनराशि वसूली जाएगा वही नगर पंचायत बबेरू से कथित अनुबंध के अनुसार प्राप्त करने को स्वतंत्र है, ई आदेश की प्रतिलिपि अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बाँदा उपजिलाधिकारी बबेरू अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बबेरू एवं सभी दुकानदारों को रिसीब कराई गयी है. वही मुख्य चौराहा के औगासी रोड कमासिन रोड अतर्रा रोड बाँदा रोड तिंदवारी रोड के लोगो का कहना है की मकानों के आगे का हिस्सा नालिया ध्वस्त कर दी गयी है, अब जल निकासी की समस्या ख़डी हो गयी है। वही मुख्य चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रही कांजी हॉउस की दुकाने खाली करने के आदेश मिलने पर फिर से चर्चाये गर्म होने लगी है।
बबेरू मुख्य चौराहा के सुंदरीकरण की फिर रफ़्तार पकड़ी, कांजी हॉउस की दुकानों को तीन दिन मे खाली करने के लिये आदेश पत्र सौंपा बबेरू कस्बे के मुख्य चौराहा ,जहाँ मुख्य चौराहा के सुंदरी करण के रोड सेफ्टी का कार्य पांचो मार्गो मे चल रहा है. वही चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रहे कांजी हॉउस की दुकानों को जिलाधिकारी के द्वारा आदेश पत्र जारी किया है। वही पीडब्लूड़ी विभाग के एई व राजस्व विभाग के लेखपाल के द्वारा कांजी हॉउस के दुकानदारों को आदेश पत्र रिसीब कराया गया है, जिसमे तीन दिन मे दुकानों को खाली करने का आदेश दिया गया है। इतना सुनते ही एक बार कांजी हॉउस के दुकानदारों एक बार फिर से हड़कंप मच गया. जिससे वही आदेश पत्र मे लिखा है की अवैध अतिक्रमण निर्मित काजी हॉउस की दुकानों को हटाने का आदेश दिया जाता है. यह आदेश का अनुपालन दुकानदार तीन दिवसीय के अंदर हटा ले,अन्यथा की स्थिति मे लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व विभाग के द्वारा हटवाया गया तो तो दुकानदारों से धनराशि वसूली जाएगा वही नगर पंचायत बबेरू से कथित अनुबंध के अनुसार प्राप्त करने को स्वतंत्र है, ई आदेश की प्रतिलिपि अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बाँदा उपजिलाधिकारी बबेरू अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बबेरू एवं सभी दुकानदारों को रिसीब कराई गयी है. वही मुख्य चौराहा के औगासी रोड कमासिन रोड अतर्रा रोड बाँदा रोड तिंदवारी रोड के लोगो का कहना है की मकानों के आगे का हिस्सा नालिया ध्वस्त कर दी गयी है, अब जल निकासी की समस्या ख़डी हो गयी है। वही मुख्य चौराहा के सर्किल के दायरे मे आ रही कांजी हॉउस की दुकाने खाली करने के आदेश मिलने पर फिर से चर्चाये गर्म होने लगी है।
- मरौली खंड 4 में अवैध खनन का बोलबाला !! झा साहब के निर्देशन में लिखी जा रही है ओवरलोडिंग और एन आर गाड़ियों की निकासी की पटकथा ?? बांदा जिलाधिकारी जे.रीभा द्वारा गठित टास्क फोर्स का नहीं है भय ?? राजस्व चोरी सहित पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे खनन कारोबारी? ग्रामीणों ने कहा शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्यवाही!! प्रतिबंधित मशीनों से बीच जलधारा में धडल्ले से रात और दिन हो रहा है खनन ?? खनन नियमावलियां और दिशा निर्देशों को दरकिनार कर बेखौफ हैं मरौली खंड 4 और खंड 6 के खदान संचालक !! ग्रामीणों की माने तो सारा काम लोकेशन, सेटिंग और मैनेजमेंट से हो रहा है बांदा जिलाधिकारी जे.रीभा द्वारा गठित टास्क फोर्स का नहीं है भय ?? राजस्व चोरी सहित पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे खनन कारोबारी? ग्रामीणों ने कहा शिकायत के बाद भी नहीं होती कार्यवाही!! प्रतिबंधित मशीनों से बीच जलधारा में धडल्ले से रात और दिन हो रहा है खनन ?? खनन नियमावलियां और दिशा निर्देशों को दरकिनार कर बेखौफ हैं मरौली खंड 4 और खंड 6 के खदान संचालक !! ग्रामीणों की माने तो सारा काम लोकेशन, सेटिंग और मैनेजमेंट से हो रहा है2
- Post by Abhay TV News1
- बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे कांधी ग्राम सभा जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान1
- "अटल पेंशन योजना के तहत लोगों को बुढ़ापे में मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है।"ATAL PENSION YOJANA "अटल पेंशन योजना के तहत लोगों को बुढ़ापे में मासिक पेंशन की सुविधा दी जा रही है।"1
- nh2 नेशनल हाईवे पर सोमलता पेट्रोल पंप के पास बहुत बड़ा हादसा जिसमें कई लोगों की मृत्यु होने की खबर है और बहुत सारे लोग घायल यह सभी लोग रामनवमी क़ो जीटी रोड डोरमा सिराथू कौशांबी1
- चित्रकूट धाम कर्वी जनसेवा इंटर कॉलेज ग्राउंड में चित्रकूट हॉकी अकादमी के छात्र विपिन के भारतीय खेल प्राधिकरण में चयन होने पर संस्था के प्रमुख पूर्व राष्ट्रीय हॉकी कोच प्रेम शंकर शुक्ल ,ऐकेडमी के कोच राजन मिश्रा द्वारा स्वागत अभिनंदन किया और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संस्था के प्रमुख पूर्व राष्ट्रीय हॉकी कोच प्रेम शंकर शुक्ल सहित हॉकी, एकेडमी के पदाधिकारी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।1
- पैलानी तहसील के खरेई गांव में भैंस चराने गई दो नाबालिग बहनें केन नदी में डूब गईं।1
- Post by Abhay TV News1
- कानपुर का बाराह देवी मंदिर वाकई में बहुत प्रसिद्ध मंदिर हैं यहाँ नवरात्रि के दौरान लगने वाला मेला कानपुर के सबसे बड़े मेलों में से एक होता है।माना जाता है कि यहाँ माँ बाराह देवी की प्रतिमा बहुत प्राचीन है और यह स्थान भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है रामनवमी के दिन यहाँ का नजारा भावुक कर देने वाला होता है। भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर श्रद्धा के साथ जवारे लेकर मंदिर पहुँचते हैं। कई श्रद्धालु भक्ति की पराकाष्ठा दिखाते हुए अपने गालों और शरीर में लोहे की संगे (लोहे की छड़ें) चुभाकर पदयात्रा करते हुए मंदिर आते हैं। मान्यता है कि माता की कृपा से उन्हें न दर्द होता है और न ही कोई घाव। लोककथाओं के अनुसार, लगभग 1700 साल पहले 12 बहनें अपने पिता के क्रोध से बचने के लिए घर छोड़कर यहाँ आई थीं और यहीं पत्थर की प्रतिमाओं में परिवर्तित हो गईं। इसी कारण इसे '12 देवी' मंदिर कहा जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, यहाँ सबसे पहले माता के मायके पक्ष की ओर से पूजा की जाती है, उसके बाद ही आम भक्तों के लिए कपाट खुलते हैं यहाँ अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त मंदिर के परिसर में चुनरी बांधते हैं और जब उनकी मुराद पूरी हो जाती है, तो वे वापस आकर उसे खोलते हैं।यह मंदिर इतना प्रसिद्ध है कि कानपुर दक्षिण के कई इलाकों (जैसे बर्रा 1 से 9) के नाम इसी 'बारा देवी' के नाम पर पड़े हैं।रामनवमी और नवरात्रि के दौरान यहाँ का विशाल मेला कानपुर की संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। भक्त अपने गालों के आर-पार लोहे की लंबी छड़ (सांगे) डालकर चल रहे हैं। मान्यता है कि यह माता के प्रति उनकी कठिन तपस्या है। भक्त इसे अपनी मन्नत पूरी होने के आभार के रूप में या नई मन्नत मांगने के लिए करते हैं।स्थानीय लोग और श्रद्धालु बताते हैं कि इन छड़ों को चुभाते समय न तो खून निकलता है और न ही बाद में कोई संक्रमण या निशान रहता है। इसे भक्त पूरी तरह से माता बारा देवी का चमत्कार मानते हैं। नवरात्रि के पहले दिन जो ज्वारे बोए जाते हैं, रामनवमी के दिन उन्हें सिर पर रखकर मंदिर तक लाया जाता है। सांगे पहने हुए भक्त अक्सर इन जावरा जुलूसों के आगे-आगे चलते हैं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय और शक्ति से भरा होता है। इस पूरी पदयात्रा के दौरान ढोल और नगाड़ों की गूँज भक्तों के उत्साह को और बढ़ा देती है। मंदिर पहुँचकर भक्त माता को सांगे और जावरा अर्पित करते हैं। रामनवमी 2026 (27 मार्च) के अवसर पर, कानपुर के 12 देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।1