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बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे कांधी ग्राम सभा जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे कांधी ग्राम सभा जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान
डॉ फूल सिंह लोधी पूर्व सैनिक समाज सेवा
बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे कांधी ग्राम सभा जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश सचिव पहुंचे कांधी ग्राम सभा जन जागृति के माध्यम से चलो गांव की ओर जय मूलनिवासी जय भारत जय भीम जय संविधान
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- nh2 नेशनल हाईवे पर सोमलता पेट्रोल पंप के पास बहुत बड़ा हादसा जिसमें कई लोगों की मृत्यु होने की खबर है और बहुत सारे लोग घायल यह सभी लोग रामनवमी क़ो जीटी रोड डोरमा सिराथू कौशांबी1
- Post by User3428 BHARAT CRIME NEWS1
- यूपी के फतेहपुर जिले में आज महिलाओं ने जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र देते हुए बताया कि सरकारी हैंडपंप में पानी भरने को लेकर विवाद हो गया जिसको लेकर के महिलाओं ने जिला अधिकारी के यहां शिकायती पत्र अपने आप बीती बताइए1
- Post by Bhupenad Thakur1
- Post by रिपोर्टर-धर्मराज निषाद1
- रायबरेली। थाना हरचंदपुर क्षेत्र के कस्बा हरचंदपुर में एक युवती ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक द्वारा शादी से इनकार किए जाने से वह मानसिक रूप से आहत थी। दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे और वे लिव-इन रिलेशनशिप में भी रह रहे थे। घटना 28 मार्च की है। जानकारी के अनुसार, थाने में चल रही समझौता वार्ता के दौरान जब युवक अनुज सोनी नहीं पहुंचा, तो युवती ने यह कदम उठा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान सुप्रिया (22 वर्ष) पुत्री कमलेश कुमार, निवासी हरचंदपुर के रूप में हुई है। मृतका की बड़ी बहन स्नेह ने आरोप लगाया कि अनुज सोनी ने सुप्रिया से शादी का वादा किया था। यहां तक कि थाने में समझौते के दौरान युवक के परिवार ने लिखित में शादी के लिए सहमति भी दी थी, लेकिन बाद में वे मुकर गए। स्नेह के अनुसार, अनुज ने फोन पर साफ कह दिया था कि वह किसी भी हाल में शादी नहीं करेगा, चाहे सुप्रिया कुछ भी कर ले। परिजनों के मुताबिक, इसी सदमे में सुप्रिया ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि युवती द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका के पिता कमलेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी युवक अनुज सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाएगा। स्थान -रायबरेली रिपोर्ट -बलवंत कुमार1
- कानपुर का बाराह देवी मंदिर वाकई में बहुत प्रसिद्ध मंदिर हैं यहाँ नवरात्रि के दौरान लगने वाला मेला कानपुर के सबसे बड़े मेलों में से एक होता है।माना जाता है कि यहाँ माँ बाराह देवी की प्रतिमा बहुत प्राचीन है और यह स्थान भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है रामनवमी के दिन यहाँ का नजारा भावुक कर देने वाला होता है। भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर श्रद्धा के साथ जवारे लेकर मंदिर पहुँचते हैं। कई श्रद्धालु भक्ति की पराकाष्ठा दिखाते हुए अपने गालों और शरीर में लोहे की संगे (लोहे की छड़ें) चुभाकर पदयात्रा करते हुए मंदिर आते हैं। मान्यता है कि माता की कृपा से उन्हें न दर्द होता है और न ही कोई घाव। लोककथाओं के अनुसार, लगभग 1700 साल पहले 12 बहनें अपने पिता के क्रोध से बचने के लिए घर छोड़कर यहाँ आई थीं और यहीं पत्थर की प्रतिमाओं में परिवर्तित हो गईं। इसी कारण इसे '12 देवी' मंदिर कहा जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, यहाँ सबसे पहले माता के मायके पक्ष की ओर से पूजा की जाती है, उसके बाद ही आम भक्तों के लिए कपाट खुलते हैं यहाँ अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त मंदिर के परिसर में चुनरी बांधते हैं और जब उनकी मुराद पूरी हो जाती है, तो वे वापस आकर उसे खोलते हैं।यह मंदिर इतना प्रसिद्ध है कि कानपुर दक्षिण के कई इलाकों (जैसे बर्रा 1 से 9) के नाम इसी 'बारा देवी' के नाम पर पड़े हैं।रामनवमी और नवरात्रि के दौरान यहाँ का विशाल मेला कानपुर की संस्कृति का हिस्सा बन चुका है। भक्त अपने गालों के आर-पार लोहे की लंबी छड़ (सांगे) डालकर चल रहे हैं। मान्यता है कि यह माता के प्रति उनकी कठिन तपस्या है। भक्त इसे अपनी मन्नत पूरी होने के आभार के रूप में या नई मन्नत मांगने के लिए करते हैं।स्थानीय लोग और श्रद्धालु बताते हैं कि इन छड़ों को चुभाते समय न तो खून निकलता है और न ही बाद में कोई संक्रमण या निशान रहता है। इसे भक्त पूरी तरह से माता बारा देवी का चमत्कार मानते हैं। नवरात्रि के पहले दिन जो ज्वारे बोए जाते हैं, रामनवमी के दिन उन्हें सिर पर रखकर मंदिर तक लाया जाता है। सांगे पहने हुए भक्त अक्सर इन जावरा जुलूसों के आगे-आगे चलते हैं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय और शक्ति से भरा होता है। इस पूरी पदयात्रा के दौरान ढोल और नगाड़ों की गूँज भक्तों के उत्साह को और बढ़ा देती है। मंदिर पहुँचकर भक्त माता को सांगे और जावरा अर्पित करते हैं। रामनवमी 2026 (27 मार्च) के अवसर पर, कानपुर के 12 देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।1