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मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में स्ट्रेचर को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसमें तीन युवकों ने मरीज से मिलने आई एक महिला और उसके पति के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मी मौजूद होने के बावजूद उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हमलावर बेखौफ होकर मारपीट करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अब मरीजों और उनके परिजनों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन कब इस ओर ध्यान देगा।

7 hrs ago
user_विंध्य स्टोरी समाचार पत्र
विंध्य स्टोरी समाचार पत्र
Newspaper publisher रघुराजनगर, सतना, मध्य प्रदेश•
7 hrs ago

मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में स्ट्रेचर को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसमें तीन युवकों ने मरीज से मिलने आई एक महिला और उसके पति के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना से वार्ड में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मी मौजूद होने के बावजूद उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हमलावर बेखौफ होकर मारपीट करते रहे। इस घटना ने एक बार फिर जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अब मरीजों और उनके परिजनों को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला अस्पताल में मरीज और उनके परिजन सुरक्षित नहीं हैं और प्रशासन कब इस ओर ध्यान देगा।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, उन पर हितग्राहियों पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM हेल्पलाइन) की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और मौके पर वीडियो बना रहे एक पत्रकार को धमकाने का आरोप है। वायरल वीडियो में, हितग्राही विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी पर्ची पिछले 3-4 साल से नहीं बन पा रही है, और जितेंद्र साकेत भी इस दौरान मौजूद थे। हितग्राहियों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि "पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बनवा देंगे।" हितग्राहियों ने सवाल उठाया कि शिकायत कट जाने के बाद पर्ची कैसे बनेगी। पत्रकार को सूचना मिली थी कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव बना रही हैं, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मैडम ने पत्रकार से सवाल किया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर धमकाने लगीं कि "मैं बताती हूं।" हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। पत्रकार ने सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी पड़ेगी और उन्होंने अधिकारी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। ये सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। हितग्राहियों ने मांग की है कि उनकी पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए। पत्रकार संगठनों ने भी इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, और यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, उन पर हितग्राहियों पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM हेल्पलाइन) की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और मौके पर वीडियो बना रहे एक पत्रकार को धमकाने का आरोप है।

वायरल वीडियो में, हितग्राही विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि उनकी पर्ची पिछले 3-4 साल से नहीं बन पा रही है, और जितेंद्र साकेत भी इस दौरान मौजूद थे। हितग्राहियों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि "पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बनवा देंगे।" हितग्राहियों ने सवाल उठाया कि शिकायत कट जाने के बाद पर्ची कैसे बनेगी। पत्रकार को सूचना मिली थी कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव बना रही हैं, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मैडम ने पत्रकार से सवाल किया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर धमकाने लगीं कि "मैं बताती हूं।"

हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और विभागीय कार्रवाई से बचा जा सके। पत्रकार ने सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी पड़ेगी और उन्होंने अधिकारी द्वारा वीडियो बनाकर धमकाने को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया। ये सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। हितग्राहियों ने मांग की है कि उनकी पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए। पत्रकार संगठनों ने भी इस घटना को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है, और यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी को शीघ्र ही हिरासत में ले लिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई और अब आगे की कानूनी कार्यवाही तथा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है, ताकि उसे सख्त सजा दिलाई जा सके। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और ऐसे आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस ने एक नाबालिग के साथ गलत काम करने वाले आरोपी को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मामले की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी को शीघ्र ही हिरासत में ले लिया गया।

आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे थाने ले गई और अब आगे की कानूनी कार्यवाही तथा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है, ताकि उसे सख्त सजा दिलाई जा सके। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी और ऐसे आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
    user_Unchehra news
    Unchehra news
    News Anchor उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सतना के सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे का स्वागत किया गया।
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    सतना के सर्किट हाउस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे का स्वागत किया गया।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    4 hrs ago
  • अमदरा स्कूल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है, जहाँ हजारों बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। स्कूल की मौजूदा हालत के कारण यह प्रश्न उठ रहा है कि इन बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा।
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    अमदरा स्कूल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है, जहाँ हजारों बच्चों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। स्कूल की मौजूदा हालत के कारण यह प्रश्न उठ रहा है कि इन बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह व्यक्ति मंगलवार की शाम को हरनामपुर क्षेत्र में पानी की टंकी के पास गंभीर और बीमार हालत में अर्धनग्न अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को हरनामपुर इलाके में स्थानीय निवासियों ने पानी की टंकी के पास एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को अचेत और बीमार अवस्था में देखा। वह अर्धनग्न और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर दिख रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की। करीब 24 घंटे तक चले इलाज के दौरान भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और बीमारी से ग्रसित था। पुलिस उससे पूछताछ करने में भी असमर्थ रही, क्योंकि वह अत्यधिक कमजोरी के कारण अपना नाम और पता नहीं बता पाया। मृतक की उम्र अधेड़ बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के थानों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी उसकी पहचान स्थापित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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    मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह व्यक्ति मंगलवार की शाम को हरनामपुर क्षेत्र में पानी की टंकी के पास गंभीर और बीमार हालत में अर्धनग्न अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को हरनामपुर इलाके में स्थानीय निवासियों ने पानी की टंकी के पास एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को अचेत और बीमार अवस्था में देखा। वह अर्धनग्न और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर दिख रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की। करीब 24 घंटे तक चले इलाज के दौरान भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और बीमारी से ग्रसित था। पुलिस उससे पूछताछ करने में भी असमर्थ रही, क्योंकि वह अत्यधिक कमजोरी के कारण अपना नाम और पता नहीं बता पाया। मृतक की उम्र अधेड़ बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के थानों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से भी उसकी पहचान स्थापित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड डिपार्टमेंट की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर हितग्राहियों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और वीडियो बना रहे पत्रकार से उलझने तथा उसे धमकाने का आरोप लगा है। वायरल वीडियो में विनय कुमार मिश्रा जैसे हितग्राहियों का कहना है कि उनकी राशन पर्ची 3-4 साल से नहीं बन पा रही है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल उनसे सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बन जाएगी। हितग्राहियों का सवाल है कि शिकायत कटने के बाद पर्ची कैसे बन पाएगी। पत्रकार को जब यह सूचना मिली कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर शिकायतें कटवाने का दबाव बना रही हैं, तो वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। इसके बाद जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना चाहा, तो उन्होंने पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?" वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और उन्होंने पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर उसे "मैं बताती हूं" कहकर धमकाना शुरू कर दिया। हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और अधिकारी विभागीय कार्रवाई से बच सकें। पत्रकार ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है और सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी होगी। इस खबर में बताए गए सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है। हितग्राहियों ने मांग की है कि पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए, जबकि पत्रकार संगठनों ने भी इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ा है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मढ़ा में फूड डिपार्टमेंट की कार्यशैली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल पर हितग्राहियों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतें कटवाने का दबाव बनाने और वीडियो बना रहे पत्रकार से उलझने तथा उसे धमकाने का आरोप लगा है।

वायरल वीडियो में विनय कुमार मिश्रा जैसे हितग्राहियों का कहना है कि उनकी राशन पर्ची 3-4 साल से नहीं बन पा रही है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल उनसे सीधे पर्ची बनाने से मना कर रही हैं और कह रही हैं कि पहले सीएम हेल्पलाइन की शिकायत कटवा लो, फिर पर्ची बन जाएगी। हितग्राहियों का सवाल है कि शिकायत कटने के बाद पर्ची कैसे बन पाएगी। पत्रकार को जब यह सूचना मिली कि एक अधिकारी हितग्राहियों पर शिकायतें कटवाने का दबाव बना रही हैं, तो वे मौके पर पहुंचे और पहले शिकायतकर्ता का वीडियो बनाया। इसके बाद जब पत्रकार ने फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल का वीडियो बनाना चाहा, तो उन्होंने पत्रकार से ही सवाल करना शुरू कर दिया कि "तुम कौन होते हो वीडियो बनाने वाले? मेरे से परमिशन ली?"

वीडियो में मैडम यह भी कहती दिख रही हैं कि वह GRS को "फालतू में तड़का रही थीं" और उसी दौरान पत्रकार शूटिंग कर रहा था। वीडियो देखते ही मैडम हाइपर हो गईं और उन्होंने पत्रकार का खुद वीडियो बनाकर उसे "मैं बताती हूं" कहकर धमकाना शुरू कर दिया। हितग्राहियों का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन कटवाने का दबाव इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शिकायत सिस्टम से हट जाए और अधिकारी विभागीय कार्रवाई से बच सकें। पत्रकार ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है और सवाल किया है कि क्या अब किसी अधिकारी का वीडियो बनाने से पहले अनुमति लेनी होगी। इस खबर में बताए गए सभी आरोप वायरल वीडियो और हितग्राहियों/पत्रकार के बयानों पर आधारित हैं। फूड इंस्पेक्टर प्रियंका अग्रवाल या संबंधित विभाग का पक्ष अभी सामने नहीं आया है और निष्पक्षता के लिए उनकी प्रतिक्रिया का इंतजार है। हितग्राहियों ने मांग की है कि पर्ची/राशन की समस्या बिना शर्त हल की जाए और सीएम हेल्पलाइन को दबाव का माध्यम न बनाया जाए, जबकि पत्रकार संगठनों ने भी इस मामले को प्रेस की स्वतंत्रता से जोड़ा है। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सतना के डिग्री कॉलेज परिसर में NSUI कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं और विवादों के प्रति अपना विरोध जताते हुए परिसर में गंगाजल का छिड़काव किया। यह शुद्धिकरण कार्यक्रम NSUI के प्रदेश पदाधिकारी आनंद पांडे के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    सतना के डिग्री कॉलेज परिसर में NSUI कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं और विवादों के प्रति अपना विरोध जताते हुए परिसर में गंगाजल का छिड़काव किया।

यह शुद्धिकरण कार्यक्रम NSUI के प्रदेश पदाधिकारी आनंद पांडे के नेतृत्व में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    5 hrs ago
  • सतना जिले के नागौद-रैकिवारा के पास एक चलती मोटरसाइकिल से अचानक उसका पहिया अलग हो गया। इस घटना के कारण बाइक सवार संतुलन खोकर नदी में गिर गया।
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    सतना जिले के नागौद-रैकिवारा के पास एक चलती मोटरसाइकिल से अचानक उसका पहिया अलग हो गया। इस घटना के कारण बाइक सवार संतुलन खोकर नदी में गिर गया।
    user_BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    Local Politician मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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