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हरदोई/बेनीगंज डंफर की तेज रफ़्तार ने खत्म कर दी एक ज़िंदगी चौकी इंचार्ज की लापरवाही पर उठे सवाल। हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रताप नगर चौराहे पर हुए इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस सक्रिय होती तो शायद स्थिति कुछ और होती। जानकारी के मुताबिक, हरदोई से कोथावां की ओर जा रही एक डबल डेकर बस जैसे ही प्रताप नगर चौराहे पर पहुंची, उसी दौरान बघौली की तरफ से आ रहा गिट्टी से भरा डंफर उससे टकरा गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन चालकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच 28 वर्षीय कौशिक शुक्ला, जो पास के ही निवासी थे, विवाद शांत कराने के लिए आगे आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी डंफर चालक मौके से भागने के इरादे से वाहन लेकर तेजी से निकला और कौशिक को कुचलता हुआ फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रताप प्रताप नगर चौकी इंचार्ज दीपक कुमार को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। यहां तक कि चौकी पहुंचने पर भी बताया गया कि इंचार्ज आराम कर रहे हैं। वहीं, हालात बिगड़ते देख बेनीगंज इंस्पेक्टर मारकंडेय सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और खुद घायल युवक को वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने चौराहा जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आरोपी डंफर चालक की जल्द गिरफ्तारी होगी। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए चौराहे पर बने बड़े गोल चक्कर को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इसकी वजह से भारी वाहन आसानी से नहीं मुड़ पाते, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से इसे छोटा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

20 hrs ago
user_(Journalist) Madhur kumar
(Journalist) Madhur kumar
Newspaper publisher हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
20 hrs ago

हरदोई/बेनीगंज डंफर की तेज रफ़्तार ने खत्म कर दी एक ज़िंदगी चौकी इंचार्ज की लापरवाही पर उठे सवाल। हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रताप नगर चौराहे पर हुए इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस सक्रिय होती तो शायद स्थिति कुछ और होती। जानकारी के मुताबिक, हरदोई से कोथावां की ओर जा रही एक डबल डेकर बस जैसे ही प्रताप नगर चौराहे पर पहुंची, उसी दौरान बघौली की तरफ से आ रहा गिट्टी से भरा डंफर उससे टकरा गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन चालकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच 28 वर्षीय कौशिक शुक्ला, जो पास के ही निवासी थे, विवाद शांत कराने के लिए आगे आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी डंफर चालक मौके से भागने के इरादे से वाहन लेकर तेजी से निकला और कौशिक को कुचलता हुआ फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रताप प्रताप नगर चौकी इंचार्ज दीपक कुमार को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। यहां तक कि चौकी पहुंचने पर भी बताया गया कि इंचार्ज आराम कर रहे हैं। वहीं, हालात बिगड़ते देख बेनीगंज इंस्पेक्टर मारकंडेय सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और खुद घायल युवक को वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने चौराहा जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आरोपी डंफर चालक की जल्द गिरफ्तारी होगी। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए चौराहे पर बने बड़े गोल चक्कर को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इसकी वजह से भारी वाहन आसानी से नहीं मुड़ पाते, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से इसे छोटा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • Post by रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
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    Post by रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
    user_रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
    रजनीश शर्मा चन्दन हरदोई
    Video Creator हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • #हरदोई। टड़ियावा : कस्बे में बीती रात अराजक तत्वों ने एक गरीब दुकानदार की फूस की दुकान में आग लगा दी, जिससे दुकान में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित पप्पू हलवाई ने बताया कि वह कस्बे में पशु चिकित्सालय के पास अपनी छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बीती रात करीब साढ़े 10 बजे अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान में आग लगा दी। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जल चुका था। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अराजक तत्वों की तलाश की जा रही है।
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    #हरदोई। टड़ियावा : कस्बे में बीती रात अराजक तत्वों ने एक गरीब दुकानदार की फूस की दुकान में आग लगा दी, जिससे दुकान में रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ित पप्पू हलवाई ने बताया कि वह कस्बे में पशु चिकित्सालय के पास अपनी छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बीती रात करीब साढ़े 10 बजे अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान में आग लगा दी। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दुकान का सारा सामान जल चुका था। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और अराजक तत्वों की तलाश की जा रही है।
    user_प्रवीण कुमार
    प्रवीण कुमार
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कोटरा गांव में आग का कहर, 3 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख टड़ियावां। थाना क्षेत्र के कोटरा गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग ने एक किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। गांव निवासी संतोष सिंह के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लगभग 3 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना से किसान संतोष सिंह को भारी आर्थिक क्षति हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की है,
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    कोटरा गांव में आग का कहर, 3 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख
टड़ियावां। थाना क्षेत्र के कोटरा गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग ने एक किसान की मेहनत पर पानी फेर दिया। गांव निवासी संतोष सिंह के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि लगभग 3 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
इस घटना से किसान संतोष सिंह को भारी आर्थिक क्षति हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को मुआवजा दिलाने की मांग की है,
    user_सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    सुधीर अवस्थी 'परदेशी' (graminptrkar)
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • हरदोई जिले की बेनीगंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरजनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी के कब्जे से 1 क्विंटल 5 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त उज्ज्वल (निवासी भवानीपुर, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर) आसपास के जनपदों में गांजे की सप्लाई करता था। बरामदगी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई बनाम सवाल 1 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद, अंतरजनपदीय नेटवर्क के संकेत, शाहाबाद क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों पर चुप्पी? पूर्व में सख्ती करने वाले अधिकारी का तबादला बहुचर्चित, शाहाबाद पुलिस की शिथिलता पर उठते गंभीर सवाल, बेनीगंज में बड़ी कार्रवाई के बाद अब जागरूक जनों की नजरें शाहाबाद क्षेत्र पर टिक गई हैं। आरोप हैं कि कांशीराम कॉलोनी और आसपास के इलाकों से जुड़े तस्कर लंबे समय से लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली तक नेटवर्क फैलाकर सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सख्ती न कभी दिखी और न अब दिख रही। सूत्रों का दावा है कि पूर्व में एक अधिकारी अनुज मिश्रा द्वारा तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतने और संदिग्ध ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश के बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है। संरक्षण के आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं! स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस कर्मियों पर तस्करों को संरक्षण देने और विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवाल प्रशासनिक जवाबदेही की न केवल मांग कर रहे हैं बल्कि ऐसे आरोपों के पुष्ट साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। कानूनी पहलूकाबिलेगौर मादक पदार्थों की तस्करी NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा और संपत्ति जब्ती तक का प्रावधान है। क्या कहते हैं अधिकारी थाना प्रभारी, बेनीगंज का कहना है कि “मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई होगी।” पुलिस क्षेत्राधिकारी (शाहाबाद) का पक्ष: “क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं से भी ठोस सूचना मिलती है तो तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।” फिर भी सबसे बड़ा सवाल बेनीगंज में सफलता के बाद अब सवाल यही— क्या शाहाबाद और हरदोई के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय कथित तस्करी नेटवर्क पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई होगी? या फिर बड़े गिरोह अब भी पकड़ से बाहर रहेंगे? उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क, उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।) (नोट: खबर में उल्लिखित कुछ आरोप स्थानीय सूत्रों व चर्चाओं पर इंसेट (3 कॉलम): उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाएगा)
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    हरदोई जिले की बेनीगंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरजनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी के कब्जे से 1 क्विंटल 5 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त उज्ज्वल (निवासी भवानीपुर, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर) आसपास के जनपदों में गांजे की सप्लाई करता था। बरामदगी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्रवाई बनाम सवाल
1 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद, अंतरजनपदीय नेटवर्क के संकेत, शाहाबाद क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों पर चुप्पी? पूर्व में सख्ती करने वाले अधिकारी का तबादला बहुचर्चित, शाहाबाद पुलिस की शिथिलता पर उठते गंभीर सवाल, बेनीगंज में बड़ी कार्रवाई के बाद अब जागरूक जनों की नजरें शाहाबाद क्षेत्र पर टिक गई हैं।
आरोप हैं कि कांशीराम कॉलोनी और आसपास के इलाकों से जुड़े तस्कर लंबे समय से लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली तक नेटवर्क फैलाकर सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सख्ती न कभी दिखी और न अब दिख रही।
सूत्रों का दावा है कि पूर्व में एक अधिकारी अनुज मिश्रा द्वारा तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतने और संदिग्ध ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश के बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है।
संरक्षण के आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं!
स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस कर्मियों पर तस्करों को संरक्षण देने और विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवाल प्रशासनिक जवाबदेही की न केवल मांग कर रहे हैं बल्कि ऐसे आरोपों के पुष्ट साक्ष्य भी उपलब्ध हैं।
कानूनी पहलूकाबिलेगौर 
मादक पदार्थों की तस्करी NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा और संपत्ति जब्ती तक का प्रावधान है।
क्या कहते हैं अधिकारी 
थाना प्रभारी, बेनीगंज का कहना है कि “मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई होगी।”
पुलिस क्षेत्राधिकारी (शाहाबाद) का पक्ष:
“क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं से भी ठोस सूचना मिलती है तो तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
फिर भी सबसे बड़ा सवाल
बेनीगंज में सफलता के बाद अब सवाल यही— क्या शाहाबाद और हरदोई के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय कथित तस्करी नेटवर्क पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई होगी?
या फिर बड़े गिरोह अब भी पकड़ से बाहर रहेंगे?
उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क, उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं।
सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं।
सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है।
बड़ा सवाल:
क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं?
और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा?
(नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।)
(नोट: खबर में उल्लिखित कुछ आरोप स्थानीय सूत्रों व चर्चाओं पर इंसेट (3 कॉलम): उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क
उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं।
सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है।
बड़ा सवाल:
क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं?
और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा?
(नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाएगा)
    user_OmdevDixit (Pappu Dixit)
    OmdevDixit (Pappu Dixit)
    Farmer हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
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    Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    user_SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू
    पत्रकार हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by (Journalist) Madhur kumar
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    Post by (Journalist) Madhur kumar
    user_(Journalist) Madhur kumar
    (Journalist) Madhur kumar
    Newspaper publisher हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • हरदोई_मटियामऊ इंडियन गैस गोदाम मटियामऊ कर्मचारी AC से निकलना नहीं चाहते और जनता परेशान कार्य पूर्ण रूप से बंद करके आराम फरमा रहे हैं जनता #सरकार को कोश रही हैं
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    हरदोई_मटियामऊ
इंडियन गैस गोदाम मटियामऊ कर्मचारी AC से निकलना नहीं चाहते और जनता परेशान कार्य पूर्ण रूप से बंद करके आराम फरमा रहे हैं जनता #सरकार को कोश रही हैं
    user_मोनू शुक्ला
    मोनू शुक्ला
    बिलग्राम, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मल्लावां अग्निकांड: तेज हवा के कारण गिरा हाईटेंशन तार, एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू। #हरदोई/मल्लावां : हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गेंहू के खेत में गिरने से 12 किसानों की 11 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई । सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने किसानों के सहयोग से आग पर काबू पाया। घटना से किसानों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है। मल्लावां में शुक्रवार की सुबह राजबहादुर, उपेंद्र के खेत में तेज हवा के चलते हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। तार टूटने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। खेतों में आग लगी देख ग्रामीण भागते हुए मौके पर पहुंचे,फायर ब्रिगेड को सूचना देकर पंपिंगसेट चलाकर, ट्रैक्टर से जुताई कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के चलते ग्रामीणों की हिम्मत टूट गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से एक घंट में आग पर काबू पाया। जब तक आग से उपेंद्र की ढाई बीघा, राजबहादुर की 13 बिस्वा, संदीप की 28 बिस्वा, सुनील की 26 बिस्वा, मनोज की 9 बिस्वा, सुमेर की 6 बिस्वा, विमल प्रकाश की 1 बीघा, आशीष की 10 बिस्वा, ऋषि की 12 बिस्वा, बाबूलाल की 15 बिस्वा, नितेश की 7 बिस्वा, और अतुल की 10 बिस्वा आग से करीब 11 बीघा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई। पीड़ितों ने फसल जलने की सूचना लेखपाल कुलदीप श्रीवास्तव को दी। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने आग से हुए नुकसान का आंकलन किया और रिपोर्ट उपजिलाधिकारी सौंपी है। विधायक आशीष सिंह आशू ने पीड़ित किसानों की बात सुनकर उपजिलाधिकारी से वार्ता कर तत्काल राहत प्रदान कराने की बात कही |
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    मल्लावां अग्निकांड: तेज हवा के कारण गिरा हाईटेंशन तार, एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू।
#हरदोई/मल्लावां : हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गेंहू के खेत में गिरने से 12 किसानों की 11 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई । सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने किसानों के सहयोग से आग पर काबू पाया। घटना से किसानों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है।
मल्लावां में शुक्रवार की सुबह राजबहादुर, उपेंद्र के खेत में तेज हवा के चलते हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। तार टूटने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। खेतों में आग लगी देख ग्रामीण भागते हुए मौके पर पहुंचे,फायर ब्रिगेड को सूचना देकर पंपिंगसेट चलाकर, ट्रैक्टर से जुताई कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के चलते ग्रामीणों की हिम्मत टूट गई।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से एक घंट में आग पर काबू पाया। जब तक आग से उपेंद्र की ढाई बीघा, राजबहादुर की 13 बिस्वा, संदीप की 28 बिस्वा, सुनील की 26 बिस्वा, मनोज की 9 बिस्वा, सुमेर की 6 बिस्वा, विमल प्रकाश की 1 बीघा, आशीष की 10 बिस्वा, ऋषि की 12 बिस्वा, बाबूलाल की 15 बिस्वा, नितेश की 7 बिस्वा, और अतुल की 10 बिस्वा आग से करीब 11 बीघा गेंहू की फसल जलकर राख हो गई।
पीड़ितों ने फसल जलने की सूचना लेखपाल कुलदीप श्रीवास्तव को दी। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने आग से हुए नुकसान का आंकलन किया और रिपोर्ट उपजिलाधिकारी सौंपी है। विधायक आशीष सिंह आशू ने पीड़ित किसानों की बात सुनकर उपजिलाधिकारी से वार्ता कर तत्काल राहत प्रदान कराने की बात कही |
    user_प्रवीण कुमार
    प्रवीण कुमार
    Local News Reporter हरदोई, हरदोई, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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