बेनीगंज में 50 लाख का गांजा बरामद लेकिन शाहाबाद नेटवर्क पर क्यों है सन्नाटा? अंततः आश्चर्य यही कि अन्य जिलों से लेकर हरदोई जिले के भी अन्य थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई के बावजूद शाहाबाद सीओ पेशी कार्यालय के पीछे –कांशीराम कॉलोनी में सक्रिय कथित तस्करी तंत्र पर सवाल बरकरार जबकि सीओ की कुर्सी पर आसीन आईपीएस अफसर अपर पुलिस अधीक्षक बनते फिरते हैं काफी तेज तर्रार, परन्तु प्रश्न वही बहुचर्चित कि इस कुर्सी से सीओ अनुज मिश्रा को कालोनी में तस्करी-बिक्री में शिथिलता के आरोप में तत्कालीन कप्तान जादौन द्वारा हटाया गया और इन्हीं को लाया गया जो कि कालोनी में तस्करी - बिक्री से संबंधित सभी प्रकाशित खबरों को बिल्कुल घोट गए और जन जीवन की किंचित चिन्ता नहीं की जबकि विश्वस्त सूत्रों की मानें तो अनुज मिश्रा की तस्करी -बिक्री के प्रति शख्ती ही उनके स्थानांतरण का कारण बनी क्योंकि यहाँ के गांजा तस्करों की जड़े बहुत गहरी बताई जा रहीं हैं जिनके संरक्षकों में न केवल नेतागण बल्कि पुलिस अधिकारी भी बताए जा रहे हैं! हरदोई जिले की बेनीगंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरजनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी के कब्जे से 1 क्विंटल 5 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त उज्ज्वल (निवासी भवानीपुर, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर) आसपास के जनपदों में गांजे की सप्लाई करता था। बरामदगी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई बनाम सवाल 1 क्विंटल से अधिक गांजा बरामद, अंतरजनपदीय नेटवर्क के संकेत, शाहाबाद क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों पर चुप्पी? पूर्व में सख्ती करने वाले अधिकारी का तबादला बहुचर्चित, शाहाबाद पुलिस की शिथिलता पर उठते गंभीर सवाल, बेनीगंज में बड़ी कार्रवाई के बाद अब जागरूक जनों की नजरें शाहाबाद क्षेत्र पर टिक गई हैं। आरोप हैं कि कांशीराम कॉलोनी और आसपास के इलाकों से जुड़े तस्कर लंबे समय से लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली तक नेटवर्क फैलाकर सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सख्ती न कभी दिखी और न अब दिख रही। सूत्रों का दावा है कि पूर्व में एक अधिकारी अनुज मिश्रा द्वारा तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतने और संदिग्ध ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश के बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है। संरक्षण के आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं! स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस कर्मियों पर तस्करों को संरक्षण देने और विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवाल प्रशासनिक जवाबदेही की न केवल मांग कर रहे हैं बल्कि ऐसे आरोपों के पुष्ट साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। कानूनी पहलूकाबिलेगौर मादक पदार्थों की तस्करी NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा और संपत्ति जब्ती तक का प्रावधान है। क्या कहते हैं अधिकारी थाना प्रभारी, बेनीगंज का कहना है कि “मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है, जिन पर भी जल्द कार्रवाई होगी।” पुलिस क्षेत्राधिकारी (शाहाबाद) का पक्ष: “क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं से भी ठोस सूचना मिलती है तो तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।” फिर भी सबसे बड़ा सवाल बेनीगंज में सफलता के बाद अब सवाल यही— क्या शाहाबाद और हरदोई के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय कथित तस्करी नेटवर्क पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई होगी? या फिर बड़े गिरोह अब भी पकड़ से बाहर रहेंगे? उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क, उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।) (नोट: खबर में उल्लिखित कुछ आरोप स्थानीय सूत्रों व चर्चाओं पर इंसेट (3 कॉलम): उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाएगा)
बेनीगंज में 50 लाख का गांजा बरामद लेकिन शाहाबाद नेटवर्क पर क्यों है सन्नाटा? अंततः आश्चर्य यही कि अन्य जिलों से लेकर हरदोई जिले के भी अन्य थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई के बावजूद शाहाबाद सीओ पेशी कार्यालय के पीछे –कांशीराम कॉलोनी में सक्रिय कथित तस्करी तंत्र पर सवाल बरकरार जबकि सीओ की कुर्सी पर आसीन आईपीएस अफसर अपर पुलिस अधीक्षक बनते फिरते हैं काफी तेज तर्रार, परन्तु प्रश्न वही बहुचर्चित कि इस कुर्सी से सीओ अनुज मिश्रा को कालोनी में तस्करी-बिक्री में शिथिलता के आरोप में तत्कालीन कप्तान जादौन द्वारा हटाया गया और इन्हीं को लाया गया जो कि कालोनी में तस्करी - बिक्री से संबंधित सभी प्रकाशित खबरों को बिल्कुल घोट गए और जन जीवन की किंचित चिन्ता नहीं की जबकि विश्वस्त सूत्रों की मानें तो अनुज मिश्रा की तस्करी -बिक्री के प्रति शख्ती ही उनके स्थानांतरण का कारण बनी क्योंकि यहाँ के गांजा तस्करों की जड़े बहुत गहरी बताई जा रहीं हैं जिनके संरक्षकों में न केवल नेतागण बल्कि पुलिस अधिकारी भी बताए जा रहे हैं! हरदोई जिले की बेनीगंज पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरजनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी के कब्जे से 1 क्विंटल 5 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त उज्ज्वल (निवासी भवानीपुर, थाना मिश्रिख, जनपद सीतापुर) आसपास के जनपदों में गांजे की सप्लाई करता था। बरामदगी में प्रयुक्त कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पूछताछ के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सरगनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई बनाम सवाल 1 क्विंटल से अधिक
गांजा बरामद, अंतरजनपदीय नेटवर्क के संकेत, शाहाबाद क्षेत्र में सक्रिय गिरोहों पर चुप्पी? पूर्व में सख्ती करने वाले अधिकारी का तबादला बहुचर्चित, शाहाबाद पुलिस की शिथिलता पर उठते गंभीर सवाल, बेनीगंज में बड़ी कार्रवाई के बाद अब जागरूक जनों की नजरें शाहाबाद क्षेत्र पर टिक गई हैं। आरोप हैं कि कांशीराम कॉलोनी और आसपास के इलाकों से जुड़े तस्कर लंबे समय से लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली तक नेटवर्क फैलाकर सक्रिय हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सख्ती न कभी दिखी और न अब दिख रही। सूत्रों का दावा है कि पूर्व में एक अधिकारी अनुज मिश्रा द्वारा तस्करी के खिलाफ सख्ती बरतने और संदिग्ध ठिकानों तक पहुंचने की कोशिश के बाद उनका स्थानांतरण कर दिया गया। इसके बाद क्षेत्र में कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के खिलाफ ठोस कार्रवाई का अभाव चर्चा का विषय बना हुआ है। संरक्षण के आरोप, आधिकारिक पुष्टि नहीं! स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिस कर्मियों पर तस्करों को संरक्षण देने और विरोध करने वालों पर कार्रवाई करने जैसे आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार उठ रहे सवाल प्रशासनिक जवाबदेही की न केवल मांग कर रहे हैं बल्कि ऐसे आरोपों के पुष्ट साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। कानूनी पहलूकाबिलेगौर मादक पदार्थों की तस्करी NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है, जिसमें कठोर सजा और संपत्ति जब्ती तक का प्रावधान है। क्या कहते हैं अधिकारी थाना प्रभारी, बेनीगंज का कहना है कि “मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में अन्य लोगों के नाम सामने आने की संभावना है, जिन पर भी जल्द
कार्रवाई होगी।” पुलिस क्षेत्राधिकारी (शाहाबाद) का पक्ष: “क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं से भी ठोस सूचना मिलती है तो तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।” फिर भी सबसे बड़ा सवाल बेनीगंज में सफलता के बाद अब सवाल यही— क्या शाहाबाद और हरदोई के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय कथित तस्करी नेटवर्क पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई होगी? या फिर बड़े गिरोह अब भी पकड़ से बाहर रहेंगे? उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क, उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र
पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।) (नोट: खबर में उल्लिखित कुछ आरोप स्थानीय सूत्रों व चर्चाओं पर इंसेट (3 कॉलम): उड़ीसा लिंक और शाहाबाद कनेक्शन—सवालों के घेरे में नेटवर्क उड़ीसा से गांजा लाकर हरदोई समेत आसपास के जिलों में खपाने वाले नेटवर्क की परतें अब गहराती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार इस कथित तस्करी गिरोह के कुछ प्रभावशाली सदस्य मूल रूप से शाहाबाद क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। इनमें से कुछ हरदोई शहर में रह रहे हैं, जबकि अन्य शाहाबाद के विभिन्न मोहल्लों में सक्रिय बताए जाते हैं। सूत्र यह भी दावा करते हैं कि इस नेटवर्क में कुछ महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं, जो सप्लाई और संपर्क तंत्र को मजबूत करती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे गंभीर आरोप यह सामने आता है कि कथित तौर पर कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की चर्चाएं भी समय-समय पर उठती रही हैं। यदि इन दावों में सच्चाई है, तो यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि, इन सभी बिंदुओं पर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। बड़ा सवाल: क्या उड़ीसा से जुड़े इस कथित तस्करी नेटवर्क की जड़ें वास्तव में शाहाबाद तक फैली हैं? और यदि हां, तो क्या इस पूरे तंत्र पर व्यापक और निष्पक्ष कार्रवाई होगी—या फिर यह केवल चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा? (नोट: यह इंसेट स्थानीय सूत्रों और चर्चाओं पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाएगा)
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1
- दिव्य दर्शन ✍️ सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’ ……………………………………… सुन्नी गांव, थाना बघौली, जनपद हरदोई में स्थित प्राचीन महिषासुर मर्दिनी मंदिर में आज प्रातःकाल भोले बाबा के श्रृंगार दर्शन का अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में भक्ति, श्रद्धा और आस्था की पावन धारा प्रवाहित हुई। यह धाम सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र है, जहाँ आज भी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएँ पूर्ण होने की अटूट मान्यता है।1
- हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रताप नगर चौराहे पर हुए इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर पुलिस सक्रिय होती तो शायद स्थिति कुछ और होती। जानकारी के मुताबिक, हरदोई से कोथावां की ओर जा रही एक डबल डेकर बस जैसे ही प्रताप नगर चौराहे पर पहुंची, उसी दौरान बघौली की तरफ से आ रहा गिट्टी से भरा डंफर उससे टकरा गया। टक्कर के बाद दोनों वाहन चालकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी बीच 28 वर्षीय कौशिक शुक्ला, जो पास के ही निवासी थे, विवाद शांत कराने के लिए आगे आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तभी डंफर चालक मौके से भागने के इरादे से वाहन लेकर तेजी से निकला और कौशिक को कुचलता हुआ फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रताप प्रताप नगर चौकी इंचार्ज दीपक कुमार को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। यहां तक कि चौकी पहुंचने पर भी बताया गया कि इंचार्ज आराम कर रहे हैं। वहीं, हालात बिगड़ते देख बेनीगंज इंस्पेक्टर मारकंडेय सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और खुद घायल युवक को वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोथावां पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने चौराहा जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस का कहना है कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आरोपी डंफर चालक की जल्द गिरफ्तारी होगी। स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए चौराहे पर बने बड़े गोल चक्कर को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि इसकी वजह से भारी वाहन आसानी से नहीं मुड़ पाते, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से इसे छोटा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।1
- हरदोई ब्रेकिंग LPG गैस को लेकर एजेंसियों पर लग रही भारी भीड़।। माधोगंज ब्लॉक के मटियामऊ स्तिथ R,A, इंडेन वितरक गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने को लेकर भारी भीड़ देखने को मिली ऐसी तबपति धूप और गर्मी के बीच आज दिनांक 10,04,2026 को गैस एजेंसी भर लगी भारी भीड़1
- सोनभद्र ।। __ग्राहक सेवा केंद्र में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग __नगद और सामान जलकर हुआ खाक ____लाखों का सामान जलकर हुआ राख __घंटों देर बाद पहुंची दमकल टीम, आग पर पाया काबू __आगलगी की घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप __अनपरा थाना क्षेत्र के औड़ी मोड़ की घटना सोनभद्र में ग्राहक सेवा केंद्र में संदिग्ध आग, लाखों का नुकसान सोनभद्र जनपद के अनपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत औड़ी मोड़ पर स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की इस घटना में केंद्र में रखा नगद धनराशि और अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग की टीम काफी देर से मौके पर पहुंची, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया। घंटों की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में दहशत व्याप्त है। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसको लेकर पुलिस जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।1
- *हरदोई: फुफेरी बहन के प्रेम प्रसंग का विरोध करना भाई को पड़ा भारी, दोस्तों ने ही रामगंगा नदी में डुबाकर की हत्या; 3 गिरफ्तार* *ब्यूरो रिपोर्ट हरदोई* हरदोई (मझिला):जिले की मझिला थाना पुलिस ने एक खौफनाक हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। बहन के प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर एक युवक को उसके ही दोस्तों ने खौफनाक साजिश रचकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया है।प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजहपुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला है। मझिला थाना क्षेत्र के ग्राम आंझी निवासी मृतक अभय प्रताप और तीनों आरोपियों के बीच गहरी दोस्ती थी। अभय के घर पर उसकी फुफेरी बहन भी रहती थी। इसी बीच, अभय के दोस्त धीरज सिंह का उसकी फुफेरी बहन के साथ पिछले लगभग एक साल से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। जब अभय को इस बात की भनक लगी, तो उसने इसका कड़ा विरोध किया। प्रेमिका के भाई का यह विरोध धीरज को रास नहीं आया और उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।घूमने के बहाने ले गए, शराब पिलाई और नदी में डुबो दियासाजिश के तहत, 24 फरवरी 2026 को आरोपी आशीष, धीरज और भंवर पाल (मुले) मृतक अभय प्रताप को 'घूमने' के बहाने फर्रुखाबाद जिले के राजेपुर ले गए। अगले दिन, 25 फरवरी की शाम को सभी ने एक साथ शराब पी। जब अभय नशे में पूरी तरह धुत्त हो गया, तो तीनों आरोपियों ने उसे राजेपुर थाना क्षेत्र में एक पुल के नीचे रामगंगा नदी में फेंक दिया और पानी में डुबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।मां की तहरीर पर खुला राजबेटे के काफी दिनों तक घर न लौटने पर परेशान मां संध्या सिंह (पत्नी अशोक सिंह) ने 9 अप्रैल 2026 को मझिला थाने में न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में तीनों दोस्तों पर अपने बेटे को साथ ले जाने और हत्या करने की आशंका जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मु0अ0सं0 54/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।देर रात चटिया पुल के पास से हुए गिरफ्तारमामला दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आ गई। सटीक सूचना के आधार पर मझिला पुलिस टीम ने बीती रात करीब 1:55 बजे चटिया पुल के पास से तीनों नामजद आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उनके पास से मृतक अभय का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जो इस हत्याकांड का एक अहम सुबूत है। पुलिस अब आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।गिरफ्तार किए गए आरोपी:आशीष सिंह उर्फ हवलदार (पुत्र प्रेमपाल सिंह, निवासी- ग्राम आझी, थाना मझिला, हरदोई)धीरज सिंह (पुत्र नवल सिंह, निवासी- ग्राम आझी, थाना मझिला, हरदोई)भंवर पाल सिंह उर्फ मुले (पुत्र विश्वराज सिंह, निवासी- रनियामऊ, थाना पिहानी, हरदोई)खुलासा करने वाली पुलिस टीम:इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थानाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार के नेतृत्व में उप-निरीक्षक शिवम प्रताप सिंह, उप-निरीक्षक विवेक कुमार, कांस्टेबल भानूप्रताप अत्री और कांस्टेबल हरवान सिंह की अहम भूमिका रही।3
- एक न्यायिक पद पर होते हुए भी तहसीलदार की दबंगई।। ।।ब्रेकिंग न्यूज जिला बांदा।। UP के बांदा में EWS बनवाने गए एक सवर्ण लड़के को तहसील में लेखपाल सुधीर यादव व नायब तहसीलदार ने तहसील परिसर में दौड़ा दौड़ा कर पीटा।1
- *अलीगढ:-* रास्ते में घर जा रही महिला को आधा दर्जन से अधिक दबंग महिला और पुरुषो ने जमकर पीटा मामूली कहासुनी को लेकर दो माह की गर्भवती महिला को जमीन पर गिराकर पीटा मारपीट में महिला और उसकी बेटी को आई चोटे,स्थानीय पुलिस से की शिकायत पीड़ित महिला की शिकायत पर थाना महुआखेड़ा पुलिस ने पांच महिलाओ सहित 8 लोगो के खिलाफ मुकदमा किया दर्ज 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नहीं की कोई कार्यवाही आरोपी लगातार पीड़ित महिला और उसके पति पर फैसले का बना रहे दबाव फैसला ना करने पर दे रहे जान से मारने की धमकी मारपीट की घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर हो रही जमकर वायरल पीड़ित महिला ने एसएसपी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ की कार्यवाही की मांग बाइट - रेनू पीड़ित महिला1
- Post by Shruddin Khan1