सतना जिले के रामपुर बाघेलान में वरिष्ठ पत्रकार एवं 'रामपुर प्रहरी' के संपादक सतीश शुक्ला के पिता राजेंद्र शुक्ला का रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत राजेंद्र शुक्ला का अंतिम संस्कार 23 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम दीनापुर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ मुखाग्नि के बाद वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए क्षेत्र में सम्मानित राजेंद्र शुक्ला के निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था, और उनकी छोड़ी गई सामाजिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।
सतना जिले के रामपुर बाघेलान में वरिष्ठ पत्रकार एवं 'रामपुर प्रहरी' के संपादक सतीश शुक्ला के पिता राजेंद्र शुक्ला का रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत राजेंद्र शुक्ला का अंतिम संस्कार 23 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम दीनापुर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ मुखाग्नि के बाद वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए क्षेत्र में सम्मानित राजेंद्र शुक्ला के निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था, और उनकी छोड़ी गई सामाजिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।
- मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में शनिवार को सतना जिले के रामपुर बघेलान में जन्मे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह का जन्मदिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गोविंद नारायण सिंह के राजनीतिक जीवन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया। वर्ष 1967 से 1969 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे गोविंद नारायण सिंह के किसान, गरीब व ग्रामीण उत्थान के फैसले आज भी मिसाल माने जाते हैं। रामपुर बघेलान क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था और उन्होंने सतना जिले को प्रदेश की राजनीति में एक नई पहचान दिलाई थी। इस अवसर पर उनके सुपुत्र पूर्व मंत्री अशोक सिंह और नाती व रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने अपने पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पुष्पांजलि के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गोविंद नारायण सिंह का सादगी भरा जीवन और जनसेवा का भाव आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है।1
- मैहर के नीलकंठ आश्रम ओयला मंदिर में अज्ञात व्यक्ति द्वारा नवीन मूर्तियों को खंडित कर दिया गया है। मंदिर में 1008 स्वामी नीलकंठ जी महाराज एवं स्वामी बम महाराज जी की मूर्तियां रखी गई थीं, जिनकी आगामी जनवरी माह में प्राण प्रतिष्ठा होने वाली थी। इस घटना के सामने आने के बाद नीलकंठ आश्रम से जुड़े भक्तों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैहर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री महेन्द्र सिंह चौहान, मैहर तहसीलदार श्री जीतेन्द्र पटेल, एस.आई. संतोष उलाड़ी, एस.आई. वंदना गर्ग, नेक सिंह, रावेंद्र दोहरे और अतुल दाहिया मौजूद रहे।1
- सतना के वार्ड नंबर 25 स्थित सर्किट हाउस के सामने और जटाशंकर के बगल वाली गली में नालियां बंद पड़ी हैं। इसकी वजह से नाली का गंदा एवं बदबूदार पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस मामले की शिकायत नगर निगम में दर्ज कराई जा चुकी है।1
- NEET पेपर लीक कांड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रि 11:00 बजे अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक लाइव वीडियो जारी किया। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने सीधे छात्रों को संबोधित किया। छात्रों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "thankyou friends आपका हमारा नाता बना रहेगा।"1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लॉर्ड्स में 5 विकेट लेकर इतिहास रचने वाली क्रिकेटर क्रांति गौर को सम्मानित किया और उनके लिए 5 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। इसी दौरान अगर मालवा और जबलपुर के मेधावी विद्यार्थियों के एक दल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की और विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन भी किया। वहीं राज्य सरकार की अन्य गतिविधियों के तहत उच्च शिक्षा मंत्री इंद्र सिंह परमार ने राज्य स्तरीय SAAC प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया। इसके अलावा खेल मंत्री विश्वास सारंग ने TT Nagar Stadium में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में वरिष्ठ पत्रकार एवं 'रामपुर प्रहरी' के संपादक सतीश शुक्ला के पिता राजेंद्र शुक्ला का रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत राजेंद्र शुक्ला का अंतिम संस्कार 23 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम दीनापुर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ मुखाग्नि के बाद वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए क्षेत्र में सम्मानित राजेंद्र शुक्ला के निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था, और उनकी छोड़ी गई सामाजिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।1