मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में शनिवार को सतना जिले के रामपुर बघेलान में जन्मे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह का जन्मदिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गोविंद नारायण सिंह के राजनीतिक जीवन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया। वर्ष 1967 से 1969 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे गोविंद नारायण सिंह के किसान, गरीब व ग्रामीण उत्थान के फैसले आज भी मिसाल माने जाते हैं। रामपुर बघेलान क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था और उन्होंने सतना जिले को प्रदेश की राजनीति में एक नई पहचान दिलाई थी। इस अवसर पर उनके सुपुत्र पूर्व मंत्री अशोक सिंह और नाती व रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने अपने पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पुष्पांजलि के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गोविंद नारायण सिंह का सादगी भरा जीवन और जनसेवा का भाव आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है।
मध्यप्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में शनिवार को सतना जिले के रामपुर बघेलान में जन्मे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद नारायण सिंह का जन्मदिवस गरिमामय ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया और दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गोविंद नारायण सिंह के राजनीतिक जीवन और प्रदेश के विकास में उनके योगदान को याद किया। वर्ष 1967 से 1969 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहे गोविंद नारायण सिंह के किसान, गरीब व ग्रामीण उत्थान के फैसले आज भी मिसाल माने जाते हैं। रामपुर बघेलान क्षेत्र से उनका गहरा लगाव था और उन्होंने सतना जिले को प्रदेश की राजनीति में एक नई पहचान दिलाई थी। इस अवसर पर उनके सुपुत्र पूर्व मंत्री अशोक सिंह और नाती व रामपुर बघेलान विधायक विक्रम सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों ने अपने पिता और दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। पुष्पांजलि के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गोविंद नारायण सिंह का सादगी भरा जीवन और जनसेवा का भाव आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है।
- मध्य प्रदेश के इंदौर में ₹175 करोड़ की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले डबल लेयर फ्लाईओवर की एक भुजा का लोकार्पण किया गया है। वहीं आलीराजपुर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आलीराजपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता करते हुए ₹303.34 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन और ₹53.55 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया। राजधानी भोपाल में प्रशासनिक समीक्षा और जनसेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित हुईं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने श्योपुर एवं सिंगरौली मेडिकल कॉलेज की समीक्षा करते हुए मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर व्यवस्थाओं के सुगम संचालन का निर्देश दिया। श्रम विभाग की समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इसके अलावा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जनसुनवाई के दौरान नागरिकों की मूलभूत समस्याएं सुनकर उनके निराकरण के निर्देश दिए, जबकि उच्च शिक्षा मंत्री सुरेंद्र सिंह परमार ने NEP-2020 कार्यक्रम में शामिल होकर भारतीय ज्ञान परंपरा को विकसित भारत के उज्जवल भविष्य की आधारशिला बताया।1
- मध्य प्रदेश के मैहर धाम स्थित प्रसिद्ध मां शारदा शक्तिपीठ में शनिवार को प्रधान पुजारी द्वारा दोपहर की आरती संपन्न की गई।1
- देश की राजनीति और शिक्षा जगत से बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर अपने इस फैसले की जानकारी दी है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली और NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। इस इस्तीफे के बाद अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के अगले फैसले और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर टिक गई हैं।1
- NEET पेपर लीक कांड के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रि 11:00 बजे अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक लाइव वीडियो जारी किया। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने सीधे छात्रों को संबोधित किया। छात्रों को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "thankyou friends आपका हमारा नाता बना रहेगा।"1
- सरकार का कहना है कि वे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों से जुड़े शिक्षा के तमाम विषयों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखते हैं। प्रदेश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की उपलब्धि हासिल की गई है। इसके साथ ही अपने ढाई वर्ष के संक्षिप्त कार्यकाल के भीतर ही तीन नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। विकास के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए यह दावा भी किया गया है कि कांग्रेस के 55 वर्षों के शासनकाल के दौरान जितने मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए थे, उतने मेडिकल कॉलेज वर्तमान सरकार ने मात्र ढाई वर्षों में प्रारंभ कर दिखाए हैं। स्पष्ट विजन के साथ प्रदेश को निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- सतना जिले के रामपुर बाघेलान में वरिष्ठ पत्रकार एवं 'रामपुर प्रहरी' के संपादक सतीश शुक्ला के पिता राजेंद्र शुक्ला का रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत राजेंद्र शुक्ला का अंतिम संस्कार 23 जुलाई 2026 को उनके गृह ग्राम दीनापुर में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जहाँ मुखाग्नि के बाद वे पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, पत्रकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, रिश्तेदार और शुभचिंतक शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक व्यवहार के लिए क्षेत्र में सम्मानित राजेंद्र शुक्ला के निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजेंद्र शुक्ला का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक था, और उनकी छोड़ी गई सामाजिक विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा।1