पिकअप की टक्कर से 6 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, घर के बाहर खेलते समय हुआ हादसा सेंधवा। ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम भूरापानी में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बच्ची घर के बाहर पैदल/खेल रही थी, इसी दौरान एक पिकअप वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन गंभीर हालत में बच्ची कीर्ति पिता अजय डावर, उम्र 6 वर्ष, निवासी भूरापानी को निजी वाहन से तत्काल सेंधवा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और पिकअप वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं, शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। 6 वर्षीय मासूम की मौत से पूरे भूरापानी गांव में शोक का माहौल है।
पिकअप की टक्कर से 6 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, घर के बाहर खेलते समय हुआ हादसा सेंधवा। ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम भूरापानी में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बच्ची घर के बाहर पैदल/खेल रही थी, इसी दौरान एक पिकअप वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन गंभीर हालत में बच्ची कीर्ति पिता अजय डावर, उम्र 6 वर्ष, निवासी भूरापानी को निजी वाहन से तत्काल सेंधवा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और पिकअप वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं, शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। 6 वर्षीय मासूम की मौत से पूरे भूरापानी गांव में शोक का माहौल है।
- पिकअप की टक्कर से 6 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत, घर के बाहर खेलते समय हुआ हादसा सेंधवा। ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम भूरापानी में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 6 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बच्ची घर के बाहर पैदल/खेल रही थी, इसी दौरान एक पिकअप वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन गंभीर हालत में बच्ची कीर्ति पिता अजय डावर, उम्र 6 वर्ष, निवासी भूरापानी को निजी वाहन से तत्काल सेंधवा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस द्वारा घटना के कारणों और पिकअप वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं, शव का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। 6 वर्षीय मासूम की मौत से पूरे भूरापानी गांव में शोक का माहौल है।1
- निजी संस्था के शिक्षक विश्व ह्रदय दिवस पर ह्दयाघात से हुई मौत1
- SRF फाउंडेशन दे रहा ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क डिजिटल शिक्षा ।1
- धरमपुरी के पुनर्वास क्षेत्र में नलों में पानी नहीं आने से रहवासी परेशान, समस्या के निराकरण की मांग। धरमपुरी (धार) नवीन पुनर्वास क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर रहवासियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। क्षेत्र की रविदास कॉलोनी में पिछले कई दिनों से कई घरों में नलों से पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण रहवासियों को पेयजल के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि पुनर्वास क्षेत्र में डूब प्रभावित परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। पुनर्वास क्षेत्र की रविदास कॉलोनी में नलों में पानी नहीं आने की शिकायत सामने आई है। रहवासियों के अनुसार मोटर लगाने के बाद भी नलों में पर्याप्त और तेज पानी नहीं आता। वहीं कई घरों में नल चालू करने के बाद काफी देर से पानी पहुंचता है। रहवासी लक्ष्मीबाई पल्ले ने बताया कि यह समस्या कई दिनों से बनी हुई है। समस्या को लेकर नगर परिषद सहित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हो पाया है। रहवासियों ने नगर परिषद से पेयजल पाइपलाइन की जांच एवं आवश्यक सुधार करवाकर नलों में पर्याप्त दबाव के साथ नियमित पानी उपलब्ध कराने की मांग की है। कॉलोनी में पिछले कई दिनों से कई घरों में नलों से पर्याप्त पानी नहीं आने के कारण रहवासियों को पेयजल के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कमलेश भवरें, रिपोर्टर धरमपुरी (धार)4
- गणेशोत्सव के शांतिपूर्ण समापन में कानून-व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका, थाना प्रभारी व पुलिस स्टाफ का सम्मान1
- पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष निराकरण के लिए साप्ताहिक ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की गई। नमस्कार, आप देख रहे हैं यूनिट इंडिया न्यूज़। बड़वानी से इस वक्त की महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष निराकरण के लिए साप्ताहिक ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान जिले के एसडीओपी, थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। पुलिस अधीक्षक ने आवेदकों की समस्याएं सीधे सुनीं और प्राप्त चार शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन हस्तांतरित करते हुए समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए। इनमें पारिवारिक विवाद, लड़ाई-झगड़े और महिला संबंधी मामले शामिल रहे। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नरवाल स्थित एकलव्य विद्यालय हॉस्टल का अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। विद्यार्थियों से पढ़ाई, रहन-सहन, भोजन और हॉस्टल की सुविधाओं को लेकर सीधा संवाद किया गया। विद्यार्थियों द्वारा बताई गई समस्याओं पर प्रिंसिपल और वार्डन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ पढ़ाई करने और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की समझाइश दी। यूनिट इंडिया न्यूज़ — हमेशा सच के साथ।1
- आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केंद्र पर हुई गतिविधियां, पानसेमल। नगर के वार्ड 8 में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत महिलाओं को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उपस्थित महिलाओं ने कहा शासन की योजनाओं से बने हैं आत्मनिर्भर।1
- शिक्षा व्यवस्था में संवाद को बढ़ावा देने की पहल, जिला अध्यक्ष प्रकाश चौहान ने उठाया पालक-शिक्षक संवाद का मुद्दा बड़वानी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन और उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान को लेकर भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रकाश चौहान ने पहल करते हुए जिला प्रशासन के समक्ष महत्वपूर्ण मांग रखी है। चौहान ने कलेक्टर बड़वानी को पत्र सौंपकर शासकीय विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में नियमित मासिक पालक-शिक्षक संवाद आयोजित किए जाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। जिला अध्यक्ष प्रकाश चौहान ने अपने पत्र में कहा कि विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद से बच्चों की समस्याओं को समझने तथा उनका उचित समाधान करने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों की शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास को भी मजबूती मिलेगी। चौहान ने विशेष रूप से कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों की पालक-शिक्षक बैठक प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से आयोजित करने का सुझाव दिया है। इन बैठकों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यालयीन गतिविधियों, अनुशासन सहित अन्य आवश्यक विषयों की जानकारी अभिभावकों के साथ साझा किए जाने की बात कही गई है। छात्रावासों की समस्याओं पर भी संवाद जरूरी पत्र में छात्रावासों से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख करते हुए कहा गया है कि कुछ स्थानों पर छात्रावासों में निवासरत बालकों द्वारा समस्याओं अथवा शिकायतों को लेकर विरोध-प्रदर्शन जैसी स्थिति सामने आती है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवासीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं शासकीय विद्यालयों में भी नियमित शिक्षक-पालक संवाद आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई है। प्रकाश चौहान ने कहा कि यदि विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रावास प्रबंधन के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था स्थापित हो, तो समस्याओं को समय रहते सुना और उनका समाधान किया जा सकता है। इससे शिक्षा व्यवस्था में विश्वास और बेहतर समन्वय विकसित होगा। गजेंद्र सिंह पटेल के मार्गदर्शन में जनजातीय शिक्षा के मुद्दों पर जोर क्षेत्र में जनजातीय समाज से जुड़े शिक्षा एवं विकास के विषय लगातार प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं। खरगोन-बड़वानी सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल भी जनजातीय समाज से जुड़े विषयों पर सक्रिय रहे हैं। इसी क्रम में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रकाश चौहान द्वारा शिक्षा व्यवस्था में पालक-शिक्षक संवाद को संस्थागत रूप देने की मांग को विद्यार्थियों और अभिभावकों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रकाश चौहान ने प्रशासन से इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर शासकीय विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में नियमित मासिक पालक-शिक्षक संवाद की व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया है।1