सारंगढ़ बिलाईगढ़ में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने गढ़चौक स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन शाखा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम की भंडारण क्षमता, राशन परिवहन और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और मध्यान्ह भोजन योजना के लिए संग्रहित चावल, नमक और शक्कर की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने चावल की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए हितग्राहियों और राशन दुकानों तक साफ एवं गुणवत्तापूर्ण चावल पहुंचाने के निर्देश दिए। साहू ने गोदामों की भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और वाहनों में जीपीएस की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 60 टन क्षमता वाले धर्मकांटा का भी निरीक्षण किया और सभी गोदामों का अवलोकन किया। नागरिक आपूर्ति एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने राइस मिलरों से गुणवत्तापूर्ण चावल क्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण में डिप्टी कलेक्टर उमेश कुमार साहू, जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुमार कुर्रे और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक घनश्याम कश्यप भी उपस्थित रहे।
सारंगढ़ बिलाईगढ़ में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने गढ़चौक स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन शाखा और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम की भंडारण क्षमता, राशन परिवहन और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और मध्यान्ह भोजन योजना के लिए संग्रहित चावल, नमक और
शक्कर की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने चावल की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए हितग्राहियों और राशन दुकानों तक साफ एवं गुणवत्तापूर्ण चावल पहुंचाने के निर्देश दिए। साहू ने गोदामों की भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और वाहनों में जीपीएस की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 60 टन क्षमता वाले धर्मकांटा का भी
निरीक्षण किया और सभी गोदामों का अवलोकन किया। नागरिक आपूर्ति एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने राइस मिलरों से गुणवत्तापूर्ण चावल क्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण में डिप्टी कलेक्टर उमेश कुमार साहू, जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुमार कुर्रे और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक घनश्याम कश्यप भी उपस्थित रहे।
- रायगढ़ जिले में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने हेतु चलाए जा रहे 'अभियान संवेदना' के तहत, महिला थाना रायगढ़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी पर अपनी ही सहकर्मी, एक महिला सिक्योरिटी गार्ड से छेड़छाड़ और अश्लील टिप्पणियां करने का आरोप है। पीड़िता ने 15 जून 2026 को महिला थाना रायगढ़ में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया कि वह फरवरी 2026 से थाना चक्रधरनगर क्षेत्र स्थित एक प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत है। प्लांट में गार्ड इंचार्ज के पद पर तैनात आरोपी राजा बनर्जी उस पर गलत नियत रखता था और अश्लील टिप्पणियां करता था। पीड़िता के अनुसार, 5 मई 2026 को आरोपी ने उसे रजिस्टर चेक कराने के बहाने अपने केबिन में बुलाकर अश्लील बातें कीं और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। इसके बाद, 13 जून 2026 को आरोपी ने उसे कॉलोनी स्थित अपने कमरे में सफाई के बहाने बुलाया, जहां अकेला पाकर उसका हाथ व बांह पकड़कर छेड़छाड़ की। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर वह खुद को छुड़ाकर वहां से निकल गई और घटना की जानकारी अपने सहकर्मियों व सहेलियों को दी। इस शिकायत पर महिला थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 60/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78(2), 126(2), 79, 75(3), 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान फरार चल रहे आरोपी राजा बनर्जी, पिता स्वर्गीय सी.के. बनर्जी, निवासी आलोक विहार सोसाइटी, ब्लॉक नंबर 41, फ्लैट नंबर 81, थाना टेल्को, जिला सिंहभूम (झारखंड), जो वर्तमान में जूनाडीह जामगांव, थाना चक्रधरनगर, जिला रायगढ़ में रह रहा था, को आज प्लांट के पास घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर मेडिकल परीक्षण और गिरफ्तारी की समस्त वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के सुपरविजन और महिला थाना प्रभारी कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, महिला प्रधान आरक्षक मालती कंवर, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव, प्रधान आरक्षक संदीप भगत एवं आरक्षक राज सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर सख्त संदेश देते हुए कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि रायगढ़ पुलिस 'अभियान संवेदना' के माध्यम से महिला अपराधों पर संवेदनशीलता और सख्ती दोनों के साथ कार्य कर रही है, और पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा रहा है।3
- रायगढ़ जिले में महाराजा छत्रसाल जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया, जिसके साथ ही एक भंडारा भी लगाया गया।1
- शक्ति जिले में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया।1
- कोरबा जिले के चिर्रा में एक जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 481 आवेदन प्राप्त हुए। इस शिविर के साथ ही कोरबा जनपद पंचायत में आयोजित शिविरों का भव्य समापन हो गया।1
- रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के प्रस्तावित ओपन कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को एक पत्र भेजा है, जिसमें 1610.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना को खारिज कर चुकी है। उन्होंने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और पाँचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इस खनन परियोजना से वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि, जलस्रोतों और आदिवासी आस्था स्थलों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। ग्रामीणों ने इस परियोजना को पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई है।4
- कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र सियांग से एक पीड़ित किसान अपनी जमीन के सीमांकन का मामला लेकर चिर्रा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। किसान ने शिविर में अपनी समस्या प्रस्तुत की, जो कि भूमि से संबंधित सीमांकन के विवाद से जुड़ी थी।1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पालिका अध्यक्ष की ज़मीन पर पेड़ काटने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी को उजागर करती है।1