रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के प्रस्तावित ओपन कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को एक पत्र भेजा है, जिसमें 1610.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना को खारिज कर चुकी है। उन्होंने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और पाँचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इस खनन परियोजना से वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि, जलस्रोतों और आदिवासी आस्था स्थलों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। ग्रामीणों ने इस परियोजना को पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई है।
रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के प्रस्तावित ओपन कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को एक पत्र भेजा है, जिसमें 1610.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना को खारिज कर चुकी है। उन्होंने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और पाँचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इस खनन परियोजना से वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि, जलस्रोतों और आदिवासी आस्था स्थलों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। ग्रामीणों ने इस परियोजना को पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई है।
- रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के प्रस्तावित ओपन कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को एक पत्र भेजा है, जिसमें 1610.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना को खारिज कर चुकी है। उन्होंने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और पाँचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इस खनन परियोजना से वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि, जलस्रोतों और आदिवासी आस्था स्थलों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। ग्रामीणों ने इस परियोजना को पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई है।4
- सतनामी समाज के दो बुद्धजीवीयों को दिल्ली में मिला डॉक्टरेट की मांनद उपाधि। डॉ.भूपेंद्र लहरे पत्रकार एवं डॉ.परमेश्वर लहरे चिकित्सक,सतनामी समाज के गौरव। सतनामी समाज के दो बुद्धजीवीयों को दिल्ली में मिला डॉक्टरेट की मांनद उपाधि। डॉ.भूपेंद्र लहरे पत्रकार एवं डॉ.परमेश्वर लहरे चिकित्सक,सतनामी समाज के गौरव।1
- शक्ति जिले में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया।1
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को सारंगढ़ तहसील के ग्राम जसपुर में खनिज दल के निरीक्षण के दौरान गौण खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए 2 ट्रैक्टरों को जब्त कर सारंगढ़ थाना के सुपुर्द किया गया। इसके बाद, बुधवार को सरिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटंगपाली के आश्रित ग्राम मौहापाली में खनिज विभाग ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, ग्राम मौहापाली में खनिज डोलोमाइट के अवैध उत्खनन में संलिप्त 8 पोकलेन मशीनों को जब्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दिया गया। साथ ही, अवैध उत्खनन में संलिप्त 20 ट्रैक्टरों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें सरिया थाना के सुरक्षार्थ में रखा गया। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत की गई है। खनिज विभाग ने बताया कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव इलाके में कानून व्यवस्था को दरकिनार कर सत्ता की हनक दिखाने का एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी का कथित नेता अवधेश गुप्ता एक महिला के घर में घुसकर गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता दिख रहा है। वीडियो में अवधेश गुप्ता यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूँ!" इस घटना के बाद जनता विधायक गोमती साय से ऐसे तत्वों को प्राप्त संरक्षण पर सवाल उठा रही है। अवधेश गुप्ता का नाम पहली बार किसी विवाद में नहीं आया है। सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में बहना टांगर (सुरेशपुर) में उस पर एक आदिवासी महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसमें वह ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामला थाने तक भी पहुँचा था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर पीड़ित परिवार और गाँव के कुछ युवकों को किलकिल मंदिर के पास पीटा था। इस गुंडागर्दी के खिलाफ मंदिर के बाबा (पुजारी) द्वारा लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन सत्ता के रसूख के चलते पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई इस ताज़ा वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। आरोप है कि अवधेश गुप्ता बेखौफ होकर बीजेपी का नाम लेकर धौंस जमा रहा है, और उसकी इस दबंगई के पीछे उसके पारिवारिक रसूख को माना जा रहा है। उसके चाचा श्याम नारायण गुप्ता बीजेपी के पार्षद हैं, और उसका भाई/लड़का रोशन गुप्ता भी पार्षद है, जिस पर अपनी पहली पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर मामला चल रहा है। यह भी चर्चा है कि रोशन गुप्ता ने पत्थलगांव की एक साहू समाज की लड़की को भगाकर दूसरी शादी कर ली है, जबकि उसकी पहली पत्नी की शिकायत पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। इस पूरे मामले पर 'न्यूज़' ने विधायक गोमती साय से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी छत्रछाया में ऐसे गुंडे पल रहे हैं, और क्या इन अपराधियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। 'न्यूज़' ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार 'महिला सुरक्षा' और 'बेटी बचाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कार्यकर्ता सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। 'न्यूज़' का कहना है कि वह इस मामले पर तब तक नज़र बनाए रखेगा जब तक पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिल जाता।1
- कोरबा जिले के चिर्रा में एक जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 481 आवेदन प्राप्त हुए। इस शिविर के साथ ही कोरबा जनपद पंचायत में आयोजित शिविरों का भव्य समापन हो गया।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज के चारमार जंगल से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथियों के झुंड को भगाने के लिए उन पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। इस घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को मिलने के बाद, वीडियो की पुष्टि कर कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो में 2-3 युवक हाथियों का मोबाइल से वीडियो बनाने के साथ ही उन पर पत्थर भी मार रहे हैं। बताया गया है कि जंगल में करीब 9 हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा था, जिसमें 2 नर, 6 मादा और 1 शावक शामिल हैं। युवकों के पत्थर मारने पर एक हाथी जंगल से निकलकर उन्हें दौड़ाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन बाद में वापस लौट गया। यह पूरा वाकया वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वन विभाग के एसडीओ आशुतोष मंडावा ने गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे बताया कि वीडियो की स्पष्ट पुष्टि की जा रही है और इसमें दिख रहे युवकों की शिनाख्त भी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो हाथियों या किसी अन्य वन्यप्राणी के साथ छेड़खानी करते, पत्थर मारते या किसी भी तरह से उन्हें परेशान करते पाए जाएंगे।1