छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव इलाके में कानून व्यवस्था को दरकिनार कर सत्ता की हनक दिखाने का एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी का कथित नेता अवधेश गुप्ता एक महिला के घर में घुसकर गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता दिख रहा है। वीडियो में अवधेश गुप्ता यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूँ!" इस घटना के बाद जनता विधायक गोमती साय से ऐसे तत्वों को प्राप्त संरक्षण पर सवाल उठा रही है। अवधेश गुप्ता का नाम पहली बार किसी विवाद में नहीं आया है। सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में बहना टांगर (सुरेशपुर) में उस पर एक आदिवासी महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसमें वह ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामला थाने तक भी पहुँचा था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर पीड़ित परिवार और गाँव के कुछ युवकों को किलकिल मंदिर के पास पीटा था। इस गुंडागर्दी के खिलाफ मंदिर के बाबा (पुजारी) द्वारा लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन सत्ता के रसूख के चलते पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई इस ताज़ा वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। आरोप है कि अवधेश गुप्ता बेखौफ होकर बीजेपी का नाम लेकर धौंस जमा रहा है, और उसकी इस दबंगई के पीछे उसके पारिवारिक रसूख को माना जा रहा है। उसके चाचा श्याम नारायण गुप्ता बीजेपी के पार्षद हैं, और उसका भाई/लड़का रोशन गुप्ता भी पार्षद है, जिस पर अपनी पहली पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर मामला चल रहा है। यह भी चर्चा है कि रोशन गुप्ता ने पत्थलगांव की एक साहू समाज की लड़की को भगाकर दूसरी शादी कर ली है, जबकि उसकी पहली पत्नी की शिकायत पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। इस पूरे मामले पर 'न्यूज़' ने विधायक गोमती साय से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी छत्रछाया में ऐसे गुंडे पल रहे हैं, और क्या इन अपराधियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। 'न्यूज़' ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार 'महिला सुरक्षा' और 'बेटी बचाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कार्यकर्ता सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। 'न्यूज़' का कहना है कि वह इस मामले पर तब तक नज़र बनाए रखेगा जब तक पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिल जाता।
छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव इलाके में कानून व्यवस्था को दरकिनार कर सत्ता की हनक दिखाने का एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी का कथित नेता अवधेश गुप्ता एक महिला के घर में घुसकर गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता दिख रहा है। वीडियो में अवधेश गुप्ता यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूँ!" इस घटना के बाद जनता विधायक गोमती साय से ऐसे तत्वों को प्राप्त संरक्षण पर सवाल उठा रही है। अवधेश गुप्ता का नाम पहली बार किसी विवाद में नहीं आया है। सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में बहना टांगर (सुरेशपुर) में उस पर एक आदिवासी महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसमें वह ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामला थाने तक भी पहुँचा था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर पीड़ित परिवार और गाँव के कुछ युवकों को किलकिल मंदिर के पास पीटा था। इस गुंडागर्दी के खिलाफ मंदिर के बाबा (पुजारी) द्वारा लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन सत्ता के रसूख के चलते पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई इस ताज़ा वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। आरोप है कि अवधेश गुप्ता बेखौफ होकर बीजेपी का नाम लेकर धौंस जमा रहा है, और उसकी इस दबंगई के पीछे उसके पारिवारिक रसूख को माना जा रहा है। उसके चाचा श्याम नारायण गुप्ता बीजेपी के पार्षद हैं, और उसका भाई/लड़का रोशन गुप्ता भी पार्षद है, जिस पर अपनी पहली पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर मामला चल रहा है। यह भी चर्चा है कि रोशन गुप्ता ने पत्थलगांव की एक साहू समाज की लड़की को भगाकर दूसरी शादी कर ली है, जबकि उसकी पहली पत्नी की शिकायत पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। इस पूरे मामले पर 'न्यूज़' ने विधायक गोमती साय से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी छत्रछाया में ऐसे गुंडे पल रहे हैं, और क्या इन अपराधियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। 'न्यूज़' ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार 'महिला सुरक्षा' और 'बेटी बचाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कार्यकर्ता सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। 'न्यूज़' का कहना है कि वह इस मामले पर तब तक नज़र बनाए रखेगा जब तक पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिल जाता।
- Ajit guptaपत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़पत्थलगांव का हाल आम आदमी इस बलात्कारी बीजेपी के नेता से परेशान हो चुके हैं इसका नाम अवधेश गुप्ता है और ये पहले भी एक आदिवासी महिला के बलात्कार के मामले में जेल जा चुका है आए दिन गुंडा गर्दी करना इसका काम है इसके चाचा के ऊपर भी 2 दर्जन से ऊपर fir है दहेज का बलात्कार का 420 का मारपीट और ऐसे कई मामले दर्ज है अब sp जशपुर kya esko वन ten लगा ke गुण्डा एक्ट में यहां से बाहर नहीं निकल सकते क्या या कानून बस आम आदमी को परेशान करने के लिए है ऐसे नेता ओर बलात्कारी लोगों के लिए नहीं है कई जनता जवाब मंगाती है। आप अपने राय दे क्या ये सही हो रहा है?4 hrs ago
- छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव इलाके में कानून व्यवस्था को दरकिनार कर सत्ता की हनक दिखाने का एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें बीजेपी का कथित नेता अवधेश गुप्ता एक महिला के घर में घुसकर गाली-गलौज करता और जान से मारने की धमकी देता दिख रहा है। वीडियो में अवधेश गुप्ता यह कहते हुए सुनाई दे रहा है कि "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूँ!" इस घटना के बाद जनता विधायक गोमती साय से ऐसे तत्वों को प्राप्त संरक्षण पर सवाल उठा रही है। अवधेश गुप्ता का नाम पहली बार किसी विवाद में नहीं आया है। सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में बहना टांगर (सुरेशपुर) में उस पर एक आदिवासी महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसमें वह ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया था। मामला थाने तक भी पहुँचा था, लेकिन वह जमानत पर बाहर आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर पीड़ित परिवार और गाँव के कुछ युवकों को किलकिल मंदिर के पास पीटा था। इस गुंडागर्दी के खिलाफ मंदिर के बाबा (पुजारी) द्वारा लिखित आवेदन भी दिया गया था, लेकिन सत्ता के रसूख के चलते पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार सुबह करीब 10 बजे हुई इस ताज़ा वारदात से इलाके में दहशत फैल गई है। आरोप है कि अवधेश गुप्ता बेखौफ होकर बीजेपी का नाम लेकर धौंस जमा रहा है, और उसकी इस दबंगई के पीछे उसके पारिवारिक रसूख को माना जा रहा है। उसके चाचा श्याम नारायण गुप्ता बीजेपी के पार्षद हैं, और उसका भाई/लड़का रोशन गुप्ता भी पार्षद है, जिस पर अपनी पहली पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर मामला चल रहा है। यह भी चर्चा है कि रोशन गुप्ता ने पत्थलगांव की एक साहू समाज की लड़की को भगाकर दूसरी शादी कर ली है, जबकि उसकी पहली पत्नी की शिकायत पुलिस दर्ज नहीं कर रही है। इस पूरे मामले पर 'न्यूज़' ने विधायक गोमती साय से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी छत्रछाया में ऐसे गुंडे पल रहे हैं, और क्या इन अपराधियों पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी या हर बार की तरह मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा। 'न्यूज़' ने यह भी सवाल उठाया कि एक तरफ सरकार 'महिला सुरक्षा' और 'बेटी बचाओ' का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कार्यकर्ता सरेआम गुंडागर्दी कर रहे हैं। 'न्यूज़' का कहना है कि वह इस मामले पर तब तक नज़र बनाए रखेगा जब तक पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिल जाता।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने, रोजगार के नए अवसर सृजित होने और जनता को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का लक्ष्य देश के हर क्षेत्र का संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। उनके अनुसार, दमन में शुरू की गई ये परियोजनाएं क्षेत्र में विकास, पर्यटन और आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करेंगी।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) अंबिकापुर की टीम ने मनोरा जनपद पंचायत के प्रभारी उप-अभियंता (एसडीओ) संजय कुमार दिवाकर को 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 17 जून 2026 को की गई। एसीबी सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत कपरोल के पूर्व उप सरपंच रीतु राम यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2022-23 में रोजगार गारंटी योजना के तहत कराए गए गेजबियन संरचना निर्माण कार्य के मूल्यांकन और बिल भुगतान के लिए अधिकारी उनसे लगातार पैसों की मांग कर रहा था। शुरुआत में एसडीओ ने 70,000 रुपये की मांग की थी, जिससे काम छह महीने तक अटका रहा। बाद में 50,000 रुपये की घूस लेने के बाद ही उसने इंजीनियरों को भेजकर कार्य का मूल्यांकन कराया था। इसके बाद अंतिम बिल भुगतान और मूल्यांकन रिपोर्ट के सत्यापन के एवज में आरोपी एसडीओ संजय कुमार दिवाकर ने फिर से 30,000 रुपये की मांग की। पीड़ित ने रिश्वत देने के बजाय एसीबी से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन होने पर मोलभाव के दौरान आरोपी अधिकारी 25,000 रुपये लेने पर सहमत हुआ। तय रणनीति के तहत एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही प्रार्थी ने रिश्वत की राशि आरोपी को सौंपी, टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के प्रस्तावित ओपन कोल ब्लॉक के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। ग्राम पंचायत बायसी कॉलोनी की ग्राम सभा ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव को एक पत्र भेजा है, जिसमें 1610.75 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित इस कोल ब्लॉक को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा पहले ही सर्वसम्मति से इस परियोजना को खारिज कर चुकी है। उन्होंने पेसा अधिनियम, वनाधिकार कानून और पाँचवीं अनुसूची का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि इस खनन परियोजना से वन क्षेत्र, हाथियों के प्राकृतिक आवास, कृषि भूमि, जलस्रोतों और आदिवासी आस्था स्थलों को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। ग्रामीणों ने इस परियोजना को पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई है।4
- शक्ति जिले में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया।1
- कोरबा जिले के कनकी जोगी पाली क्षेत्र में रेत का खनन कार्य जारी है। यह खनन प्रक्रिया इलाके में चल रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ कर शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है। इन परियोजनाओं से हैदराबाद में यातायात, कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ विकास कार्यों की प्रगति और जनता को मिलने वाले लाभों पर भी चर्चा की। इस पहल को विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करने वाला बताया गया है।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा रेंज के चारमार जंगल से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक हाथियों के झुंड को भगाने के लिए उन पर पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। इस घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को मिलने के बाद, वीडियो की पुष्टि कर कार्रवाई की जा रही है। वायरल वीडियो में 2-3 युवक हाथियों का मोबाइल से वीडियो बनाने के साथ ही उन पर पत्थर भी मार रहे हैं। बताया गया है कि जंगल में करीब 9 हाथियों का एक झुंड विचरण कर रहा था, जिसमें 2 नर, 6 मादा और 1 शावक शामिल हैं। युवकों के पत्थर मारने पर एक हाथी जंगल से निकलकर उन्हें दौड़ाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन बाद में वापस लौट गया। यह पूरा वाकया वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वन विभाग के एसडीओ आशुतोष मंडावा ने गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे बताया कि वीडियो की स्पष्ट पुष्टि की जा रही है और इसमें दिख रहे युवकों की शिनाख्त भी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो हाथियों या किसी अन्य वन्यप्राणी के साथ छेड़खानी करते, पत्थर मारते या किसी भी तरह से उन्हें परेशान करते पाए जाएंगे।1