बरसात का मौसम शुरू होते ही हमीरपुर जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और मौदहा बांध विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। यमुना और बेतवा नदियों से घिरे इस जिले में प्रत्येक वर्ष बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को देखते हुए दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौदहा बांध विभाग ने समय रहते बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। विभाग द्वारा तटबंधों की साफ-सफाई कराने के साथ-साथ कमजोर एवं कटान संभावित स्थलों पर मिट्टी भराई का कार्य कराया गया है। इसके अलावा आपदा की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए बालू से भरी बोरियां, बोल्डर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है। विभागीय अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर रहे हैं और तटबंधों का निरीक्षण जारी है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें 24 घंटे सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बांध विभाग का दावा है कि नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा और जन-धन की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
बरसात का मौसम शुरू होते ही हमीरपुर जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और मौदहा बांध विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। यमुना और बेतवा नदियों से घिरे इस जिले में प्रत्येक वर्ष बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को देखते हुए दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौदहा बांध विभाग ने समय रहते बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। विभाग द्वारा तटबंधों की साफ-सफाई कराने के साथ-साथ कमजोर एवं कटान संभावित स्थलों पर
मिट्टी भराई का कार्य कराया गया है। इसके अलावा आपदा की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए बालू से भरी बोरियां, बोल्डर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है। विभागीय अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर रहे हैं और तटबंधों का निरीक्षण जारी है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें 24 घंटे सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बांध विभाग का दावा है कि नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा और जन-धन की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।
- हमीरपुर के मौदहा तहसील सभागार में महीने के तीसरे शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। दर्ज कराई गई शिकायतों में से केवल दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सका, जबकि बाकी बची शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी न मिलने, राशन कार्ड न बनने, यूनिट जोड़ने-घटाने में गड़बड़ी, भूमि कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने और पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए। इस दौरान परिसीमन के बाद काछिन डेरा का लंबित मामला भी प्रमुखता से उठाया गया, जो फत्तेपुर ग्राम पंचायत को नगर पालिका मौदहा में शामिल किए जाने के बाद से न तो नगर पालिका क्षेत्र में है और न ही ग्राम पंचायत में, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मंडलायुक्त अजीत कुमार ने किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।1
- बरसात का मौसम शुरू होते ही हमीरपुर जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और मौदहा बांध विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। यमुना और बेतवा नदियों से घिरे इस जिले में प्रत्येक वर्ष बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को देखते हुए दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौदहा बांध विभाग ने समय रहते बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। विभाग द्वारा तटबंधों की साफ-सफाई कराने के साथ-साथ कमजोर एवं कटान संभावित स्थलों पर मिट्टी भराई का कार्य कराया गया है। इसके अलावा आपदा की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए बालू से भरी बोरियां, बोल्डर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है। विभागीय अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर रहे हैं और तटबंधों का निरीक्षण जारी है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें 24 घंटे सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बांध विभाग का दावा है कि नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा और जन-धन की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।2
- लोगों को घर बैठे पार्ट-टाइम ऑनलाइन काम करने और अपने खाली समय का सही उपयोग करने का अवसर दिया जा रहा है। इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए मोबाइल नंबर 9913082546 पर व्हाट्सएप करने के लिए कहा गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का पुतला फूंका। कांग्रेस कार्यकर्ता सतीश महाना द्वारा चंदा चोरी मामले में दिए गए बयान को लेकर बेहद आक्रोशित थे और उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से तत्काल इस्तीफे की मांग की। पुतला दहन की इस कोशिश के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। इसी झड़प और खींचतान के बीच ही पुतले में आग लगा दी गई, जिससे कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ता झुलस गए।4
- उत्तराखंड की रहने वाली मानवी ने देहरादून-ऋषिकेश हाईवे परियोजना के लिए करीब 4 हजार पेड़ों की कटाई के विरोध में अपना मुंडन करा लिया है। मानवी ने इस हाईवे परियोजना के तहत इतनी बड़ी संख्या में काटे जा रहे पेड़ों के खिलाफ अपना यह कड़ा विरोध जताया है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में 'विमर्श विविधा' के अंतर्गत 'जिनका देश ऋणी है' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने मातृभूमि की वेदी में प्रथम आहुति के प्रतीक मंगल पांडे की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे सही मायने में मां भारती के एक बहादुर सपूत थे, जो देश की आजादी की वेदी में पहली आहुति बने। कार्यक्रम में उनके जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया गया कि उनका जन्म 29 मार्च 1927 को बलिया के नगवा में दिवाकर पांडे और अभय रानी के घर हुआ था। शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे सेना में भर्ती हो गए, लेकिन एक घटना ने उन्हें विद्रोही बना दिया। उन्होंने लेफ्टिनेंट बाग पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। इसके बाद वे अंग्रेजों से विद्रोह करते हुए स्वयं भी घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया। अंग्रेजों ने न्याय का नाटक कर उन्हें फांसी की सजा सुनाई और अंततः 8 अप्रैल 1857 को बैरकपुर में उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, प्रेम, सागर, प्रिंस, रिचा, होरी लाल, सतेन्द्र और मुन्ना भदौरिया सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कुंडौरा गांव में पिता की डांट के बाद घर से लापता हुआ किशोर तीन दिन बाद अपनी बुआ के घर मिला है। किशोर के मिलने के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोर की मां का आरोप है कि बेटा बुआ के घर पर ही था, लेकिन इस बात की जानकारी को तीन दिनों तक उनके परिवार से छिपाकर रखा गया। किशोर अपने पिता की डांट के बाद अचानक घर से निकल गया था, जिसके बाद से ही परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। इस मामले को लेकर अब पीड़ित माता-पिता ने सुमेरपुर थाने में तहरीर दी है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस माता-पिता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।1
- बांदा में राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की कथित टिप्पणी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान शहर कोतवाली पुलिस ने पुतला छीनने का प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए पुतले का दहन कर दिया। इस दौरान आग की चपेट में आने से जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता झुलस गए, जिनका मौके पर ही डॉक्टर बुलाकर प्राथमिक उपचार कराया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने आरोप लगाया कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई धनराशि और आभूषणों में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का बयान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए, अन्यथा उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मुद्दे से लोगों को अवगत कराने के लिए कांग्रेस प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पदयात्राएं भी निकालेगी। इस प्रदर्शन में शिवबली सिंह, Ramesh चन्द्र कोरी, पवन देवी कोरी, आदित्य कुमार सिंह, बल्देव वर्मा, डॉ. संजय द्विवेदी, सत्यप्रकाश द्विवेदी, शोएब रिजवी, अमित तिवारी, कालीचरण निगम, अम्बिका प्रसाद खेंगर, हेमंत वर्मा, संतोष कुमार द्विवेदी, राममिलन सिंह पटेल, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1