हमीरपुर के मौदहा तहसील सभागार में महीने के तीसरे शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। दर्ज कराई गई शिकायतों में से केवल दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सका, जबकि बाकी बची शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी न मिलने, राशन कार्ड न बनने, यूनिट जोड़ने-घटाने में गड़बड़ी, भूमि कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने और पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए। इस दौरान परिसीमन के बाद काछिन डेरा का लंबित मामला भी प्रमुखता से उठाया गया, जो फत्तेपुर ग्राम पंचायत को नगर पालिका मौदहा में शामिल किए जाने के बाद से न तो नगर पालिका क्षेत्र में है और न ही ग्राम पंचायत में, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मंडलायुक्त अजीत कुमार ने किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
हमीरपुर के मौदहा तहसील सभागार में महीने के तीसरे शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। दर्ज कराई गई शिकायतों में से केवल दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सका, जबकि बाकी बची शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी न मिलने, राशन कार्ड न बनने, यूनिट जोड़ने-घटाने में गड़बड़ी, भूमि कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने और पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए। इस दौरान परिसीमन के बाद काछिन डेरा का लंबित मामला भी प्रमुखता से उठाया गया, जो फत्तेपुर ग्राम पंचायत को नगर पालिका मौदहा में शामिल किए जाने के बाद से न तो नगर पालिका क्षेत्र में है और न ही ग्राम पंचायत में, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मंडलायुक्त अजीत कुमार ने किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
- हमीरपुर के मौदहा तहसील सभागार में महीने के तीसरे शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता चित्रकूटधाम मंडल के मंडलायुक्त अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने की। दर्ज कराई गई शिकायतों में से केवल दो मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सका, जबकि बाकी बची शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और बिजली विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए समय पर पानी न मिलने, राशन कार्ड न बनने, यूनिट जोड़ने-घटाने में गड़बड़ी, भूमि कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने और पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए। इस दौरान परिसीमन के बाद काछिन डेरा का लंबित मामला भी प्रमुखता से उठाया गया, जो फत्तेपुर ग्राम पंचायत को नगर पालिका मौदहा में शामिल किए जाने के बाद से न तो नगर पालिका क्षेत्र में है और न ही ग्राम पंचायत में, जिससे वहां के स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। मंडलायुक्त अजीत कुमार ने किसानों को पर्याप्त बिजली और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी शिकायतों का शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश एस. ने भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।1
- बरसात का मौसम शुरू होते ही हमीरपुर जिले में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और मौदहा बांध विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। यमुना और बेतवा नदियों से घिरे इस जिले में प्रत्येक वर्ष बाढ़ की आशंका बनी रहती है। इसी खतरे को देखते हुए दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौदहा बांध विभाग ने समय रहते बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं। विभाग द्वारा तटबंधों की साफ-सफाई कराने के साथ-साथ कमजोर एवं कटान संभावित स्थलों पर मिट्टी भराई का कार्य कराया गया है। इसके अलावा आपदा की स्थिति में तत्काल उपयोग के लिए बालू से भरी बोरियां, बोल्डर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण भी सुनिश्चित किया गया है। विभागीय अधिकारी लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी कर रहे हैं और तटबंधों का निरीक्षण जारी है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें 24 घंटे सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। बांध विभाग का दावा है कि नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा और जन-धन की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।2
- बांदा में हुई पहली तेज बारिश ने ही नगर पालिका परिषद की तैयारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी है। वार्ड संख्या-20 सेढू तलैया में कुछ ही घंटों की बारिश के बाद सड़कें तालाब बन गईं और लोगों के घरों में पानी घुस गया, जिससे पूरा इलाका किसी डूब क्षेत्र में तब्दील हो गया। हर साल होने वाले जलभराव और प्रशासनिक बैठकों के बावजूद हालात पहले से भी बदतर हो गए हैं, जिसने विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद बाक़र ने आरोप लगाया है कि यह वार्ड वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार रहा है। यहां आज भी दर्जनों सड़कें कच्ची हैं, नालियां अधूरी पड़ी हैं, अधिकांश गलियों में पेयजल पाइपलाइन नहीं है और स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बाद भी नगर पालिका का मार्ग प्रकाश विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। इस बदहाली का सबसे बड़ा कारण यह है कि हुसैनगंज, शंकर नगर, आजाद नगर, कालूकुआं और ईदगाह रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाकों का पानी आज भी करीब 20 साल पुराने और महज चार फीट चौड़े जर्जर नाले के सहारे बहाया जा रहा है। आबादी कई गुना बढ़ने के बावजूद नाले की क्षमता नहीं बढ़ाई गई, जिससे थोड़ी ही बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि जलभराव के साथ नाले के सांप और जहरीले जीव लोगों के घरों तक पहुंच रहे हैं, जिससे बच्चों का स्कूल और कोचिंग जाना भी बेहद जोखिम भरा हो गया है। हालांकि बीते 9 जुलाई को जलभराव की समीक्षा बैठक कर निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इस बारिश ने साबित कर दिया कि कागजी रणनीतियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। वार्डवासियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि लोहिया पुल से निम्मी पार तक के नाले को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसे कम से कम 20 फीट चौड़ा करने के लिए तत्काल बजट स्वीकृत किया जाए और एक महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। जनता का स्पष्ट कहना है कि उन्हें अब कोरे आश्वासन, निरीक्षण और भाषण नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस समाधान चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में शाम के समय हुई झमाझम बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। इस बारिश के होने से यहाँ का मौसम काफी सुहाना हो गया है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे की सब्जी मंडी में जामा मस्जिद के बाहर बने कुएं को मस्जिद के अंदर करने पर लोगों के विरोध के बाद पुलिस ने काम रुकवा दिया है। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। इस मामले में सब्जी मंडी निवासी मृत्युंजय गुप्ता, रामेन्द्र गुप्ता और बबलू शिवहरे आदि ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि मस्जिद कमेटी के सदस्य बाहर बने कुएं को क्षतिग्रस्त करके उसे मस्जिद प्रांगण के अंदर कर रहे हैं। मस्जिद कमेटी ने कब्जे के इन आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। कमेटी का कहना है कि कुएं में अन्ना मवेशी और बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है, जिसके चलते वे लोग सुरक्षा के लिहाज से वहां निर्माण करा रहे थे। लोगों की आपत्ति जताने के बाद कार्य बंद कर दिया गया है। थानाध्यक्ष पवन कुमार पटेल ने बताया कि लोगों के विरोध के बाद कार्य रोक दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले चार शातिर आरोपियों को कोतवाली नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने जालसाजों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक ई-रिक्शा चालक ने पुलिस को सूचना दी कि कार में बैठे कुछ लोग खुद को RTO, SDM और माइंस अधिकारी बता रहे हैं। ये फर्जी अधिकारी चालकों को चालान काटने और वाहन सीज करने का डर दिखाकर पैसों की वसूली कर रहे हैं। इस गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीओ सिटी मेविस टॉक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मवई बाईपास से चारों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹5,400 नकद, एक कार, एक लैपटॉप, फर्जी दस्तावेजों की फाइल और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे अलग-अलग जिलों में फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर इसी तरह वाहन चालकों को निशाना बनाते थे और अवैध वसूली करते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनके आपराधिक इतिहास की जांच शुरू कर दी है।2
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कुंडौरा गांव में पिता की डांट के बाद घर से लापता हुआ किशोर तीन दिन बाद अपनी बुआ के घर मिला है। किशोर के मिलने के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोर की मां का आरोप है कि बेटा बुआ के घर पर ही था, लेकिन इस बात की जानकारी को तीन दिनों तक उनके परिवार से छिपाकर रखा गया। किशोर अपने पिता की डांट के बाद अचानक घर से निकल गया था, जिसके बाद से ही परिजन लगातार उसकी खोजबीन कर रहे थे। इस मामले को लेकर अब पीड़ित माता-पिता ने सुमेरपुर थाने में तहरीर दी है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस माता-पिता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है।1
- हमीरपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में लक्ष्मीबाई तिराहे के पास एक तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। ब्रेड लादकर जा रही यह पिकअप अचानक बेकाबू हो गई और उसने एक घर के बाहर खड़ी बाइक और ओमनी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, हादसा रात के वक्त होने की वजह से वाहनों के आसपास कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।4