आस्था का महासंगम: वैशाख पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धा का सागर स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से आस्था का महासंगम: वैशाख पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धा का सागर हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड में गूंजा ‘हर-हर गंगे’, पुण्य स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का ज्वार हरिद्वार। धर्म की राजधानी हरिद्वार में आज वैशाख पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व विख्यात हर की पैड़ी के ब्रह्मकुंड में लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। यह दिन केवल स्नान का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया। रात्रि से ही शुरू हुआ पुण्य स्नान, भोर तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ पूर्णिमा तिथि के प्रभाव के चलते श्रद्धालुओं का आगमन देर रात्रि से ही शुरू हो गया था। सुबह होते-होते हर की पैड़ी से लेकर विभिन्न घाटों तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। 👉 1 मई 2026 को रात्रि 10:53 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहने के कारण 👉 उदया तिथि में व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने स्नान-दान का विशेष महत्व माना श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर अपने जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मोक्ष की कामना करते दिखाई दिए। बुद्ध पूर्णिमा, कुर्म जयंती और सनातन आस्था का त्रिवेणी संगम यह पावन दिन कई दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है— भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञानोदय और महापरिनिर्वाण कूर्म जयंती के रूप में भगवान विष्णु के अवतार की स्मृति हिंदू धर्म में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की आराधना करते हुए व्रत रखे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गंगा तट पर भक्ति, सेवा और संस्कारों का अद्भुत दृश्य गंगा तट पर आज केवल स्नान ही नहीं, बल्कि संस्कारों की झलक भी देखने को मिली— श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण कथा का श्रवण किया ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र और धार्मिक ग्रंथों का दान दिया अपने परिवार की सुख-शांति और स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया एक भावुक दृश्य में राजस्थान से आए बच्चों ने अपने माता-पिता को गंगा किनारे बैठाकर सेवा की स्नान कराया , वहीं कई पुत्र-पुत्रवधुओं ने अपनी माताओं के चरण धोकर उन्हें स्नान कराया और आशीर्वाद लिया। पूर्वजों को अर्पित श्रद्धा, सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी कृपा श्रद्धालुओं ने गंगा में खड़े होकर— अपने पूर्वजों का स्मरण किया भगवान सूर्य को जल और दुग्ध से अर्घ्य अर्पित किया तिल, जल और अन्न दान कर पुण्य अर्जित किया धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल प्रदान करता है। हर घाट पर गूंजा आस्था का स्वर हर की पैड़ी के अलावा— कुशाव्रत घाट, सती घाट, दक्ष घाट, नीलधारा, भीमगोडा कुंड, सप्तऋषि घाट (भूपतवाला), सर्वानंद घाट, लोकनाथ घाट, पंतदीप पार्किंग घाट, रोड़ीबेलवाला, सुभाष घाट, श्रवणनाथ घाट, इन सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। देशभर से उमड़ी श्रद्धा — आस्था ने जोड़े प्रदेशों के दिल इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के साथ-साथ— उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, से भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से तीर्थ नगरी में पहुंचकर मां गंगा के दर्शन और स्नान कर रहे हैं। प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा— सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस बल की तैनाती घाटों पर निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। आस्था, सेवा और सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप बना हरिद्वार आज हरिद्वार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि— 👉 यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था की जीवंत धड़कन है 👉 जहां हर डुबकी में श्रद्धा है, हर दान में सेवा है और हर प्रार्थना में मोक्ष की कामना विश्व विख्यात हर की पैड़ी पर आज का दृश्य यह बता रहा था कि— “जब आस्था उमड़ती है, तो गंगा भी अपने भक्तों को बाहों में समेट लेती है…” (यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और सनातन धर्म की जीवंत परंपरा का दिव्य उत्सव है…)
आस्था का महासंगम: वैशाख पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धा का सागर स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से आस्था का महासंगम: वैशाख पूर्णिमा पर हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धा का सागर हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड में गूंजा ‘हर-हर गंगे’, पुण्य स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का ज्वार हरिद्वार। धर्म की राजधानी हरिद्वार में आज वैशाख पूर्णिमा, जिसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व विख्यात हर की पैड़ी के ब्रह्मकुंड में लाखों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पवित्र धारा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। यह दिन केवल स्नान का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, श्रद्धा और सनातन परंपराओं के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया। रात्रि से ही शुरू हुआ पुण्य स्नान, भोर तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ पूर्णिमा तिथि के प्रभाव के चलते श्रद्धालुओं का आगमन देर रात्रि से ही शुरू हो गया था। सुबह होते-होते हर की पैड़ी से लेकर विभिन्न घाटों तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। 👉 1 मई 2026 को रात्रि 10:53 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहने के कारण 👉 उदया तिथि में व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने स्नान-दान का विशेष महत्व माना श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर अपने जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मोक्ष की कामना करते दिखाई दिए। बुद्ध पूर्णिमा, कुर्म जयंती और सनातन आस्था का
त्रिवेणी संगम यह पावन दिन कई दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है— भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञानोदय और महापरिनिर्वाण कूर्म जयंती के रूप में भगवान विष्णु के अवतार की स्मृति हिंदू धर्म में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की आराधना करते हुए व्रत रखे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गंगा तट पर भक्ति, सेवा और संस्कारों का अद्भुत दृश्य गंगा तट पर आज केवल स्नान ही नहीं, बल्कि संस्कारों की झलक भी देखने को मिली— श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण कथा का श्रवण किया ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र और धार्मिक ग्रंथों का दान दिया अपने परिवार की सुख-शांति और स्वास्थ्य के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया एक भावुक दृश्य में राजस्थान से आए बच्चों ने अपने माता-पिता को गंगा किनारे बैठाकर सेवा की स्नान कराया , वहीं कई पुत्र-पुत्रवधुओं ने अपनी माताओं के चरण धोकर उन्हें स्नान कराया और आशीर्वाद लिया। पूर्वजों को अर्पित श्रद्धा, सूर्य को अर्घ्य देकर मांगी कृपा श्रद्धालुओं ने गंगा में खड़े होकर— अपने पूर्वजों का स्मरण किया भगवान सूर्य को जल और दुग्ध से अर्घ्य अर्पित किया तिल, जल और अन्न दान कर पुण्य अर्जित किया धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल प्रदान करता है। हर घाट पर गूंजा आस्था का स्वर हर की पैड़ी के अलावा— कुशाव्रत घाट, सती घाट, दक्ष घाट, नीलधारा, भीमगोडा कुंड, सप्तऋषि घाट
(भूपतवाला), सर्वानंद घाट, लोकनाथ घाट, पंतदीप पार्किंग घाट, रोड़ीबेलवाला, सुभाष घाट, श्रवणनाथ घाट, इन सभी घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर पुण्य अर्जित किया। देशभर से उमड़ी श्रद्धा — आस्था ने जोड़े प्रदेशों के दिल इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के साथ-साथ— उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, से भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से तीर्थ नगरी में पहुंचकर मां गंगा के दर्शन और स्नान कर रहे हैं। प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा— सुरक्षा के कड़े इंतजाम पुलिस बल की तैनाती घाटों पर निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। आस्था, सेवा और सनातन परंपरा का जीवंत स्वरूप बना हरिद्वार आज हरिद्वार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि— 👉 यह केवल एक शहर नहीं, बल्कि आस्था की जीवंत धड़कन है 👉 जहां हर डुबकी में श्रद्धा है, हर दान में सेवा है और हर प्रार्थना में मोक्ष की कामना विश्व विख्यात हर की पैड़ी पर आज का दृश्य यह बता रहा था कि— “जब आस्था उमड़ती है, तो गंगा भी अपने भक्तों को बाहों में समेट लेती है…” (यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और सनातन धर्म की जीवंत परंपरा का दिव्य उत्सव है…)
- हरिद्वार से रोहित वर्मा की रिपोर्ट -हरिपुर कला में स्थित पीके फूड जंक्शन का भव्य शुभारंभ बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में स्थानीय लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ फीता काटकर रेस्टोरेंट का शुभारंभ किया गया। संस्थान के संचालक अमित कंडवाल महावीर पुंडीर ने बताया कि पीके फूड जंक्शन में ग्राहकों को स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण फास्ट फूड व अन्य व्यंजन उपलब्ध कराए जाएंगे। उद्घाटन के मौके पर आए मेहमानों ने नए प्रतिष्ठान की सराहना की और इसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्थानीय निवासियों के लिए यह एक नया और आकर्षक खानपान स्थल बनकर उभरेगा, जहां परिवार और दोस्त मिलकर अच्छा समय बिता सकेंगे।3
- हरिद्वार के देवपुरा क्षेत्र स्थित बजरी वाला बस्ती, बैरागी कैंप में ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गाँव का एकमात्र सरकारी हैंडपंप, जो लंबे समय से जल आपूर्ति का मुख्य साधन था, उसका हैंडल टूट जाने से पूरी व्यवस्था ठप हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि 45 डिग्री तापमान में पानी के बिना जीवन बेहद कठिन हो गया है। कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक रूप से, फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। लोगों ने विभाग की लापरवाही पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही हैंडपंप की मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।5
- हरिद्वार में धर्मनगरी और गंगा की पवित्रता व शुचिता बनाए रखने का आजकल बहुत शोर है। हरकी पैड़ी पर तो गंगा सभा ने जगह जगह इससे संबंधित सूचना पट भी लगाए हैं लेकिन इससे जुड़े विवाद जबतब सामने आते रहते हैं।आज उत्तरी हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर कुछ यात्री अपने पालतू कुत्ते को बुद्ध पूर्णिमा स्नान कराने पहुंच गए। आसपास नहा रहे श्रद्धालुओं ने जब साथ में कुत्ते को नहाते देखा तो इसपर आपत्ति जताई,जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया। बता दें कि आजकल हरिद्वार सहित देवभूमि के सभी मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश निषेध का मामला गरमाया हुआ है। (-कुमार दुष्यंत)1
- Post by Dpk Chauhan1
- हरिद्वार जनपद में दर्दनाक हादसा — मगरमच्छ के हमले में 13 वर्षीय बालक की मौत हरिद्वार से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। बुग्गावाला थाना क्षेत्र में स्थित नदी किनारे एक 13 वर्षीय बालक को मगरमच्छ ने अपना शिकार बना लिया। बताया जा रहा है कि ग्राम बंजारावाला निवासी बालक नदी के पास खेल रहा था, तभी अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। 👉 इस दर्दनाक घटना में बालक की मौके पर ही मौत हो गई। 👉 घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। 👉 फिलहाल वन विभाग इलाके में सतर्कता बरत रहा है और स्थानीय लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। ⚠️ *महत्वपूर्ण अपील*: नदी और जंगली इलाकों के आसपास बच्चों को अकेला न छोड़ें और सतर्कता बरतें। *आप देख रहे हैं* A BHARAT NEWS10 — सबसे पहले आपकी आवाज1
- Post by मोहित हरिद्वार ब्यूरो चीफ़1
- The Aman Times 🚨 ब्रेकिंग | ऋषिकेश हादसा ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा… तेज बहाव में बहा 18 वर्षीय युवक। 📍 लक्ष्मणझूला क्षेत्र के मालकुंठी पुल के पास की घटना 👉 दिल्ली से परिवार के साथ घूमने आया था युवक 👉 नहाते समय संतुलन बिगड़ा, गहरे पानी में गया और लापता 🚑 SDRF की डीप डाइविंग टीम मौके पर 🔍 गंगा में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी 👤 युवक की पहचान: वंश (18), निवासी निजामपुर, दिल्ली ⚠️ सावधानी जरूरी: गंगा में तेज बहाव के बीच नहाते समय सतर्क रहें1
- बुग्गावाला में आज सुबह एक ईंट भट्ठे के पास 13 वर्षीय किशोर को निवाला बनाने वाले मगरमच्छ को आखिर कड़ी मशक्कत के बाद वनविभाग की टीम ने गिरफ्त में ले लिया।इस दौरान वहां वनविभाग के आपरेशन को देखने के लिए घंटों लोगों की भीड़ जुटी रही। मगरमच्छ व्यस्क था और संभवतः कहीं से तालाब में पहुंच गया था। आज सुबह जब बुग्गावाला निवासी 13 वर्षीय किशोर तालाब के किनारे पहुंचा चुपचाप तालाब से निकलकर आए मगरमच्छ ने किशोर पर हमला कर दिया और उसे तालाब में खींच ले गया था। बाद में बचाव दल बच्चे का शव ही बरामद कर सका।1