*स्वच्छता आई समृद्धि लाई, स्लोगन जुमलेबाजी से कमतर नहीं* *स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवार* *ओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफन* डिंडोरी -- आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है! ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।
*स्वच्छता आई समृद्धि लाई, स्लोगन जुमलेबाजी से कमतर नहीं* *स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवार* *ओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफन* डिंडोरी -- आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक
स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील
होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है! ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित
स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों
से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित
की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।
- *स्वच्छता आई समृद्धि लाई, स्लोगन जुमलेबाजी से कमतर नहीं* *स्वच्छता परिसर में गंदगी का आलम ऐसा की अंदर जाना भी दुशवार* *ओ, डी, एफ, प्लस का दावा फाइलों में दफन* डिंडोरी -- आदिवासी बाहुल्य जिले में सरकार की अति महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन सरकारी फाइलों तक सिमटी नजर आती है! लाखों की लागत से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाये गये थे इनके निर्माण के बाद न तो जनपद के जिम्मेदारों ने इनके रखरखाव एवं उपयोग की की जिम्मेदारी तय की और न ही पंचायत के सरपंच और सचिव ने नतीजा यह हुआ की अपवाद स्वरूप कुछ एक पंचायतों में तो इनका उपयोग हो रहा है! लेकिन ज़्यदातर ये स्वच्छता परिसर खंडहरों में तब्दील होने के साथ गंदगी से ऐसे सरावोर हैं! की अंदर जाना भी दुसवार है! ऐसा ही मामला है! जनपद पंचायत डिंडोरी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कसईसोढ़ा का जहां स्वच्छता परिसर के अंदर गंदगी का आलम ऐसा की खड़ा होना भी दूभर है!इस ओर न सरपंच संजीदा हैं और न सचिव ऐसे में शासकीय राशि से निर्मित स्वच्छता परिसर के निर्माण पर ही निरुत्तर सवाल खड़े हो रहे हैं! उल्लेखनीय है! कि स्वच्छता परिसर के पीछे ही शासकीय प्राथमिक कन्या शाला भवन है! जहां छोटी बच्चियां अध्यनरत हैं!यहां भी शराब की बोतल डिस्पोजल के साथ गंदगी का अंबार लगा हुआ है!शाला भवन के बाजू में ही पुराना पंचायत भवन है! जहां दो चार दिनों से किसी की गाय बीमार अवस्था में कमरे के अंदर पड़ी हुई थी जिसकी मौत हो चुकी है!जिसकी दुर्गन्ध भी अमजनों के लिए मुसीबत बन गई है!ग्रामीणों की माने तो इन्होंने स्वच्छता परिसर सहित शाला भवन और पुराने पंचायत भवन में व्याप्त गंदगी को लेकर अनेकों बार सरपंच सचिव को अवगत कराया लेकिन सरपंच सचिव को जनहित की समस्याओं से जरा भी सरोकार नहीं हैग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल सफाई और व्यवस्था सुधार की मांग की है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी जा रही है। स्वच्छता का दावा करने वाले तंत्र के लिए यह स्थिति किसी तमाचे से कम नहीं है।6
- Dindori में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एक महिला पकड़ी गई डिंडोरी में बच्चा चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा हुआ है। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक महिला को बच्चों की चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, संदिग्ध महिला की गतिविधियों पर पहले से ही लोगों को शक था। जब उसे पकड़ा गया तो पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियाँ सामने आईं। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों से मिलान करने पर महिला का चेहरा मेल खाता पाया गया, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि वह बच्चा चोरी गिरोह से जुड़ी हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जाँच कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा इससे पहले कितनी घटनाओं को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जाँच कर रही है और आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें samachar Bharat Express1
- हेलमेट पहनें- सुरक्षित रहें- मंडला पुलिस की अपील घुघरी - आपको बता दें की- सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंडला पुलिस द्वारा लगातार हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है- समझाइश- हेलमेट वितरण एवं नियमित चेकिंग के माध्यम से वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित किया जा रहा है- इसके बावजूद कई लोग हेलमेट साथ तो रखते हैं- लेकिन पहनने से बचते नजर आते हैं- कहीं हाथ में हेलमेट पकड़े तो कहीं केवल चालान से बचने के लिए उपयोग किया जा रहा है- याद रखें- दुर्घटना के समय हेलमेट ही जीवन रक्षक साबित होता है- हेलमेट संभालना नहीं- पहनना जरूरी है1
- Post by Ashok Sondhiya1
- मचलेश्वर मेले में उमड़ा जनसैलाब, ग्रामीण संस्कृति की झलक ने मोहा मन। झूले, दुकानें और भक्ति का रंग, हिरदेनगर बना उत्सव का केंद्र।1
- कवर्धा। कबीरधाम (छत्तीसगढ़) – कबीरधाम पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त किया है। थाना चिल्फी थाना पुलिस ने नागालैंड पासिंग कंटेनर को जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसी कंटेनर में गांजा भरकर ले जाया जा रहा था। वाहन में 30-30 किलो की 30 बोरियों में भरा करीब 9 क्विंटल (900 किलो) गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से आरोपी आयाज खान, निवासी भरतपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया है। आरोपी यह गांजा ओडिशा से राजस्थान ले जा रहा था। बरामदगी का विवरण: कुल वजन: लगभग 9 क्विंटल गांजा पैकिंग: 30 बोरियां, हर बोरी 30 किलो अनुमानित कीमत: करीब 5 करोड़ रुपये कंटेनर की कीमत: लगभग 50 लाख रुपये आरोपी: आयाज खान, निवासी भरतपुर, राजस्थान मार्ग: ओडिशा से राजस्थान पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।1
- हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें — मंडला पुलिस की अपील सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंडला पुलिस द्वारा लगातार हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। समझाइश, हेलमेट वितरण एवं नियमित चेकिंग के माध्यम से वाहन चालकों को सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बावजूद कई लोग हेलमेट साथ तो रखते हैं, लेकिन पहनने से बचते नजर आते हैं। कहीं हाथ में हेलमेट पकड़े तो कहीं केवल चालान से बचने के लिए उपयोग* किया जा रहा है। याद रखें, दुर्घटना के समय हेलमेट ही जीवन रक्षक साबित होता है। *हेलमेट संभालना नहीं, पहनना जरूरी है।*1
- *शंकरघाट ग्राम ढोंढ़ा मे रुद्र महायज्ञ शिव महापुराण का हुआ शुभारंभ व शंकर जी एवं हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुआ।* *श्री श्री 108 श्री भगतगिरि बच्चू महाराज का सानिध्य प्राप्त हो रहा है* *भव्यता के साथ गांव मे निकाली गई कलश यात्रा* डिण्डौरी / शहपुरा 1. *कार्यक्रम का नाम*: रुद्र महायज्ञ शिव महापुरण 2. *कार्यक्रम का उद्देश्य*: शंकर जी एवं हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 3. *स्थान*: शंकरघाट, ग्राम पंचायत ढोंढ़ा, शहपुरा, जिला-डिंडौरी 4. *दिनांक*: 23 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक 5. *आयोजक*: निवेदक: सेवक संघ समिति, शंकरघाट ढोंढ़ा 6. *कथावाचक*: नीता भारती जी जबलपुर 7. *यज्ञाचार्य*: पं. श्री रामभूषण जी महाराज 8. *महंत*: श्री 108 भगतगिरि जी (बच्चू महाराज) अमलेश्वर धाम, जन्म स्थान ढोंढ़ा रुद्र महायज्ञ शिव महापुरण का भव्य आयोजन शंकरघाट, ग्राम पंचायत ढोंढ़ा,विकास खण्ड शहपुरा जिला - डिण्डौरी में 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक किया जाएगा। इस महायज्ञ में भगवान शंकर जी एवं हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुआ, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से धर्मप्रेमी बंधु और क्षेत्रवासी आए हैं । इस धार्मिक आयोजन में महंत श्री 108 भगतगिरि बच्चू महाराज जी के सानिध्य से यह कार्यक्रम हो रहा है, जो अपने प्रवचनों से श्रोताओं को धर्म और जीवन के मार्ग पर प्रेरित करेंगे। कथावाचक के रूप में नीता भारती जी अपनी वाणी से शास्त्रों की व्याख्या करेंगे और यज्ञाचार्य पं. श्री रामभूषण जी महाराज यज्ञ की विधिवत प्रक्रिया से करवा रहे है । सेवक संघ समिति, शंकरघाट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं एवं क्षेत्रवासियों से निवेदन है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्मलाभ लें और अपने जीवन को कृतार्थ करें। इस महायज्ञ के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शास्त्रों के प्रवचन, भजन-कीर्तन और यज्ञ समारोह शामिल हैं। इस आयोजन से क्षेत्र के लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश मिलेगा और वे अपने पूर्वजों की परंपराओं को जीवित रखने के लिए प्रेरित होंगे। शंकरघाट में होने वाले इस महायज्ञ की तैयारियां जोरों पर हैं और स्थानीय निवासी व आसपास के गांव भी इस आयोजन को सफल बनाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। दिनांक - 23 फरवरी 20263