**पश्चिम चंपारण** जिले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को सख्त सजा सुनाई गई है। **गोवर्धना** थाना क्षेत्र के बखरी बाजार निवासी **सूरज कुमार** को अदालत ने दोषी करार देते हुए **20 वर्ष के कठोर कारावास** की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश **अरविंद कुमार गुप्ता** ने सुनाया। साथ ही आरोपी पर **85 हजार रुपये** का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना **19 जनवरी 2024** की है, जब एक नाबालिग बच्ची गांव में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे जबरन जंगल में ले गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता के परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। पीड़िता की मां द्वारा गोवर्धना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और कड़ी सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने पीड़िता को **बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना** के तहत **5 लाख रुपये** की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे जघन्य अपराधों में कानून कड़ी कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
**पश्चिम चंपारण** जिले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को सख्त सजा सुनाई गई है। **गोवर्धना** थाना क्षेत्र के बखरी बाजार निवासी **सूरज कुमार** को अदालत ने दोषी करार देते हुए **20 वर्ष के कठोर कारावास** की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश **अरविंद कुमार गुप्ता** ने सुनाया। साथ ही आरोपी पर **85 हजार रुपये** का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना **19 जनवरी 2024** की है, जब एक नाबालिग बच्ची गांव में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे जबरन जंगल में ले गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता के परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। पीड़िता की मां द्वारा गोवर्धना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और कड़ी सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने पीड़िता को **बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना** के तहत **5 लाख रुपये** की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे जघन्य अपराधों में कानून कड़ी कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- **पश्चिम चंपारण** जिले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को सख्त सजा सुनाई गई है। **गोवर्धना** थाना क्षेत्र के बखरी बाजार निवासी **सूरज कुमार** को अदालत ने दोषी करार देते हुए **20 वर्ष के कठोर कारावास** की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश **अरविंद कुमार गुप्ता** ने सुनाया। साथ ही आरोपी पर **85 हजार रुपये** का जुर्माना भी लगाया गया है। यह घटना **19 जनवरी 2024** की है, जब एक नाबालिग बच्ची गांव में खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी उसे जबरन जंगल में ले गया और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता के परिजन और ग्रामीणों ने पुलिस की मदद से आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। पीड़िता की मां द्वारा गोवर्धना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और कड़ी सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने पीड़िता को **बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना** के तहत **5 लाख रुपये** की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ऐसे जघन्य अपराधों में कानून कड़ी कार्रवाई करता है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- Bihar - फारबिसगंज अररिया में एक युवक का गला रेत कर हत्या हाथ में लेकर घूमता रहा सर CCTV Camera ME Record1
- बैरिया पंचायत में घटिया निर्माण का आरोप, बीडीओ से जांच की मांग शौपा आवेदन बैरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर बैरिया पंचायत निवासी चंदन चौधरी ने गुरुवार के दोपहर करीब तीन बजे बताया की पंचायत समिति मद से कराए गए निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और घटिया निर्माण का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बैरिया बाजार में बनाए गए ग्रामीण हाट शेड तथा वार्ड संख्या 8 स्थित ब्रह्म स्थान के पास छठ घाट सीढ़ी निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं कराया गया है। आरोप है कि जहां छठ घाट निर्माण में 10 से 12 फीट गहराई तक पिलर डाले जाने चाहिए थे, वहां मात्र 2 से 3 फीट तक ही पिलर ढालकर कार्य पूरा कर दिया गया। वहीं बाजार शेड निर्माण में भी पिलर को जमीन के अंदर मजबूत नींव देने के बजाय ऊपर से ही खड़ा कर दिया गया है। शिकायत में कहा गया है कि टीन शेड के एंगल को मजबूत नट-बोल्ट की जगह कमजोर छड़ से लगाया गया है, जिससे तेज आंधी या तूफान में हादसे की आशंका बनी हुई है। साथ ही 80 एमएम के स्थान पर कमजोर और डुप्लीकेट सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। चंदन चौधरी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्मजीत राम ने बताया की मनरेगा योजना के कार्य कराई गई है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है। मामले के जांच कर विभागीय कार्रवाई की जा जायेगी।1
- नौतन / थाना क्षेत्र के धुमनगर कचहरी टोला गांव के वार्ड नंबर 10 में गुरुवार की दोपहर में एक नवविवाहिता की मौत संदिग्ध स्थिति में हों गई है। घटना की सुचना पर दल बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान, एस आई केशव सिंह, मो. अशलम ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया है। मृतका की पहचान अनीष कुमार राम की 25 वर्षीय पत्नी प्रिया कुमारी बताई गई है। थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु जीएमसीएच बेतिया में भेज दिया है । वहीं पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अभी मृतका के परिजनों के द्वारा कोई आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी है।फिलहाल अपने स्तर से पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है ।।1
- सुगौली थाना क्षेत्र से यूपी पुलिस ने एक नव दंपति को हिरासत में लेकर यूपी ले गई। सुगौली थानाध्यक्ष ने बताया कि यूपी के हरदोई जिले के पाली थाना में लड़के पर लड़की के अपहरण का मामला है दर्ज।1
- बेतिया बाजार समिति में स्थानीय किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उन्हें लंबे समय पहले हरीवाटिका शिव मंदिर के समीप से हटाकर नया स्थान दिया गया था, लेकिन अवैध दबंग किसानों ने पुराने बाजार समिति पर कब्जा कर रखा है। स्थानीय किसानों के अनुसार, बाहरी दबंग लोग दूसरे राज्यों से सामग्री लाकर यहां खरीद-बिक्री कर रहे हैं, जिससे वर्षों से अपनी जीविका चला रहे स्थानीय किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि प्रशासन द्वारा नोटिस जारी करने के बावजूद उन्हें सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया। इस स्थिति से नाराज होकर उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो वे मुख्य द्वार को बंद कर आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय किसानों का कहना है कि यह दबंगई केवल बिहार में ही देखने को मिलती है और पिछले तीन दशकों से वे अपनी सामग्री की खरीद-बिक्री कर जीवन यापन कर रहे हैं। प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों ने अतिक्रमण और प्रशासन की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम ला सकता है।1
- पहाड़पुर (पूर्वी चंपारण): प्रखंड क्षेत्र के कोटवा में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के शुभ अवसर पर शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को भव्य कलश यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं एवं कन्याओं ने भाग लिया, जो सिर पर कलश लेकर पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल तक पहुंचीं।1
- **पश्चिम चंपारण** के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई। अनुमंडलीय अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी और अतिरिक्त पीएचसी में तैनात **डॉली सिक्योरिटी** के सुरक्षा कर्मियों का वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम बगहा-2 स्थित **हरनाटाड़ उच्च विद्यालय** के खेल मैदान में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरक्षा प्रहरियों को न केवल अस्पताल परिसर की सुरक्षा बनाए रखने के गुर सिखाए गए, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार पर भी विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएचसी प्रभारी **डॉ. के. बी. एन. सिंह** ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की भूमिका बेहद अहम होती है। उन्होंने निर्देश दिया कि परिसर में शांति और व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और सकारात्मक माहौल मिल सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों के साथ शालीनता और सहयोग का व्यवहार किया जाए। वहीं डॉली सिक्योरिटी के प्रबंधक **सुधीरकांत शुक्ला** ने बताया कि यह वार्षिक प्रशिक्षण सुरक्षा कर्मियों को अधिक सजग, अनुशासित और दक्ष बनाने के लिए आयोजित किया जाता है। इस दौरान आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, टीमवर्क, अनुशासन और सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। सुरक्षा कर्मियों को ग्राउंड पर व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। यह पहल न केवल अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षित वातावरण के निर्माण की दिशा में भी सराहनीय प्रयास है।1