चामुंडेरी ग्राम में श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन, ढोल नगाड़ों की गूंज में झूमे ग्रामीण, गैर नृत्य ने बांधा समां बाली। चामुंडेरी ग्राम में श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन, ढोल नगाड़ों की गूंज में झूमे ग्रामीण, गैर नृत्य ने बांधा समां । बाली उपखंड के चामुंडेरी ग्राम में होली पर्व के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक आस्था के साथ होलिका दहन कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया। गांव में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और शाम होते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में होलिका दहन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। होलिका दहन से पूर्व गांव के प्रख्यात चामुंडा माता मंदिर में पंडितों के सान्निध्य में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से माताजी की आराधना कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजा के पश्चात ग्रामीण माताजी के जयकारे लगाते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते होलिका दहन स्थल की ओर रवाना हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। ग्रामीण मांगू सिंह मेंफावत ने बताया कि वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार पहले मंदिर में पूजा की जाती है, उसके बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है। निर्धारित मुहूर्त में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा कर होलिका का दहन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अग्नि की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। होलिका दहन के बाद पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं, बुजुर्गों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल और नगाड़ों की थाप पर देर रात तक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली और पूरा गांव होली के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान नाना पुलिस थाना द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष बंदोबस्त किए गए। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी से आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। इस प्रकार चामुंडेरी ग्राम में होलिका दहन का पर्व आपसी भाईचारे, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
चामुंडेरी ग्राम में श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन, ढोल नगाड़ों की गूंज में झूमे ग्रामीण, गैर नृत्य ने बांधा समां बाली। चामुंडेरी ग्राम में श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन, ढोल नगाड़ों की गूंज में झूमे ग्रामीण, गैर नृत्य ने बांधा समां । बाली उपखंड के चामुंडेरी ग्राम में होली पर्व के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक आस्था के साथ होलिका दहन कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया। गांव में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और शाम होते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में होलिका दहन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। होलिका दहन से पूर्व गांव के प्रख्यात चामुंडा माता मंदिर में पंडितों के सान्निध्य में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से माताजी की आराधना कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजा के पश्चात ग्रामीण माताजी के जयकारे लगाते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते होलिका दहन स्थल की ओर रवाना हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। ग्रामीण मांगू सिंह मेंफावत ने बताया कि वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार पहले मंदिर में पूजा की जाती है, उसके बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है। निर्धारित मुहूर्त में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा कर होलिका का दहन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अग्नि की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। होलिका दहन के बाद पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं, बुजुर्गों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल और नगाड़ों की थाप पर देर रात तक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली और पूरा गांव होली के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान नाना पुलिस थाना द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष बंदोबस्त किए गए। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी से आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। इस प्रकार चामुंडेरी ग्राम में होलिका दहन का पर्व आपसी भाईचारे, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
- होलिका दहन का पर्व खुडाला, फालना सहित आसपास के क्षेत्रों में परंपरागत श्रद्धा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर लोगों ने अपने मोहल्लों और कॉलोनियों में होली मनाई तथा दोपहर बाद पारंपरिक पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने परिवार और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।1
- बाली। चामुंडेरी ग्राम में श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ हुआ होलिका दहन, ढोल नगाड़ों की गूंज में झूमे ग्रामीण, गैर नृत्य ने बांधा समां । बाली उपखंड के चामुंडेरी ग्राम में होली पर्व के अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं धार्मिक आस्था के साथ होलिका दहन कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया। गांव में सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और शाम होते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में होलिका दहन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। होलिका दहन से पूर्व गांव के प्रख्यात चामुंडा माता मंदिर में पंडितों के सान्निध्य में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से माताजी की आराधना कर सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। पूजा के पश्चात ग्रामीण माताजी के जयकारे लगाते हुए ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते होलिका दहन स्थल की ओर रवाना हुए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। ग्रामीण मांगू सिंह मेंफावत ने बताया कि वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार पहले मंदिर में पूजा की जाती है, उसके बाद शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है। निर्धारित मुहूर्त में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा कर होलिका का दहन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अग्नि की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। होलिका दहन के बाद पारंपरिक गैर नृत्य का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं, बुजुर्गों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल और नगाड़ों की थाप पर देर रात तक लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली और पूरा गांव होली के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम के दौरान नाना पुलिस थाना द्वारा सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष बंदोबस्त किए गए। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी से आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। इस प्रकार चामुंडेरी ग्राम में होलिका दहन का पर्व आपसी भाईचारे, परंपरा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।1
- घेनड़ी गांव में हर वर्ष की भाती होलिका दहन कार्यक्रम मनाया गया1
- सुमेरपुर के सदर थाना परिसर में प्रेम प्रसंग के चलते नमक का तेजाब पीने वाले युवक के मामले में रविवार रात नया मोड़ आ गया। इलाज के दौरान युवक की गुजरात के पालनपुर में मौत हो गई, जिसके बाद सोमवार को परिजन शव लेकर सुमेरपुर उपजिला अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुमेरपुर सदर थाना परिसर एवं उपजिला अस्पताल में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेन सिंह, उपखण्ड अधिकारी कालूराम तथा पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश कर आखिरकार पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति बनवाई। पूरा मामला जानकारी के अनुसार 14 फरवरी को शिवगंज निवासी एक युवक पालड़ी जोड़ निवासी स्वजाति की दो बच्चों की विवाहिता युवती को अपने साथ भगा ले गया था। युवती के परिजनों की शिकायत पर सुमेरपुर सदर थाना पुलिस ने दोनों को दस्तयाब कर थाना परिसर लाया। बताया जा रहा है कि थाना में पूछताछ के दौरान युवती ने प्रेमी के साथ जाने से इंकार कर दिया, जिससे आहत होकर युवक ने थाने में रखे नमक के तेजाब को पी लिया। घटना के बाद युवक की हालत गंभीर होने पर उसे पहले जोधपुर रेफर किया गया। बाद में 23 फरवरी को परिजन उसे उपचार के लिए गुजरात के पालनपुर ले गए, जहां 1 मार्च को इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।4
- आज पुराडा में होली का जलाई1
- सरूपगंज । कस्बे में देर शाम होलिका दहन का पर्व परंपरागत रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ मनाया गया। होली चौक पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद होलिका दहन किया गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और बच्चों ने रंग-गुलाल के साथ उत्सव का आनंद लिया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया।1
- सरूपगंज कस्बे के होली चौक पर रात 8.15 बजे शुभ मूर्हत में पूजा अर्चना कर होली का दहन किया। इस दौरान सभी समाज के लोग उपस्थित थे। वही महिलाओं ने पूजा अर्चना कर खुशहाली की कामना की।1
- खिमेल ( बाली) – होली के पावन पर्व पर खिमेल गांव में इस वर्ष भी पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मुख्य होली दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। दिव्य देव दरबार जनकल्याण सेवा समिति खिमेल के महंत श्री योगी सूरज नाथ जी महाराज के सान्निध्य में गांव की मुख्य होली का विधि-विधान से पूजन कर दहन किया गया। यह आयोजन गांव की आराध्य देवी मां खेड़ा देवी मंदिर के प्रांगण में संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। महंत श्री योगी सूरज नाथ जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की और समस्त ग्रामवासियों के सुख-समृद्धि, शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गीतों ने माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में भाग लिया। होली दहन के पश्चात लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम, भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष पूरे गांव की सहभागिता से इसे भव्य रूप दिया जाता है। इस अवसर पर गांव के वरिष्ठजनों, युवाओं और समिति के सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही। होली का यह पावन पर्व खिमेल गांव में सामाजिक सद्भाव, धार्मिक आस्था और सामुदायिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। इस अवसर पर सतीश सोनी, हसमुख सोनी, चंद्रप्रकाश सुथार, एडवोकेट पोकर लाल चौधरी, हितेश सोनी, जितेश सोनी, प्रवीण मीणा, कस्तूर काकु, आदि मौजूद रहे।1