हजारीबाग उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में उपायुक्त कक्ष में परिवहन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उपायुक्त ने परिवहन कार्यालय द्वारा किए गए कार्यों और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहनों के चलने पर चिंता जताई, जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुके हैं या जो फिटनेस जांच में असफल पाए गए हैं। उपायुक्त ने ऐसे वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला परिवहन पदाधिकारी को विभाग के नीलाम पत्रों और लंबित वादों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। सड़क सुरक्षा के तहत इचाक मोड़ पर चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने जिले के सभी दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का नियमित निरीक्षण कर सुधारात्मक उपाय करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सतत कार्रवाई के निर्देश दिए। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान, जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 1 जून 2026 से अब तक विभाग द्वारा ₹11.23 करोड़ का राजस्व संग्रहित किया गया है। इस पर उपायुक्त ने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने ओवरलोडेड वाहनों की नियमित जांच, पेट्रोल पंपों के नवीनीकरण संबंधी दस्तावेजों, ट्रेड लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, नाप-तौल पदाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से कम से कम पांच पेट्रोल पंपों की जांच करने के लिए कहा गया। उपायुक्त ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि अवैध रूप से नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित पशुओं की ढुलाई पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित जांच अभियान संचालित किए जाएं। उन्होंने निबंधित वाहनों की संख्या, इलेक्ट्रिक वाहनों के निबंधन, फिटनेस जांच और कर बकायेदार वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। जिले में बिना निबंधन के चल रहे इलेक्ट्रिक वाहन (टोटो, ऑटो, दोपहिया, निजी इलेक्ट्रिक वाहन) चालकों से अपील की गई कि वे 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से अपने वाहनों का निबंधन करा लें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के बाद बिना निबंधन संचालित वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और 2019 के संशोधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, परिवहन पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हजारीबाग उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में उपायुक्त कक्ष में परिवहन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उपायुक्त ने परिवहन कार्यालय द्वारा किए गए कार्यों और प्रवर्तन संबंधी कार्रवाइयों का जायजा लिया। उन्होंने विशेष रूप से जिले में बड़ी संख्या में ऐसे वाहनों के चलने पर चिंता जताई, जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुके हैं या जो फिटनेस जांच में असफल पाए गए हैं। उपायुक्त ने ऐसे वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के लिए सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला परिवहन पदाधिकारी को विभाग के नीलाम पत्रों और लंबित वादों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। सड़क सुरक्षा के तहत इचाक मोड़ पर चलाए गए अतिक्रमण मुक्त अभियान की समीक्षा करते हुए, उपायुक्त ने जिले के सभी दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का नियमित निरीक्षण कर सुधारात्मक उपाय करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सतत कार्रवाई के निर्देश दिए। राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान, जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि 1 जून 2026 से अब तक विभाग द्वारा ₹11.23 करोड़ का राजस्व संग्रहित किया गया है। इस पर उपायुक्त ने निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने ओवरलोडेड वाहनों की नियमित जांच, पेट्रोल पंपों के नवीनीकरण संबंधी दस्तावेजों, ट्रेड लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, नाप-तौल पदाधिकारी और जिला परिवहन पदाधिकारी को संयुक्त रूप से कम से कम पांच पेट्रोल पंपों की जांच करने के लिए कहा गया। उपायुक्त ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि अवैध रूप से नशीले पदार्थों और प्रतिबंधित पशुओं की ढुलाई पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नियमित जांच अभियान संचालित किए जाएं। उन्होंने निबंधित वाहनों की संख्या, इलेक्ट्रिक वाहनों के निबंधन, फिटनेस जांच और कर बकायेदार वाहन मालिकों को नोटिस जारी करने सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। जिले में बिना निबंधन के चल रहे इलेक्ट्रिक वाहन (टोटो, ऑटो, दोपहिया, निजी इलेक्ट्रिक वाहन) चालकों से अपील की गई कि वे 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से अपने वाहनों का निबंधन करा लें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के बाद बिना निबंधन संचालित वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और 2019 के संशोधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी को आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, परिवहन पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- मांडू थाना में मोहर्रम के आगामी पर्व को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान प्रशासन ने पर्व के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही, प्रशासन ने सभी से आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की।1
- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- ज्ञान आनंद साइन दरबार की पालकी यात्रा 25 तारीख को निकली।1
- मोहर्रम के अवसर पर डीजे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मुस्लिम समाज के लिए एक संदेश भी जारी किया गया है।1
- योग दिवस के अवसर पर तीखी नोकझोंक हुई, जिसकी जानकारी स्थानीय और झारखंड समाचार चैनलों के माध्यम से सामने आई।1
- बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।1
- सिमरिया विधायक उज्जवल कुमार दास ने मीडिया के समक्ष यह घोषणा की है कि टंडवा प्रखंड विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा बहेगी। विधायक उज्जवल कुमार दास ने आज टंडवा प्रखंड का दौरा किया, जहाँ वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।1