अंबिकापुर की एक महिला का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि रायपुर के एक अस्पताल ने उनके पति के इलाज के बिल में ₹23 लाख की बड़ी छूट दी है। यह छूट कथित तौर पर उनके पिछले वीडियो के वायरल होने के बाद मिली है, जिसमें महिला ने अस्पताल पर इलाज के दौरान अधिक बिल लेने का आरोप लगाया था। पैरालाइज पति का इलाज कराने के लिए यह महिला अंबिकापुर से रायपुर पहुंची थी। अपने नए वीडियो में महिला ने कहा कि उन्हें इलाज के खर्च में काफी राहत मिली है। हालांकि, अस्पताल द्वारा ₹23 लाख की छूट के इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें कई लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला द्वारा किए गए दावों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अंबिकापुर की एक महिला का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि रायपुर के एक अस्पताल ने उनके पति के इलाज के बिल में ₹23 लाख की बड़ी छूट दी है। यह छूट कथित तौर पर उनके पिछले वीडियो के वायरल होने के बाद मिली है, जिसमें महिला ने अस्पताल पर इलाज के दौरान अधिक बिल लेने का आरोप लगाया था। पैरालाइज पति का इलाज कराने के लिए यह महिला अंबिकापुर से रायपुर पहुंची थी। अपने नए वीडियो में महिला ने कहा कि उन्हें इलाज के खर्च में काफी राहत मिली है। हालांकि, अस्पताल द्वारा ₹23 लाख की छूट के इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें कई लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला द्वारा किए गए दावों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- पेट्रोल में इथेनॉल का 'कमाल' अब अम्बिकापुर में भी देखने को मिला है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन से देशवासियों को संबोधित करते हुए विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएँ हासिल की हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, इसी संकल्प के साथ गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दमन में शुरू की गईं ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और कहा कि केंद्र सरकार यहां के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, और डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को नई पहचान दी है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ मिली हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए प्रधानमंत्री ने 'नारी शक्ति' को देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। इसी तरह, युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्टार्टअप संस्कृति द्वारा बनाए गए नए अवसरों का उल्लेख किया, साथ ही उन्हें विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य दोहराया, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करने वाला रहा।1
- सरगुजा पुलिस ने क्रेडिट एक्सेस इंडिया फाउंडेशन की सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) गतिविधियों के तहत आयोजित एक सामाजिक-आर्थिक विकास कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर अपराध से सुरक्षा सम्बंधित साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्यक्रम में 250 से अधिक वित्तीय सहायता प्राप्त ग्राहकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर लाभान्वित हुए। संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर सेल पुलिस टीम ने उपस्थित हितग्राहियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और साइबर जागरूकता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान, साइबर विशेषज्ञों ने हितग्राहियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों ने सभी नागरिकों से अपने बैंक खाते, पासवर्ड और व्यक्तिगत पहचान दस्तावेजों को पूरी तरह सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई करके ठगी गई रकम को समय रहते फ्रीज किया जा सके। इस कार्यक्रम में साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, साइबर विशेषज्ञ आरक्षक अनुज जायसवाल, श्री भारत भूषण शर्मा, डिवीजनल मैनेजर श्री बलराम, पी एंड एम टिकम प्रसाद साहू, एरिया मैनेजर (एएम) शबलवीर वर्मा, एरिया मैनेजर (एएम) श्री कलेश पटेल, सीनियर ब्रांच मैनेजर (एसबीएम) श्री ओम प्रकाश पटेल, ब्रांच मैनेजर (बीएम) श्री राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।1
- Ajardeep sonawani Kumar djjfhkd didbdk dirud you can get4
- घाटबर्रा और आसपास के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कॉर्पोरेट कोयला खनन कार्यों तथा स्वदेशी गोंड आदिवासी आबादी के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में ग्रामीणों की याचिकाओं को खारिज करते हुए उनके सामुदायिक वन अधिकारों को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है, जिसे स्थानीय प्रतिरोध के लिए एक महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि 2013 का अनुदान त्रुटिपूर्ण था। हसदेव अरंद कोयला क्षेत्र मध्य भारत के सबसे बड़े अखंडित वनों में से एक है, जिसमें कोयले का विशाल भंडार मौजूद है। परसा ईस्ट और केटे बेसेन (पीईकेबी) कोयला ब्लॉक घाटबारा के निकटवर्ती क्षेत्रों से सटा हुआ है। इस क्षेत्र में खनन राज्य की बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति से जुड़ा है और इसका संचालन अदानी एंटरप्राइजेज सहित कई संस्थाओं द्वारा किया जाता है। वर्ष 2013 में, घाटबारा गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) प्रदान किए गए थे। हालांकि, 2016 में यह कहते हुए कि इस भूमि का उपयोग 2012 में खनन के लिए किया गया था, इन अधिकारों को रद्द कर दिया गया था। इस बीच, स्थानीय आदिवासी समुदाय और हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति जैसे पर्यावरण समूह लगातार खनन और वनों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। वे मानवाधिकार संबंधी चिंताओं, ग्राम सभा की उचित सहमति के अभाव और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्र को हुए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक नुकसान का हवाला देते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं।1
- अंबिकापुर की एक महिला का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि रायपुर के एक अस्पताल ने उनके पति के इलाज के बिल में ₹23 लाख की बड़ी छूट दी है। यह छूट कथित तौर पर उनके पिछले वीडियो के वायरल होने के बाद मिली है, जिसमें महिला ने अस्पताल पर इलाज के दौरान अधिक बिल लेने का आरोप लगाया था। पैरालाइज पति का इलाज कराने के लिए यह महिला अंबिकापुर से रायपुर पहुंची थी। अपने नए वीडियो में महिला ने कहा कि उन्हें इलाज के खर्च में काफी राहत मिली है। हालांकि, अस्पताल द्वारा ₹23 लाख की छूट के इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिसमें कई लोग पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला द्वारा किए गए दावों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
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