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उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं। पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

1 hr ago
user_पत्रकार पांडे
पत्रकार पांडे
Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं। पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • एक ओर जहाँ आधुनिकता के इस दौर में लोग लकड़ी, स्टील और प्लास्टिक से बने तैयार फर्नीचर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चारपाई बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में भी कुछ बुजुर्ग कारीगर अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इस पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। हाथ से रस्सियों को एक-एक कर मज़बूत तरीके से बुनना आसान काम नहीं है, इसमें वर्षों का अनुभव, धैर्य और अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है। आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कार्य से दूर होती जा रही है, जिससे यह कला संकट में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गाँवों में लगभग हर घर में चारपाई होती थी और कारीगरों की अच्छी माँग रहती थी, लेकिन आधुनिक फर्नीचर के बढ़ते चलन ने इस व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके बावजूद, कुछ समर्पित कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी हुनर को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। चारपाई बुनने की यह कला केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की एक महत्वपूर्ण पहचान भी है, जिसे संरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है।
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    एक ओर जहाँ आधुनिकता के इस दौर में लोग लकड़ी, स्टील और प्लास्टिक से बने तैयार फर्नीचर को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं चारपाई बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। ऐसे समय में भी कुछ बुजुर्ग कारीगर अपनी मेहनत और हुनर के दम पर इस पुरानी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। हाथ से रस्सियों को एक-एक कर मज़बूत तरीके से बुनना आसान काम नहीं है, इसमें वर्षों का अनुभव, धैर्य और अथक परिश्रम की आवश्यकता होती है।

आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कार्य से दूर होती जा रही है, जिससे यह कला संकट में दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले गाँवों में लगभग हर घर में चारपाई होती थी और कारीगरों की अच्छी माँग रहती थी, लेकिन आधुनिक फर्नीचर के बढ़ते चलन ने इस व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है।

इसके बावजूद, कुछ समर्पित कारीगर आज भी अपने पुश्तैनी हुनर को बचाने के लिए जुटे हुए हैं। चारपाई बुनने की यह कला केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की एक महत्वपूर्ण पहचान भी है, जिसे संरक्षित किया जाना बेहद आवश्यक है।
    user_दीपक गुप्ता रिपोर्टर
    दीपक गुप्ता रिपोर्टर
    जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर एक वायरल ट्रेनिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी लोग ऑर्केस्ट्रा का भरपूर आनंद लेते हुए मस्ती करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो में लोग खुशी से झूमते हुए अपना समय बिताते दिख रहे हैं।
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    सोशल मीडिया पर एक वायरल ट्रेनिंग वीडियो सामने आया है, जिसमें सभी लोग ऑर्केस्ट्रा का भरपूर आनंद लेते हुए मस्ती करते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो में लोग खुशी से झूमते हुए अपना समय बिताते दिख रहे हैं।
    user_Rohit Rajbhar
    Rohit Rajbhar
    Artist कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने एक खुले मंच से कहा कि चुनाव विकास से नहीं, बल्कि तिकड़म से जीते जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगला चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सहित हर संभव तिकड़म का प्रयोग किया जाना चाहिए। हालांकि, इस बात की पुष्टि मूल पोस्ट करने वाले द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो में विधायक का यह बयान साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
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    हरदोई के गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने एक खुले मंच से कहा कि चुनाव विकास से नहीं, बल्कि तिकड़म से जीते जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगला चुनाव जीतने के लिए साम, दाम, दंड, भेद सहित हर संभव तिकड़म का प्रयोग किया जाना चाहिए।

हालांकि, इस बात की पुष्टि मूल पोस्ट करने वाले द्वारा नहीं की गई है, लेकिन वीडियो में विधायक का यह बयान साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।
    user_Ashok verma
    Ashok verma
    Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • अंबेडकर नगर जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फूलपुर गांव, पोस्ट उतरेथू का मुख्य मार्ग पिछले लगभग दो सालों से पश्चिम दिशा की ओर से कटा हुआ है। इस क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण ग्रामीणों को आवागमन में और बच्चों को स्कूल जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को इस बात का डर बना रहता है कि चार पहिया वाहन पास करते समय कोई दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासी फूलचंद ने बताया कि उन्होंने पहले इस सड़क पर मिट्टी डलवाई थी, लेकिन अगर बारिश आने से पहले इसकी सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई, तो कोई और गंभीर घटना घटित हो सकती है।
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    अंबेडकर नगर जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फूलपुर गांव, पोस्ट उतरेथू का मुख्य मार्ग पिछले लगभग दो सालों से पश्चिम दिशा की ओर से कटा हुआ है। इस क्षतिग्रस्त रास्ते के कारण ग्रामीणों को आवागमन में और बच्चों को स्कूल जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को इस बात का डर बना रहता है कि चार पहिया वाहन पास करते समय कोई दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय निवासी फूलचंद ने बताया कि उन्होंने पहले इस सड़क पर मिट्टी डलवाई थी, लेकिन अगर बारिश आने से पहले इसकी सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई, तो कोई और गंभीर घटना घटित हो सकती है।
    user_Fhoolchand
    Fhoolchand
    अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अयोध्या जनपद के कचहरी परिसर में राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व कर्मी राम सहाय सिंह अपनी कई वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद शनिवार, 31 मई 2026 को सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर कार्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इसके बाद जब राम सहाय सिंह अपने गृह जनपद जाना बाजार (खजूरीपुर) पहुंचे, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया। राम सहाय सिंह के परिवार द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति और सकुशल सेवाकाल पूरा होने की खुशी में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को घर पर भव्य श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे।
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    अयोध्या जनपद के कचहरी परिसर में राजस्व विभाग में कार्यरत राजस्व कर्मी राम सहाय सिंह अपनी कई वर्षों की उत्कृष्ट सेवाओं के बाद शनिवार, 31 मई 2026 को सकुशल सेवानिवृत्त हो गए। उन्हें विभाग में उनकी कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था।

सेवानिवृत्ति के इस अवसर पर कार्यालय के सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। इसके बाद जब राम सहाय सिंह अपने गृह जनपद जाना बाजार (खजूरीपुर) पहुंचे, तो परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा माहौल उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया।

राम सहाय सिंह के परिवार द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति और सकुशल सेवाकाल पूरा होने की खुशी में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को घर पर भव्य श्री रामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया, जबकि सोमवार को एक विशाल भंडारे का भव्य आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग और शुभचिंतक शामिल होंगे।
    user_Durga Singh
    Durga Singh
    Electrician बीकापुर, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • अकबरपुर सिझावली घेरवा से एक व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने बताया कि उसके घर वालों ने उससे पैसे हड़प लिए हैं और लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि पुलिस भी उसके घर वालों से पैसे खाकर बैठी है और उन्हें सपोर्ट कर रही है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और उस पर हाथ भी उठाया। इसके साथ ही, पुलिस उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दे रही है। व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बेघर होने की बात कहते हुए मदद की गुहार लगाई है और पूछा है कि वे अब कहाँ जाएँ।
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    अकबरपुर सिझावली घेरवा से एक व्यक्ति ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसने बताया कि उसके घर वालों ने उससे पैसे हड़प लिए हैं और लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि पुलिस भी उसके घर वालों से पैसे खाकर बैठी है और उन्हें सपोर्ट कर रही है। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे घर से बाहर निकाल दिया और उस पर हाथ भी उठाया। इसके साथ ही, पुलिस उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दे रही है। व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बेघर होने की बात कहते हुए मदद की गुहार लगाई है और पूछा है कि वे अब कहाँ जाएँ।
    user_Ram singh
    Ram singh
    Animal rescue service अकबरपुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! ​📌 मुख्य बातें: ​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। ​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को? डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे ​अम्बेडकरनगर (कहरा सलेमपुर): कहते हैं आयुर्वेद में बीमारी ठीक होने में धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन कहरा सलेमपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज बीमारी के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं! ​📌 मुख्य बातें: ​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है। ​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?
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    डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के  के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं!

​📌 मुख्य बातें:

​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है।

​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।

​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?


डॉक्टर साहब की "अदृश्य चिकित्सा"! अस्पताल में सिर्फ नाम, इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे
​अम्बेडकरनगर (कहरा सलेमपुर): कहते हैं आयुर्वेद में बीमारी ठीक होने में धैर्य रखना पड़ता है, लेकिन कहरा सलेमपुर आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज बीमारी के लिए नहीं, बल्कि 8 महीने से डॉक्टर के दर्शन के लिए धैर्य खो रहे हैं!
​📌 मुख्य बातें:
​बरसाती सूरज जैसे डॉक्टर: 8 महीने पहले ज्वाइनिंग के दिन डॉक्टर साहब ऐसे आए और गायब हुए, जैसे बरसात में कुछ पलों के लिए सूरज दिखता है।
​फार्मासिस्ट के कंधे पर बोझ: डॉक्टर साहब सरकारी कागजों और रजिस्टर में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीन पर पूरा अस्पताल अकेले फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है।
​ग्रामीणों का तीखा सवाल: जब आपातकाल में डॉक्टर की जरूरत पड़े, तो मरीज किसे ढूंढे—अस्पताल के खाली केबिन को या सरकारी फाइलों में दबे उनके नाम को?
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं। पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
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    उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान एक बेहद खौफनाक खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पानी के लिए तड़प रहे मुख्य आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले सच उगले हैं।

पूछताछ में आरोपी विराज ने बताया कि वह मासूम आरव को सीधे गोली से उड़ाने की साजिश रचकर बदायूं से फ़िरोज़ाबाद आया था। वह पूरी तैयारी के साथ आया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसका इरादा बदल गया। कातिल विराज ने खुलासा किया कि दिन के उजाले में गोली चलने की आवाज से लोगों के इकट्ठा होने और पकड़े जाने का उसे गहरा डर था। इसी डर की वजह से उसने ऐन मौके पर गोली मारने का इरादा बदल दिया। इसके बाद, वह मासूम को एक सुनसान गली में ले गया, जहां कोई देखने वाला नहीं था। वहां उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए डेढ़ साल के बच्चे को सड़क पर कई बार पटक-पटक कर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में मासूम शिकार डेढ़ साल का आरव था, जिसे बदायूं के रहने वाले विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने मारा। पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल हुआ, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह एनकाउंटर के बाद पानी के लिए तड़पता दिखाई दे रहा था। इस हत्याकांड का पूरा सच अब सबके सामने आ चुका है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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