गाड़ी पर लगा ये बैनर आखिर किस बड़े आंदोलन का संकेत है? बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में—आइए, इन्हीं से जानते हैं सरकार से क्या है मांग! जयपुर। शहर के बीचोबीच एक गाड़ी पर लगा बैनर इन दिनों बैंक कर्मचारियों के प्रस्तावित बड़े आंदोलन का संकेत दे रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर तथा 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, सरकार की PLI योजना को वापस लेना और इसके क्रियान्वयन को स्थगित करना, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से PLI योजना में संशोधन करना तथा लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसी कड़ी में राजस्थान में बैंक कर्मचारी और अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर लामबंद नजर आ रहे हैं। गाड़ी पर लगाए गए बैनर के जरिए आम लोगों तक आंदोलन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर हमने बैंक यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की और जाना कि आखिर बैंक कर्मचारी सरकार से क्या चाहते हैं और हड़ताल की नौबत क्यों आई? एम. एस. भाटेजा, महासचिव, पंजाब एंड सिंध बैंक एम्प्लॉइज यूनियन राजस्थान (PSBEU), उप महासचिव राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन (RPBEU) और उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ ऑर्गनाइजेशन (AIPSBSO) ने आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। वहीं सुरेश कुमार, सहायक महासचिव और पद्मा जी, उपाध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी बैंक कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अब बड़ा सवाल—क्या सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से हड़ताल टलेगी या 26 अक्टूबर से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिलेगा?
गाड़ी पर लगा ये बैनर आखिर किस बड़े आंदोलन का संकेत है? बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में—आइए, इन्हीं से जानते हैं सरकार से क्या है मांग! जयपुर। शहर के बीचोबीच एक गाड़ी पर लगा बैनर इन दिनों बैंक कर्मचारियों के प्रस्तावित बड़े आंदोलन का संकेत दे रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर तथा 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, सरकार की PLI योजना को वापस लेना और इसके क्रियान्वयन को स्थगित करना, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से PLI योजना में संशोधन करना तथा लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसी कड़ी में राजस्थान में बैंक कर्मचारी और अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर लामबंद नजर आ रहे हैं। गाड़ी पर लगाए गए बैनर के जरिए आम लोगों तक आंदोलन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर हमने बैंक यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की और जाना कि आखिर बैंक कर्मचारी सरकार से क्या चाहते हैं और हड़ताल की नौबत क्यों आई? एम. एस. भाटेजा, महासचिव, पंजाब एंड सिंध बैंक एम्प्लॉइज यूनियन राजस्थान (PSBEU), उप महासचिव राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन (RPBEU) और उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ ऑर्गनाइजेशन (AIPSBSO) ने आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। वहीं सुरेश कुमार, सहायक महासचिव और पद्मा जी, उपाध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी बैंक कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अब बड़ा सवाल—क्या सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से हड़ताल टलेगी या 26 अक्टूबर से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिलेगा?
- गाड़ी पर लगा ये बैनर आखिर किस बड़े आंदोलन का संकेत है? बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में—आइए, इन्हीं से जानते हैं सरकार से क्या है मांग! जयपुर। शहर के बीचोबीच एक गाड़ी पर लगा बैनर इन दिनों बैंक कर्मचारियों के प्रस्तावित बड़े आंदोलन का संकेत दे रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर तथा 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, सरकार की PLI योजना को वापस लेना और इसके क्रियान्वयन को स्थगित करना, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से PLI योजना में संशोधन करना तथा लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसी कड़ी में राजस्थान में बैंक कर्मचारी और अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर लामबंद नजर आ रहे हैं। गाड़ी पर लगाए गए बैनर के जरिए आम लोगों तक आंदोलन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर हमने बैंक यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की और जाना कि आखिर बैंक कर्मचारी सरकार से क्या चाहते हैं और हड़ताल की नौबत क्यों आई? एम. एस. भाटेजा, महासचिव, पंजाब एंड सिंध बैंक एम्प्लॉइज यूनियन राजस्थान (PSBEU), उप महासचिव राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन (RPBEU) और उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ ऑर्गनाइजेशन (AIPSBSO) ने आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। वहीं सुरेश कुमार, सहायक महासचिव और पद्मा जी, उपाध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी बैंक कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अब बड़ा सवाल—क्या सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से हड़ताल टलेगी या 26 अक्टूबर से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिलेगा?1
- कोई भी रिकवरी का डाला अगर आपके घर आता है उसे आप उसके डॉक्यूमेंट मांगी है या आपका अधिकार है जब आप लोन लेने गए थे तब आपसे बैंक ने हर प्रकार की जानकारी ली थी आपका सिविल आपका इनकम प्रूफ आपका एड्रेस प्रूफ तो आप भी अगर कोई घर पर आता है उसे हर प्रकार के डॉक्यूमेंट जरूर मांगे1
- कांग्रेस को बड़ा झटका! निम्बाहेड़ा की कांग्रेस नेत्री और पूर्व पार्षद एकता सोनी ने छोड़ी कांग्रेस, BJP में हुईं शामिल! एकता सोनी के भाजपा में शामिल होने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। निकाय चुनावों के बीच हुए इस सियासी बदलाव को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। #EktaSoni #BJP #Congress #CityCablenewsjaipur1
- जयपुर में वोट मांगने पहुंचे BJP कार्यकर्ताओं को लोगों ने सुनाई खरी-खरी, कहा-पहले कराओ सफाई! जयपुर। वोट मांगने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं को उस समय लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा, जब स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर उन्हें जमकर खरी-खरी सुनाई। लोगों का कहना था कि "यहां कभी नियमित सफाई नहीं होती। वोट मांगने आए हो तो पहले इलाके की समस्याओं पर ध्यान दो। अभी भी कचरा पड़ा है, पहले इसे साफ करवाओ।" बताया जो रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता वोट मांगने के लिए क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए और कार्यकर्ताओं से कचरा उठवाने की मांग करने लगे। लोगों ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता वोट मांगने पहुंच जाते हैं, लेकिन रोजमर्रा की समस्याओं, खासकर कचरा उठाने और नियमित सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जाता।1
- सांगानेर वार्ड 58 विकास के दावो की खुली पोल आय दिन होता है एक्सीडेंट1
- बांसखोह कस्बा स्थित खादी आश्रम के सामने कोली मोहल्ला में खुला कुआं है जिसमें एक गाय गिर गई थी इसकी सूचना ग्रामीणों ने दी मौके पर पहुंचे गौ सेवक विकास शर्मा अन्य गौ सेवक ग्रामीणों की मदद से गौ माता को बाहर निकाला1
- नकली पनीर पर प्रशासन का शिकंजा 🚨 🧀 नकली पनीर किया गया नष्ट, मचा हड़कंप ! ▪️ खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने की कार्रवाई ▪️ जांच के दौरान सामने आया मानकों पर खरा नहीं उतरने वाला पनीर ▪️ कार्रवाई के बाद संबंधित पनीर को नष्ट कराया गया ▪️ मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप ▪️ आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती की मांग ⚠️ सवाल आपकी सेहत का है—खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता और पैकिंग जरूर जांचें। 📢 मिलावट के खिलाफ आवाज उठाएं, स्वस्थ समाज बनाएं। 📰 राजस्थान प्लस समाचार 📍 आपके क्षेत्र की हर छोटी-बड़ी खबर सबसे पहले #नकलीपनीर #पनीर #मिलावटीपनीर #मिलावटखोरी #मिलावटकेखिलाफ #खाद्यसुरक्षा #खाद्यविभाग #FoodSafety #FoodSafetyDepartment #मिलावट #मिलावट_पर_कार्रवाई #प्रशासन #प्रशासनिक_कार्रवाई #कार्रवाई #सख्त_कार्रवाई #जनस्वास्थ्य #जनहित #आमजन #स्वास्थ्य #स्वास्थ्य_सुरक्षा #सावधान #जागरूकता #खाद्य_गुणवत्ता #खाद्य_पदार्थ #शुद्ध_खाद्य #शुद्धता #जनता_की_आवाज #जनता_की_खबर #ब्रेकिंग_न्यूज #BreakingNews #LatestNews #HindiNews #RajasthanNews #Rajasthan #राजस्थान #राजस्थानप्लससमाचार #RajasthanPlusSamachar #NewsUpdate #ViralNews #TrendingNews #LocalNews #NewsAlert #ताजा_खबर #बड़ी_खबर #खबर_का_असर अगर आप स्थान, कितनी मात्रा में पनीर नष्ट कि1
- बाड़मेर में नामांकन वापस लेने पहुंचे RLP कार्यकर्ता को रोका, BJP और RLP कार्यकर्ता आमने-सामने बाड़मेर। चुनावी माहौल के बीच बाड़मेर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब नामांकन वापस लेने पहुंचे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के एक कार्यकर्ता को बीच में रोके जाने की खबर सामने आई। इसके बाद मौके पर BJP और RLP के कार्यकर्ता आमने-सामने दिखाई दिए। बता दें कि आज चुनाव में भागीदारी कर रहे उम्मीदवारों और पदाधिकारियों के लिए नामांकन वापस लेने का अंतिम दिन था। इसी दौरान नामांकन प्रक्रिया को लेकर बाड़मेर से सामने आए घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया। बताया जा रहा है कि RLP कार्यकर्ता नामांकन वापस लेने के लिए पहुंचा था, लेकिन बीच में उसे रोक दिया गया। इसके बाद BJP और RLP समर्थकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों के बीच बहस और तनाव का माहौल देखने को मिला। हालांकि, मामले को लेकर विस्तृत जानकारी और प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। चुनावी प्रक्रिया के बीच हुई इस घटना के बाद बाड़मेर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।1