जशपुर जिले के ग्राम गोढ़ी (बागबहार) में एक आदिवासी परिवार अपनी भूमि को लेकर गंभीर विवादों में उलझा हुआ है। परिवार का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी लगभग 1.15 एकड़ जमीन को कम कर दिया गया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि इस मामले में हुई राजस्व जांच में त्रुटि स्वीकार की गई थी और उनकी जमीन वापस करने के लिए एक प्रतिवेदन भी तैयार किया गया था। इसके बावजूद, उन्हें बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया है, जिससे परिवार मानसिक तनाव में है। बताया गया है कि यह पूरा मामला वर्तमान में जिला न्यायालय में विचाराधीन है। आदिवासी परिवार ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है; संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का मत प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जशपुर जिले के ग्राम गोढ़ी (बागबहार) में एक आदिवासी परिवार अपनी भूमि को लेकर गंभीर विवादों में उलझा हुआ है। परिवार का आरोप है कि चकबंदी प्रक्रिया के दौरान उनकी लगभग 1.15 एकड़ जमीन को कम कर दिया गया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि इस मामले में हुई राजस्व जांच में त्रुटि स्वीकार की गई थी और उनकी जमीन वापस करने के लिए एक प्रतिवेदन भी तैयार किया गया था। इसके बावजूद, उन्हें बेदखली का नोटिस जारी कर दिया गया है, जिससे परिवार मानसिक तनाव में है। बताया गया है कि यह पूरा मामला वर्तमान में जिला न्यायालय में विचाराधीन है। आदिवासी परिवार ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है; संबंधित अधिकारियों और दूसरे पक्ष का मत प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- सिमडेगा जिले के तामड़ा, बीरूगढ़ सहित विभिन्न जगन्नाथ मंदिरों में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ का पारंपरिक विधि-विधान के साथ शाही स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने महाप्रभु के गजवेश स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। बीरूगढ़ स्थित जगन्नाथ मंदिर में पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ का देवस्नान कराया। वहीं तामड़ा के जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना के बाद पवित्र कलशों के जल से अभिषेक किया गया। स्नान के उपरांत महाप्रभु ने गजवेश यानी हाथी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वर्ष में केवल देव स्नान पूर्णिमा के दिन ही भगवान जगन्नाथ गजवेश धारण कर भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान किसी भी श्रद्धालु को भगवान का स्पर्श करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन भक्त स्नान के पवित्र जल को अपने सिर पर लगाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आरती के बाद भगवान को पुनः मंदिर में विराजमान कराया गया तथा श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, देवस्नान के अगले दिन से भगवान जगन्नाथ 'अनवसर' (अस्वस्थ होने की लीला) में चले जाते हैं। इस दौरान लगभग 15 दिनों तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। इसके बाद भगवान स्वस्थ होकर भव्य रथयात्रा के दौरान रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देंगे। इस यात्रा को गुंडिचा रथयात्रा के नाम से जाना जाता है।1
- अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ नेशनल हाइवे क्रमांक-43 पर शनिवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में एसईसीएल के एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा ग्राम पंचायत तेलईकछार-शशिपुर के पास हुआ, जब सड़क पर बिना पार्किंग लाइट और किसी सुरक्षा संकेत के अंधेरे में खड़े एक ट्रक से पीछे से बाइक जा भिड़ी, जिससे कॉलरीकर्मी का सिर फट गया और सड़क खून से लाल हो गई। मृतक की पहचान 52 वर्षीय सुशांत कुमार मंडल के रूप में हुई है, जो एसईसीएल बिश्रामपुर में कार्यरत थे और वन बी कॉलोनी के क्वार्टर क्रमांक 48 में अपने परिवार के साथ रहते थे। शनिवार शाम 7:30 बजे सुशांत अपनी बाइक क्रमांक सीजी 15 ईएफ 7257 से विश्रामपुर से अंबिकापुर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम शशिपुर स्थित एनएच 43 पर ईंधन खत्म होने के कारण सड़क के बीच में खड़े ट्रक क्रमांक सीजी 22 एजे 4331 के पिछले हिस्से से उनकी बाइक टकरा गई। राहगीरों और 112 के कर्मचारियों ने परिजन के साथ मिलकर गंभीर रूप से घायल कोल कर्मचारी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना की सूचना मिलने पर परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूरजपुर जिले की जयनगर पुलिस ने ट्रक को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक सुशांत कुमार मंडल का अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया, जहाँ उनकी दोनों बेटियों, भाव्या और सृष्टि ने गमगीन माहौल में उन्हें मुखाग्नि दी। इस घटना से एसईसीएल कॉलोनी में शोक की लहर है। परिजन का आरोप है कि ट्रक चालक ने वाहन को मुख्य सड़क पर बिना पार्किंग लाइट जलाए या अन्य सुरक्षा संकेत लगाए खड़ा कर दिया था, जिसके कारण अंधेरे में ट्रक दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने ट्रक चालक के विरुद्ध लापरवाहीपूर्वक वाहन खड़ा कर दुर्घटना कारित करने के आरोप में जुर्म दर्ज कर लिया है।1
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर गुमला के चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह विशेष अभियान रविवार सुबह दस बजे शुरू हुआ और 28 जून से 30 जून तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शून्य से पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें पोलियो की खुराक पिलाना है। अभियान की शुरुआत जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, चैनपुर मुखिया शोभा देवी, चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो और डॉ. प्रभात कुमार ने संयुक्त रूप से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर की। चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने बताया कि 'बूथ डे' के तहत चैनपुर प्रखंड में कुल उनचास बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर लाकर पोलियो की दवा अवश्य पिलाएँ। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जो बच्चे किसी कारणवश आज बूथ तक नहीं पहुँच पाए हैं, उन्हें 29 और 30 जून को सहिया दीदी और एएनएम की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक पिलाएँगी, ताकि कोई भी बच्चा इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रह जाए। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने भी क्षेत्रवासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य रूप से पल्स पोलियो की दवा पिलाएँ, क्योंकि बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र के अन्य स्वास्थ्यकर्मी, सहिया दीदी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएँ अपने बच्चों के साथ उपस्थित रहीं।1
- रायगढ़ में शहीद भगत सिंह सेतु को 4 महीने बाद यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। इसी के साथ, नए अंडरपास का निर्माण कार्य भी अपने अंतिम चरण में पहुँच गया है।1
- रायगढ़ जिले में महिला संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कापू पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोपी पति को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पारेमेर में 28 जून की सुबह एक महिला की हत्या की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक इगेश्वर यादव पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहाँ जीतो बाई मंझवार (43 वर्ष) का शव उसके घर में मिला। पुलिस ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त की। मर्ग जाँच और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर मृतिका के पति रामनाथ मंझवार द्वारा हत्या किया जाना पाया गया, जिस पर थाना कापू में अपराध क्रमांक 104/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी गाँव से फरार होने की तैयारी में है, जिस पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी रामनाथ मंझवार (50 वर्ष), पिता सेलठू राम मंझवार, निवासी ग्राम पारेमेर, थाना कापू को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि घटना की रात पत्नी के साथ उसका मामूली विवाद हुआ था। खाना खाने के बाद जीतो बाई आँगन में सो गई थी, जिसे रामनाथ ने घर के अंदर सोने को कहा। जब जीतो बाई नहीं मानी, तो उनमें झगड़ा हुआ। रामनाथ ने पहले हाथ-मुक्कों से मारपीट की, फिर लकड़ी के डंडे से हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में इस्तेमाल किया गया लकड़ी का डंडा और घटना के समय पहने हुए कपड़े ई-साक्ष्य और वीडियोग्राफी के साथ जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस अवसर पर संदेश दिया कि क्षणिक आवेश में किया गया अपराध केवल एक व्यक्ति का जीवन नहीं छीनता, बल्कि पूरे परिवार को बिखेर देता है। उन्होंने छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता अपनाने के बजाय संवाद और संयम रखने की सलाह दी, और चेतावनी दी कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के लिए जेल ही अंतिम परिणाम होता है।1
- रविवार को घाघरा थाना क्षेत्र के कुगांव गांव में एक दुखद घटना घटित हुई, जहाँ 35 वर्षीय किसान देवराज उरांव की वज्रपात की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया है कि देवराज उरांव अपने खेत में धान का बिचड़ा छिटने का काम पूरा कर घर लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ। इस हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। इस आकस्मिक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। देवराज उरांव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, और उनके परिवार में उनकी पत्नी तथा तीन छोटे बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा नौवीं कक्षा में पढ़ता है। पिता की असामयिक मौत के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिससे वे गहरे संकट में आ गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आपदा राहत राशि, सरकारी मुआवजा और अन्य आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें कुछ सहारा मिल सके।1
- रायगढ़ के एक किसान ने देसी धान की किस्मों को बचाने के लिए एक असाधारण जुनून का प्रदर्शन किया है। इस किसान ने अपने आधे एकड़ खेत में धान की 76 विभिन्न देसी किस्में उगाकर देसी धान संरक्षण अभियान की शुरुआत की है।1
- गुमला जिले के घाघरा प्रखंड अंतर्गत इटकीरी गांव में सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में लगभग 60 वर्षीय मनकुंवर देवी नामक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रांची-नेतरहाट मुख्य पथ पर इटकीरी के समीप हुआ, जब बिशुनपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (JH15 एएफ-5240) ने सड़क किनारे खड़ी मनकुंवर देवी को जोरदार टक्कर मार दी। मृतका सुबह अपने घर से गोबर फेंकने के लिए निकली थीं। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत स्कॉर्पियो का पीछा किया, जिसे गुमला तक खदेड़ा गया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आई और ग्रामीण वापस लौट आए। इसके बाद, ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए रांची-नेतरहाट मुख्य पथ को इटकीरी के पास जाम कर दिया। उनकी प्रमुख मांगों में मृतक के परिजनों को सरकारी मुआवजा देना तथा दुर्घटना स्थल पर बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराना शामिल था। सूचना मिलते ही घाघरा थाना प्रभारी, एसआई मनीष कुमार, पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। एसआई मनीष कुमार ने ग्रामीणों को मृतक परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने और सड़क सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग व ठोकर निर्माण की मांग संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे चला सड़क जाम सुबह 8:30 बजे समाप्त कर दिया, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है और फरार स्कॉर्पियो व उसके चालक की तलाश कर रही है।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र के भेंड्रा गांव में एक बार फिर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। गांव का एक युवक, जिसकी पहचान याद राम साहू के रूप में हुई है, करीब 50 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग है कि उसे अपनी दो पत्नियों को एक साथ रखने दिया जाए। इस घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि कुछ महीने पहले भी याद राम साहू इसी मांग को लेकर इसी मोबाइल टावर पर चढ़ा था। तब भी पुलिस और प्रशासन ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा था। इस बार भी भखारा थाना पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और घंटों की समझाइश के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारने में सफल रही। फिलहाल, पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने दोबारा यह कदम क्यों उठाया।1