नशा मुक्त गांव की अलख,,कोड़मी की महिलाओं का बड़ा संघर्ष शराब माफियाओं पर शिकंजा सरपंच की अभद्र टिप्पणी से ग्रामीण महिलाओं में बढ़ा आक्रोश कटंगी। कटंगी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोड़मी इन दिनों नशा मुक्ति की एक मजबूत जन-जागरूकता मुहिम का केंद्र बन गई है। गांव की महिलाओं ने जिस साहस और एकजुटता के साथ अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोला है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे एक बार फिर कोड़मी की महिलाएं लामबंद होकर सड़कों पर उतर आईं। सूचना मिलने पर उन्होंने नहलेशरा मुख्य मार्ग किनारे संचालित किराना दुकानों और पान ठेलों पर दबिश दी, जहां से अवैध देसी-विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। महिलाओं ने मौके पर ही शराब बेचते लोगों को पकड़ लिया और इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया। इसी दौरान चिचगांव ग्राम के सरपंच अरविंद खरे के किसी रिश्तेदार के पास से भी शराब पकड़ी गई। महिलाओं का आरोप है कि मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच ने उपस्थित महिलाओं पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित महिलाएं तुरंत थाना कटंगी पहुंचीं और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और नशा मुक्त गांव की लड़ाई और मजबूती से लड़ेंगी। *महिलाओं का अभियान,,डर नहीं, अब सीधी कार्रवाई* कोड़मी गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी महिलाओं ने कई बार अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में महिलाओं के एक समूह ने दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच गांव के अलग-अलग घरों में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और लहान जब्त किया था। महिलाओं ने न केवल शराब को जब्त किया बल्कि पुलिस को सूचना देकर उसे नष्ट भी कराया। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया और शराब माफियाओं के हौसले पस्त हुए। *रैली, समिति और जनजागरूकता से शुरू हुई मुहिम* गांव को नशा मुक्त बनाने की इस मुहिम की शुरुआत 26 जनवरी को हुई एक बैठक से हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने मिलकर एक समिति का गठन किया। इसके बाद 19 फरवरी को जागरूकता रैली निकालकर पूरे गांव में संदेश दिया गया कि अब कोड़मी में नशे का कोई स्थान नहीं होगा महिलाओं ने साफ चेतावनी दी थी कि जो भी व्यक्ति शराब बेचते या बनाते पाया जाएगा, उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। *नशे की वजह से बिगड़ती सामाजिक स्थिति* ग्रामीण महिलाओं ने बताया गांव में बढ़ती शराबखोरी ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है जिनमें घरेलू हिंसा में वृद्धि,अपराधों में इजाफा आर्थिक तंगी, युवाओं का भविष्य बर्बाद होना यही कारण है कि गांव की महिलाएं अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *महिलाओं का संदेश: “अब नहीं रुकेगा आंदोलन”* महिलाओं का कहना है कि यह सिर्फ शराब बंदी की लड़ाई नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को बचाने का अभियान है। सरपंच द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“जब तक गांव पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” *पुलिस प्रशासन से अपेक्षा* ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस सामाजिक मुहिम में सहयोग करें, न कि बाधा बनें। कोड़मी गांव की महिलाएं आज एक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनका यह संघर्ष सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
नशा मुक्त गांव की अलख,,कोड़मी की महिलाओं का बड़ा संघर्ष शराब माफियाओं पर शिकंजा सरपंच की अभद्र टिप्पणी से ग्रामीण महिलाओं में बढ़ा आक्रोश कटंगी। कटंगी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोड़मी इन दिनों नशा मुक्ति की एक मजबूत जन-जागरूकता मुहिम का केंद्र बन गई है। गांव की महिलाओं ने जिस साहस और एकजुटता के साथ अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोला है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे एक बार फिर कोड़मी की महिलाएं लामबंद होकर सड़कों पर उतर आईं। सूचना मिलने पर उन्होंने नहलेशरा मुख्य मार्ग किनारे संचालित किराना दुकानों और पान ठेलों पर दबिश दी, जहां से अवैध देसी-विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। महिलाओं ने मौके पर ही शराब बेचते लोगों को पकड़ लिया और इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया। इसी दौरान चिचगांव ग्राम के सरपंच अरविंद खरे के किसी रिश्तेदार के पास से भी शराब पकड़ी गई। महिलाओं का आरोप है कि मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच ने उपस्थित महिलाओं पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित महिलाएं तुरंत थाना कटंगी पहुंचीं और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और नशा मुक्त गांव की लड़ाई और मजबूती से लड़ेंगी। *महिलाओं का अभियान,,डर नहीं, अब सीधी कार्रवाई* कोड़मी गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी महिलाओं ने कई बार अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में महिलाओं के एक समूह ने दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच गांव के अलग-अलग घरों में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और लहान जब्त किया था। महिलाओं ने न केवल शराब को जब्त किया बल्कि पुलिस को सूचना देकर उसे नष्ट भी कराया। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया और शराब माफियाओं के हौसले पस्त हुए। *रैली, समिति और जनजागरूकता से शुरू हुई मुहिम* गांव को नशा मुक्त बनाने की इस मुहिम की शुरुआत 26 जनवरी को हुई एक बैठक से हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने मिलकर एक समिति का गठन किया। इसके बाद 19 फरवरी को जागरूकता रैली निकालकर पूरे गांव में संदेश दिया गया कि अब कोड़मी में नशे का कोई स्थान नहीं होगा महिलाओं ने साफ चेतावनी दी थी कि जो भी व्यक्ति शराब बेचते या बनाते पाया जाएगा, उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। *नशे की वजह से बिगड़ती सामाजिक स्थिति* ग्रामीण महिलाओं ने बताया गांव में बढ़ती शराबखोरी ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है जिनमें घरेलू हिंसा में वृद्धि,अपराधों में इजाफा आर्थिक तंगी, युवाओं का भविष्य बर्बाद होना यही कारण है कि गांव की महिलाएं अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *महिलाओं का संदेश: “अब नहीं रुकेगा आंदोलन”* महिलाओं का कहना है कि यह सिर्फ शराब बंदी की लड़ाई नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को बचाने का अभियान है। सरपंच द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“जब तक गांव पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” *पुलिस प्रशासन से अपेक्षा* ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस सामाजिक मुहिम में सहयोग करें, न कि बाधा बनें। कोड़मी गांव की महिलाएं आज एक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनका यह संघर्ष सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
- सरपंच की अभद्र टिप्पणी से ग्रामीण महिलाओं में बढ़ा आक्रोश कटंगी। कटंगी तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोड़मी इन दिनों नशा मुक्ति की एक मजबूत जन-जागरूकता मुहिम का केंद्र बन गई है। गांव की महिलाओं ने जिस साहस और एकजुटता के साथ अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा खोला है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। सोमवार की रात लगभग 9 बजे एक बार फिर कोड़मी की महिलाएं लामबंद होकर सड़कों पर उतर आईं। सूचना मिलने पर उन्होंने नहलेशरा मुख्य मार्ग किनारे संचालित किराना दुकानों और पान ठेलों पर दबिश दी, जहां से अवैध देसी-विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। महिलाओं ने मौके पर ही शराब बेचते लोगों को पकड़ लिया और इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया। इसी दौरान चिचगांव ग्राम के सरपंच अरविंद खरे के किसी रिश्तेदार के पास से भी शराब पकड़ी गई। महिलाओं का आरोप है कि मामले में हस्तक्षेप करते हुए सरपंच ने उपस्थित महिलाओं पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे महिलाओं में भारी आक्रोश फैल गया। आक्रोशित महिलाएं तुरंत थाना कटंगी पहुंचीं और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी और नशा मुक्त गांव की लड़ाई और मजबूती से लड़ेंगी। *महिलाओं का अभियान,,डर नहीं, अब सीधी कार्रवाई* कोड़मी गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी महिलाओं ने कई बार अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में महिलाओं के एक समूह ने दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे के बीच गांव के अलग-अलग घरों में दबिश देकर भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब और लहान जब्त किया था। महिलाओं ने न केवल शराब को जब्त किया बल्कि पुलिस को सूचना देकर उसे नष्ट भी कराया। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया और शराब माफियाओं के हौसले पस्त हुए। *रैली, समिति और जनजागरूकता से शुरू हुई मुहिम* गांव को नशा मुक्त बनाने की इस मुहिम की शुरुआत 26 जनवरी को हुई एक बैठक से हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने मिलकर एक समिति का गठन किया। इसके बाद 19 फरवरी को जागरूकता रैली निकालकर पूरे गांव में संदेश दिया गया कि अब कोड़मी में नशे का कोई स्थान नहीं होगा महिलाओं ने साफ चेतावनी दी थी कि जो भी व्यक्ति शराब बेचते या बनाते पाया जाएगा, उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा। *नशे की वजह से बिगड़ती सामाजिक स्थिति* ग्रामीण महिलाओं ने बताया गांव में बढ़ती शराबखोरी ने कई गंभीर समस्याओं को जन्म दिया है जिनमें घरेलू हिंसा में वृद्धि,अपराधों में इजाफा आर्थिक तंगी, युवाओं का भविष्य बर्बाद होना यही कारण है कि गांव की महिलाएं अब इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। *महिलाओं का संदेश: “अब नहीं रुकेगा आंदोलन”* महिलाओं का कहना है कि यह सिर्फ शराब बंदी की लड़ाई नहीं, बल्कि गांव के भविष्य को बचाने का अभियान है। सरपंच द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी ने उनके संकल्प को और मजबूत कर दिया है। महिलाओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा—“जब तक गांव पूरी तरह नशा मुक्त नहीं हो जाता, हमारा आंदोलन जारी रहेगा।” *पुलिस प्रशासन से अपेक्षा* ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस सामाजिक मुहिम में सहयोग करें, न कि बाधा बनें। कोड़मी गांव की महिलाएं आज एक मिसाल बनकर उभरी हैं। उनका यह संघर्ष सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो किसी भी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।1
- कटंगी से बोनकट्टा मुख्य सड़क मार्ग पर खजरी के पास संचालित एक पेट्रोल पंप के सामने एक शराबी बाइक चालक ने वृद्ध दंपत्ति की बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस हादसे में वृद्ध दंपत्ति को चोट आई है। वृद्ध महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल बालाघाट रेफर कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार की दोपहर 12 बजे के आस-पास यह हादसा हुआ। हादसे में सावरी निवासी कांता सहारे को सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोट आई हैं वहीं कांता बाई के पति टोरमल सहारे को मामूली चोट आई है।1
- वारासिवनी। कृषि उपज मंडी वारासिवनी के उडनदस्ते दल द्वारा मंगलवार की सुबह वैध दस्तावेजों के बिना कृषि उपज मिर्ची का परिवहन कर रहे 3 ट्रकों को जप्त कर उनसे 66619 रूपये की राशि टैक्स के रूप जमा करवाई गई है। यह तीनों ट्रक महाराष्ट्र राज्य के नागपुर नगर से बालाघाट के व्यापारियों के लिए मिर्ची लेकर आए हुए थे। इन ट्रकों को कृषि उपज मंडी वारासिवनी के उडऩदस्ता दल के कर्मचारियों ने गुरुनानक धर्मशाला के सामने रोक कर उनकी तलाशी ली, तो उसमें मिर्ची के बोरे भरे हुए पाए गए। लेकिन इस मिर्ची परिवहन के वैध दस्तावेज इन ट्रकों में सवार चालकों के पास नहीं थे। जिस पर तीनों ट्रकों को कृषि उपज मंडी परिसर में खड़ा करवाया गया। जहॉ पर उनके पूरे दस्तावेजों की जॉच मंडी अमले के द्वारा की गई। ट्रक चालकों के पास मिर्ची परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए जाने पर उन पर जुर्माने की कार्यवाही की गई। नागपूर से यह ट्रक मिर्ची लेकर बालाघाट के गुजरात किराना, फिजा कारपोरेशन व कासम कच्छी की दुकानों के लिए जा रहे थे। मंडी की ओर से गुजरात किराना पर 18708 रुपये, फिजा कारपोरेशन पर 21326 रुपये और कासम कच्छी पर 26585 रुपये का जुर्माना किया गया, इस प्रकार तीनों ट्रकों से 66619 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस कार्यवाही में एसडीएम व मंडी प्रशासक कार्तिकेय जायसवाल के निर्देशानुसार सचिव कृषि उपज मंडी वारासिवनी के मार्गदर्शन में मंडी उडऩदस्ता दल वारासिवनी के नगेंद्र रंगारे, विशाल राजपूत, विक्रांत देशमुख, लखन सिंह धुर्वे एवं रूपलाल ऊईके मुख्य रुप से शामिल रहे।1
- *“8 साल से अधूरा जलाशय… अब फूटेगा किसानों का गुस्सा!”* *लाडिया खोली ऐरमा जलाशय बना दर्द की कहानी, एक महीने का अल्टीमेटम* कुरई - ग्राम पंचायत ऐरमा में किसानों के सपनों का सहारा बना लाडिया खोली जलाशय अब उनकी पीड़ा और आक्रोश का प्रतीक बन गया है। साल 2018 में शुरू हुआ यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आज तक अधूरा पड़ा है, जिससे गांव के सैकड़ों किसान सिंचाई सुविधा से वंचित हैं। बुधवार को पूरे गांव के ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्टर महोदय के पास पहुंचे और ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी— “एक महीने के अंदर काम पूरा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा!”1
- *कब बनेगा 7 करोड़ का तालाब* *लड़ाइयां खोली नहीं अब लड़ाई खोली होगा,- जनपद उपाध्यक्ष हरदीप सिंह भाटिया* 7 करोड़ की लागत से बनने वाला ऐरमा जलाशय बांध 9 साल के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा* *अधिकारी बोले एक ठेकेदार को डिफाल्टर घोषित किया एवं अभी टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई है अभी काम संभव नहीं हमारे द्वारा मुख्य अभियंता को फाइल बनाकर भेजो है- बीपी चौधरी एसडीओ* *एक सैकड़ा से अधिक लोग अधूरा तालाब स्थल पर पहुंचकर आक्रोश जताते कहां की आंदोलन ,चक्का जाम, धरना प्रदर्शन सभी के लिए तैयार हैं*2
- किताबों में घोटाले की बू? शिक्षक ढो रहे बोझ, ट्रांसपोर्ट भुगतान पर बड़ा खेल!1
- मड़कापार पंचायत सचिव सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल : किया गया रेफर जनपद पंचायत किरनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मड़कापार के पंचायत सचिव यशवंतराव मलाये सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी अनुसार मंगलवार, 31 मार्च 2026 को पंचायत सचिव यशवंतराव मलाये ओटेकसा निवासी, अपनी मोटरसाइकिल से रिसेवाड़ा पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर वापस लौट रहे थे तभी बम्हनवाड़ा के समीप लांजी की ओर से आ रहे फोर व्हीलर वाहन ने यशवंतराव मलाये की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में यशवंतराव मलाये के पैर और एक हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घायल को 108 एंबुलेंस से सिविल अस्पताल लांजी पहुंचाया गया। जहा प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया है।1
- 1 अप्रैल 2026 से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। नए सत्र की शुरुआत के पहले दिन बालाघाट जिले के विकासखंड कटंगी के सभी 302 शासकीय स्कूलों सहित प्राइवेट स्कूलों में प्रवेशोत्सव मनाया गया। शिक्षा के प्रति उत्साह और सकारात्मक माहौल तैयार करने के लिए ‘स्कूल चले हम अभियान’ के तहत यह आयोजन किया गया। बुधवार की दोपहर 12 बजे नगर के शासकीय नवीन माध्यमिक शाला में बीईओ सी.एस.कुसराम, बीआरसी रविन्द्र हरिनखेड़े, पार्षद श्रीमती मनीषा खेमू कोचर सहित प्रधान पाठक, अभिभावकों की मौजूदगी में एक लघु समारोह का आयोजन किया गया।1