अधूरा अस्पताल देख भड़के जिला परिषद सदस्य , बोले—जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाना मेरी प्राथमिकता जानकारी देते हुए शुक्रवार की सुबह दस बजे बताया कि जिला परिषद सदस्य मरियानुस तिग्गा ने गुरुवार को डुमरी प्रखंड का व्यापक दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने डुमरी लैंपस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बाबा टांगीनाथ धाम में चल रहे शेड निर्माण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीएचसी पहुंचकर चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं उपचाररत मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल परिसर में अर्धनिर्मित भवन को देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहां तीस बेड के आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन संवेदक की लापरवाही के कारण भवन का कार्य अधर में लटका हुआ है, जिससे क्षेत्र की जनता को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने स्वयं पहल करते हुए पूर्व उपायुक्त सुशांत गौरव से संपर्क कर वैकल्पिक भवन निर्माण की दिशा में प्रयास किया है, जो अब बनकर तैयार हो चुका है। साथ ही अर्धनिर्मित अस्पताल भवन को शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग से लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। दौरे के क्रम में उन्होंने जैरागी ग्राम में जिला परिषद मद से लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर के कार्य लगभग पूर्ण होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बनने के बाद आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा जिला परिषद सदस्य ने बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीढ़ियों के ऊपर बनाए जा रहे शेड निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से हो रहा यह कार्य अंतिम चरण में है और महाशिवरात्रि तक पूर्ण हो जाएगा। इसके पूरा होने से धाम आने वाले श्रद्धालुओं को धूप एवं वर्षा से राहत मिलेगी। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि आम जनता ने उन्हें जनसेवा का जो अवसर दिया है, उसके प्रति वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अधूरा अस्पताल देख भड़के जिला परिषद सदस्य , बोले—जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाना मेरी प्राथमिकता जानकारी देते हुए शुक्रवार की सुबह दस बजे बताया कि जिला परिषद सदस्य मरियानुस तिग्गा ने गुरुवार को डुमरी प्रखंड का व्यापक दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस क्रम में उन्होंने डुमरी लैंपस, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बाबा टांगीनाथ धाम में चल रहे शेड निर्माण कार्य का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीएचसी पहुंचकर चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों एवं उपचाररत मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। अस्पताल परिसर में अर्धनिर्मित
भवन को देखकर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहां तीस बेड के आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन संवेदक की लापरवाही के कारण भवन का कार्य अधर में लटका हुआ है, जिससे क्षेत्र की जनता को समुचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने स्वयं पहल करते हुए पूर्व उपायुक्त सुशांत गौरव से संपर्क कर वैकल्पिक भवन निर्माण की दिशा में प्रयास किया है, जो अब बनकर तैयार हो चुका है। साथ ही अर्धनिर्मित अस्पताल भवन को शीघ्र पूरा
कराने के लिए संबंधित विभाग से लगातार संवाद किया जा रहा है, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके। दौरे के क्रम में उन्होंने जैरागी ग्राम में जिला परिषद मद से लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन प्राइमरी हेल्थ सेंटर के कार्य लगभग पूर्ण होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र बनने के बाद आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा जिला परिषद सदस्य ने बाबा टांगीनाथ धाम पहुंचकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सीढ़ियों के ऊपर बनाए जा रहे शेड निर्माण
कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से हो रहा यह कार्य अंतिम चरण में है और महाशिवरात्रि तक पूर्ण हो जाएगा। इसके पूरा होने से धाम आने वाले श्रद्धालुओं को धूप एवं वर्षा से राहत मिलेगी। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि आम जनता ने उन्हें जनसेवा का जो अवसर दिया है, उसके प्रति वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे और क्षेत्र के समग्र विकास हेतु सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- जानकारी देते हुए शाम के पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बेशकीमती साल सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ताजा घटना छतरपुर के समीप मुख्य सड़क किनारे की है, जहाँ हरे-भरे साल के पेड़ों को बेखौफ होकर काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पूरी कार्रवाई वन विभाग की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। सड़क किनारे हो रही अंधाधुंध कटाई को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना मीडिया कर्मियों को दी। मौके पर पहुँची टीम ने देखा कि कई विशालकाय पेड़ों को काटकर उनके बोटे बनाए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यावरण को ताक पर रखकर इन कीमती पेड़ों का सफाया किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त स्थान पर पेड़ काटने के लिए विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी गई है। मौके पर मौजूद वन कर्मी बिजेंद्र उरांव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जमीन रैयती है, लेकिन साल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई के लिए विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जो नहीं ली गई। जानकारों के अनुसार जमीन निजी होने के बावजूद साल सखुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों को काटने से पहले वन विभाग की आधिकारिक अनुमति आवश्यक है और बिना अनुमति के ऐसी कटाई पूरी तरह अवैध मानी जाती है। लगातार हो रही कटाई से क्षेत्र के पर्यावरण पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह मुख्य सड़क किनारे से पेड़ों का सफाया जारी रहा, तो प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। वन विभाग की कथित अनदेखी से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह जाता है।3
- चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर के लोगों में भारी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेहद हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। संकट मोचन मंदिर में संपन्न हुई हल्दी की रस्म इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रेम नगर स्थित संकट मोचन मंदिर में भगवान भोलेनाथ की हल्दी की रस्म अदा की गई। इस पवित्र और मांगलिक अनुष्ठान को ग्राम पुरोहित और ग्राम बैगा के द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। महिलाओं ने गाए पारंपरिक हल्दी गीत इस वैवाहिक रस्म में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और श्रद्धालु जुटे। महिलाओं ने पारंपरिक हल्दी और मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को उत्सवपूर्ण और शिवमय बना दिया। शिव भक्तों की आस्था, महिलाओं के मंगल गीत और उल्लास से पूरा चैनपुर क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।4
- चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में प्रेम नगर में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक किया जा रहा है।1
- रूह कांप जा रही है इसे मंजर को देखकर भगवान इन्हें ठीक कर दे 😢😢1
- कुसमी से जसपुर मुख्य मार्ग गलफूला नदी के पास हुई भयानक सड़क हादसा ट्रेक्टर ने एक बाइक को मारी टकर,हुई बाइक चालक की मौत,और बाइक में सवार व्यक्ति की गंभीर हालत।3
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- सभी सनातनियों को आना हैं..🙏🏻 #shorts #shivratri #mahashivratri #barat #election #new1
- रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम पंचायत चैनपुर के सभागार कक्ष में सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। जानकारी देते हुए शुक्रवार शाम के सात बजे बताया गया कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन रायडीह, चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के पेशा मोबिलाइजरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, मोबिलाइजरों को योजनाओं की सही जानकारी देना तथा ग्रामीण विकास कार्यों को गति प्रदान करना है। दूसरे दिन प्रतिभागियों को उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही पंचायत सशक्तिकरण, ग्राम सभा की भूमिका, पारदर्शिता, सामाजिक सहभागिता और विकास योजनाओं की निगरानी जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर ने कहा कि पेशा मोबिलाइजर पंचायत और ग्रामीणों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, इसलिए उनकी सक्रियता से ही सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है। प्रशिक्षण के दौरान अभिलेख संधारण, प्रतिवेदन तैयार करने, योजनाओं की नियमित समीक्षा तथा डिजिटल माध्यमों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बारह फरवरी से चौदह फरवरी दो हजार छब्बीस तक चलेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक सुधार आएगा और ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक मजबूती मिलेगी।3