SC/ST किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार दिलाने की मांग, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन खैरथल । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाने की मांग को लेकर किसान महासभा के जिला अध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) एडवोकेट केशव सिरोहीवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, खैरथल-तिजारा के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि SC/ST वर्ग के अनेक किसान वर्षों से गैर खातेदारी भूमि पर खेती कर रहे हैं, लेकिन खातेदारी अधिकार नहीं मिलने के कारण उन्हें भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इससे वे सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि ऐसे किसानों को शीघ्र खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि उनकी भूमि पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सके और वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस अवसर पर डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के जिला अध्यक्ष अमीलाल बौद्ध, मजदूर विकास फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष राजकपूर सारवान, धानका समाज के जिला अध्यक्ष वीर सिंह धानका, मेघवाल समाज के जिला अध्यक्ष बनवारी लाल, राजेंद्र रसगोन, मेघवाल समाज मुंडावर के ब्लॉक अध्यक्ष शामलाल, हरसौली ब्लॉक अध्यक्ष हरिसिंह, मेघवाल समाज के उपाध्यक्ष शामलाल, बलवंत महारानियां (किशनगढ़), माया देवी (महिला प्रकोष्ठ), रामुतार खंडेलवाल, बलराज, रामनिवास, हरिसिंह, माननराम, महेश, मनीष चोपड़ा, दुलीचंद बाबूजी, रोहितास थानेदार तथा कामरेड सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि SC/ST किसानों के लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मुद्दे का शीघ्र समाधान कर उन्हें खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं।
SC/ST किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार दिलाने की मांग, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन खैरथल । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाने की मांग को लेकर किसान महासभा के जिला अध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) एडवोकेट केशव सिरोहीवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, खैरथल-तिजारा के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि SC/ST वर्ग के अनेक किसान वर्षों से गैर खातेदारी भूमि पर खेती कर रहे हैं, लेकिन खातेदारी अधिकार नहीं मिलने के कारण उन्हें भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इससे वे सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि ऐसे किसानों को शीघ्र खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि उनकी भूमि पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सके और वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस अवसर पर डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के जिला अध्यक्ष अमीलाल बौद्ध, मजदूर विकास फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष राजकपूर सारवान, धानका समाज के जिला अध्यक्ष वीर सिंह धानका, मेघवाल समाज के जिला अध्यक्ष बनवारी लाल, राजेंद्र रसगोन, मेघवाल समाज मुंडावर के ब्लॉक अध्यक्ष शामलाल, हरसौली ब्लॉक अध्यक्ष हरिसिंह, मेघवाल समाज के उपाध्यक्ष शामलाल, बलवंत महारानियां (किशनगढ़), माया देवी (महिला प्रकोष्ठ), रामुतार खंडेलवाल, बलराज, रामनिवास, हरिसिंह, माननराम, महेश, मनीष चोपड़ा, दुलीचंद बाबूजी, रोहितास थानेदार तथा कामरेड सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि SC/ST किसानों के लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मुद्दे का शीघ्र समाधान कर उन्हें खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं।
- SC/ST किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार दिलाने की मांग, जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन खैरथल । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के किसानों की गैर खातेदारी भूमि को खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाने की मांग को लेकर किसान महासभा के जिला अध्यक्ष (विधि प्रकोष्ठ) एडवोकेट केशव सिरोहीवाल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर, खैरथल-तिजारा के माध्यम से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि SC/ST वर्ग के अनेक किसान वर्षों से गैर खातेदारी भूमि पर खेती कर रहे हैं, लेकिन खातेदारी अधिकार नहीं मिलने के कारण उन्हें भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इससे वे सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि ऐसे किसानों को शीघ्र खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं, ताकि उनकी भूमि पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित हो सके और वे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस अवसर पर डॉ. आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी राजस्थान के जिला अध्यक्ष अमीलाल बौद्ध, मजदूर विकास फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष राजकपूर सारवान, धानका समाज के जिला अध्यक्ष वीर सिंह धानका, मेघवाल समाज के जिला अध्यक्ष बनवारी लाल, राजेंद्र रसगोन, मेघवाल समाज मुंडावर के ब्लॉक अध्यक्ष शामलाल, हरसौली ब्लॉक अध्यक्ष हरिसिंह, मेघवाल समाज के उपाध्यक्ष शामलाल, बलवंत महारानियां (किशनगढ़), माया देवी (महिला प्रकोष्ठ), रामुतार खंडेलवाल, बलराज, रामनिवास, हरिसिंह, माननराम, महेश, मनीष चोपड़ा, दुलीचंद बाबूजी, रोहितास थानेदार तथा कामरेड सहित बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि SC/ST किसानों के लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण मुद्दे का शीघ्र समाधान कर उन्हें खातेदारी अधिकार प्रदान किए जाएं।1
- पुराना इंटरव्यू फिर वायरल, कंगना रनौत के बयान पर चर्चा पुराना इंटरव्यू फिर वायरल, कंगना रनौत के बयान पर चर्चा अभिनेत्री कंगना रनौत का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कंगना कथित तौर पर कहती नजर आती हैं कि उन्हें लगभग 30 वर्ष का पाकिस्तानी दूल्हा पसंद होगा। साथ ही वह सामान्य जीवन जीने और अपने कुकिंग शौक का भी जिक्र करती हैं। हालांकि यह एक पुराना इंटरव्यू है और वीडियो किस संदर्भ में दिया गया था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।1
- शाहजहांपुर टोल पर स्थानीय लोगों का प्रदर्शन, टोल शुल्क में राहत की मांग रिपोर्टर संदीप यादव शाहजहांपुर (कोटपूतली-बहरोड़)। राष्ट्रीय राजमार्ग-48 स्थित शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने महंगे टोल शुल्क और लोकल पास की बढ़ी हुई दरों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में आसपास के गांवों के ग्रामीण, वाहन चालक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे रोजमर्रा के कार्यों, नौकरी, व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा संबंधी जरूरतों के लिए प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन प्रत्येक बार टोल शुल्क का भुगतान करना उनके लिए आर्थिक बोझ बनता जा रहा है। उनका आरोप है कि स्थानीय वाहनों के लिए बनाए गए लोकल पास की दरें भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क से छूट देने अथवा लोकल पास की दरों में कमी करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। मामले में प्रशासन एवं टोल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- तिजारा के जैन मैरिज होम में भाजपा नेता एवं जिला पार्षद रामवीर यादव शाहबादी के 49 वे जन्मदिन पर आयोजित हुआ विशाल रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर। क्षेत्र की तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपा हमारे चैनल को लाइक शेयर और फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ और मंगलमय हो।1
- एसडीएम लक्ष्मी नारायण फिरोजपुर झिरका ने दिये दिशा निर्देश। कांवड़ शिविरों में प्लास्टिक का सामान इस्तेमाल ना करें, कागज, स्टील और कांच के गलासों का इस्तेमाल करें। गंदगी डालने के लिए डस्टबिन का अवश्य इस्तेमाल करें एसडीएम लक्ष्मी नारायण फिरोजपुर झिरका ने दिये दिशा निर्देश। कांवड़ शिविरों में प्लास्टिक का सामान इस्तेमाल ना करें, कागज, स्टील और कांच के गलासों का इस्तेमाल करें। गंदगी डालने के लिए डस्टबिन का अवश्य इस्तेमाल करें1
- 130 rupaye litre petrol bech raha hai1
- किशनगढ़ बास में कचरा डंपिंग का विरोध, ग्रामीणों ने पालिका की गाड़ियां रोकी, मेगा हाईवे जाम की चेतावनी किशनगढ़ बास। कस्बे से सटे गांव बासड़ा में नगरपालिका किशनगढ़ बास द्वारा लगातार शहर का कचरा डाले जाने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को ग्रामीणों ने नगरपालिका की कचरा परिवहन करने वाली गाड़ियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया और सड़क पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में बनाए गए डंपिंग यार्ड में लगातार शहर का कचरा डाला जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मक्खियों के कारण गांव में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नगरपालिका ने गांव में कचरा डालना बंद नहीं किया और डंपिंग यार्ड की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया, तो वे अलवर-भिवाड़ी मेगा हाईवे को जाम कर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव की आबादी के बीच बने डंपिंग यार्ड को तत्काल बंद कर शहर के कचरे के निस्तारण के लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था की जाए, ताकि गांव के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।1
- अलवर शहर में 2 घंटे की मूसलाधार बारिश, चारों तरफ पानी ही पानी अलवर शहर में बुधवार शाम करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई तेज बारिश के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण कई नाले और नालियां उफान पर आ गईं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। जगह-जगह लंबे जाम की स्थिति भी बनी रही। लोगों का कहना है कि हर बारिश के साथ शहर में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल जाती है। मौसम में आई ठंडक से लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। शहरवासियों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जलभराव वाले क्षेत्रों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। अलवर शहर में 2 घंटे की मूसलाधार बारिश, चारों तरफ पानी ही पानी अलवर शहर में बुधवार शाम करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार हुई तेज बारिश के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण कई नाले और नालियां उफान पर आ गईं, जबकि कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। जगह-जगह लंबे जाम की स्थिति भी बनी रही। लोगों का कहना है कि हर बारिश के साथ शहर में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल जाती है। मौसम में आई ठंडक से लोगों को उमस और गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। शहरवासियों ने प्रशासन से जल निकासी व्यवस्था में सुधार और जलभराव वाले क्षेत्रों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।4