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श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान में निवास करने वाले दुखियों का दुख दूर करने वाले सुख संपत्ति आनंद वैभव खुशहाली बरसाने वाले आपकी जय हो जय हो आप ही आप हो हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
Kanhaiya lal Joshi
श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान में निवास करने वाले दुखियों का दुख दूर करने वाले सुख संपत्ति आनंद वैभव खुशहाली बरसाने वाले आपकी जय हो जय हो आप ही आप हो हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
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- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय1
- रीको इंडस्ट्रियल एरिया में आग से मची अफरा-तफरी, कोई जनहानि नहीं। चित्तौड़गढ़। जिले के कपासन कस्बे स्थित रीको इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार देर रात एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। मरून इंडस्ट्रीज नामक केमिकल फैक्ट्री में रात करीब 11:15 बजे जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। लोग इसे भूकंप समझकर घरों से बाहर निकल आए। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री परिसर में भीषण आग लग गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें दूर से साफ नजर आ रही थीं। आसपास के गांवों और कॉलोनियों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार अपने बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका अचानक हुआ और कुछ ही सेकंड में फैक्ट्री से धुआं व आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी विकराल थी कि पास स्थित एक स्क्रैप फैक्ट्री भी इसकी चपेट में आ गई। धमाके के असर से स्क्रैप यूनिट की टीन की चद्दरें उड़ गईं और दीवारों को नुकसान पहुंचा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री से उछलकर एक भारी लोहे की दीवार करीब 500 मीटर दूर एक मकान पर जा गिरी, जिससे छत की पट्टी टूट गई। हालांकि, घर में मौजूद लोग सुरक्षित रहे। यदि यह हादसा दिन में होता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। सूचना मिलते ही कपासन सहित आसपास के क्षेत्रों से दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब दो घंटे तक लगातार पानी की बौछारें कीं। जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाकर आग को फैलने से रोका गया। कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में बॉयलर फटने से धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फैक्ट्री में मौजूद केमिकल पदार्थों के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया, जिससे दमकलकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर आलोक रंजन, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी और कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। प्रशासन ने क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर अनावश्यक आवाजाही रोक दी है। आसपास की फैक्ट्रियों और मकानों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। कपासन विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने बताया कि मरून केमिकल फैक्ट्री में रंग (कलर) बनाने का कार्य होता है। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस को अवगत कराया गया। दमकल और प्रशासन की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने बताया कि फैक्ट्री में इंटरमीडिएट केमिकल का उत्पादन किया जाता है। फैक्ट्री मालिक से बातचीत कर प्राथमिक जानकारी ली गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी भी तरह की जनहानि सामने नहीं आई है, जो राहत की बात है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और केमिकल फैक्ट्रियों में सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे उद्योगों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- न्यूज़ रिपोर्टर देवकरण माली भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत चीड़ खेड़ा इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रही है। सरकारी योजनाओं और “जल ही जीवन” जैसे बड़े-बड़े दावों के बीच गांव की जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी सप्लाई व्यवस्था पिछले करीब एक साल से चरमराई हुई है, जबकि पिछले डेढ़ महीने से कई घरों में पानी पूरी तरह बंद हो चुका है। गांव में जगह-जगह सूखे पड़े नल, खाली टंकियां और बर्तनों की कतारें इस संकट की गंभीरता को साफ दिखा रही हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सुबह-सुबह कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 18 महीने का भुगतान बकाया, सप्लाई पर असर! ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने पानी सप्लाई से जुड़े कर्मचारी से समस्या को लेकर सवाल किया तो उसने साफ कहा कि करीब 18 महीने का भुगतान बकाया होने के कारण पानी सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस बयान के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों का सवाल है कि भुगतान विवाद का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते? शिकायतें हुईं, लेकिन समाधान नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार सरपंच रतन लाल गुर्जर, जल विभाग गंगापुर और क्षेत्रीय विधायक लादू लाल पितलिया को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। महिलाओं और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर पानी की समस्या का सबसे ज्यादा असर गांव की महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। महिलाओं को रोजाना कई बार पानी लाने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे उनकी घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि कई बार उन्हें भी पानी लाने में सहयोग करना पड़ता है। खेती पर मंडराया संकट पेयजल संकट का असर अब गांव की खेती पर भी साफ दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है, वहीं पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहराने लगा है। किसानों ने चिंता जताई है कि अगर जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल टैंकर व्यवस्था शुरू की जाए और पानी सप्लाई सिस्टम को दुरुस्त किया जाए। साथ ही जिन कारणों से भुगतान बकाया है, उसका समाधान भी जल्द किया जाए, ताकि भविष्य में गांव को इस संकट का सामना न करना पड़े। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर गांव के लोग कब तक बूंद-बूंद पानी के लिए तरसते रहेंगे और जिम्मेदार कब जागेंगे?2
- मनासा। क्षेत्र के गांव देवरी खवासा में नवयुवक मित्र मंडल के तत्वावधान में मंगलवार को कृष्णा पेट्रोल पंप परिसर में सामूहिक सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया।आयोजन में गांव के युवाओं के साथ- साथ वरिष्ठजनों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता कर भक्ति रस में डूबकर सुंदरकांड का आनंद लिया। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे गांव में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। नवयुवक मित्र मंडल द्वारा यह 28वां सामूहिक सुंदरकांड आयोजित किया गया। मंडल द्वारा मंदिरों के साथ-साथ निजी निवासों पर भी संगीत के साथ सामूहिक सुंदरकांड पाठ कराया जा रहा है, जिससे धार्मिक चेतना निरंतर मजबूत हो रही है। लगातार हो रहे इन आयोजनों में युवाओं के साथ-साथ बालक- बालिकाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिल रही है। नवयुवक मित्र मंडल के इस धार्मिक प्रयास की चर्चा अब आसपास के गांवों में भी एक सकारात्मक विषय बनी हुई है।1
- Post by Harish Gancha1
- 🙏जय श्री राम 🙏1
- Post by फोटोग्राफर नंदलाल पुरबिया नांदोली राजसमंद राजस्थान4
- श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान में निवास करने वाले दुखियों का दुख दूर करने वाले सुख संपत्ति आनंद वैभव खुशहाली बरसाने वाले आपकी जय हो जय हो आप ही आप हो हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय1