मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी, भगत पुरवा रोड (लेन नंबर-7) पर गंदे नाले का पानी सड़क पर बहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग मेडिकल कॉलेज, फातिमा अस्पताल समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर बने कच्चे और क्षतिग्रस्त नालों के कारण नालियाँ जल्दी भर जाती हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। इस स्थिति से कामकाजी लोग, विद्यार्थी, मरीजों के परिजन और शिव मंदिर व हनुमान मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिसके बाद सफाई कर्मचारी नालों की सफाई तो करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इस समस्या की मुख्य वजह नालों का कच्चा और जर्जर होना बताया जा रहा है। स्थानीय पार्षद ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में पक्की नाली के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर को भेजा जा चुका है, किंतु अब तक स्वीकृति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों ने नगर आयुक्त से मानस विहार कॉलोनी लेन नंबर-7, भगत पुरवा शिव मंदिर रोड की इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर पक्की नालियों के निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र में लगे जर्जर और झुके हुए बिजली के खंभों को भी बदलने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है और गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नागरिकों ने प्रशासन से जनहित में इस समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करने की अपील की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी, भगत पुरवा रोड (लेन नंबर-7) पर गंदे नाले का पानी सड़क पर बहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग मेडिकल कॉलेज, फातिमा अस्पताल समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर बने कच्चे और क्षतिग्रस्त नालों के कारण नालियाँ जल्दी भर जाती हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। इस स्थिति से कामकाजी लोग, विद्यार्थी, मरीजों के परिजन और शिव मंदिर व हनुमान मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी गंदे पानी से
होकर गुजरने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिसके बाद सफाई कर्मचारी नालों की सफाई तो करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इस समस्या की मुख्य वजह नालों का कच्चा और जर्जर होना बताया जा रहा है। स्थानीय पार्षद ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में पक्की नाली के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर को भेजा जा चुका है, किंतु अब तक स्वीकृति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों ने नगर आयुक्त से मानस विहार कॉलोनी लेन नंबर-7,
भगत पुरवा शिव मंदिर रोड की इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर पक्की नालियों के निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र में लगे जर्जर और झुके हुए बिजली के खंभों को भी बदलने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है और गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नागरिकों ने प्रशासन से जनहित में इस समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करने की अपील की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
- मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी, भगत पुरवा रोड (लेन नंबर-7) पर गंदे नाले का पानी सड़क पर बहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग मेडिकल कॉलेज, फातिमा अस्पताल समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क के दोनों ओर बने कच्चे और क्षतिग्रस्त नालों के कारण नालियाँ जल्दी भर जाती हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है। इस स्थिति से कामकाजी लोग, विद्यार्थी, मरीजों के परिजन और शिव मंदिर व हनुमान मंदिर आने वाले श्रद्धालु भी गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर निगम में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिसके बाद सफाई कर्मचारी नालों की सफाई तो करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इस समस्या की मुख्य वजह नालों का कच्चा और जर्जर होना बताया जा रहा है। स्थानीय पार्षद ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में पक्की नाली के निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार कर नगर आयुक्त, नगर निगम गोरखपुर को भेजा जा चुका है, किंतु अब तक स्वीकृति न मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। क्षेत्रवासियों ने नगर आयुक्त से मानस विहार कॉलोनी लेन नंबर-7, भगत पुरवा शिव मंदिर रोड की इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर पक्की नालियों के निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र में लगे जर्जर और झुके हुए बिजली के खंभों को भी बदलने की मांग की है, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है और गंदे पानी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नागरिकों ने प्रशासन से जनहित में इस समस्या का शीघ्र स्थायी समाधान करने की अपील की है, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।3
- गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर लड़की के पिता ने इसे 'लव जिहाद' का मामला बताया है, जिसमें एक मुस्लिम लड़के पर उनकी बेटी को भगाने का आरोप है।1
- गोरखपुर में एक व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ GST 2.0 और E-Invoicing से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों और अपडेट्स पर चर्चा हुई। यह कार्यक्रम 'स्टेट टैक्स न्यूज़ 2026' के तहत आयोजित किया गया था।1
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पूरे देश में खाने-पीने की वस्तुओं को अखबार में लपेटने, पैक करने या परोसने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्देश के अनुसार, अब छोटे ठेलों से लेकर बड़े होटलों तक कोई भी विक्रेता समोसा, वड़ा पाव या पकौड़े जैसी खाद्य सामग्री को अखबार में पैक करके नहीं बेच पाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि दुकानदार समोसे, कचोरी या किसी भी अन्य प्रकार की खाने की चीज अखबार में लपेटकर नहीं बेच सकते।1
- राष्ट्रवादी पार्टी और अखिलेश सिंह के समर्थन में उत्साहपूर्ण 'जय' और 'जिंदाबाद' के नारे लगाए गए, जो उनके प्रति प्रबल निष्ठा और समर्थन को दर्शाता है।1
- आज क्षेत्राधिकारी धनघटा ने थाना परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, अभिलेखों के रख-रखाव, साफ-सफाई व्यवस्था और थाना परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के क्रम में, क्षेत्राधिकारी ने थाना परिसर का भ्रमण करते हुए निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने थाना परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने तथा उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करने पर बल दिया। कार्यालयीय कार्यों की समीक्षा करते हुए, क्षेत्राधिकारी ने अभिलेखों को अद्यतन रखने, जनसुनवाई को प्रभावी ढंग से संचालित करने और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने थाना परिसर में स्वच्छता, अनुशासन और एक बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया, और सभी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए।4
- राज्य कर विभाग ने गोरखपुर में होने वाले व्यापारी संवाद कार्यक्रम 2026 के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस कार्यक्रम के तहत GST 2.0 और E-Invoicing से जुड़ी एक बड़ी अपडेट जारी की गई है।1
- संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने इसे दहेज हत्या करार देते हुए पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान कुशुम के रूप में हुई है, जो बस्ती जनपद के परसा जाफर की रहने वाली थीं। उनका विवाह 4 मई 2023 को संतकबीरनगर के तिहरा गाँव निवासी कन्हैया कनौजिया से हुआ था। कुशुम के भाई जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनके अनुसार, ससुराल पक्ष द्वारा बार-बार अतिरिक्त दहेज, खासकर 50 हजार रुपये की मांग की जाती थी, और मांग पूरी न होने पर कुशुम को मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था। परिजनों का आरोप है कि 6 जून 2026 को पति कन्हैया कनौजिया और उसके परिवार के लोगों ने दहेज के लिए कुशुम की हत्या कर दी। भाई ने आगे बताया कि हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया और बाद में नीचे उतार दिया गया। जितेंद्र कुमार ने पुलिस से मांग की है कि पति कन्हैया कनौजिया सहित पूरे ससुराल पक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।1