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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पूरे देश में खाने-पीने की वस्तुओं को अखबार में लपेटने, पैक करने या परोसने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्देश के अनुसार, अब छोटे ठेलों से लेकर बड़े होटलों तक कोई भी विक्रेता समोसा, वड़ा पाव या पकौड़े जैसी खाद्य सामग्री को अखबार में पैक करके नहीं बेच पाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि दुकानदार समोसे, कचोरी या किसी भी अन्य प्रकार की खाने की चीज अखबार में लपेटकर नहीं बेच सकते।
Pooja sharma
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पूरे देश में खाने-पीने की वस्तुओं को अखबार में लपेटने, पैक करने या परोसने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्देश के अनुसार, अब छोटे ठेलों से लेकर बड़े होटलों तक कोई भी विक्रेता समोसा, वड़ा पाव या पकौड़े जैसी खाद्य सामग्री को अखबार में पैक करके नहीं बेच पाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि दुकानदार समोसे, कचोरी या किसी भी अन्य प्रकार की खाने की चीज अखबार में लपेटकर नहीं बेच सकते।
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- गोरखपुर शहर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और छात्रों के भविष्य पर अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की। चटोरी गली के पास एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे। हालाँकि, मौके पर पहुँची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद कई युवाओं को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें कैंट थाने भेजा गया।1
- यह पोस्ट 'सूर्यांश न्यूज़ 24' के बारे में जानकारी प्रस्तुत करती है, जिसका ध्येय वाक्य 'हर खबर पर नजर' बताया गया है। इसमें एक मोबाइल नंबर (8858492616) भी दिया गया है और विनय कुमार गिरी को रिपोर्टर के तौर पर उल्लेखित किया गया है।1
- संत कबीर नगर के ग्राम पंचायत भगवानपुर में एक भव्य रुद्राभिषेक महा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। यह धार्मिक कार्यक्रम भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने तथा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के लाभार्थ हेतु आयोजित किया जा रहा है। इस महा अनुष्ठान का समापन स्वर्गीय श्री रमाकांत त्रिपाठी जी की धर्मपत्नी गुजराती देवी के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा। यह अनुष्ठान 14 जून 2026, दिन रविवार को प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगा। आयोजन स्थल ग्राम पंचायत भगवानपुर स्थित पैतृक निवास स्थान गांव कानापार/भगवानपुर है, जो ब्लॉक बघौली, पुलिस स्टेशन बखिरा, तहसील खलीलाबाद, जनपद संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश के परगना मगहर (पूर्व) में आता है। समस्त शुभचिंतकों, परिवार के सदस्यों, मित्रगणों, रिश्तेदारों, भाई-बंधुओं, साथ ही सभी यजमानों, भक्तों, श्रद्धालुओं और भगवान शिव के उपासकों को इस पवित्र कार्यक्रम में सादर आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी और किसी भी प्रश्न के लिए 9451509784 पर संपर्क किया जा सकता है। यह आकाशवाणी निमंत्रण पत्र 7 जून 2026 को जारी किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार में माननीय कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को उनके जन्मदिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। इस अवसर पर, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की गई है।1
- गोरखपुर के चौरी चौरा क्षेत्र में पीने का पानी योग्य नहीं है। घर के आसपास के लोगों को पानी पीने में समस्या हो रही है। निवासियों ने इस समस्या को सुधारे जाने की अपील की है।2
- संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र के वासिन गांव में सरकारी खाद्यान्न की कथित कालाबाज़ारी को लेकर ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने एक पिकअप वाहन को रोककर आरोप लगाया कि उस पर लदा सरकारी राशन कालाबाज़ारी के लिए ले जाया जा रहा था। ग्रामीणों की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस और खाद्य विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारियों ने सबसे पहले संबंधित कोटेदार से पूछताछ की और उस स्थान का निरीक्षण किया जहाँ ग्रामीणों ने पिकअप वाहन को रोका था। जांच के दौरान, पिकअप चालक ने अधिकारियों को बताया कि उसे खाद्यान्न ढोने के लिए बुलाया तो गया था, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं दी गई थी कि राशन कहाँ पहुंचाना है, जिससे मामले को लेकर चर्चाएँ और तेज हो गईं। आमतौर पर, सरकारी गोदाम से राशन गाँव के चौराहे तक लाया जाता है, जहाँ से कोटेदार अपने हिस्से का खाद्यान्न उचित दर की दुकानों तक ले जाते हैं। आरोप है कि वासिन गांव के कोटेदार द्वारा राशन को पिकअप पर लादकर किसी अन्य स्थान पर भेजने की तैयारी की जा रही थी, जिसे ग्रामीणों ने विफल कर दिया। इस प्रकरण पर खलीलाबाद सदर के एसडीएम हृदयनारायण तिवारी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- संतकबीरनगर जनपद के सेमरियावां ब्लॉक में करोड़ों रुपये की लागत से बना राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पिछले 7 सालों से अपनी शुरुआत का इंतजार कर रहा है, जिसके कारण यह एक शोपीस बनकर रह गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना 2013 में स्वीकृत हुई थी और 2018-19 तक पूरी तरह बनकर तैयार भी हो गई, लेकिन निर्माण पूरा होने के लगभग 6 से 7 वर्ष बाद भी यहां प्रशिक्षण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि संस्थान में छात्रों के लिए छात्रावास, प्रशिक्षण कक्ष और प्रशासनिक भवन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद, यह भवन वीरान पड़ा है, जिससे करोड़ों रुपये की सरकारी धनराशि का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह आईटीआई शुरू हो जाता है, तो क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए खलीलाबाद, गोरखपुर या अन्य जनपदों और राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे अपने घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर-9 कायनात फातिमा समेत मोहम्मद अहमद, फूलचंद, वसी अहमद, अंशु चन्द्रा, आदित्य चन्द्रा और कई अन्य स्थानीय नागरिकों ने इस मुद्दे को जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने कई बार उठाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पर बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद संस्थान शुरू न होने की जिम्मेदारी किसकी है – सरकार की लापरवाही या जिला प्रशासन की उदासीनता? स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार और प्रशासन जल्द से जल्द सभी औपचारिकताएं पूरी कर इस महत्वपूर्ण संस्थान का संचालन शुरू करें, ताकि क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।1
- नहरों में पानी की भारी कमी के चलते किसानों पर गंभीर संकट आ गया है। इस जल संकट के कारण किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेने को मजबूर हैं।1
- महाराजगंज में शिवदयाल आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को सीधी चुनौती दी है। उनका कहना है कि चौरसिया समाज के साथ अब किसी भी तरह का अन्याय और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवदयाल आर्मी ने आरोप लगाया है कि समाज में जिनकी भागीदारी कम है, वे ही सत्ता संभाल रहे हैं। यह चुनौती और बयान चौरसिया समाज के प्रति हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ एक कड़ा रुख दर्शाता है।1