अठ्ठाइशलाखा पुल पर मौत की टक्कर: दो बाइक भिड़ीं, तीन की गई जान, एक जख्मी। पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले के सिकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अठ्ठाइशलाखा पुल के पास सैनिक सड़क पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटा पहुंचाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान कंगली थाना क्षेत्र के गाद गम्हरिया निवासी 60 वर्षीय फैयाज उर्फ घोंघा मियां और उनके 30 वर्षीय पुत्र नेयाज उर्फ मिठ्ठू मियां के रूप में हुई है। वहीं दूसरी बाइक पर सवार नेपाल के परसा जिला के भिस्वा निवासी 25 वर्षीय अरमान मियां की भी इस हादसे में जान चली गई। इस टक्कर में सिकटा थाना क्षेत्र के बिस्वा निवासी 45 वर्षीय कमरुल होदा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक, फैयाज मियां उत्तराखंड के हल्द्वानी में ठेकेदारी का काम करते थे, जबकि उनका बेटा नेयाज काठमांडू में इंजन मिस्त्री था। दोनों गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे सिकटा बैंक में अपना खाता चेक कराने गए थे और लौटते वक्त यह हादसा हो गया। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। नेयाज की पत्नी समीना खातून और उनके मासूम बच्चे अशरफ और नासिर का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं और सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गईं। इस हादसे की गंभीरता का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि चारों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं और तीन लोगों की जान चली गई। शुरुआत में पुलिस को मृतकों की पहचान में दिक्कत हुई, क्योंकि उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से बाद में उनके गांव और परिजनों की जानकारी जुटाई गई। सिकटा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस लगातार वाहन जांच अभियान चलाती है और हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक हादसों के रूप में सामने आता है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब लोग सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। एक छोटी सी लापरवाही — हेलमेट न पहनना — तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट जरूर पहनें और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
अठ्ठाइशलाखा पुल पर मौत की टक्कर: दो बाइक भिड़ीं, तीन की गई जान, एक जख्मी। पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले के सिकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अठ्ठाइशलाखा पुल के पास सैनिक सड़क पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटा पहुंचाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान कंगली थाना क्षेत्र के गाद गम्हरिया निवासी 60 वर्षीय फैयाज उर्फ घोंघा मियां और उनके 30 वर्षीय पुत्र नेयाज उर्फ मिठ्ठू मियां के रूप में हुई है। वहीं दूसरी बाइक पर सवार नेपाल के परसा जिला के भिस्वा निवासी 25 वर्षीय अरमान मियां की भी इस हादसे में जान चली गई। इस टक्कर में सिकटा थाना क्षेत्र के बिस्वा निवासी 45 वर्षीय कमरुल होदा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक, फैयाज मियां उत्तराखंड के हल्द्वानी में ठेकेदारी का काम करते थे, जबकि उनका बेटा नेयाज काठमांडू में इंजन मिस्त्री था। दोनों गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे सिकटा बैंक में अपना खाता चेक कराने गए थे और लौटते वक्त यह हादसा हो गया। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। नेयाज की पत्नी समीना खातून और उनके मासूम बच्चे अशरफ और नासिर का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं और सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गईं। इस हादसे की गंभीरता का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि चारों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं और तीन लोगों की जान चली गई। शुरुआत में पुलिस को मृतकों की पहचान में दिक्कत हुई, क्योंकि उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से बाद में उनके गांव और परिजनों की जानकारी जुटाई गई। सिकटा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस लगातार वाहन जांच अभियान चलाती है और हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक हादसों के रूप में सामने आता है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब लोग सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। एक छोटी सी लापरवाही — हेलमेट न पहनना — तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट जरूर पहनें और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।
- पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले के सिकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। अठ्ठाइशलाखा पुल के पास सैनिक सड़क पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटा पहुंचाया गया। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान कंगली थाना क्षेत्र के गाद गम्हरिया निवासी 60 वर्षीय फैयाज उर्फ घोंघा मियां और उनके 30 वर्षीय पुत्र नेयाज उर्फ मिठ्ठू मियां के रूप में हुई है। वहीं दूसरी बाइक पर सवार नेपाल के परसा जिला के भिस्वा निवासी 25 वर्षीय अरमान मियां की भी इस हादसे में जान चली गई। इस टक्कर में सिकटा थाना क्षेत्र के बिस्वा निवासी 45 वर्षीय कमरुल होदा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक, फैयाज मियां उत्तराखंड के हल्द्वानी में ठेकेदारी का काम करते थे, जबकि उनका बेटा नेयाज काठमांडू में इंजन मिस्त्री था। दोनों गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे सिकटा बैंक में अपना खाता चेक कराने गए थे और लौटते वक्त यह हादसा हो गया। जैसे ही यह खबर घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। नेयाज की पत्नी समीना खातून और उनके मासूम बच्चे अशरफ और नासिर का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं और सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण अनियंत्रित होकर आपस में टकरा गईं। इस हादसे की गंभीरता का एक बड़ा कारण यह भी रहा कि चारों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं और तीन लोगों की जान चली गई। शुरुआत में पुलिस को मृतकों की पहचान में दिक्कत हुई, क्योंकि उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से बाद में उनके गांव और परिजनों की जानकारी जुटाई गई। सिकटा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार मौर्य ने बताया कि पुलिस लगातार वाहन जांच अभियान चलाती है और हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन इसके बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका नतीजा ऐसे दर्दनाक हादसों के रूप में सामने आता है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब लोग सड़क सुरक्षा नियमों को गंभीरता से लेंगे। एक छोटी सी लापरवाही — हेलमेट न पहनना — तीन जिंदगियों पर भारी पड़ गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट जरूर पहनें और सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की त्रासदी दोबारा न हो।1
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- Post by RAJHANSH VERMA1
- आज में हनुमान जयंती फाजिलनगर में रथ यात्रा और झांकी निकल गया जय हनुमान हर हर महादेव1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया जिले के सिकटा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। अठ्ठाइशलाखा पुल के पास सैनिक सड़क पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकटा ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, बेतिया रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में कंगली थाना क्षेत्र के गाद गम्हरिया निवासी 60 वर्षीय फैयाज उर्फ घोंघा मियां और उनके 30 वर्षीय पुत्र नेयाज उर्फ मिठ्ठू मियां शामिल हैं। वहीं दूसरी बाइक पर सवार परसा जिला के भिस्वा निवासी 25 वर्षीय अरमान मियां की भी मौत हो गई। हादसे में 45 वर्षीय कमरुल होदा गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार, फैयाज मियां हल्द्वानी में ठेकेदारी करते थे, जबकि उनका बेटा नेयाज काठमांडू में इंजन मिस्त्री था। दोनों सिकटा बैंक से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया—पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं और सड़क पर गड्ढे के कारण नियंत्रण खो बैठीं। सबसे गंभीर बात यह रही कि किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं और तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। सिकटा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार मौर्य ने बताया कि हेलमेट को लेकर लगातार अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन लोग लापरवाही बरतते हैं। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है।1
- बेतिया राज श्री हनुमान जी मंदिर लाल में श्री हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर बहुत ही सुन्दर ढंग से कार्यक्रम मनाया जा रहा है। जय श्री राम। 02.04.2026.1
- जगदीशपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया कचहरी टोला वार्ड संख्या 04 निवासी 70 वर्षीय चिरकुट पासवान की इलाज के दौरान जीएमसीएच में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वे जगदीशपुर बाजार करने गए थे। इसी दौरान अज्ञात बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों के अनुसार, दुर्घटना के बाद से ही उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है, वहीं पूरे गांव में भी मातम पसरा हुआ है। इधर, घटना की सूचना मिलने पर जगदीशपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया।1
- बेतिया नगर थाना क्षेत्र के पीउनी बाग शिव मंदिर के समीप उस समय सनसनी फैल गई जब संदिग्ध परिस्थितियों में एक 12वीं के छात्र की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृत छात्र शहर के एक लॉज में रहकर पढ़ाई करता था और अचानक उसकी मौत की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वायड और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी मौके पर बुलाया, ताकि हर पहलू से साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और लॉज से जुड़े हर व्यक्ति से जानकारी ली जा रही है, जिससे घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके। सदर डीएसपी विवेक दीप ने जानकारी देते हुए बताया कि मृत छात्र की पहचान कर ली गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए पुलिस किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही है। शव को कब्जे में लेकर जीएमसीएच भेज दिया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हर एंगल चाहे वह आत्महत्या हो, दुर्घटना या फिर किसी साजिश की संभावना को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र की मौत के पीछे आखिर क्या कारण था। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता और दहशत का माहौल बना दिया है, वहीं परिजन और स्थानीय लोग जल्द से जल्द सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं।1