मध्य प्रदेश के मैहर स्थित ‘वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वहां रह रही छात्राओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की हकीकत को उजागर किया है। वीडियो में छात्राएं आरोप लगा रही हैं कि उन्हें पिछले दो महीनों से छात्रावास में भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़कर खुले परिसर में चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें अनाज और अन्य आवश्यक सामग्री भी अपने घर से लानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उनका कीमती पढ़ाई का समय भी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी रहने और खाने-पीने की व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारा जाए, क्योंकि उनकी महत्वपूर्ण परीक्षाएं चल रही हैं और वे इस तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रही हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने ‘रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ की अधीक्षिका पुष्पलता सिंह और जिला आदिम जाति कल्याण अधिकारी कमलेश शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह विचारणीय हो गया है कि क्या यह प्रशासनिक कार्रवाई छात्राओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कर पाएगी।
मध्य प्रदेश के मैहर स्थित ‘वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वहां रह रही छात्राओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की हकीकत को उजागर किया है। वीडियो में छात्राएं आरोप लगा रही हैं कि उन्हें पिछले दो महीनों से छात्रावास में भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़कर खुले परिसर में चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें अनाज और अन्य आवश्यक सामग्री भी अपने घर से लानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उनका कीमती पढ़ाई का समय भी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी रहने और खाने-पीने की व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारा जाए, क्योंकि उनकी महत्वपूर्ण परीक्षाएं चल रही हैं और वे इस तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रही हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने ‘रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ की अधीक्षिका पुष्पलता सिंह और जिला आदिम जाति कल्याण अधिकारी कमलेश शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह विचारणीय हो गया है कि क्या यह प्रशासनिक कार्रवाई छात्राओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कर पाएगी।
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित ‘वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वहां रह रही छात्राओं की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की हकीकत को उजागर किया है। वीडियो में छात्राएं आरोप लगा रही हैं कि उन्हें पिछले दो महीनों से छात्रावास में भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़कर खुले परिसर में चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्राओं ने बताया कि उन्हें अनाज और अन्य आवश्यक सामग्री भी अपने घर से लानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उनका कीमती पढ़ाई का समय भी बर्बाद हो रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी रहने और खाने-पीने की व्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारा जाए, क्योंकि उनकी महत्वपूर्ण परीक्षाएं चल रही हैं और वे इस तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रही हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह ने सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने ‘रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास’ की अधीक्षिका पुष्पलता सिंह और जिला आदिम जाति कल्याण अधिकारी कमलेश शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस पूरे घटनाक्रम ने छात्रावास प्रबंधन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह विचारणीय हो गया है कि क्या यह प्रशासनिक कार्रवाई छात्राओं की समस्याओं का स्थायी समाधान कर पाएगी।1
- मैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारे ?मैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारेमैहर 📍 में क्यों लगे FIR दर्ज करो के नारे1
- वैश्विक मंदी और दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपनी मज़बूती एक बार फिर साबित की है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह दर पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की 7.1% विकास दर से काफी बेहतर है और सरकार के 7.6% के पुराने अनुमानों को भी पार कर गई है। साल की चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2026) में आर्थिक गतिविधियों ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी, जहाँ जीडीपी विकास दर 7.8 प्रतिशत पर पहुंच गई। इस शानदार प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि भारत की विकास की गति लगातार मजबूत बनी हुई है, जो अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित ताकत, सुधारों की सफलता और 140 करोड़ भारतीयों की कड़ी मेहनत को दर्शाती है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस बार की आर्थिक वृद्धि का आधार काफी व्यापक रहा है, जिसमें कोर सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा समर्थन दिया है। विनिर्माण क्षेत्र में 2025-26 के दौरान 10.7% की डबल-डिजिट ग्रोथ देखी गई, जबकि होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग से जुड़े सर्विस सेक्टर्स ने सालाना आधार पर 11% की वृद्धि दर्ज की। इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन में भी तेजी दिखी, जिसमें सीमेंट उत्पादन में 8.7% और स्टील की खपत में 8% का इजाफा हुआ। आम जनता द्वारा खर्च (प्राइवेट कंजम्पशन) करने की दर भी सुधरकर 7.7% पर आ गई, हालांकि, कृषि क्षेत्र में थोड़ी सुस्ती देखी गई और यह पिछले साल के 4.2% के मुकाबले घटकर 3% पर आ गई। मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने इन आंकड़ों पर संतोष जताते हुए बताया कि देश में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (संपत्ति निर्माण और निवेश) 8.2% की दर से बढ़ा है, और मशीनरी तथा उपकरणों के आयात में 19.3% की भारी बढ़ोतरी हुई है, जो भारतीय कंपनियों के विस्तार और भविष्य की मजबूती का संकेत है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भविष्य को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है, जिसमें पश्चिम एशिया के संकट और मॉनसून की अनिश्चितताओं का हवाला दिया गया है। आरबीआई ने चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए भारत की विकास दर 6.6% रहने का अनुमान लगाया है, जिसे मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने भी निष्पक्ष और संतुलित बताया है। कुल मिलाकर, ₹323 लाख करोड़ से अधिक की वास्तविक जीडीपी के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी बादशाहत बरकरार रखे हुए है।1
- सतना के मैहर में एनएसयूआई (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का भव्य स्वागत किया गया। यह स्वागत एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजिर बिहारी द्विवेदी जी के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जब विनोद जाखड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े जी, प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे जी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी जी अल्प प्रवास पर मैहर पहुंचे थे। मां शारदा माता की पावन नगरी मैहर में सभी अतिथियों का मां शारदा की चुनरी पहनाकर और पुष्पमालाओं से सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बेहद उत्साहपूर्वक स्वागत किया, साथ ही संगठन की मजबूती और छात्र-युवा हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। उपस्थित साथियों ने अतिथियों का अभिनंदन करते हुए उनके नेतृत्व में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। इस स्वागत कार्यक्रम में मैहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष श्री धर्मेश भाई जी, ब्लॉक अध्यक्ष श्री रमेश प्रजापति जी, पूर्व पार्षद श्री चूड़ामणि बाड़ोलिया जी, पूर्व पार्षद श्री यशवंत सिंह चंदेल जी, सेवा दल के जिला अध्यक्ष श्री अरुण तनय मिश्रा जी, ब्लॉक अध्यक्ष श्री ऋषिकांत पांडे जी, श्री अखंड प्रताप सिंह, श्री रजनी शर्मा जी, श्री नित्यानंद तिवारी जी, श्री समर्पण शुक्ला जी, श्री शिवम पांडे जी, एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष अमन सिंह परिहार, जिला संगठन मंत्री श्री शिवानजय सिंह जी, श्री ओंकार उर्मिला जी, श्री गौरव मालिक, श्री अब्बू, प्रिंस तिवारी, नैतिक पांडे, जीतू सींग, प्रशू चौरसिया, अमन बडगईंयां, आदित्य, मेघना बडगईंया, प्रियम मिश्रा, मोना द्विवेदी और प्रांशी कुशवाहा सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे। यह आयोजन उत्साह, सौहार्द और संगठनात्मक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ।1
- सतना में जिला जज के निवास के ठीक सामने यूकेलिप्टस के एक पेड़ की डाल अचानक नीचे गिर गई, जिससे नीचे खेल रहे बच्चे और एक बुजुर्ग बाल-बाल बच गए। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। बताया गया है कि आंधी-तूफान के कारण इस पेड़ की कई डालें कमजोर होकर झूल रही हैं, जिसके चलते कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह स्थिति लगातार बड़े खतरे की ओर इशारा कर रही है, जहां लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इस घटना ने वन विभाग और नगर निगम की लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यूकेलिप्टस के पेड़ों पर सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद संबंधित विभाग इस ओर से पूरी तरह अंजान बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के 'नवीन ओ.पी.डी. हॉल एवं दवा वितरण कक्ष' में ड्यूटी समय के दौरान ही ताला जड़ दिया गया, जिसके कारण कई छात्राएं परिसर के अंदर फंसी रह गईं। यह घटना अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि ओपीडी हॉल का मुख्य गेट बाहर से बंद और ताला लगा हुआ है। इस दौरान, कुछ छात्राएं, जो संभवतः किसी प्रशिक्षण या काम से वहां मौजूद थीं, गेट के दूसरी ओर फंसी हुई दिखाई दे रही हैं। अस्पताल के बोर्ड पर ओपीडी खुलने का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 5 बजे से 6 बजे तक निर्धारित है, लेकिन इसके बावजूद कार्य के दौरान ताला लगे होने से आम जनता और छात्राओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इस घटना ने मरीजों और अस्पताल में मौजूद लोगों की सुरक्षा व सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ड्यूटी के घंटों के दौरान गेट पर ताला क्यों लगाया गया, और वहां फंसे लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी।1
- सतना में बिरला रोड स्थित कृषि उपज मंडी गेट पर एक दुर्घटना हुई। इस हादसे में एक बाइक सवार बाल-बाल बच गया, जबकि उसकी बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।1