logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शिक्षक की लापरवाही या बच्चों से मजदूरी? बारिश में भीगकर स्कूल का राशन ढोते दिखे नन्हे छात्र* सरयू। शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाई के बजाय स्कूल का राशन ढोते देखा जाए तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला सरयू प्रखंड के घासीटोला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है, जहां छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं बारिश के बीच स्कूल के लिए अंडा, दाल, आलू सहित अन्य मध्याह्न भोजन सामग्री ले जाते दिखाई दिए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय के बच्चों से राशन ढुलवाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। बारिश में भीगते हुए नन्हे बच्चे अपने हाथों में खाद्य सामग्री लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के कंधों पर स्कूल का राशन ढोने की जिम्मेदारी क्यों डाली गई?ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे सामान ढुलवाने का काम कराने के लिएबारिश के मौसम में बच्चों के भीगने से उनके बीमार पड़ने के साथ-साथ रास्ते में किसी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।इस मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा भविष्य में बच्चों से इस तरह का कार्य नहीं कराने की मांग की है।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नौनिहालों से राशन ढुलवाने की व्यवस्था पर कब रोक लगती है।

22 hrs ago
user_निरंजन प्रसाद
निरंजन प्रसाद
Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
22 hrs ago

शिक्षक की लापरवाही या बच्चों से मजदूरी? बारिश में भीगकर स्कूल का राशन ढोते दिखे नन्हे छात्र* सरयू। शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाई के बजाय स्कूल का राशन ढोते देखा जाए तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला सरयू प्रखंड के घासीटोला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है, जहां छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं बारिश के बीच स्कूल के लिए अंडा, दाल, आलू सहित अन्य मध्याह्न भोजन सामग्री ले जाते दिखाई दिए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय के बच्चों से राशन ढुलवाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। बारिश में भीगते हुए नन्हे बच्चे अपने हाथों में खाद्य सामग्री लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के कंधों पर स्कूल का राशन ढोने की जिम्मेदारी क्यों डाली गई?ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे सामान ढुलवाने का काम कराने के लिएबारिश के मौसम में बच्चों के भीगने से उनके बीमार पड़ने के साथ-साथ रास्ते में किसी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।इस मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा भविष्य में बच्चों से इस तरह का कार्य नहीं कराने की मांग की है।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नौनिहालों से राशन ढुलवाने की व्यवस्था पर कब रोक लगती है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • शिक्षक की लापरवाही या बच्चों से मजदूरी? बारिश में भीगकर स्कूल का राशन ढोते दिखे नन्हे छात्र* सरयू। शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाई के बजाय स्कूल का राशन ढोते देखा जाए तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला सरयू प्रखंड के घासीटोला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है, जहां छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं बारिश के बीच स्कूल के लिए अंडा, दाल, आलू सहित अन्य मध्याह्न भोजन सामग्री ले जाते दिखाई दिए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय के बच्चों से राशन ढुलवाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। बारिश में भीगते हुए नन्हे बच्चे अपने हाथों में खाद्य सामग्री लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के कंधों पर स्कूल का राशन ढोने की जिम्मेदारी क्यों डाली गई?ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे सामान ढुलवाने का काम कराने के लिएबारिश के मौसम में बच्चों के भीगने से उनके बीमार पड़ने के साथ-साथ रास्ते में किसी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।इस मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा भविष्य में बच्चों से इस तरह का कार्य नहीं कराने की मांग की है।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नौनिहालों से राशन ढुलवाने की व्यवस्था पर कब रोक लगती है।
    1
    शिक्षक की लापरवाही या बच्चों से मजदूरी? बारिश में भीगकर स्कूल का राशन ढोते दिखे नन्हे छात्र*

सरयू। शिक्षा के मंदिर में बच्चों को पढ़ाई के बजाय स्कूल का राशन ढोते देखा जाए तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला सरयू प्रखंड के घासीटोला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है, जहां छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं बारिश के बीच स्कूल के लिए अंडा, दाल, आलू सहित अन्य मध्याह्न भोजन सामग्री ले जाते दिखाई दिए।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय के बच्चों से राशन ढुलवाना न केवल अनुचित है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। बारिश में भीगते हुए नन्हे बच्चे अपने हाथों में खाद्य सामग्री लेकर स्कूल पहुंच रहे थे। सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चों के कंधों पर स्कूल का राशन ढोने की जिम्मेदारी क्यों डाली गई?ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे सामान ढुलवाने का काम कराने के लिएबारिश के मौसम में बच्चों के भीगने से उनके बीमार पड़ने के साथ-साथ रास्ते में किसी दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।इस मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा भविष्य में बच्चों से इस तरह का कार्य नहीं कराने की मांग की है।अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नौनिहालों से राशन ढुलवाने की व्यवस्था पर कब रोक लगती है।
    user_निरंजन प्रसाद
    निरंजन प्रसाद
    Farmer गारू, लातेहार, झारखंड•
    22 hrs ago
  • विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है। श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।
    1
    विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है।
श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    19 min ago
  • लातेहार लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध लातेहार लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध धनबाद जिले के बरवा अड्डा थाने में जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला अब पूरे झारखंड में तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर राज्य भर के पुलिस एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में लातेहार पुलिस एसोसिएशन और IRB की इकाई ने पुलिस एसोसिएशन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार लकड़ा ने कहा कि जिस तरह से एक जनप्रतिनिधि ने थाना प्रभारी को गंदी-गंदी गाली दी और अभद्र व्यवहार किया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से जनप्रतिनिधि पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य में पुलिस एसोसिएशन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
    1
    लातेहार

लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
लातेहार
लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
धनबाद जिले के बरवा अड्डा थाने में जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला अब पूरे झारखंड में तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर राज्य भर के पुलिस एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में लातेहार पुलिस एसोसिएशन और IRB की इकाई ने पुलिस एसोसिएशन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार लकड़ा ने कहा कि जिस तरह से एक जनप्रतिनिधि ने थाना प्रभारी को गंदी-गंदी गाली दी और अभद्र व्यवहार किया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से जनप्रतिनिधि पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य में पुलिस एसोसिएशन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
    user_Manish
    Manish
    लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    42 min ago
  • बंदुआ के ग्रामीणों ने अधूरी सड़क निर्माण को लेकर नाराजगी जताई यह सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है
    1
    बंदुआ के ग्रामीणों ने अधूरी सड़क निर्माण को लेकर  नाराजगी जताई
यह सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है
    user_Abhay Kumar
    Abhay Kumar
    Photographer मनिका, लातेहार, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जरूरतमंद मरीज के लिए आजसू जिला उपाध्यक्ष ने किया रक्तदान, परिजनों ने दिया साधुवाद लातेहार। गारू प्रखंड निवासी कामेश्वर सिंह सदर अस्पताल लातेहार में इलाजरत हैं। इलाज के दौरान उन्हें रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी आजसू पार्टी के जिला उपा अध्यक्ष चंचल कुमार सिंह को मिली। जानकारी मिलते ही चंचल कुमार सिंह गारू से लातेहार पहुंचे और ब्लड बैंक में एक यूनिट रक्तदान कर मरीज की मदद की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। चंचल कुमार सिंह की इस पहल से मरीज के परिजनों को काफी राहत मिली। परिजनों ने रक्तदान के लिए उनका आभार जताते हुए उन्हें साधुवाद दिया। इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की और अन्य लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
    1
    जरूरतमंद मरीज के लिए आजसू जिला उपाध्यक्ष ने किया रक्तदान, परिजनों ने दिया साधुवाद
लातेहार। गारू प्रखंड निवासी कामेश्वर सिंह सदर अस्पताल लातेहार में इलाजरत हैं। इलाज के दौरान उन्हें रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी आजसू पार्टी के जिला उपा अध्यक्ष चंचल कुमार सिंह को मिली। जानकारी मिलते ही चंचल कुमार सिंह गारू से लातेहार पहुंचे और ब्लड बैंक में एक यूनिट रक्तदान कर मरीज की मदद की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। चंचल कुमार सिंह की इस पहल से मरीज के परिजनों को काफी राहत मिली। परिजनों ने रक्तदान के लिए उनका आभार जताते हुए उन्हें साधुवाद दिया। इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की और अन्य लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • हुदू गांव की बदहाल स्थिति कौन है जिम्मेवार आज तक गांव में अच्छे पीसीसी सड़क नहीं बन पाई है आदिवासी बहुल गांव की जमीनी हकीकत! 😢 तीन कार्यकाल तक कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन गांव को मिला सिर्फ आश्वासन!...
    1
    हुदू गांव की बदहाल स्थिति कौन है जिम्मेवार आज तक गांव में अच्छे पीसीसी सड़क नहीं बन पाई है 
आदिवासी बहुल गांव की जमीनी हकीकत! 😢
तीन कार्यकाल तक कांग्रेस को वोट दिया,
लेकिन गांव को मिला सिर्फ आश्वासन!...
    user_Badri Narayan Sahu
    Badri Narayan Sahu
    किसको, लोहरदगा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन* *हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन* *लातेहार/चंदवा* ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया। सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। *‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’* ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।” ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। *हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
    4
    *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*लातेहार/चंदवा*

ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए।

ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया।

सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही।
*‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’*
ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।”

ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
*हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
    user_MUKESH NATH
    MUKESH NATH
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    31 min ago
  • लगातार हो रही वर्षा से बरवाडीह प्रखंड के खुरा पंचायत अंतर्गत चमडीहा ग्राम में फिर एक ग्रामीण का घर सोमवार की देर रात गिरकर ध्वस्त हो गया है। मामले की सूचना पर बरवाडीह प्रखंड के व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज मंगलवार की सुबह 11:00 बजे पीड़ित परिवार के मुखिया मनोज कुमार अग्रवाल से मिले और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलवाने की बात को कहा ।ज्ञात हो कि लातेहार जिले भर में लगातार हो रही वर्षा से अब तक दर्जनों ग्रामीणों के कच्चे मकान गिरकर ध्वस्त हो गए हैं।
    1
    लगातार हो रही वर्षा से बरवाडीह प्रखंड के खुरा पंचायत अंतर्गत चमडीहा ग्राम में फिर एक ग्रामीण का घर सोमवार की देर रात गिरकर ध्वस्त हो गया है।
मामले की सूचना पर बरवाडीह प्रखंड के व्यावसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज मंगलवार की सुबह 11:00 बजे पीड़ित परिवार के मुखिया मनोज कुमार अग्रवाल से मिले और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिलवाने की बात को कहा ।ज्ञात हो कि लातेहार जिले भर में लगातार हो रही वर्षा से अब तक दर्जनों ग्रामीणों के कच्चे मकान गिरकर ध्वस्त हो गए हैं।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    6 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.