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विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है। श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।

32 min ago
user_Manoj dutt dev
Manoj dutt dev
Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
32 min ago

विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है। श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।

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  • छात्रों एवं ग्रामीणों ने महुआडार गारु पथ स्थित राजडंडा ग्राम के समीप वर्ष से क्षतिग्रस्त पुल को राहगीरों के लिए दुरुस्त करने का प्रयास किया मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे। ताकि इस पथ पर पैदल यात्रा करने वाले छात्र-छात्रा एवं ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त पुल से कुछ राहत मिल सके। ज्ञात हो की 29 अगस्त की रात को लगातार हो रही वर्षा से राजडंडा नदी का पानी पुल के ऊपर ऊफान से बहने लगा था। जिससे पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे आम ग्रामीण एवं छात्र छात्राओं को इस पथ पर चलने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
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    छात्रों एवं ग्रामीणों ने महुआडार गारु पथ स्थित राजडंडा ग्राम के समीप वर्ष से क्षतिग्रस्त पुल को राहगीरों के लिए दुरुस्त करने का प्रयास किया मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे। 
ताकि इस पथ पर पैदल यात्रा करने वाले छात्र-छात्रा एवं ग्रामीणों को क्षतिग्रस्त पुल से कुछ राहत मिल सके। ज्ञात हो की 29 अगस्त की रात को लगातार हो रही वर्षा से राजडंडा नदी का पानी पुल के ऊपर ऊफान से बहने लगा था। जिससे पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिससे आम ग्रामीण एवं छात्र छात्राओं को इस पथ पर चलने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    9 min ago
  • लातेहार लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध लातेहार लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध धनबाद जिले के बरवा अड्डा थाने में जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला अब पूरे झारखंड में तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर राज्य भर के पुलिस एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में लातेहार पुलिस एसोसिएशन और IRB की इकाई ने पुलिस एसोसिएशन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार लकड़ा ने कहा कि जिस तरह से एक जनप्रतिनिधि ने थाना प्रभारी को गंदी-गंदी गाली दी और अभद्र व्यवहार किया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से जनप्रतिनिधि पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य में पुलिस एसोसिएशन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
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    लातेहार

लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
लातेहार
लातेहार में जयराम महतो के खिलाफ पुलिस एसोसिएशन और IRB एसोसिएशन ने जताया विरोध
धनबाद जिले के बरवा अड्डा थाने में जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो और थाना प्रभारी के बीच हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला अब पूरे झारखंड में तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर राज्य भर के पुलिस एसोसिएशन ने विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में लातेहार पुलिस एसोसिएशन और IRB की इकाई ने पुलिस एसोसिएशन कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध जताया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार लकड़ा ने कहा कि जिस तरह से एक जनप्रतिनिधि ने थाना प्रभारी को गंदी-गंदी गाली दी और अभद्र व्यवहार किया, वह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस का मनोबल तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से जनप्रतिनिधि पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे राज्य में पुलिस एसोसिएशन आंदोलन करने को बाध्य होगा।
    user_Manish
    Manish
    लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    55 min ago
  • जरूरतमंद मरीज के लिए आजसू जिला उपाध्यक्ष ने किया रक्तदान, परिजनों ने दिया साधुवाद लातेहार। गारू प्रखंड निवासी कामेश्वर सिंह सदर अस्पताल लातेहार में इलाजरत हैं। इलाज के दौरान उन्हें रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी आजसू पार्टी के जिला उपा अध्यक्ष चंचल कुमार सिंह को मिली। जानकारी मिलते ही चंचल कुमार सिंह गारू से लातेहार पहुंचे और ब्लड बैंक में एक यूनिट रक्तदान कर मरीज की मदद की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। चंचल कुमार सिंह की इस पहल से मरीज के परिजनों को काफी राहत मिली। परिजनों ने रक्तदान के लिए उनका आभार जताते हुए उन्हें साधुवाद दिया। इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की और अन्य लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
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    जरूरतमंद मरीज के लिए आजसू जिला उपाध्यक्ष ने किया रक्तदान, परिजनों ने दिया साधुवाद
लातेहार। गारू प्रखंड निवासी कामेश्वर सिंह सदर अस्पताल लातेहार में इलाजरत हैं। इलाज के दौरान उन्हें रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी आजसू पार्टी के जिला उपा अध्यक्ष चंचल कुमार सिंह को मिली। जानकारी मिलते ही चंचल कुमार सिंह गारू से लातेहार पहुंचे और ब्लड बैंक में एक यूनिट रक्तदान कर मरीज की मदद की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्वस्थ लोगों को आगे बढ़कर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। चंचल कुमार सिंह की इस पहल से मरीज के परिजनों को काफी राहत मिली। परिजनों ने रक्तदान के लिए उनका आभार जताते हुए उन्हें साधुवाद दिया। इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की और अन्य लोगों से भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
    user_Ram Kumar
    Ram Kumar
    Photographer लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    11 hrs ago
  • सदन में सवाल, सड़क पर जलजमाव! चंदवा पूछ रहा—गायत्री मंदिर रोड का समाधान कब? देवसुंदर यादव। चंदवा/लातेहार। विधानसभा में जनता की आवाज उठी, सवाल भी हुआ, लेकिन सड़क पर हालात जस के तस हैं। चंदवा के गायत्री मंदिर रोड पर बरसात के करीब तीन महीने तक जमा रहने वाला पानी अब सिर्फ जलजमाव नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन चुका है। अगस्त 2025 में विधायक प्रकाश राम ने इस समस्या को विधानसभा में उठाया था। करीब एक साल बीतने को है, लेकिन धरातल पर स्थायी समाधान नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बरसात आते ही गायत्री मंदिर रोड का बड़ा हिस्सा जलजमाव की चपेट में आ जाता है। सड़क पर जमा पानी के बीच से होकर राहगीर, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गुजरने को मजबूर होते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क की स्थिति खराब होने के साथ आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है। विधानसभा में सवाल उठा, फिर कार्रवाई कहां अटकी? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब समस्या स्थानीय स्तर से निकलकर विधानसभा तक पहुंच चुकी है, तो फिर करीब एक साल बाद भी इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? झारखंड मुक्ति मोर्चा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंकित तिवारी ने विधायक प्रकाश राम पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा में समस्या उठाना निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन जनता अब यह जानना चाहती है कि उस सवाल के बाद कार्रवाई कितनी आगे बढ़ी? उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों को समस्या की जानकारी है, निरीक्षण हुआ है और मामला विधानसभा में भी उठ चुका है, तो फिर गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव का समाधान किस स्तर पर अटका हुआ है? जनता अब केवल सवाल उठाए जाने की जानकारी नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होता देखना चाहती है। तीन महीने पानी में सड़क, आखिर कब तक? अंकित तिवारी ने कहा कि हर साल बरसात में करीब तीन महीने तक सड़क पर पानी जमा रहना सामान्य स्थिति नहीं है। इसका सीधा असर लोगों के आवागमन, स्थानीय दुकानदारों के कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसात आए, सड़क डूबे, लोग परेशान हों और फिर समस्या अगले साल तक टल जाए—इसे स्थायी समाधान नहीं कहा जा सकता। उन्होंने मांग की कि यदि किसी तकनीकी स्वीकृति, विभागीय प्रक्रिया या प्रशासनिक कारण से कार्य लंबित है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखी जाए और समाधान की समयसीमा तय की जाए। “जनता को अब बयान नहीं, समाधान चाहिए” अंकित तिवारी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राजनीतिक द्वेष का मामला नहीं, बल्कि चंदवा की जनता की वर्षों पुरानी परेशानी का सवाल है। जनप्रतिनिधि से सवाल पूछना जनता का अधिकार है और उस सवाल का जवाब देना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने विधायक प्रकाश राम से कहा— “विधायक जी, विधानसभा में आवाज आपकी थी, अब जनता समाधान देखना चाहती है। करीब एक साल बाद भी अगर गायत्री मंदिर रोड बरसात में पानी में डूब रही है, तो जनता पूछेगी जरूर कि आखिर उस विधानसभा वाले सवाल का हुआ क्या?” उन्होंने गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की, ताकि हर बरसात में लोगों को उसी परेशानी से दोबारा न गुजरना पड़े। अब जनता का सीधा सवाल सदन में सवाल उठे एक साल होने को आया, फिर सड़क पर पानी क्यों? आखिर गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव का स्थायी समाधान कब होगा?
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    सदन में सवाल, सड़क पर जलजमाव!

चंदवा पूछ रहा—गायत्री मंदिर रोड का समाधान कब?

देवसुंदर यादव।
चंदवा/लातेहार। विधानसभा में जनता की आवाज उठी, सवाल भी हुआ, लेकिन सड़क पर हालात जस के तस हैं। चंदवा के गायत्री मंदिर रोड पर बरसात के करीब तीन महीने तक जमा रहने वाला पानी अब सिर्फ जलजमाव नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन चुका है। अगस्त 2025 में विधायक प्रकाश राम ने इस समस्या को विधानसभा में उठाया था। करीब एक साल बीतने को है, लेकिन धरातल पर स्थायी समाधान नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बरसात आते ही गायत्री मंदिर रोड का बड़ा हिस्सा जलजमाव की चपेट में आ जाता है। सड़क पर जमा पानी के बीच से होकर राहगीर, महिलाएं, बुजुर्ग और स्कूली बच्चे गुजरने को मजबूर होते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलने और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क की स्थिति खराब होने के साथ आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है।
विधानसभा में सवाल उठा, फिर कार्रवाई कहां अटकी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब समस्या स्थानीय स्तर से निकलकर विधानसभा तक पहुंच चुकी है, तो फिर करीब एक साल बाद भी इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?
झारखंड मुक्ति मोर्चा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अंकित तिवारी ने विधायक प्रकाश राम पर सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा में समस्या उठाना निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन जनता अब यह जानना चाहती है कि उस सवाल के बाद कार्रवाई कितनी आगे बढ़ी?
उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों को समस्या की जानकारी है, निरीक्षण हुआ है और मामला विधानसभा में भी उठ चुका है, तो फिर गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव का समाधान किस स्तर पर अटका हुआ है? जनता अब केवल सवाल उठाए जाने की जानकारी नहीं, बल्कि जमीन पर काम शुरू होता देखना चाहती है।
तीन महीने पानी में सड़क, आखिर कब तक?
अंकित तिवारी ने कहा कि हर साल बरसात में करीब तीन महीने तक सड़क पर पानी जमा रहना सामान्य स्थिति नहीं है। इसका सीधा असर लोगों के आवागमन, स्थानीय दुकानदारों के कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसात आए, सड़क डूबे, लोग परेशान हों और फिर समस्या अगले साल तक टल जाए—इसे स्थायी समाधान नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने मांग की कि यदि किसी तकनीकी स्वीकृति, विभागीय प्रक्रिया या प्रशासनिक कारण से कार्य लंबित है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखी जाए और समाधान की समयसीमा तय की जाए।
“जनता को अब बयान नहीं, समाधान चाहिए”
अंकित तिवारी ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राजनीतिक द्वेष का मामला नहीं, बल्कि चंदवा की जनता की वर्षों पुरानी परेशानी का सवाल है। जनप्रतिनिधि से सवाल पूछना जनता का अधिकार है और उस सवाल का जवाब देना जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विधायक प्रकाश राम से कहा—
“विधायक जी, विधानसभा में आवाज आपकी थी, अब जनता समाधान देखना चाहती है। करीब एक साल बाद भी अगर गायत्री मंदिर रोड बरसात में पानी में डूब रही है, तो जनता पूछेगी जरूर कि आखिर उस विधानसभा वाले सवाल का हुआ क्या?”
उन्होंने गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की, ताकि हर बरसात में लोगों को उसी परेशानी से दोबारा न गुजरना पड़े।
अब जनता का सीधा सवाल
सदन में सवाल उठे एक साल होने को आया, फिर सड़क पर पानी क्यों?
आखिर गायत्री मंदिर रोड के जलजमाव का स्थायी समाधान कब होगा?
    user_देवसुंदर यादव (DS)
    देवसुंदर यादव (DS)
    Local News Reporter चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    16 min ago
  • *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन* *हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन* *लातेहार/चंदवा* ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए। ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया। सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। *‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’* ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।” ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। *हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
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    *चकला में ग्रामसभा रद्द: दाले उरांव और रामचंद्र उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*हिंडालको पर बिना ग्राम सभा खनन का आरोप, चकला पंचायत में ग्रामीणों का प्रदर्शन*

*लातेहार/चंदवा*

ओरिसा एलॉय स्टील की *चितरपुर (रिवाइज्ड) कोल माइंस* के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों और कंपनी के बीच सहमति की प्रक्रिया होनी थी। इसके लिए *चितरपुर और बरवा टोली समेत आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण* पहुंचे। हालांकि, ग्रामीणों के पहुंचने के बावजूद कंपनी और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए।

ग्रामीणों का नेतृत्व चितरपुर के *दाले उरांव और बरवा टोली के रामचंद्र उरांव* ने किया। ग्रामीणों ने चकला पंचायत की मुखिया से सवाल किया कि जब जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों की सहमति की प्रक्रिया निर्धारित थी, तो कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, मुखिया ने अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभा की कार्यवाही को रद्द कर दिया।

सभा स्थल पर ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *किसी भी कंपनी के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे, चाहे इसके लिए उन्हें कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।* ग्रामीणों ने क्षेत्र में कंपनियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे अवैध कार्यों का भी विरोध करने और उनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही।
*‘कंपनी काम निकलने के बाद पहचानती तक नहीं’*
ग्रामीण नेता *रामचंद्र उरांव* ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कंपनियां ग्रामीणों को सिर्फ अपने हित के लिए इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, “कंपनी सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करती है। काम निकल जाने के बाद लोगों को पहचानती तक नहीं है। मुझे कंपनी में नौकरी मिली है, लेकिन आज कोई पहचान नहीं है। अगर भविष्य में कोई विकट परिस्थिति आती है तो कंपनी हमें पहचानने से भी इंकार कर सकती है।”

ग्रामीणों ने कहा कि जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका, जंगल और भविष्य से जुड़ी हुई है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के किसी भी प्रयास का विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से पहले उनकी सहमति, अधिकार और हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सोमवार को प्रस्तावित प्रक्रिया के दौरान कंपनी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की अनुपस्थिति ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। ग्रामीणों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी वे एकजुट होकर जमीन अधिग्रहण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
*हिंडालको की ओर से यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि ग्राम सभा हुई है या नहीं।*
    user_MUKESH NATH
    MUKESH NATH
    चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    44 min ago
  • जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल लातेहार संवाददाता चंदवा (लातेहार)। कोल ब्लॉक के नाम पर आदिवासी अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सोमवार को चकला में प्रस्तावित ग्राम सभा के विरोध में यही हुंकार सुनाई दी। प्रशासन ने ओडिशा एलायंस स्टील प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हिंडालको कोल ब्लॉक की रिवाइज्ड माइंस के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चकला गांव में ग्राम सभा का आदेश जारी किया था। ग्रामीणों को भनक लगी कि सभा रद्द कर दी गई है और उन्हें सूचना तक नहीं दी गई, तो आक्रोश फूट पड़ा। चकला, बरवाटोली, भुकुटोला समेत दर्जन भर प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण पंचायत भवन के सामने जमा हो गए। हाथों में तख्तियां और जुबां पर जल-जंगल-जमीन हमारा है, कंपनी वापस जाओ और ओडिशा एलायंस मुर्दाबाद के नारे गूंज उठे। मुखिया पूनम रंजिता एक्का ने कहा कि हिंडालको सहित कंपनियां बिना ग्राम सभा की सहमति के काम कर रही हैं, जो पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा, जमीन केवल टुकड़ा नहीं, हमारी रोजी-रोटी, पहचान और पीढ़ियों का भविष्य है, इसे नहीं देंगे। विरोध को देखते हुए कंपनी प्रतिनिधि और भू-अर्जन पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिना सहमति अधिग्रहण हुआ तो आंदोलन तेज होगा। हालांकि खबर लिखे जाने तक ग्राम सभा के विषय में कंपनी की तरफ से स्पष्ट नहीं हुआ है।
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    जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल
जल-जंगल-जमीन के लिए चकला में फूटा जन-आक्रोश, कोयला कंपनी के खिलाफ आदिवासियों ने फूंका बगावत का बिगुल
लातेहार संवाददाता 
चंदवा (लातेहार)। कोल ब्लॉक के नाम पर आदिवासी अस्मिता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। सोमवार को चकला में प्रस्तावित ग्राम सभा के विरोध में यही हुंकार सुनाई दी।
प्रशासन ने ओडिशा एलायंस स्टील प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हिंडालको कोल ब्लॉक की रिवाइज्ड माइंस के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चकला गांव में ग्राम सभा का आदेश जारी किया था। ग्रामीणों को भनक लगी कि सभा रद्द कर दी गई है और उन्हें सूचना तक नहीं दी गई, तो आक्रोश फूट पड़ा।
चकला, बरवाटोली, भुकुटोला समेत दर्जन भर प्रभावित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण पंचायत भवन के सामने जमा हो गए। हाथों में तख्तियां और जुबां पर जल-जंगल-जमीन हमारा है, कंपनी वापस जाओ और ओडिशा एलायंस मुर्दाबाद के नारे गूंज उठे।
मुखिया पूनम रंजिता एक्का ने कहा कि हिंडालको सहित कंपनियां बिना ग्राम सभा की सहमति के काम कर रही हैं, जो पेसा कानून और ग्राम सभा के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। ग्रामीणों ने दो टूक कहा, जमीन केवल टुकड़ा नहीं, हमारी रोजी-रोटी, पहचान और पीढ़ियों का भविष्य है, इसे नहीं देंगे।
विरोध को देखते हुए कंपनी प्रतिनिधि और भू-अर्जन पदाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि बिना सहमति अधिग्रहण हुआ तो आंदोलन तेज होगा। हालांकि खबर लिखे जाने तक ग्राम सभा के विषय में कंपनी की तरफ से स्पष्ट नहीं हुआ है।
    user_Mumtaz Mano Adhikar Press Chan
    Mumtaz Mano Adhikar Press Chan
    Farmer चंदवा, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • बंदुआ के ग्रामीणों ने अधूरी सड़क निर्माण को लेकर नाराजगी जताई यह सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है
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    बंदुआ के ग्रामीणों ने अधूरी सड़क निर्माण को लेकर  नाराजगी जताई
यह सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है
    user_Abhay Kumar
    Abhay Kumar
    Photographer मनिका, लातेहार, झारखंड•
    7 hrs ago
  • विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है। श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।
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    विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर विद्यालय का राशन ढोवाने के सवाल पर जिला शिक्षा अधीक्षक लातेहार ऋषिकेश कुमार ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे कहा आरोप बिल्कुल गलत एवं निराधार है।
श्री कुमार ने वही बताया कि शिकायत मिली थी की सरयू प्रखंड स्थित घासी टोला विद्यालय की छोटी-छोटी छात्राओं के सर पर स्कूल का राशन विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा ढोवाया जा रहा है ।जहां बाजार से राशन स्कूल तक लाया गया है ।मगर मामले की जांच में यह बातें सामने आएगी छोटी-छोटी छात्राएं स्कूल का राशन नहीं अपने घर का राशन अंडा आलू इत्यादि सर पर लेकर अपने घर जा रही थी। वही बताते चले कि इस मामले की शिकायतकर्ता कोई और नहीं घासी टोला विद्यालय की छठी क्लास की छात्रा प्रिया कुमारी है जो यह स्पष्ट कह रही है सर पर राशन लेकर उसे विद्यालय के प्राचार्य ने बाजार के दुकान से राशन लाने को कहा था।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    32 min ago
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