विदिशा जिले की सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार 'मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क' के तहत अवैध स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण भी शामिल था। जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों के पालन तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जागरूक किया गया, उन्हें यह संदेश अपने परिवार और समाज में फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों या जिनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे हों, क्योंकि सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए गए, जिनमें वर्षा ऋतु के लिए वाहनों में मजबूती जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि) का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उनसे यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं जैसे राह-वीर योजना (दुर्घटना घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण व सम्मान), कैशलेस उपचार योजना (दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार), और हिट एंड रन प्रतिकर योजना (अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता) की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना और सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विदिशा जिले की सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार 'मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क' के तहत अवैध स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सुरक्षा जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण भी शामिल था। जांच में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और उनसे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों के पालन तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जागरूक किया गया, उन्हें यह संदेश अपने परिवार और समाज में फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा
कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों या जिनके आवश्यक दस्तावेज अधूरे हों, क्योंकि सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है। वाहन चालकों को विशेष निर्देश दिए गए, जिनमें वर्षा ऋतु के लिए वाहनों में मजबूती जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही, उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई कि वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों (गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, शराब आदि) का सेवन पूर्णतः वर्जित है। उनसे यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं जैसे राह-वीर योजना (दुर्घटना घायलों की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण व सम्मान), कैशलेस उपचार योजना (दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार), और हिट एंड रन प्रतिकर योजना (अज्ञात वाहन से दुर्घटना पर पात्र पीड़ितों को आर्थिक सहायता) की भी जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना और सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार, स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिरोंज यातायात पुलिस ने "मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क" के तहत एक विशेष स्कूल वाहन सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में तथा यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान, स्कूल बसों, वैनों, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। इसके अतिरिक्त, वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के फलस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई, जिससे कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूला गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत भी दी गई।1
- बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।3
- श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा के लिए तैयारियां चल रही हैं।1
- सागर जिले के बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस 15 दिवसीय अवधि में भगवान विश्राम करते हैं और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल समाप्त होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।2
- विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र के ग्राम सोमवार निवासी गोलू वंशकार ने अपने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर पुलिस कप्तान रोहित काशवानी और कलेक्टर अंशुल गुप्ता को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने गांव के ही एक युवक पर आए दिन परेशान करने और हाल ही में आधी रात उनकी झोपड़ी में आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। गोलू वंशकार के अनुसार, आरोपी द्वारा लगाई गई आग के कारण उनके घर का पूरा सामान, अनाज और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल भी इसी व्यक्ति ने उनके घर के दरवाजे तोड़ दिए थे। उनका आरोप है कि कई बार पुलिस में शिकायत करने के बावजूद आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उसके हौसले और बढ़ गए हैं। न्याय की आस में गोलू वंशकार ने अब एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन दिया है। इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि तहसील और थाने में यह शिकायत प्राप्त हुई है, और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।4
- रविवार को बीना के सर्वोदय चौराहा स्थित पोलियो बूथ पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बड़ी संख्या में बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई, जिसमें कुल 193 नौनिहालों को 'दो बूंद जिंदगी की' दी गई। यह कार्यक्रम परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना द्वारा संयुक्त रूप से बूथ गोद लेकर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया, जिन्होंने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष इस अभियान में सहयोग करती है, जबकि कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को दवा पिलाने की अपील की। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे, वहीं पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुंचकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से स्वयंसेवकों की ड्यूटी दो शिफ्ट में लगाई गई थी। इस अवसर पर ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव, समृद्धि राय सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे अभियान को व्यापक जनसहयोग मिला।3
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को मध्य प्रदेश के बीना स्थित सर्वोदय चौराहा पर आयोजित पोलियो बूथ को व्यापक जनसहयोग मिला। परमार्थ सेवा संगठन बीना, नगर रत्न अलंकार समिति बीना और शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह एवं आजाद क्रांति युवा मंडल बीना ने संयुक्त रूप से इस बूथ को गोद लेकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस दौरान कुल 193 बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व सरपंच अध्यक्ष अनिल ओझा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पाँच वर्ष तक के सभी नौनिहाल बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलानी चाहिए, ताकि देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने का संकल्प और मजबूत हो सके। कार्यक्रम संयोजक उमेश शर्मा ने बताया कि उनकी संस्था प्रतिवर्ष पल्स पोलियो अभियान में सहयोग करती है। कार्यवाहक अध्यक्ष सुजीत क्लॉडियस ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया और उन अभिभावकों से आगे आने का आग्रह किया जिन्होंने अभी तक अपने बच्चों को पोलियो की दवा नहीं पिलाई है। अभियान दिवस के प्रभारी रविशंकर अवस्थी और उदल सिंह यादव रहे। पूर्व विधायक महेश राय भी बूथ पर पहुँचे और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। स्वास्थ्य विभाग और शासकीय चिकित्सालय की ओर से दो शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस कार्यक्रम में ममता चौरसिया, इरफान खान, डालचंद पटेल, प्रमोद राय, डॉ. एल.एन. दुबे, मनोहर लाल दीक्षित, डॉ. प्रेम श्रीवास्तव, आशुतोष तिवारी, बी.डी. पाराशर, रमेश नामदेव, राजेंद्र गोस्वामी, संतोष पटेल, पार्वती कुर्मी, रोशनी कुशवाहा, कृष्णकांत लखेरा, राजेन्द्र सिंह राजपूत, पूजा परिहार, पूजा रजक, काजल रजक, भारती उपाध्याय, जीविका योगी, तनिष्का नामदेव और समृद्धि राय सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- सागर जिले के बीना स्थित बीपीसीएल रिफाइनरी क्षेत्र के ग्राम मुड़री में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। प्रशासनिक अमले ने एक स्थान पर अवैध कब्जा सफलतापूर्वक हटाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। राजस्व विभाग, पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने मंगलवार को ग्राम मुड़री पहुंचकर एक अवैध कब्जे को बुल्डोजर की मदद से हटाया। हालांकि, गांव में दूसरे स्थान पर जब प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो उन्हें ग्रामीणों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना बढ़ गया कि कुछ लोग बुल्डोजर के सामने लेट गए और कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बीच में ही रोक दी और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि मामले में आगे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।1